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तेज प्रताप यादव क्यों हुए नाराज? पुराने विवाद और आरोपित 5 लोगों की पूरी कहानी

पटना  लालू यादव के ‘लाल’ तेजप्रताप एक बार फिर सुर्खियों में हैं. सोशल मीडिया पर उनके लव रिलेशनशिप की चर्चा ने हंगामा खड़ा कर दिया. दावा किया जा रहा है कि उनकी कथिक गर्लफ्रेंड रहीं अनुष्का यादव ने एक बच्चे को जन्म दिया. जबकि तेज प्रताप ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ऐसी खबरों को अफवाह बताया और सिरे से नाकार दिया. साथ ही अनुष्का से किसी भी तरह के रिश्ते से इनकार कर दिया. यादव ने कहा कि- उनका अनुष्का से कोई संबंध नहीं है. न ही उसके बच्चे से कोई संबंध है. उन्होंने ‘जयचंदों’ पर साजिश का आरोप लगाया. साथ ही राजद से जुड़े पांच लोगों को नाम लिए. जिन पर अनुष्का संग फोटो वायरल करने, परिवार और पार्टी से निकलवाने की साजिश का आरोप लगाया. तेज प्रताप यादव ने पांच लोगों को ‘जयचंद’ बताया जनशक्ति जनता दल चीफ तेज प्रताप ने पांच ‘जयचंदों’ के नाम गिनाते हुए कहा कि- सुनील सिंह, आकाश भाटी, मुकेश रौशन, संजय सिंह ने उनके खिलाफ साजिश रची है. अनुष्का के मां बनने और रिश्ते के सवाल पर उन्होंने कहा कि- ‘इसको हम खारिज करते हैं. उन्होंने भड़कते हुए कहा कि- ये मुकेश रौशन बताएंगे कि मामा-भगिना का उनका रिलेशन है. बदनाम जो कर रहा है वो आकाश भाटी बताएंगे कि- आकाश से उस लड़की का क्या संबंध है. हमको तो बस बदनाम किया जा रहा है. यह सब लोग जयचंद हैं.’ कौन हैं यह पांच लोग? मुकेश रौशनः तेज प्रताप यादव ने मुकेश रौशन का नाम लिया. मुकेश महुआ विधानसभा सीट से पूर्व राजद विधायक रहे हैं. इस सीट पर तेज प्रताप यादव भी विधायक रह चुके हैं. हालांकि 2025 विस चुनाव में दोनों हार गए थे. तेज प्रताप का आरोप है कि साजिश रचने वाले समूह का संचालन रौशन करते हैं और यहां तक दावा किया कि वे उनकी हत्या करवाना चाहते हैं. संजय यादवः तेज प्रताप अक्सर संजय यादव पर पार्टी से निकलवाने का आरोप लगाते आए हैं. संजय तेजस्वी यादव के करीबी और राजनीतिक सलाहकार माने जाते हैं. संजय वर्तमान में राजद के राज्यसभा सांसद हैं. सुनील सिंहः तेजप्रताप यादव का आरोप है कि सुनील सिंह भी उस समूह में शामिल हैं जिसने उनके नाम पर अफवाहें फैलाने और उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की. मालूम हो कि सुनील सिंह के रिश्ते राबड़ी देवी के साथ रहे हैं. सुनील सिंह राबड़ी देवी से राखी बंधवाते रहे हैं. सुनील सिंह बिहार विधान परिषद (MLC) के सदस्य हैं. आकाश भाटीः तेज प्रताप यादव ने आकाश भाटी उर्फ आकाश गुर्जर पर भी निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि वह गोला रोड में रहता है. उसका अनुष्का से संबंध है. यह भी हमको बदनाम करने में शामिल है. हमारे साथ अनुष्का का नाम जोड़ा जा रहा है. आकाश भाटी से उसका रिलेशन है. हमको फंसाया जा रहा है. रमीज़ ख़ानः तेज प्रताप यादव ने आरोपित पांच लोगों में रमीज़ का नाम भी गिनाया. रमीज भी तेजस्वी यादव के करीबी माने जाते हैं. रमीज़ ख़ान प्रथम श्रेणी के क्रिकेटर रहे हैं और उत्तर प्रदेश के बलरामपुर ज़िले में तुलसीपुर के रहने वाले हैं. तेजस्वी और रमीज़ की दोस्ती क्रिकेट के मैदान से शुरू हुई थी.

होली के बाद पैदल बिहार यात्रा पर निकलेंगे तेज प्रताप यादव, पीके मॉडल से संगठन को देंगे धार

पटना  बिहार के पूर्व मंत्री एवं जनशक्ति जनता दल (JJD) के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने सोमवार को राज्य में पैदल यात्रा निकालने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि वे इस यात्रा के जरिए संगठन को मजबूत करेंगे और विस्तार देंगे। इस दौरान वे गांव-गांव जाकर लोगों से मिलेंगे और उनकी समस्याएं सुनकर उसका निदान निकालेंगे। इससे पहले चुनावी रणनीतिकार रह चुके प्रशांत किशोर ने भी लगभग दो साल तक बिहार में पैदल यात्रा निकाली और फिर जन सुराज पार्टी का गठन किया था। तेज प्रताप की जेजेडी और पीके की जन सुराज, दोनों ही पार्टियां बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में एक भी सीट नहीं जीत पाई थी। जेजेडी चीफ तेज प्रताप यादव ने सोमवार को पटना में मीडिया से बातचीत में कहा कि होली के बाद वे पैदल बिहार घूमेंगे। उन्होंने दावा किया कि इससे ना सिर्फ पार्टी कैडर मजबूत होगा, बल्कि आम लोगों में भी उनकी स्वीकार्यता बढ़ेगी। तेज प्रताप ने कहा कि इस यात्रा के दौरान जेजेडी के संगठनात्मक ढांचे का पुनर्गठन किया जाएगा। युवाओं और ग्रामीणों को खास तौर पर पार्टी से जोड़ा जाएगा। लालू परिवार से निकाले जाने पर बनाई थी नई पार्टी तेज प्रताप यादव बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री एवं राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे हैं। पिछले साल पार्टी एवं परिवार से बेदखल किए जाने के बाद उन्होंने जेजेडी नाम से नई पार्टी का गठन किया था। उन्होंने बिहार चुनाव में कुछ सीटों पर प्रत्याशी उतार, खुद भी महुआ सीट से चुनाव लड़े। हालांकि, जेजेडी का कोई भी कैंडिडेट जीत नहीं पाया था। चुनाव हारने के बाद तेज प्रताप यादव ने बिहार समेत अन्य राज्यों में पार्टी का विस्तार करने की बात कही थी। मकर संक्रांति के अवसर पर पटना में उन्होंने दही-चूड़ा भोज भी दिया था, जिसमें पक्ष और विपक्ष के कई बड़े नेता शामिल हुए थे। इस भोज से वे बिहार के सियासी गलियारों में चर्चा का विषय रहे। इन दिनों तेज प्रताप अपने पारिवारिक जीवन को लेकर चर्चा में बने हुए हैं। एक दिन पहले ही उन्होंने पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस पर आरजेडी के अंदर पांच नेताओं (संजय यादव, सुनील सिंह, मुकेश रौशन एवं अन्य) का नाम लेकर उन्हें जयचंद करार दिया। इनमें अधिकतर नेता उनके छोटे भाई तेजस्वी यादव के करीबी हैं। तेज प्रताप ने यह भी आरोप लगाया कि इन्हीं कथित जयचंद ने मिलकर उनका नाम अनुष्का यादव के साथ जोड़कर उन्हें बदनाम की साजिश रची थी।  

तेजप्रताप यादव का बड़ा आरोप: इन 5 नेताओं ने की साजिश, गद्दारों की लिस्ट का किया खुलासा

पटना. बिहार की राजनीति में अपनी बेबाकी और अलग अंदाज के लिए चर्चित लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने एक बार फिर पार्टी के भीतर खलबली मचा दी है. इस बार उन्होंने किसी पहेली का सहारा लेने के बजाय सीधे तौर पर उन पांच नामों का खुलासा किया है, जिन्हें वे अपनी राजनीतिक राह का कांटा और ‘जयचंद’ मानते हैं. तेज प्रताप का आरोप है कि ये पांचों नेता उनके खिलाफ गहरी साजिश रच रहे हैं और उन्हें उनके भाई तेजस्वी यादव से दूर करने की कोशिश में जुटे हैं. तेज प्रताप यादव ने जिन पांच नामों को ‘जयचंद’ की श्रेणी में रखा है, वे आरजेडी के बेहद रसूखदार चेहरे हैं. आइए इन पांचों नेताओं के बारे में विस्तार से जानते हैं . कौन हैं तेज प्रताप यादव के वो ‘पांच जयचंद’? तेजप्रताप यादव ने साजिशकर्ताओं के नाम और क्रम भी बताया है. उनके अनुसार,जयचंद्रों के क्रम में पहले नंबर पर महुआ के पूर्व विधायक मुकेश रौशन है तो नंबर दो पर राज्यसभा सांसद संजय यादव. नंबर तीन पर तेजस्वी यादव के करीबी रमीज नेमत, जबकि नंबर चार पर आरजेडी के प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव हैं. नंबर पांच पांच पर जो नाम है वह भी चौंकाने वाला है, क्योंकि सुनील सिंह राबड़ी देवी के मुंहबोले भाई के तौर पर जाने जाते हैं. आइए इन पांचों के बारे में भी जानते हैं. मुकेश रौशन: महुआ के पूर्व विधायक और ‘नंबर एक’ दुश्मन तेज प्रताप यादव की सूची में पहले स्थान पर मुकेश रौशन का नाम है. मुकेश रौशन वैशाली जिले की महुआ विधानसभा सीट से विधायक रह चुके हैं. दिलचस्प बात यह है कि महुआ वही सीट है जहां से 2015 में तेज प्रताप खुद चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे थे. बाद में तेज प्रताप ने यह सीट मुकेश रौशन के लिए छोड़ दी थी.2020 का चुनाव तेज प्रताप यादव ने समस्तीपुर से लड़ा था. इसके बाद 2025 विधानसभा चुनाव में जनशक्ति जनता दल से उन्होंने फिर महुआ से चुनावी लड़ी, लेकिन मुकेश रौशन और तेज प्रताप यादव, दोनों ही चुनाव हार गए. एक समय में तेज प्रताप के बेहद करीबी माने जाने वाले मुकेश अब उनके निशाने पर हैं. संजय यादव: तेजस्वी के रणनीतिकार और राज्यसभा सांसद सूची में दूसरा सबसे प्रभावशाली नाम संजय यादव का है. संजय यादव वर्तमान में आरजेडी के राज्यसभा सांसद हैं और उन्हें तेजस्वी यादव का ‘दायां हाथ’ माना जाता है. हरियाणा के रहने वाले संजय यादव लंबे समय से तेजस्वी के राजनीतिक सलाहकार और रणनीतिकार की भूमिका निभा रहे हैं. तेज प्रताप यादव अक्सर यह आरोप लगाते रहे हैं कि संजय यादव जैसे बाहरी लोग परिवार के बीच में आकर भाई-भाई को लड़ाने का काम करते हैं. उनके लिए संजय यादव उस ‘सिस्टम’ का हिस्सा हैं जो तेज प्रताप को मुख्य राजनीति से दूर रखता है. रमीज नेमत: तेजस्वी यादव के साये की तरह रहने वाले करीबी तेज प्रताप ने तीसरे नंबर पर रमीज नेमत का नाम लिया है. रमीज का परिचय राजनीतिक गलियारों में तेजस्वी यादव के बेहद निजी और भरोसेमंद सहयोगी के तौर पर होता है. वे अक्सर तेजस्वी के साथ उनके दौरों और बैठकों में साये की तरह नजर आते हैं. तेज प्रताप का मानना है कि रमीज जैसे लोग सूचनाओं को फिल्टर करते हैं और उनके खिलाफ तेजस्वी के कान भरते हैं. संगठन में रमीज की बढ़ती सक्रियता तेज प्रताप को हमेशा से खटकती रही है. बता दें कि तेज प्रताप यादव की बड़ी बहन रोहिणी आचार्य ने भी रमीज की लालू परिवार में घुसपैठ पर सवाल उठाया था. शक्ति सिंह यादव: पार्टी के मुख्य प्रवक्ता और प्रखर चेहरा चौथे स्थान पर तेज प्रताप ने शक्ति सिंह यादव को रखा है. शक्ति सिंह यादव आरजेडी के मुख्य प्रवक्ता हैं और टीवी चैनलों पर पार्टी का सबसे मजबूत पक्ष रखते हैं. वे हिलालपुर (हिलसा) से पूर्व विधायक भी रहे हैं. तेज प्रताप का आरोप है कि शक्ति सिंह यादव जैसे नेता सार्वजनिक रूप से तो पार्टी की बात करते हैं, लेकिन भीतर ही भीतर तेज प्रताप की छवि बिगाड़ने का काम करते हैं. प्रवक्ता के तौर पर उनके बयानों और सक्रियता को तेज प्रताप ने अपनी अनदेखी से जोड़कर देखा है. सुनील सिंह: विधान पार्षद और बिस्कोमान के अध्यक्ष पांचवें ‘जयचंद’ के रूप में तेज प्रताप ने सुनील सिंह का नाम लिया है. सुनील सिंह बिहार विधान परिषद के सदस्य (MLC) हैं और बिस्कोमान के अध्यक्ष के तौर पर सहकारिता जगत का बड़ा नाम हैं. सुनील सिंह को लालू प्रसाद यादव का बेहद करीबी और भरोसेमंद माना जाता रहा है, बिहार की राजनीति में उनकी पहचान तेज प्रताप यादव की मां और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के मुंहबोले भाई के तौर पर है. अक्सर सोशल मीडिया पर अपनी पोस्ट के जरिए चर्चा में रहने वाले सुनील सिंह के साथ तेज प्रताप के रिश्ते काफी समय से तल्ख रहे हैं. तेज प्रताप को लगता है कि सुनील सिंह अपनी पहुंच का इस्तेमाल उनके राजनीतिक कद को छोटा करने में कर रहे हैं.

लालू से मिलने और तेजस्वी के नहीं पहुंचने पर पर गदगद दिखे तेज प्रताप

पटना. मकर संक्रांति के अवसर पर जनशक्ति जनता दल के मुखिया और लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप की दही-चूड़ा पार्टी से बिहार की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। इस पार्टी में न सिर्फ सभी पार्टियों के नेता शिरकत कर रहे हैं, बल्कि लालू परिवार भी एक होता दिखाई दे रहा है। खास बात ये थी कि इस भोज में राजद के प्रमुख लालू यादव शामिल हुए और उन्होंने तेज प्रताप को आशीर्वाद दिया, तो तेज प्रताप ने भी अपनी भावना व्यक्त की। तेज प्रताप ने कहा कि अगर तेजू भैया की दावत सुपर डुपर हिट नहीं होगी, तो किसकी होगी। दही-चूड़ा की शानदार दावत का आयोजन किया गया था। हमारे माता-पिता हमारे लिए भगवान हैं, इसलिए मुझे उनका आशीर्वाद मिलता रहेगा। सब लोग आएंगे। वो थोड़ा लेट सोकर उठते हैं: तेज प्रताप भाई तेजस्वी के अभी तक नहीं पहुंचने पर तेज प्रताप ने कहा कि हमने निमंत्रण पत्र दे दिया है, हमारे छोटे भाई हैं वो थोड़ा लेट सोकर उठते हैं। वह भी आएंगे। तेज प्रताप के इस बयान से यह भी साफ हो गया है कि इस भोज में नेता प्रतिपक्ष और तेज प्रताप के छोटे भाई तेजस्वी यादव भी शिरकत करेंगे। इसको लेकर तेज प्रताप के बड़े मामा प्रभुनाथ यादव ने भी बयान दिया है। प्रभुनाथ यादव ने कहा, "मैं अपने भांजे को आशीर्वाद देने दही-चूड़ा की दावत में आया हूं ताकि वह तरक्की करे और लोगों की सेवा करे। मैं अपने बड़े भांजे को आशीर्वाद देने आया हूं। पूरा परिवार इकट्ठा होगा।"

राजनीतिक मैदान में तेज प्रताप यादव की एंट्री, तीन राज्यों में चुनाव लड़ेंगे

पटना जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने शनिवार को कहा कि उनकी पार्टी अपने राजनीतिक प्रभाव का विस्तार करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है, और कहा कि JJD आगामी पश्चिम बंगाल और 2027 में उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनावों के साथ-साथ दिल्ली नगर निगम के आगामी चुनावों में भी चुनाव लड़ेगी। "हम निश्चित रूप से बंगाल, उत्तर प्रदेश में चुनाव लड़ेंगे" पत्रकारों से बात करते हुए तेज प्रताप यादव ने कहा, "हम विस्तार पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, इसलिए हम निश्चित रूप से बंगाल, उत्तर प्रदेश में चुनाव लड़ेंगे। दिल्ली में MCD चुनाव आ रहे हैं, और हम उनमें भी चुनाव लड़ेंगे।" रोहिणी आचार्य के X पर हालिया रहस्यमयी पोस्ट पर, जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने कहा कि वह 'जयचंद' तत्वों के खिलाफ इसी तरह के आरोप लगा रहे थे, लेकिन उन्हें पार्टी से दरकिनार कर दिया गया और बाहर निकाल दिया गया। उन्होंने उनके व्यवहार को घिनौना बताया और दावा किया कि यह सब उनकी साजिश का हिस्सा था।लेकिन जिस तरह से उन्होंने उसके साथ व्यवहार किया, वह घिनौना है और यह सब उनकी साजिश का हिस्सा था। बता दें कि रोहिणी आचार्य ने X पर लिखा था, "इतने गहन प्रयास से बनाई और स्थापित की गई 'महान विरासत' को नष्ट करने के लिए, बाहरी लोगों की कोई ज़रूरत नहीं है; हमारे अपने और हमारे प्रियजनों में से कुछ साज़िश रचने वाले 'नए बने अपने' ही काफी हैं।" 15 नवंबर, 2025 को, आचार्य ने राजनीति छोड़ दी और परिवार से "संबंध तोड़ लिया", अपने भाई, तेजस्वी यादव, और उनके करीबी सहयोगियों, संजय यादव और रमीज़ पर उन्हें छोड़ने के लिए कहने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उन्हें "अपमानित किया गया, गालियां दी गईं, उन्हें मारने के लिए जूते उठाए गए।" इसके बाद, आचार्य ने दावा किया कि तेजस्वी यादव और उनके करीबी सहयोगी, RJD सांसद संजय यादव ने उन्हें परिवार से "निकाल दिया" है। तेजस्वी की बहन ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने पार्टी की हार के बारे में संजय यादव से सवाल किया, तो उन्हें "बेइज्जत किया गया, गाली दी गई और मारा भी गया"।  

तेजप्रताप यादव के निजी आवास पर बिजली का 3.56 लाख का बकाया, लालू के बेटे ने तीन साल से नहीं चुकाया बिल

पटना  बिहार में जहां हर घर में स्मार्ट मीटर लगाकर प्रीपेड बिलिंग सिस्टम लागू किया जा चुका है, वहीं आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे और पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव के निजी आवास का बिजली कनेक्शन अब भी पोस्टपेड है. हैरत की बात यह है कि पिछले तीन वर्षों से बिजली बिल जमा न होने के बावजूद उनका कनेक्शन काटा नहीं गया है. बेउर स्थित उनके निजी घर पर 3 लाख 56 हजार रुपये से अधिक का बकाया हो चुका है. 3 साल से बिल नहीं जमा, फिर भी कनेक्शन चालू तेजप्रताप नगर में स्थित उनके घर के कंज्यूमर अकाउंट नंबर 101232456 पर आखिरी बार जुलाई 2022 में बिल जमा किया गया था. उस समय उन्होंने 1,04,799 रुपये का भुगतान किया था. इसके बाद नवंबर 2025 तक एक भी बिल जमा नहीं हुआ. इलेक्ट्रिसिटी डिपार्टमेंट के रिकॉर्ड के अनुसार उनके नाम दर्ज इस कनेक्शन पर-      ऊर्जा बकाया: 2,30,160.54     विलंब शुल्क: 23,681.59     अन्य शुल्क: 71,142.15     कुल बकाया: 3,24,974.28     नवंबर 2025 का बिल जोड़ने के बाद बकाया 3,56,135 तक पहुंच गया है. नियमों के अनुसार 25 हजार रुपए से अधिक बकाया होने पर कनेक्शन काट दिया जाता है, लेकिन तेज प्रताप यादव के मामले में यह कार्रवाई अब तक नहीं हुई. स्मार्ट मीटर वाला राज्य, लेकिन ‘पोस्टपेड’ कनेक्शन कैसे एक्टिव? सरकार ने पूरे राज्य में स्मार्ट मीटर अभियान शुरू कर यह सुनिश्चित किया है कि किसी भी उपभोक्ता पर बिल का भारी बकाया न हो. रिचार्ज खत्म होते ही बिजली कट जाती है. लेकिन तेज प्रताप यादव के निजी कनेक्शन में यह व्यवस्था लागू नहीं की गई है. हालांकि अधिकारी दावा कर रहे हैं कि विभाग किसी जनप्रतिनिधि को कोई विशेष छूट नहीं देता और उनके लिए सिर्फ “कंज्यूमर आईडी” ही मायने रखती है. 2012 में लगा था कनेक्शन, घर में आना-जाना जारी तेज प्रताप यादव के नाम से इस मकान में तीन फेज का अर्बन कनेक्शन 7 जुलाई 2012 को लगाया गया था. बताया जाता है कि उनका इस घर में आना-जाना लगा रहता है, जबकि वे फिलहाल सरकारी आवास में रहते हैं. बकाया वसूली के लिए शुरू हुई सख्त कार्रवाई साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ने सभी इंजीनियरों को लेटर भेजकर पुराने बकाए की वसूली तेज करने का निर्देश दिया है. 125 यूनिट मुफ्त बिजली योजना के बाद उपभोक्ताओं में पुराने बिल की वसूली में गिरावट आई है, जिस कारण विभाग पर राजस्व संकट बढ़ गया है. इसी के मद्देनजर कंपनी ने मार्च 2026 तक हर शाखा में तीन-तीन कर्मियों को दैनिक पारिश्रमिक पर नियुक्त करने का निर्णय लिया है. यह टीम ई-वॉलेट के जरिए रोजाना 30 बड़े बकाएदारों तक पहुंचकर वसूली करेगी. 

तेज प्रताप यादव बोले: 10-15 सीटें पक्की, सरकार बने तो भी हमारा रुख साफ

पटना बिहार में सियासी बोल जब गलियों में गूंज रहे हैं, उसी बीच तेज प्रताप यादव ने एक ऐसा दावा कर दिया जिसने सियासी हलकों में हलचल बढ़ा दी है। उन्होंने बड़ी बेबाकी से कहा कि जनशक्ति जनता दल इस बार 10-15 सीटें जीतकर बिहार की राजनीति में नया मोड़ ला देगी। बिहार चुनाव 2025 में हर पार्टी अपनी जीत के दावे कर रही है, लेकिन इस बार सुर्खियों में हैं जनशक्ति जनता दल के प्रमुख और महुआ सीट से उम्मीदवार तेज प्रताप यादव। उन्होंने खुलकर ऐलान किया है कि उनकी नवगठित पार्टी राज्य की सियासत में चौंकाने वाली एंट्री करने जा रही है। मीडिया से बातचीत में तेज प्रताप ने कहा, “हम 10-15 सीटें जीतेंगे… जनता का रुझान हमारे पक्ष में है। हवा बदल चुकी है।” राहुल गांधी के बयान पर बोले इससे पहले जब तेज प्रताप यादव से पूछा गया कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने वोट चोरी और एसआईआर को लेकर जो आरोप लगाए हैं, वह इस चुनावी माहौल को कितना प्रभावित करेंगे, तो तेज प्रताप ने पलटवार में कहा, “इन बयानों का कोई फायदा नहीं… जनता सब जानती है। इस तरह की बातें हवा नहीं बदलने वाली।” उनका मानना है कि इस चुनाव में जनता मुद्दों से ज्यादा भरोसे और बदलाव वाली राजनीति को प्राथमिकता दे रही है। और इसी भरोसे की वजह से वह अपनी पार्टी के लिए डबल डिजिट सीटों की उम्मीद कर रहे हैं। तेज प्रताप के सुरक्षा का मुद्दा भी छाया सीटों के दावे के साथ-साथ तेज प्रताप एक और वजह से सुर्खियों में रहे हैं वह है उनकी सुरक्षा। उन्होंने दावा किया कि वह खतरे में हैं और बोले, “मेरे दुश्मन मुझे मरवा भी सकते हैं… अब तो हर कोई दुश्मन जैसा लगने लगा है।” भले उन्होंने यह नहीं बताया कि दुश्मन कौन हैं, लेकिन इस बयान ने उनके सीट-दावे को और ज्यादा अखबारों और चैनलों की लाइमलाइट में ला दिया।

तेजप्रताप का RJD नेताओं पर हमला, भाई वीरेंद्र को कहा—‘बिहार को बर्बाद करने वाला’

पटना तेज प्रताप यादव ने राजद विधायक और मनेर से पार्टी के उम्मीदवार भाई वीरेंद्र पर बड़ा हमला किया है। उन्होंने राजद नेता को गुंडा,मवाली और बिहार को बर्बाद करने वाला बता दिया। उन्होंने सरकार से उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की। भाई वीरेंद्र पर एक दारोगा के साथ गाली, गलौज करने और जला देने की धमकी देने के आरोप में एफआईआर दर्ज किया गया है। मनेर में गुरुवार को मतदान के दौरान एक बूथ पर विवाद हुआ था। तेज प्रताप यादव शुक्रवार को पटना में पत्रकारों से बात कर रहे थे। उनसे भाई वीरेंद्र पर सवाल पूछा गया तो भड़क गए। राजद नेता को गुंडा, मवाली बताने लगे। कहा कि इस पर कार्रवाई होना चाहिए। चाहे राजद के नेता हों या किसी भी दल के हो। तेज प्रताप ने कहा कि इन्हीं लोगों ने बिहार को बर्बाद किया है। ये गुंडे, मवाली हैं और दलितों की पिटाई करते हैं। सरकार को संज्ञान में लेना चाहिए और गुंडे मवालियों पर कार्रवाई करना चाहिए। इससे पहले पंचायत सचिव को गाली गलौज करने के मुद्दे पर तेज प्रताप यादव ने भाई वीरेंद्र को भला बुरा कहा था। वे मनेर भी गए थे। तब भाई वीरेंद्र ने चंपारण निवासी पंचायत सेवक के साथ गाली गलौज और दुर्व्यवहार किया था। उसकी ऑडियो क्लिप काफी वायरल हुई। उस मामले में विधायक के खिलाफ एससी एसटी थाने में केस दर्ज है। ताजा बवाल में विधायक पर भी केस दर्ज कर लिया गया है।

राजनीति और विवाद: तेज प्रताप यादव की संपत्ति व आपराधिक रिकॉर्ड पर एक नजर

वैशाली  बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए नामांकन प्रक्रिया जारी है। इसी क्रम में राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने बृहस्पतिवार को वैशाली जिले की महुआ विधानसभा सीट से जनशक्ति जनता दल के प्रत्याशी के रूप में नामांकन पत्र दाखिल किया। नामांकन के साथ दाखिल हलफनामे में तेज प्रताप ने अपनी संपत्ति, शिक्षा और लंबित आपराधिक मामलों की जानकारी साझा की है। हलफनामे के अनुसार, तेज प्रताप यादव के पास कुल 2.88 करोड़ रुपये की संपत्ति है, जिसमें 91.65 लाख रुपये की चल संपत्ति और 1.96 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति शामिल है। वर्ष 2020 में उन्होंने कुल 1.22 करोड़ रुपये की चल और 1.6 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति घोषित की थी, यानी उनकी संपत्ति में पिछले पांच वर्षों में मामूली वृद्धि हुई है। तेज प्रताप यादव ने बताया कि उन पर कुल आठ आपराधिक मामले लंबित हैं। इनमें भारतीय दंड संहिता (IPC) की धाराएं 147, 149, 188, 307, 333, 353, 427 और 504 शामिल हैं। इसके अलावा उनके खिलाफ SC/ST Act और Epidemic/Disaster Management Act की धाराओं के तहत भी मुकदमे दर्ज हैं। हालांकि, इन मामलों में से किसी में भी उन्हें दोषी नहीं ठहराया गया है। हलफनामे में तेज प्रताप यादव की पत्नी ऐश्वर्या राय का कोई विवरण शामिल नहीं किया गया है, क्योंकि दोनों के बीच तलाक का मामला इस समय पटना की पारिवारिक अदालत में विचाराधीन है। तेज प्रताप यादव पहले वर्ष 2020 तक महुआ सीट से राजद के टिकट पर विधायक रहे थे। इसके बाद पार्टी ने उन्हें हसनपुर सीट से उम्मीदवार बनाया था। शैक्षिक योग्यता के अनुसार, तेज प्रताप यादव ने वर्ष 2010 में इंटरमीडिएट परीक्षा उत्तीर्ण की थी। उन्होंने यह परीक्षा बिहार विद्यालय परीक्षा समिति, पटना से संबद्ध राममोहन राय सेमिनरी +2 स्कूल से पास की थी। इससे स्पष्ट होता है कि उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा पूरी करने के बाद राजनीति में सक्रिय भूमिका निभानी शुरू की।