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वर्ल्ड स्किल्स फाइनलिस्ट अजय अहिरवार से मंत्री टेटवाल का वर्चुअल संवाद, प्रतिभा की सराहना

मंत्री टेटवाल ने वर्ल्ड स्किल्स फाइनलिस्ट् अजय अहिरवार से किया वर्चुअल संवाद वर्ल्ड स्किल्स काम्पिटिशन सितम्बर 2026 शंघाई चीन में होंगे शामिल ग्लोबल स्किल्स चैलेंज जून 2026, ऑस्ट्रेलिया में भी होंगे शामिल भोपाल कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मध्यप्रदेश के प्रतिभाशाली युवा अजय अहिरवार से संवाद किया। अजय अहिरवार ने इंडिया स्किल्स नेशनल काम्पिटिशन 2025-26 में ब्रिकलेइंग स्किल में स्वर्ण पदक अर्जित कर मध्यप्रदेश का नाम राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है तथा अब उनका चयन वर्ल्ड स्किल्स काम्पिटिशन 2026 के लिए हुआ है, जो सितम्बर 2026 में शंघाई (चीन) में आयोजित होगी। अजय अहिरवार वर्तमान में वर्ल्ड स्किल्स प्रतियोगिता की तैयारी के लिये कानपुर में उन्नत प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। उनका चयन ग्लोबल स्किल्स चैलेंज 2026 के लिए भी हुआ है, जो 23 से 29 जून 2026 तक ऑस्ट्रेलिया में आयोजित होगी, जिसमें वे भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। मंत्री टेटवाल ने अजय को उनकी इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के लिए बधाई देते हुए आगामी अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि अजय अपनी प्रतिभा मेहनत एवं समर्पण के बल पर विश्व मंच पर भारत एवं मध्यप्रदेश का गौरव बढ़ाएंगे। उन्होंने कहा कि अजय की सफलता प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है तथा यह सिद्ध करती है कि प्रतिभा और परिश्रम के बल पर सीमित संसाधनों के बावजूद वैश्विक स्तर तक पहुंचा जा सकता है। अजय की उपलब्धियों तथा उनकी तैयारी को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश राज्य कौशल विकास एवं रोजगार निर्माण बोर्ड द्वारा उन्हें विशेष वित्तीय सहायता भी प्रदान की गई है जिससे वे आगामी अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की तैयारी और अधिक प्रभावी ढंग से कर सकें। मध्यप्रदेश शासन युवाओं को कौशल विकास के माध्यम से राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए निरंतर प्रोत्साहित कर रहा है तथा भविष्य में भी ऐसे प्रतिभाशाली युवाओं को हरसंभव सहयोग प्रदान किया जाएगा।  

पर्यावरण संरक्षण सबकी साझा जिम्मेदारी, मंत्री टेटवाल ने किया जनभागीदारी का आह्वान

पर्यावरण संरक्षण सबकी साझा जिम्मेदारी है: मंत्री टेटवाल विश्व पर्यावरण दिवस पर ग्लोबल स्किल्स पार्क में हुआ पौध-रोपण प्रदेश की सभी आईटीआई में 200 पौधों का होगा रोपण भोपाल कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल ने कहा कि मानव जीवन और प्रकृति एक-दूसरे के पूरक है। वर्षों से हम प्रकृति से जल, वायु, भूमि और अन्य संसाधन प्राप्त करते रहे हैं, लेकिन विकास और सुविधाओं की बढ़ती आवश्यकता के बीच प्राकृतिक संसाधनों का अत्यधिक दोहन भी हुआ है। इसका परिणाम आज जलवायु परिवर्तन, बढ़ते प्रदूषण, जल संकट, तापमान में वृद्धि और पर्यावरणीय असंतुलन जैसी गंभीर चुनौतियों के रूप में सामने आ रहा है। ऐसे समय में प्रकृति के संरक्षण और संवर्धन के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी निभाना आवश्यक हो गया है। पर्यावरण संरक्षण सबकी साझा जिम्मेदारी है। संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल्स पार्क में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आयोजित पौध-रोपण कार्यक्रम में मंत्री डॉ. टेटवाल ने कहा कि अब समय केवल प्रकृति से लेने का नहीं, बल्कि उसे लौटाने का है। पर्यावरण संरक्षण के लिए किए जाने वाले प्रयास किसी एक दिन, सप्ताह या अभियान तक सीमित नहीं होने चाहिए, बल्कि इन्हें हमारे दैनिक जीवन और व्यवहार का हिस्सा बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति यदि अपने स्तर पर पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार आचरण अपनाए तो बड़े सकारात्मक परिवर्तन संभव हैं। प्रदूषण नियंत्रण, जल संरक्षण और स्वच्छता के लिए करें सतत प्रयास मंत्री टेटवाल ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण का अर्थ केवल पौधे लगाना नहीं है। प्रदूषण को कम करना, जल स्रोतों का संरक्षण करना, स्वच्छता को बढ़ावा देना और प्राकृतिक संसाधनों का संतुलित उपयोग सुनिश्चित करना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने कहा कि नदियां, तालाब, जलाशय और अन्य जल स्रोत हमारी अमूल्य धरोहर हैं। इनके संरक्षण के बिना सतत विकास की कल्पना नहीं की जा सकती। मंत्री टेटवाल ने कहा कि जल संरक्षण और स्वच्छता के लिए किए जाने वाले प्रयास निरंतर और आजीवन होने चाहिए। वर्तमान पीढ़ी यदि पर्यावरण और जल स्रोतों के संरक्षण के प्रति सजग नहीं हुई तो आने वाली पीढ़ियों को गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ते हुए जन-आंदोलन का स्वरूप दिया जाना चाहिए। प्रदेशभर में चलेगा पौधरोपण अभियान मंत्री टेटवाल ने बताया कि विभाग द्वारा पर्यावरण संरक्षण और हरित परिसर निर्माण के उद्देश्य से प्रदेश की प्रत्येक औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था (आईटीआई) में 200-200 पौधे लगाए जाएंगे। इसके साथ ही संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल्स पार्क परिसर में 1000 पौधे लगाये जाएंगे। उन्होंने कहा कि पौध-रोपण भविष्य की पीढ़ियों को स्वच्छ वातावरण देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इसके साथ ही लगाए गए पौधों का संरक्षण और संवर्धन सुनिश्चित करना भी हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। मंत्री टेटवाल ने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण को केवल औपचारिक गतिविधि न मान कर इसे अपने जीवन का हिस्सा बनाएं। प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का भाव ही बेहतर भावी जीवन की आधारशिला है। पर्यावरण संरक्षण वर्षभर की जिम्मेदारी संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल्स पार्क के मुख्य कार्यपालन अधिकारी गिरीश शर्मा ने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस का उद्देश्य केवल एक दिवसीय कार्यक्रम आयोजित करना नहीं है। पर्यावरण संरक्षण वर्ष के सभी 365 दिनों की जिम्मेदारी है। संस्थान द्वारा हरित परिसर निर्माण, पौधरोपण और पर्यावरण जागरूकता से जुड़े प्रयास निरंतर किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता और व्यवहारगत परिवर्तन ही इस दिशा में स्थायी परिणाम सुनिश्चित कर सकते हैं। कार्यक्रम में पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण, जल संवर्धन और स्वच्छता के प्रति सामूहिक संकल्प लिया गया। इस अवसर पर संस्थान के अधिकारी, कर्मचारी एवं प्रशिक्षणार्थी उपस्थित रहे।  

उद्योग की मांग के अनुसार ट्रेड्स का प्रशिक्षण देकर प्लेसमेंट सुनिश्चित करें: मंत्री टेटवाल

उद्योग की मांग के अनुसार ट्रेड्स का प्रशिक्षण देकर प्लेसमेंट कराना सुनिश्चित करें : मंत्री टेटवाल मंत्री टेटवाल ने ‘आईटीआई चले हम’ प्रवेश 2026 का किया शुभारंभ भोपाल  कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल ने ‘आईटीआई चले हम’ प्रवेश 2026 अभियान का शुभारंभ करते हुए प्रदेशभर में कौशल आधारित शिक्षा को जन-आंदोलन का स्वरूप देने का आह्वान किया। मंत्री टेटवाल ने इस अवसर पर आयोजित समीक्षा बैठक में विभिन्न जिलों के आईटीआई संस्थानों की प्रगति, प्रशिक्षण व्यवस्था, प्लेसमेंट और विद्यार्थियों की सहभागिता का समग्र मूल्यांकन किया। मंत्री टेटवाल ने स्पष्ट किया कि यह अभियान केवल प्रवेश प्रक्रिया नहीं, बल्कि युवाओं को कौशल, आत्मनिर्भरता और रोजगार से जोड़ने का व्यापक प्रयास है। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी आईटीआई संस्थानों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए तथा प्राचार्यों की बैठकें नियमित रूप से आयोजित हों, जिससे प्रशिक्षण की गुणवत्ता और व्यवस्थाओं में निरंतर सुधार हो सके। समीक्षा के दौरान प्लेसमेंट की स्थिति पर विशेष ध्यान केंद्रित करते हुए मंत्री टेटवाल ने कहा कि उद्योगों की मांग के अनुरूप पाठ्यक्रमों को अद्यतन किया जाए और प्रशिक्षण को पूरी तरह प्रैक्टिकल एवं जॉब-ओरिएंटेड बनाया जाए। मैन्युफैक्चरिंग, टेक्सटाइल, ब्यूटी पार्लर, फूड प्रोसेसिंग सहित अन्य उभरते सेक्टर्स में रोजगारोन्मुख कोर्सेस को बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए, जिससे अधिकाधिक युवाओं को स्थानीय स्तर पर ही अवसर मिल सकें। विद्यार्थियों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मंत्री टेटवाल ने हॉस्टल सुविधाओं के बेहतर प्रबंधन, जरूरतमंद विद्यार्थियों को सहयोग उपलब्ध कराने तथा ड्रॉपआउट युवाओं को पुनः प्रशिक्षण से जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने आईटीआई में बेटियों के प्रवेश को बढ़ावा देने और उनके लिए अनुकूल वातावरण सुनिश्चित करने पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि सभी आई टी आई में शत प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित करें। मंत्री टेटवाल ने निर्देशित किया कि प्रशिक्षण के साथ सॉफ्ट स्किल्स, कम्युनिकेशन और इंटरव्यू प्रिपरेशन को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए, जिससे विद्यार्थी रोजगार के लिए पूरी तरह तैयार हो सकें। साथ ही, जिन संस्थानों में विद्यार्थियों की उपस्थिति और सहभागिता कम है, वहां सुधार के लिए जवाबदेही तय कर नियमित समीक्षा की जाए। प्रशिक्षण की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने के लिए राष्ट्रीय स्तर के मॉड्यूल्स और स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम्स (एसडीपी) को प्रभावी रूप से लागू करने, सेमिनार और ट्रेनिंग सेशन्स की नियमितता सुनिश्चित करने तथा उत्कृष्ट संस्थानों के मॉडल को अन्य स्थानों पर अपनाने के निर्देश दिए गए। कार्यक्रम के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए डिजिटल माध्यमों के उपयोग को बढ़ाते हुए पोस्टर, फिल्म और अन्य डिजिटल कंटेंट के जरिए अधिक से अधिक युवाओं तक पहुंच बनाने के निर्देश दिए गए। साथ ही, कौशल विकास को स्कूल शिक्षा से जोड़ने की दिशा में भी कार्य करने की बात कही गई। मंत्री टेटवाल ने कहा कि उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के लिए उन्हें मुख्यमंत्री से भेंट का अवसर दिया जाएगा, जिससे युवाओं में प्रेरणा और प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित होगी। मंत्री टेटवाल ने कार्यक्रम में पहुंचे विद्यार्थियों का मिठाई खिलाकर स्वागत किया और उन्हें आईटीआई से जुड़कर अपने भविष्य को सशक्त बनाने के लिए प्रेरित किया। बैठक में डायरेक्टर बसंत कुर्रे और सीईओ गिरीश शर्मा ने जानकारी दी कि विगत वर्ष आई टी आई में 96.4 प्रतिशत सीटों पर विद्यार्थियों का पंजीयन हुआ था। इस वर्ष सीटों की संख्या बढ़ाकर उन पर शत-प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं, जिनमें प्रशिक्षण शुल्क प्लेसमेंट के बाद लिया जाना, फीस की किस्तों में भुगतान की सुविधा तथा विभिन्न प्रकार के अनुदान शामिल हैं। ग्लोबल स्किल पार्क में 13 राज्यों के बच्चे भी विभिन्न ट्रेड्स में प्रशिक्षण ले रहे हैं। जल्दी ग्लोबल स्किल पार्क में कट सिस्को और द्रोण का प्रशिक्षण प्रारंभ किया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि ड्रॉपआउट, दिव्यांग एवं अनाथ आश्रम के बच्चों को भी आईटीआई में पंजीयन कराकर कौशल प्रशिक्षण से जोड़ा जा रहा है, जिससे वे रोजगार के अवसरों से जुड़कर आत्मनिर्भर बन सकें। मंत्री टेटवाल ने आईटीआई के प्रतिभावान प्रशिक्षणार्थियों की सफलता की कहानियों पर आधारित फिल्म का विमोचन किया। साथ ही ऑटोमोबाइल सेक्टर में बालिकाओं की सफलता पर आधारित ग्लोबल स्किल्स पार्क द्वारा निर्मित फिल्म का अवलोकन किया। इसके बाद उन प्रशिक्षणार्थियों की प्रेरणादायक फिल्म प्रदर्शित की गई जो प्रशिक्षण के साथ पार्ट टाइम जॉब कर रहे हैं।