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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जयपुर में निवेशकों को मध्यप्रदेश में निवेश के लिए किया आमंत्रित

देश के दिल से जुड़ें, मध्यप्रदेश है अनंत संभावनाओं का केंद्र हम निवेशकों के लिए तैयार कर रहे हैं आदर्श वातावरण अपने आइडिया को जमीन पर उतारिए, हमारी सरकार है निवेशकों के साथ जयपुर में हुआ राजस्थान डिजीफेस्ट-टाई ग्लोबल समिट-2026   भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश, देश का सबसे युवा राज्य है। मध्यप्रदेश टाइगर स्टेट है, चीता स्टेट है, फारेस्ट स्टेट है, मिनरल स्टेट है, बिजली सरप्लस स्टेट है और अब देश का सबसे बेहतर इन्वेस्टमेंट फ्रेंडली स्टेट भी बन गया है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश वर्ष 2025 में सबसे ज्यादा निवेश पाने वाला देश का तीसरा राज्य बना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश अनंत अवसर और संभावनायें लिए हुए है। मध्यप्रदेश में निवेश हर मायने में लाभ का सौदा है। देश के मध्य में होने के कारण मध्यप्रदेश व्यापार, व्यवसाय, उद्योग-धंधे और स्टार्ट-अप्स लगाने से लेकर अपने उत्पाद को निर्यात करने के लिए एक अनुपम केंद्र बन रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को पिंक सिटी जयपुर में राजस्थान डिजीफेस्ट-टाई ग्लोबल समिट 2026 में मध्यप्रदेश सेशन को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश और राजस्थान दोनों सदियों से इतिहास, विरासत और व्यापार-व्यवसाय की समझ के मामले में साझा भागीदार रहे हैं। राजस्थान के मारवाड़ी व्यापारी मध्यप्रदेश में अपनी विशिष्ट पहचान रखते हैं। समिट में राजस्थान के उप मुख्यमंत्री श्री प्रेमचंद बैरवा भी उपस्थित थे। मध्यप्रदेश सरकार इस प्रतिष्ठित ग्लोबल समिट में 'स्टेट पार्टनर' के रूप में सहभागिता कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश को विकास और अवसरों का केंद्र बताते हुए निवेशकों और उद्योगपतियों से कहा कि हमारा प्रदेश आज देश के उन चुनिंदा राज्यों में है, जहां प्राकृतिक संसाधन, उद्योग-अनुकूल नीतियां, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और सहयोगी सरकार सभी निवेशकों के लिए आदर्श वातावरण तैयार कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में 18 नई उद्योग-अनुकूल नीतियां, विस्तृत लैंड बैंक, भरपूर जल उपलब्धता, स्किल्ड मानव संसाधन, उत्कृष्ट लॉजिस्टिक्स कनेक्टिविटी और पारदर्शी प्रशासन निवेशकों को सर्वोत्तम सुविधाएं उपलब्ध करा रहे हैं। इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. यादव एवं अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर राजस्थान डिजिफेस्ट-टाई ग्लोबल समिट के मध्यप्रदेश सेशन का विधिवत् शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि सभी राज्यों के बीच औद्योगिक विकास की स्वस्थ प्रतिस्पर्धा चल रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में देश के सभी राज्यों को आगे बढ़ने का समान अवसर मिल रहा है। वैश्विक अर्थव्यवस्था आज भी उहापोह की स्थिति में है, ऐसी परिस्थिति में भी भारत विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है। भारत के लोकतंत्र में 'जियो और जीने दो' की भावना समाहित है। उद्योग-व्यापार से कई लोगों के जीवन में सवेरा आता है। इससे पवित्र काम कुछ नहीं हो सकता है। मध्यप्रदेश विकास के सभी सेक्टर्स में लगातार आगे बढ़ रहा है। प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर भी कई बड़े पुरस्कार मिले हैं। हमारे टूरिज्म सेक्टर में सबसे अच्छे रिजल्ट देखने को मिल रहे हैं। पिछले दो साल में हमने प्रदेश में दो नए टाइगर रिजर्व बनाए हैं। मध्यप्रदेश टाइगर और वल्चर स्टेट तो है ही, हमारी धरती पर चीता भी तेजी से अपना कुनबा बढ़ा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश नदियों का मायका है। यहां 250 से अधिक नदियां बहती हैं। हमने राजस्थान के साथ जल बंटवारे का विवाद सुलझाया। हमारे कार्यों में परस्पर सौहार्द और बंधुता का भाव होना चाहिए। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने मेक इन इंडिया और इंडिया फर्स्ट का आह्वान किया है। यह सिर्फ शब्द नहीं हैं, इसके लिए बड़े मन से काम करने का मानस होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार निवेशकों और उद्योगपतियों को प्रोत्साहित करने के लिए शासकीय कामकाज को और भी सरल, सहज, पारदर्शी, आसान और सहयोगी बना रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में होटल, हास्पिटल, एआई, ड्रोन, सेमी कंडक्टर निर्माण एवं अन्य कई व्यवसाय स्थापित करने पर अनुदान दिया जा रहा है। राज्य सरकार ने पीपीपी मोड पर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल खोलने की शुरुआत की है। जिससे प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं को गति मिलेगी और हमें पर्याप्त संख्या में डाक्टर्स भी मिलेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि रिन्यूएबल एनर्जी, ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल, फूड प्रोसेसिंग, फार्मा, आईटी और पेट्रो केमिकल्स जैसे सभी प्रमुख सेक्टर्स में निवेश के व्यापक अवसर उपलब्ध हैं। उन्होंने निवेशकों को औद्योगिक सहयोग के साथ-साथ शिक्षा, अनुसंधान, संस्कृति, कौशल विकास, अवसंरचना और पर्यटन में साझेदारी के लिए आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री ने निवेशकों को विश्वास दिलाया कि मध्यप्रदेश निवेशकों के साथ दीर्घकालिक साझेदारी के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। आप सभी आइडिया को जमीन पर उतारिए, हमारी सरकार हमेशा आपके साथ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश और राजस्थान सरकार की संयुक्त भागीदारी से हुई इस समिट में हमारी सरकार ने आईटी और संबंधित सेक्टर्स के व्यवसायियों के बीच प्रदेश की औद्योगिक विशेषताओं और विलक्षणताओं को सबके समक्ष रखा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उम्मीद जताई कि मध्यप्रदेश औद्योगिक निवेश के लिए आईडियल स्टेट है। निवेशक मध्यप्रदेश में अपना व्यापार-व्यवसाय स्थापित करेंगे, तो हम सभी को पूरा सहयोग करेंगे। राजस्थान हमारा सहोदर भाई है।  समिट में मध्यप्रदेश की मजबूत उद्योग शक्ति का प्रतिनिधित्व करते हुए, राज्य में मुख्यालय या परिचालन आधारित विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त कंपनियों द्वारा मध्यप्रदेश की प्रौद्योगिकी सफलता एवं वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी उद्यमों को सशक्त बनाने में राज्य की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला गया। सीईओ इम्पेटस टेक्नोलॉजीज श्री संजीव अग्रवाल ने कहा कि वे पिछले 32 वर्षों से मध्यप्रदेश में कार्यरत हैं।उस समय राज्य में आईटी इको सिस्टम की शुरुआत हो रही थी। मध्यप्रदेश सरकार का व्यावहारिक सहयोग, संवाद के प्रति खुलापन, लागत-प्रभावशीलता पर जोर और गुणवत्तापूर्ण प्रतिभा पर ध्यान, ये सभी कारक मिलकर निवेश और विकास के लिए अत्यंत अनुकूल वातावरण का निर्माण करते हैं। श्री अग्रवाल ने कहा कि आज राज्य वैश्विक ग्राहकों के साथ सफलतापूर्वक कार्य कर रहा है और निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है।यदि कोई निवेशक सतत विकास, मजबूत सरकारी सहयोग और विश्वसनीय पारिस्थितिकी तंत्र की तलाश में है, तो मध्यप्रदेश इसके लिए सबसे उपयुक्त और आदर्श स्थान है। सह-संस्थापक इंफोबीन्स टेक्नोलॉजीज श्री सिद्धार्थ सेठी ने कहा कि मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है जहां विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ) की स्थापना हुई थी। … Read more

मुख्यमंत्री ने आदिवासी प्रतिनिधियों का किया स्वागत, कई मुद्दों पर बनी सहमति के संकेत

रांची आदिवासी प्रतिनिधियों ने देशभर में चल रहे आदिवासी संघर्षों को मजबूत नेतृत्व देने की अपील की. उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज आज हेमन्त सोरेन जैसे नेतृत्व की ओर आशा से देख रहा है.झारखंड  के कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवासीय परिसर में रविवार को देश के विभिन्न राज्यों से आए आदिवासी प्रतिनिधियों ने CM सोरेन से मुलाकात की. CM ने अपने संबोधन में कहा कि झारखंड की धरती वीरता, संघर्ष और स्वाभिमान की जीवंत पहचान रही है. उन्होंने धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा, दिशोम गुरु शिबू सोरेन सहित अनेक आदिवासी वीर-वीरांगनाओं के योगदान का स्मरण करते हुए कहा कि जनजातीय समाज ने स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर आधुनिक भारत के निर्माण तक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.CM सोरेन ने बताया कि आदिवासी समाज की संस्कृति, परंपरा और अधिकारों की रक्षा के लिए झारखंड सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सामाजिक और शैक्षणिक उत्थान के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठा रही है. CM ने बोल कि झारखंड देश का पहला राज्य बन गया है जहां आदिवासी विद्यार्थी सरकारी खर्च पर विदेशों में  उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं. CM ने कहा कि पूरे देश में आदिवासी समाज को आर्थिक, सामाजिक और शैक्षणिक रूप से मजबूत करने की जरूरत है. उन्होंने कहा, “सशक्त और आत्मनिर्भर आदिवासी समाज ही भविष्य के भारत की मजबूत नींव बन सकता है.” इस अवसर पर प्रतिनिधियों ने झारखंड सरकार की नीतियों और आदिवासी हितों के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की. गुजरात, महाराष्ट्र, असम, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, मणिपुर सहित देश के कई राज्यों से आए प्रतिनिधियों ने झारखंड सरकार के प्रयासों को ऐतिहासिक बताते हुए सहयोग का आश्वासन दिया.इस कार्यक्रम के दौरान सभी प्रतिनिधियों ने दिशोम गुरु शिबू सोरेन के योगदान और संघर्ष को स्मरण करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की. इस अवसर पर मंत्री दीपक बिरुआ, मंत्री चमरा लिंडा, विधायक मती कल्पना सोरेन, अशोक चौधरी समेत देशभर से आए सैकड़ों आदिवासी प्रतिनिधि मौजूद रहे.

मुख्यमंत्री ने बस्ती आकर दी नंदा बाबा को श्रद्धांजलि

विगत दिनों हो गया था नंदा बाबा का निधन गोरखनाथ मंदिर से रहा नंदा बाबा का गहरा लगाव बस्ती,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को बस्ती आकर धार्मिक आयोजनों के लिए विख्यात रहे नंदा बाबा को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। नंदा बाबा का 3-4 नवंबर की रात निधन हो गया था। नंदा बाबा (देशबंधु नंदानाथ महाराज) को श्रद्धांजलि देने के लिए मुख्यमंत्री हेलीकॉप्टर से श्रीकृष्ण पांडेय इंटर कॉलेज मैदान में बने हेलीपैड पर उतरे। यहां से वह दक्षिण दरवाजा स्थित नंदा बाबा के आश्रम में पहुंचे और नंदा बाबा के चित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए। नंदा बाबा 1970 में जिला अस्पताल के पास दुर्गा पंडाल में मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापना करने और सावन माह में कांवड़ियों की सेवा के लिए सुपरिचित रहे। उनका गोरखनाथ मंदिर से भी गहरा लगाव था। उन्हें श्रद्धांजलि देने के बाद मुख्यमंत्री ने श्रद्धांजलि सभा में आए साधु संतों से मुलाकात की और सनातन हित मे नंदा बाबा के योगदान को याद किया।

मुख्यमंत्री ने आंवला नवमी पर आंवला वृक्ष की पूजा कर दी समृद्धि की शुभकामनाएं

रायपुर, आंवला नवमी के पावन अवसर पर आज मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मुख्यमंत्री निवास में धर्मपत्नी कौशल्या साय के साथ आंवला वृक्ष की विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और स्वास्थ्य की कामना की। इस अवसर पर उन्होंने आंवला नवमी के सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारतीय परंपरा में आंवला वृक्ष को दिव्य और औषधीय गुणों  से युक्त माना गया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आंवला नवमी, जिसे अक्षय नवमी भी कहा जाता है, धन, आरोग्य और समृद्धि का संदेश देने वाला पर्व है। उन्होंने कहा कि यह मान्यता है कि आंवला वृक्ष के नीचे भोजन करने और आंवला फल का सेवन करने से स्वास्थ्य लाभ, मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर प्रदेशवासियों से अपील करते हुए कहा कि सभी लोग प्राकृतिक एवं औषधीय वनस्पतियों के संरक्षण के प्रति जागरूक रहें। उन्होंने कहा कि प्रकृति हमारी संस्कृति का आधार है, और वृक्ष हमारे जीवन के पोषक हैं। वृक्षों की पूजा करने के साथ ही उन्हें सुरक्षित रखना भी हमारा सामूहिक दायित्व है।

गौसंवर्धन से ही समृद्धि का मार्ग: गोपाष्टमी पर सीएम का संदेश

जयपुर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गुरुवार को गोपाष्टमी के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री निवास पर सपत्नीक गौपूजन किया और प्रदेश की खुशहाली, समृद्धि तथा कल्याण की कामना की। इस अवसर पर उन्होंने तिलक लगाकर गौमाता को पुष्प अर्पित किए, माला पहनाई और गुड़ खिलाकर श्रद्धा प्रकट की। मुख्यमंत्री ने गौमाता को वस्त्र भी अर्पित किए। मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि गोपाष्टमी केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति की आत्मा और सनातन परंपरा की अमर धरोहर है। उन्होंने कहा कि गौमाता के प्रति श्रद्धा, सेवा और संरक्षण की भावना हमारे संस्कारों में रची-बसी है। यह पर्व पशु-सेवा, पर्यावरण-संरक्षण और संवेदनशीलता का संदेश देता है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार गौसंवर्धन और गौशालाओं के विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है। गौशालाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने, गोवंश के पालन-पोषण की सुविधाएं बढ़ाने और गौपालकों को प्रोत्साहन देने के लिए कई योजनाएं लागू की जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि गौमाता केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पर्यावरणीय संतुलन की आधारशिला हैं। उन्होंने आमजन से अपील की कि वे गौसेवा को अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाएं और पर्यावरण संरक्षण के प्रति सजग रहें। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने गौमाता की आरती उतारी और उपस्थित जनों के साथ ‘गौमाता की जय’ के जयकारे लगाए। उन्होंने सभी से गौसंवर्धन का संकल्प लेने और समाज में दया, सेवा और सहयोग की भावना फैलाने का आह्वान किया।  पूजा में मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी गीता शर्मा सहित परिवारजन और अधिकारियों ने भी सहभागिता की।

छठ पर्व की शुरुआत पर मुख्यमंत्री और राज्यपाल ने दी बधाई, कहा—छठी मैया सबकी मनोकामना पूर्ण करें

रांची झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने लोगों को लोक आस्था के महापर्व छठ के दूसरे दिन खरना पूजा पर शुभकामनाएं दी हैं। राज्यपाल गंगवार ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा, 'लोक आस्था और सूर्य उपासना के महापर्व छठ पूजा के द्वितीय अनुष्ठान ‘खरना' की सभी श्रद्धालुओं को हार्दिक शुभकामनाएं। छठी मैया और भगवान भास्कर की कृपा से हर घर में सुख, शांति और समृद्धि का प्रकाश फैले, यही मंगलकामना बहै।' वहीं, मुख्यमंत्री सोरेन ने अपने सोशल मीडिया पर लिखा, 'लोक आस्था और सूर्य उपासना के महापर्व छठ पूजा के दूसरे दिन खरना पूजा का अनुष्ठान, लोक-आस्था, आत्म-संयम, समर्पण और शुद्धता का अछ्वुत प्रतीक है। यह पर्व हमें प्रकृति, जल, सूर्य, परिवार और समाज के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने की प्रेरणा देता है। छठ व्रतियों की तपस्या, श्रद्धा और संकल्प पूरे समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। मैं सभी छठ व्रतियों और परिवारजनों के इस अछ्वुत आत्मबल को नमन करता हूं। छठी मैया और भगवान भास्कर से प्रार्थना करता हूं कि वे सभी को उत्तम स्वास्थ्य, सुख, शांति और समृद्धि का आशीर्वाद प्रदान करें, आपकी मनोकामना पूर्ण करें। आप सभी को खरना पूजा की अनेक-अनेक बधाई, शुभकामनाएं और जोहार। जय छठी मैया! जय भगवान भास्कर!'  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज प्रतिभा सम्मान समारोह में विद्यार्थियों को करेंगे सम्मानित

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज जबलपुर में प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, शासकीय महाकोशल महाविद्यालय के 13 करोड़ 37 लाख रुपये की लागत से निर्मित नवीन शैक्षणिक भवन और शासकीय विज्ञान महाविद्यालय के 10.05 करोड़ रुपये से बने नये शैक्षणिक भवन का भी लोकार्पण करेंगे। साथ ही महाकोशल महाविद्यालय में 3 करोड़ 67 लाख रुपये से बनने वाले भवन का भूमि-पूजन भी करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव महाविद्यालय में प्रतिभा सम्मान कार्यक्रम में शैक्षणिक उत्कृष्टता, खेल, सांस्कृतिक, नवाचार एवं सामाजिक सेवा क्षेत्रों में विशिष्ट उपलब्धि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित भी करेंगे। कार्यक्रम में लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह, राज्य सभा सदस्य श्रीमती सुमित्रा बाल्मीकि, सांसद श्री आशीष दुबे, महापौर श्री जगत बहादुर सिंह अन्नु, क्षेत्रीय विधायक श्री अशोक रोहाणी, नगर निगम अध्यक्ष श्री रिकुंज विज और जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष श्री आशीष राव विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस के प्राचार्य प्रो. अलकेश चतुर्वेदी ने बताया कि प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस महाकोशल कॉलेज के नवीन शैक्षणिक भवन में कुल 19 व्याख्यान कक्ष, प्रशासनिक ब्लॉक, स्मार्ट कक्षाएँ, पुस्तकालय, प्रयोगशालाएँ एवं कॉमन रूम जैसी आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं। यह भवन महाविद्यालय को प्रधानमंत्री उत्कृष्टता योजना के अनुरूप प्रदेश के अग्रणी शिक्षण संस्थानों की श्रेणी में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि यह अवसर महाकौशल महाविद्यालय के गौरवपूर्ण इतिहास में स्वर्णिम अध्याय जोड़ेगा। लगभग 1500 विद्यार्थी, अभिभावक, शिक्षाविद एवं नागरिक इस अवसर के साक्षी बनेंगे। यह आयोजन जबलपुर की शिक्षा और युवा ऊर्जा का प्रतीक बनकर प्रदेश में उत्कृष्टता और नवाचार के नये मानक स्थापित करेगा।  

मुख्यमंत्री ने असम राइफल्स पर हमले में शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की

रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने मणिपुर में असम राइफल्स पर हुए कायरतापूर्ण हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है। इस हमले में छत्तीसगढ़ के बस्तर के वीर सपूत राइफलमैन रंजीत कश्यप सहित दो जवानों ने अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दिया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राष्ट्र शहीद जवानों के अदम्य साहस और बलिदान को सदैव स्मरण रखेगा। उन्होंने शहीदों को कोटि-कोटि नमन करते हुए शोकाकुल परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और कहा कि इस कठिन घड़ी में राज्य सरकार शोकसंतप्त परिवारों के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे वीर जवानों का यह त्याग हम सबको देश की रक्षा और एकता के मार्ग पर और अधिक दृढ़ संकल्पित करता है।