samacharsecretary.com

तेजप्रताप ने मोदी सरकार की सराहना की, लालू यादव के राजनीतिक प्रभाव को बताया खत्म

पटना लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे और जनशक्ति जनता दल (JJD) चीफ तेजप्रताप यादव अक्सर चर्चा में रहते हैं। बेबाक अंदाज और बेबाक बात तेजप्रताप यादव की पहचान रही है। अब एक पॉडकास्ट में तेजप्रताप यादव ने एक बार फिर बड़ी ही बेबाकी से अपनी बातें रखी हैं। तेजप्रताप यादव ने कहा है कि अब लालू राज खत्म हो गया है। तेजप्रताप यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 10 में से दस नंबर दिए और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर भी खुलकर अपनी राय रखी है। राहुल गांधी और तेजस्वी यादव पर भी तेजप्रताप यादव ने अपनी बात रखी है। यूट्यबूर प्रियंका शर्मा के साथ एक पॉडकास्ट में तेजप्रताप यादव ने कई मुद्दों पर अपनी बात रखी है। जब तेजप्रताप यादव से पूछा गया कि बिहार चुनाव में राजद के 25 सीटों पर सिमट जाने की एक वजह यह भी है कि आप अलग हो गए? इसपर तेजप्रताप यादव ने कहा कि जब कृष्ण का सम्मान नहीं होगा तो यहीं हश्र होगा। हम मान-सम्मान के लिए लड़ते हैं। जब मान-सम्मान नहीं होगा तो हम अलग हो गए और हमने अपनी अलग लकीर खींच ली। हमारा रास्ता अलग हो गया। बिहार में चुनाव के वक्त टिकट बंटवारे को लेकर राष्ट्रीय जनता दल पर पैसे मांगने के आरोप भी लगे थे। इसपर तेजप्रताप यादव ने बेबाकी से कहा कि हां, तो ऐसा जयचंदों ने किया होगा। तेजप्रताप यादव ने जयचंदों का नाम बताने से इनकार किया और कहा कि 5-6 जयचंद हैं। उन्होंने कहा कि सबको पता है कि जयचंद कौन हैं। तेजप्रताप यादव ने यह भी कहा कि अभी भी वो (जयचंद) परिवार के अंदर है। आपका राजनीतिक सलाहकार परिपक्व होना चाहिए। तेजस्वी के विदेश दौरे पर क्या बोले तेजप्रताप बिहार चुनाव में हार के बाद तेजस्वी यादव के विदेश दौरे पर जाने को लेकर तेजप्रताप यादव ने कहा कि हमारी पार्टी हारी तो हमने तुरंत समीक्षा बैठक की थी। उनको भी उस समय समीक्षा बैठक करनी चाहिए थी। तेजप्रताप यादव ने राजद की हार पर कहा कि हार की वजह वहीं 5-6 लोग (जयचंद) हैं। आपका दुश्मन बाहर नहीं है घर में ही है। तेजप्रताप यादव ने कहा कि उन्हें बड़े भाई होने का जितना कर्तव्य निभाना था उन्होंने निभा दिया। बहन रोहिणी और मां राबड़ी पर भी बोले तेजप्रताप अपनी मां राबड़ी देवी को लेकर तेजस्वी यादव ने कहा कि वो अपनी मां का आशीर्वाद लेने उनके घर गए थे। उन्होंने कहा कि उनकी मां ने उस दिन उनसे घऱ वापस लौटने के लिए कहा था जिसके बाद उन्होंने कहा था कि हमने अलग लाइन बना ली है और हम आगे निकल चुके हैं। बस आपका आशीर्वाद चाहिए। रोहिणी आचार्य को लेकर तेजप्रताप यादव ने कहा कि बहन के आरोप लगाने के बाद उनकी बातचीत बहन से हुई थी। वो काफी भावुक थीं और उन्होंने कहा था कि उनके साथ ऐसी बातें हुई हैं। तेजप्रताप यादव ने कहा कि उनकी बहन रोहिणी बहुत अच्छी हैं उन्होंने पिता को किडनी दी थी। लालू यादव का राज खत्म तेजप्रताप यादव ने कहा कि वो परिवार से दूर रहते हैं और परिवार को मिस करते हैं। इस इंटरव्यू में जब तेजप्रताप यादव से कहा गया है कि आप राजा के बेटे हैं लेकिन आपके शौक सब मिडिल क्लास वाले ही हैं। इसपर तेजप्रताप यादव ने कहा कि राजा-प्रजा कुछ नहीं है। क्या राजा, क्या प्रजा। राजा गए उनका राज चला गया। राजा-प्रजा का कोई बात नहीं है। पीएम मोदी को 10 में से 10 नंबर – तेजप्रताप तेजप्रताप यादव से जब इस साक्षात्कार में कहा गया कि नरेंद्र मोदी को जब आपको प्रधानमंत्री पद और उनके कामों के लिए 10 में से नंबर देने हों तो आप कितने नंबर देंगे? इसपर तेजप्रताप यादव ने बेबाकी से कहा कि 10 में से हम उनको 10 देंगे। वो पूजा-पाठ करते हैं और हम भी पूजा-पाठ करते हैं तो हम उनको दस ही ना देगे। अगर वो पूजा नहीं कर रहे होते तो हो सकता है कि हम उनका नंबर काट देते। इसी के साथ सीएम नीतीश को लेकर तेजप्रताप यादव ने कहा कि उनमें कोई कमी नहीं है सिर्फ बुर्का वाले विवाद की वजह से एक वीडियो वायरल हुआ था। 

बंगाल के UP और दिल्ली MCD का चुनाव लड़ेगी जनशक्ति जनता दल: तेज प्रताप

पटना. राष्ट्रीय राजनीति में अपनी भूमिका का विस्तार करते हुए जनशक्ति जनता दल ने बड़ा ऐलान किया है. पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने साफ कर दिया है कि जनशक्ति जनता दल अब सिर्फ बिहार तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश और दिल्ली नगर निगम (MCD) के आगामी चुनावों में भी अपने उम्मीदवार उतारेगी. तेज प्रताप ने कहा, 'हमारी पार्टी बंगाल, UP और दिल्ली MCD का चुनाव भी लड़ेगी.' तेज प्रताप यादव के इस ऐलान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है. बहन के बयान का किया समर्थन यह बयान राष्ट्रीय जनता दल (RJD) प्रमुख लालू प्रसाद यादव की बेटी और तेज प्रताप यादव की बहन रोहिणी आचार्य के एक ट्वीट को लेकर मची सियासी हलचल के बीच आया है. इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए तेज प्रताप यादव ने अपनी नाराजगी खुलकर जाहिर की. तेज प्रताप यादव ने कहा, “हम लगातार इन आरोपों को उठाते रहे हैं. शुरू से ही कुछ ‘जयचंदों’ ने मुझे परिवार और पार्टी से अलग-थलग करने की कोशिश की. लेकिन जिस तरह से मेरी बहन के साथ व्यवहार किया गया, वह बेहद निंदनीय है. यह सब एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा है.” बिहार की राजनीति में भारत रत्न को लेकर बयानबाज़ी तेज हो गई है. जनता दल (यूनाइटेड) के वरिष्ठ नेता केसी त्यागी द्वारा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भारत रत्न देने की मांग के बाद अब जनशक्ति जनता दल (JJD) के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने भी बड़ा दावा किया है. तेज प्रताप यादव ने कहा है कि अगर नीतीश कुमार को भारत रत्न दिया जाता है, तो उनके पिता और पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव को भी यह सम्मान मिलना चाहिए. पटना में मीडिया से बातचीत करते हुए तेज प्रताप यादव ने कहा, “लालू प्रसाद यादव को भी भारत रत्न मिलना चाहिए. अगर लोग कह रहे हैं कि नीतीश कुमार को यह सम्मान दिया जाए, तो मेरे पिता को भी दिया जाना चाहिए, क्योंकि कहा जाता है कि मेरे पिता और नीतीश कुमार भाई जैसे थे. यह जनशक्ति जनता दल की मांग है.” इससे पहले जेडीयू नेता राजीव रंजन ने केसी त्यागी के बयान से पार्टी को अलग बताया. उन्होंने कहा कि केसी त्यागी का बयान उनका निजी विचार है और इसका पार्टी की गतिविधियों से कोई लेना-देना नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पूरी तरह स्वस्थ हैं और लगातार बिहार की जनता की सेवा कर रहे हैं. गौरतलब है कि शुक्रवार को जेडीयू नेता केसी त्यागी ने नीतीश कुमार को भारत रत्न देने की मांग की थी. उन्होंने कहा था कि नीतीश कुमार एनडीए के संस्थापक सदस्यों में से एक हैं और समाजवादी आंदोलन से जुड़े ऐसे बड़े नेता हैं जो आज भी जीवित हैं. त्यागी ने यह भी याद दिलाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहले ही चौधरी चरण सिंह और कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न से सम्मानित किया है और इसी कड़ी में नीतीश कुमार को भी यह सम्मान मिलना चाहिए.

मीसा के आवास पर लालू–तेज प्रताप की मुलाकात, 7 माह बाद परिवार में दिखी हलचल; तेजस्वी कहां थे?

पटना राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और परिवार से निकाले जाने के बाद जन शक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नीतीश सरकार के पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव की लालू यादव से दिल्ली में मुलाकात हुई। अनुष्का यादव प्रकरण के बाद पिता और पुत्र के बीच सात माह बाद मुलाकात हुई। लैंड फॉर जॉब केस को लेकर राउज एवेन्यू कोर्ट में हाजिर होने के बाद तेज प्रताप यादव बहन मीसा भारती के आवास पर पहुंच गए। उन्होंने पिता से आशीर्वाद लिया और दही-चूड़ा भोज में शामिल होने का न्योता दिया। तेजस्वी यादव तब बहन के घर पर मौजूद नहीं थे। एक जनवरी को वे मां रबड़ी देवी को जन्मदिन की बधाई देने 10 सर्कुलर रोड पहुंच गए थे। नए साल में उन्होंने माता और पिता दोनों का आशीर्वाद ले लिया। 14 जनवरी को उनके आवास(पटना) पर दही चूड़ा भोज का आयोजन किया गया है जिसमें एनडीए के कई नेताओं को न्योता दिया गया है।

लालू परिवार में उथल-पुथल: तेजप्रताप को बाहर किया, अब रोहिणी पर फेंकी चप्पल

पटना बिहार चुनाव में राजद की करारी हार के बाद लालू प्रसाद यादव का परिवार एक बार फिर सुर्खियों में है। परिवार और पार्टी से निकाले जाने के बाद लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव अलग पार्टी बनाकर चुनाव मैदान में कूदे। वहीं अब उनकी बेटी रोहिणी आचार्य ने राजनीति से संन्यास लेकर परिवार से दूरी की घोषणा कर दी है। दोनों घटनाओं में एक बात समानता है। लालू-राबड़ी के दोनों संतानों ने तेजस्वी यादव के करीबी संजय यादव और रमीज पर इसका ठीकरा फोड़ा है। तेजप्रताप यादव ने तो तेजस्वी के इन करीबियों को जयचंद तक कहा और धोखा देने का आरोप लगाया। बिहार में चुनाव अभियान शुरू होते ही तेजप्रताप यादव ने पारिवारिक और सियाली मतभेदों के बीच अपनी अलग पार्टी बना ली। यह फैसला राजद की एकजुटता पर बड़ा सवाल था। हालांकि राजद ने इसे व्यक्तिगत निर्णय बताया, लेकिन यह स्पष्ट था कि पार्टी नेतृत्व खासकर तेजस्वी यादव अपने बड़े भाई को साथ रखने में असफल रहे। रोहिणी की विदाई, नए संकट की दस्तक चुनाव परिणाम आने के 24 घंटे के भीतर रोहिणी आचार्य ने राजनीति और परिवार दोनों से दूरी की घोषणा कर दी। उन्होंने अपने पोस्ट में तेजस्वी के करीब माने जाने वाले संजय यादव और रमीज नेमत का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हीं दोनों की वजह से वह परिवार से बाहर कर दी गईं। रोहिणी ने तो यहां तक कहा कि अगर इनसे राजद की हार पर सवाल पूछे जाएंगे तो उन्हें चप्पल से पीटा जा सकता है। पटना एयरपोर्ट पर रोहिणी ने मीडिया से कहा, “अब मेरा कोई परिवार नहीं है। तेजस्वी, संजय यादव और रमीज से पूछिए। उन्होंने ही मुझे अपमानित कर घर से निकाला।” रोहिणी पर फेंकी चप्पल आज भी उन्होंने एक पोस्ट कर हमला किया है। रोहिणी लिखती हैं, 'कल एक बेटी, एक बहन , एक शादीशुदा महिला और एक मां को जलील किया गया। गंदी गालियां दी गईं। मारने के लिए चप्पल उठाया गया। मैंने अपने आत्मसम्मान से समझौता नहीं किया। सच का समर्पण नहीं किया। सिर्फ और सिर्फ इस वजह से मुझे बेइज्जती झेलनी पडी। कल एक बेटी मजबूरी में अपने रोते हुए माँ-बाप और बहनों को छोड़ आयी। मुझसे मेरा मायका छुड़वाया गया। मुझे अनाथ बना दिया गया। आप सब मेरे रास्ते कभी ना चलें। किसी घर में रोहिणी जैसी बेटी या बहन पैदा ना हो।' तेजस्वी यादव पिछले एक दशक से राजद की मुख्य नेतृत्व शक्ति बने हुए हैं। लेकिन जैसे-जैसे उनका राजनीतिक कद बढ़ा, परिवार के भीतर असहमति भी बढ़ती दिखी। तेज प्रताप अलग रास्ते पर निकल पड़े हैं। लालू यादव भी सक्रिय राजनीति में नहीं हैं। मीसा भारती पहले ही सक्रिय राजनीति में चुनौतियों का सामना कर रही हैं। अब रोहिणी ने भी परिवार और पार्टी का साथ छोड़ दिया है। आपको बता दें कि इस विधानसभा चुनाव में राजद का काफी खराब प्रदर्शन रहा। लालू यादव की पार्टी की सीटें 75 से घटकर 25 रह गईं। हार के बाद तेजस्वी पर सवाल बढ़ रहे हैं। हालांकि वह अब तक मीडिया के सामने नहीं आए हैं। ऐसे माहौल में रोहिणी की नाराजगी परिवार की अंदरूनी दरारों को और उजागर कर देती है।  

शिक्षा में तेज, विवादों में भी तेज प्रताप! 2.88 करोड़ की संपत्ति, 8 मुकदमे

 पटना  बिहार की सियासत में हमेशा चर्चा में रहने वाले लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव एक बार फिर सुर्खियों में हैं। आरजेडी से निष्कासन के बाद अब उन्होंने अपनी नई राजनीतिक पार्टी जनशक्ति जनता दल के टिकट पर महुआ विधानसभा सीट से नामांकन दाखिल किया है। इस दौरान दाखिल किए गए चुनावी हलफनामे में तेज प्रताप ने अपनी शिक्षा, संपत्ति और आपराधिक मामलों से जुड़ी अहम जानकारियां साझा की हैं। कितनी है सपत्ति हलफनामे के मुताबिक, तेज प्रताप यादव 12वीं पास हैं, जबकि उनके छोटे भाई और पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव सिर्फ 9वीं तक पढ़े हैं। तेज प्रताप के पास कुल 2.88 करोड़ रुपये की संपत्ति है, जिसमें 91.65 लाख रुपये की चल संपत्ति और 1.96 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति शामिल है। दिलचस्प यह है कि 2020 में उनकी कुल संपत्ति 2.82 करोड़ थी, यानी बीते पांच सालों में चल संपत्ति घटी लेकिन अचल संपत्ति में बढ़ोतरी हुई है। 8 केस भी दर्ज तेज प्रताप यादव पर इस वक्त 8 आपराधिक मामले लंबित हैं। इनमें धारा 324, 302, 120B, 341, दहेज उत्पीड़न, एससी-एसटी एक्ट और आर्म्स एक्ट जैसे गंभीर प्रावधानों के केस शामिल हैं। उन्होंने बताया कि इनमें से किसी में भी अब तक उन्हें दोषी नहीं ठहराया गया है। हलफनामे में उन्होंने अपनी पत्नी ऐश्वर्या राय का विवरण नहीं दिया है, क्योंकि तलाक का मामला अभी पटना की पारिवारिक अदालत में विचाराधीन है। नई पार्टी से चुनाव लड़ेंगे तेज प्रताप मई 2025 में आरजेडी से 6 साल के लिए निष्कासित किए जाने के बाद तेज प्रताप ने अपनी नई पार्टी बनाई और अब उसी के बैनर तले चुनाव मैदान में हैं। नामांकन के दौरान उन्होंने अपनी दिवंगत दादी की तस्वीर साथ रखकर भावनात्मक अपील की। तेज प्रताप की राजनीति हमेशा विवादों से घिरी रही है, कभी बयानबाजी, कभी निजी रिश्ते, तो कभी पार्टी नेतृत्व से टकराव। बावजूद इसके वे बिहार की सियासत में एक चर्चित और प्रभावशाली चेहरा बने हुए हैं। गौरतलब है कि बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में दो चरणों में मतदान होगा, पहला 6 नवंबर को और दूसरा 11 नवंबर को। मतगणना 14 नवंबर को होगी। ऐसे में देखना दिलचस्प होगा कि तेज प्रताप की नई पार्टी और उनकी नई पारी महुआ सीट पर क्या रंग दिखाती है।

टिकट की राजनीति: क्या तेजस्वी का फैसला पारिवारिक विवाद थामने की चाल है या यादव वोट बैंक को साधने की रणनीति?

पटना  बिहार विधानसभा चुनाव की जंग जीतने के लिए सियासी दलों ने हर दांव चल रहे हैं. आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद के सियासी विरासत संभाल रहे तेजस्वी यादव ने अपने बड़े भाई तेज प्रताप यादव की चचेरी साली करिश्मा राय को परसा विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया है. हालांकि, तेज प्रताप का अपनी पत्नी ऐश्वर्या राय के साथ विवाद चल रहा है और मामला अदालत में है. करिश्मा राय बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री दरोगा प्रसाद राय की पोती हैं. दरोगा राय के छोटे बेटे पूर्व मंत्री चंद्रिका राय की बेटी ऐश्वर्या राय के साथ तेज प्रताप की शादी हुई थी, कुछ समय के बाद उनके रिश्ते खराब हो गए. इसे लेकर लालू परिवार बैकफुट पर आ गया है. तेजस्वी यादव ने तेज प्रताप के ससुर चंद्रिका राय के बड़े भाई विधानचंद्र राय की बेटी करिश्मा राय को प्रत्याशी बनाया है. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या तेजस्वी का यह सियासी डैमेज कंट्रोल करने का दांव है या फिर यादव वोटों को जोड़े रखने की स्ट्रैटेजी है? करिश्मा राय पिछले विधानसभा चुनाव में भी आरजेडी से टिकट मांग रही थीं, लेकिन तब उन्हें टिकट नहीं मिल पाया था. तेज प्रताप और उनकी पत्नी ऐश्वर्या के बीच चल रहे केस की वजह से लालू परिवार ने करिश्मा को टिकट नहीं दिया था. लालू परिवार उस समय तेज प्रताप के साथ था, लेकिन पिछले दिनों लालू यादव ने तेज प्रताप को परिवार और पार्टी से बेदखल कर दिया. तेज प्रताप यादव इस बार के विधानसभा चुनाव में खुद अपनी पार्टी बनाकर लड़ रहे हैं. तेज प्रताप यादव महुआ सीट से ताल ठोक रहे हैं. लालू यादव द्वारा पारिवारिक संबंधों और राजनीतिक समीकरणों को साधते हुए करिश्मा राय को परसा सीट से मैदान में उतारना, क्षेत्र की राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है. परसा से टिकट देकर तेजस्वी एक तीर से कई दांव साधते नजर आ रहे हैं. परसा विधानसभा सीट जीतने का सियासी दांव   बिहार की सियासत में दरोगा प्रसाद का राजनीतिक रसूख किसी से छिपा नहीं है. वह बिहार के सीएम रहे और परसा सीट पर उनका सियासी दबदबा था. 1952 में पहली बार परसा सीट से जीतकर विधायक बने दरोगा राय ने 1970 में मुख्यमंत्री की कुर्सी संभाली. इस सीट को दरोगा राय के बेटे चंद्रिका राय ने अपनी कर्मभूमि बनाते हुए अपने पिता की विरासत को आगे बढ़ाया. 2015 में परसा सीट पर चंद्रिका राय आरजेडी से विधायक चुने गए, उससे पहले जेडीयू से जीतते रहे. तेज प्रताप और ऐश्वर्या के रिश्ते बिगड़े तो चंद्रिका राय ने आरजेडी का दामन छोड़कर जेडीयू में वापसी कर ली. 2020 के विधानसभा चुनाव में जेडीयू के टिकट पर चंद्रिका राय चुनाव लड़े और आरजेडी से छोटे राय मैदान में थे. छोटे लाल राय ने जीत दर्ज कर विधायक बने, लेकिन बाद में वे पार्टी छोड़कर जेडीयू में शामिल हो गए. अब 2025 के चुनाव में परसा में मुकाबला दिलचस्प होगा. चंद्रिका राय के जेडीयू में अलग-थलग पड़ जाने के चलते तेजस्वी ने बड़ा दांव चला. आरजेडी ने करिश्मा राय को उतारा है तो जेडीयू से छोटे लाल राय मैदान में है. इस तरह मुकाबला काफी रोचक होगा. तेजस्वी यादव ने सियासी संदेश देने का चला दांव  तेजस्वी यादव ने तेज प्रताप यादव की साली को टिकट देकर सियासी संदेश दे दिया है. तेजस्वी ने तेज प्रताप को स्पष्ट संदेश दिया है कि आरजेडी अब उन लोगों से दूरी बनाकर नहीं रखेगा, जिनसे उनके निजी विवाद के चलते 2020 में दूरी बनाई गई थी. इसी के चलते तेजस्वी ने करिश्मा को पार्टी का टिकट दिया है. चंद्रिका राय अब जब खुद चुनावी मैदान में नहीं हैं तो अपनी भतीजी के लिए सियासी समर्थन कर सकते हैं. बिहार में यादव समुदाय के करीब 15 फीसदी वोटर हैं, जो ओबीसी में सबसे ज्यादा हैं. यादव आरजेडी का परंपरागत वोटर माना जाता है. तेज प्रताप यादव के हरकतों से यादव समाज नाराज भी माना जा रहा था, चाहे ऐश्वर्या राय के साथ विवाद का मामला हो या फिर अनुष्का यादव के साथ फोटो वायरल होने की बात हो. ऐसे में तेजस्वी ने करिश्मा राय को प्रत्याशी बनाकर यादव समुदाय की नाराजगी को दूर करने का दांव चला है.

तेज प्रताप का देसी ग्लैमर: चुनावी माहौल में धोती-कुर्ता में रैंप वॉक

मुजफ्फरपुर बिहार की राजनीति में अपने बयानों और अनोखे अंदाज से हमेशा सुर्खियां बटोरने वाले तेज प्रताप यादव एक बार फिर चर्चा में हैं। कभी महादेव तो कभी भगवान कृष्ण का रूप धारण करने वाले तेज प्रताप का नया लुक सामने आया है, जिसमें वे पूरी तरह ठेठ बिहारी रंग में रंगे नजर आ रहे हैं। उन्होंने धोती-कुर्ता, बंडी और टोपी पहनकर रैंप वॉक किया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। उनका ये 'देसी' अवतार बिहार के लोगों के साथ सीधा जुड़ाव पैदा कर रहा है। 'तेजू भैया' के नाम से मशहूर तेज प्रताप यादव, पार्टी से निकाले जाने के बाद से ही आरजेडी और अपने छोटे भाई तेजस्वी यादव को लगातार चुनौती दे रहे हैं। 'देसी' अंदाज में तेज प्रताप का रैंप वॉक वायरल हो रहे वीडियो में तेज प्रताप यादव पूरे आत्मविश्वास के साथ रैंप पर चलते दिख रहे हैं। जैसे ही उन्होंने मंच पर कदम रखा, दर्शकों ने तालियों और शोर से उनका स्वागत किया। धोती-कुर्ता में उनका ये जलवा सोशल मीडिया पर 'बवाल' मचा रहा है। लोगों की 'वन्स मोर' की मांग पर उन्होंने शो की मैनेजमेंट टीम के साथ दोबारा रैंप वॉक किया, जिसमें एक पुराने खिलाड़ी वाला कॉन्फिडेंस साफ झलकता है। ये वीडियो इंस्टाग्राम और फेसबुक पर ट्रेंडिंग में है। यूजर्स ने बताया 'बिहार का देसी स्टार तेज प्रताप के इस 'देसी अवतार' को सोशल मीडिया यूजर्स खूब सराहा रहे हैं। वीडियो पर जमकर लाइक्स और पॉजिटिव कमेंट्स आ रहे हैं। यूजर्स ने हार्ट इमोजी की बौछार कर दी है। कई लोग इसे उनके अच्छे संस्कारों से जोड़कर देख रहे हैं। एक यूजर ने कमेंट किया है, 'जय यादव जय माधव जय सनातन संस्कृति को बचाने को लिए धन्यवाद।' दूसरे यूजर्स उन्हें 'बिहार का देसी स्टार' बताकर उनकी तारीफ किया। उनका यह लुक चुनाव से पहले बिहार के लोगों से जुड़ने की कोशिश मानी जा रही है। धोती-कुर्ता में सभा को किया संबोधित धोती-कुर्ता में तेज प्रताप ने मुजफ्फरपुर जिले के गायघाट विधानसभा के पीरौंछा में जन संवाद यात्रा के तहत भारी बारिश में जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर कहा, 'हजारों की संख्या में जनता जनार्दन ने भारी बारिश के बीच हमें सुनने का जो का काम किया उसके लिए आप सभी का दिल से धन्यवाद एवं आभार व्यक्त करता हूं। जनशक्ति जनता दल का विस्तार प्रतिदिन बहुत ही तेज गति से हो रहा है, ये सब आपलोगों के प्रेम, सहयोग और समर्थन के कारण ही संभव हो पा रहा है।'