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वनोपज से सशक्तिकरण: तेंदूपत्ता संग्रहण से 31,000 परिवारों को मिलेगा सहारा, तैयारियां पूरी

कोंडागांव. वनमंडल कोंडागांव में तेंदूपत्ता संग्रहण की तैयारियां तेज हो गई हैं। इस वर्ष 19,200 मानक बोरा संग्रहण का लक्ष्य तय किया गया है। संग्राहकों को 5,500 रुपये प्रति मानक बोरा भुगतान मिलेगा। करीब 31 हजार परिवार इस कार्य से जुड़े हुए हैं। मौसम अनुकूल रहा तो 25 अप्रैल से खरीदी शुरू हो सकती है। पत्तों की गुणवत्ता को देखते हुए तिथि तय की जाएगी। व्यवस्था संभालने 3 गुणवत्ता नियंत्रण अधिकारी लगाए गए हैं। 7 जोनल अधिकारी और 13 प्रबंधक भी तैनात किए गए हैं। 245 फड़ अभिरक्षक और 245 फड़ मुंशी मैदान में रहेंगे। वन विभाग समेत अन्य विभागों के कर्मचारी ड्यूटी पर लगाए गए हैं। गोदाम प्रभारी और उड़नदस्ता दल भी सक्रिय रहेंगे। तेंदूपत्ता सीजन से हजारों परिवारों की आय में राहत आने वाली है। बस्तर में “हरा सोना” कहे जाने वाले तेंदूपत्ता का संग्रहण कार्य अप्रैल से शुरू होने जा रहा है, वन विभाग ने इसके लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं, वन विभाग के अनुसार इस वर्ष बस्तर वृत्त को कुल 2 लाख 70 हजार 600 मानक बोरा तेंदूपत्ता संग्रहण का लक्ष्य दिया गया है, संग्रहण कार्य अप्रैल से शुरू होकर मई तक चलेगा. एक अरब से ज्यादा भुगतान की संभावना अगर मौसम अनुकूल रहा और लक्ष्य पूरा हुआ, तो इस साल संग्राहकों को 1 अरब रुपये से अधिक भुगतान होने की संभावना है, पिछले वर्ष खराब मौसम के कारण संग्रहण कम हुआ था और लगभग 61 करोड़ रुपये का ही भुगतान हो पाया था, तेंदूपत्ता संग्रहण दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा सहित पूरे बस्तर क्षेत्र में हजारों आदिवासी परिवारों की आय का मुख्य स्रोत है, इस दौरान पूरा परिवार इस कार्य में जुटता है. संग्रहण की व्यवस्था संग्रहण प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए 75 समितियां बनाई गई हैं और 1710 खरीदी केंद्र तैयार किए गए हैं, इससे संग्राहकों को आसानी से तेंदूपत्ता बेचने की सुविधा मिलेगी, राज्य सरकार द्वारा प्रति मानक बोरा 5500 रुपये का भुगतान किया जा रहा है, इसके साथ बोनस भी दिया जाता है, जिससे ग्रामीणों की आय और बढ़ती है. विभाग का बयान मुख्य वन संरक्षक आलोक तिवारी ने बताया कि, संग्रहण प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं, उन्होंने कहा कि, संग्राहकों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करना विभाग की प्राथमिकता है.

वन उपज सीजन शुरू: 16 लाख बोरा तेंदूपत्ता तोड़ाई, समितियों को सौंपी जिम्मेदारी

राजनांदगांव. राजनांदगांव जिले के वन क्षेत्र में इस वर्ष भी अधिक से अधिक तेंदूपत्ता की तोडाई सुनिश्चित कराने का प्रावधान किया जा रहा है. इस वर्ष भी 51 समितियां को जिम्मेदारी देने की तैयारी की जा रही है. जिले के वन क्षेत्रों में 700 से अधिक फड तैयार करने का प्रावधान रखा गया है. ज्ञात हो कि राजनांदगांव जिले में 60% अधिक क्षेत्र में अभी भी वन संपदा है. बाघनदी से लेकर बोरतालाव, अर्जुनी, छुरिया, चिचोला डोंगरगांव, डोंगरगढ़ मोहला मानपुर अंबागढ़ चौकी, औधी सहित अन्य क्षेत्रों में भी तेंदूपत्ता की तोड़ाई सुनिश्चित कराने का प्रावधान रखा गया है. जिसकी तैयारी भी शुरू कर दी गई है. वन विभाग के अधिकारियों की माने तो इस वर्ष भी 84 हजार मानक बोरा तेंदूपत्ता का संग्रहण सुनिश्चित कराया जाएगा. इसके लिए 51 समितियां को जिम्मेदारी देने की तैयारी की जा रही है. वन क्षेत्र में 700 से अधिक स्थानों पर फड तैयार किए जाएंगे. इसके लिए भी स्थान का चिन्हांकन कर लिया गया है. इस वर्ष बारिश नहीं हुई तो अच्छी क्वालिटी का तेंदूपत्ता मिलने की संभावना भी जताई जा रही है. तेंदूपत्ता का संग्रहण कराने के लिए बाहर के ठेकेदार भी रुचि दिखा रहे हैं. छत्तीसगढ़ में इस साल हरा सोना (तेंदूपत्ता) की तुड़ाई सबसे पहले दक्षिण बस्तर में 20-25 अप्रैल से शुरू होगी। प्रथम चरण में सुकमा, बीजापुर दंतेवाड़ा जिले से इसकी शुरुआत होगी। वहीं अंतिम चरण में 10 मई को सरगुजा में तेंदूपत्ता का संग्रहण किया जाएगा। इसके लिए 13 लाख 50 हजार संग्राहक परिवारों का फैमिली कार्ड बनाया गया है। इसमें सभी का ब्यौरा दिया गया है। इस साल करीब 50 हजार अतिरिक्त लोगों के जुड़ने का संभावना विभागीय अधिकारियों ने जताई है। प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं प्रबंध संचालक छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ लिमिटेड अनिल साहू ने बताया कि तेंदूपत्ता खरीदी की तैयारियां अंतिम चरण में चल रही है। इस साल करीब करीब 16 लाख मानक बोरा तेंदूपत्ता संग्रहण का लक्ष्य रखा गया है। बता दें कि प्रदेश में धान की फसल के बाद तेंदूपत्ता की वृहद स्तर पर खरीदी होती है। ऑनलाइन भुगतान तेंदूपत्ता तोड़ने वालों को इस साल उनके बैंक खातों में ऑनलाइन राशि अंतरित की जाएगी। इस साल 5500 रुपए प्रतिमानक बोरा की दर से इसकी खरीदी होगी। वहीं उक्त राशि का भुगतान कैशलेश किया जाएगा। इसके लिए सभी जिलों में अभियान चलाकर बैंक खाते खोले जा रहे है। कैशलेस प्रक्रिया को अनिवार्य साथ ही सूदूर क्षेत्र में मोबाइल बैंकिंग के जरिए बैंक खाते खोलने की प्रक्रिया भी चल रही है। बताया जाता है कि अब तक करीब 12 लाख 40 हजार लोगों के बैंक खाते खोले गए है। साथ ही इसकी प्रक्रिया चल रही है। बता दें कि बस्तर क्षेत्र में तेंदूपत्ता भुगतान में हुए फर्जीवाड़े के बाद इस साल कैशलेस प्रक्रिया को अनिवार्य किया जा रहा है।