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1 अप्रैल से टोल की दरें बढ़ेंगी, 5-10% तक महंगा होगा सफर, जबलपुर से अन्य शहरों का सफर भी होगा महंगा

जबलपुर  वाहन चालकों के लिए 1 अप्रैल से सफर महंगा होने जा रहा है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया द्वारा टोल टैक्स में 5 से 10 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की जा रही है, जो हर साल की तरह इस बार भी लागू होंगी। इस बढ़ोतरी का सीधा असर जबलपुर से नागपुर, रायपुर, प्रयागराज और भोपाल जैसे प्रमुख शहरों की यात्रा पर पड़ेगा। वाहन चालकों को अब हर टोल प्लाजा पर ज्यादा राशि चुकानी होगी। 5 से 10 रुपए तक बढ़ेगा टोल जानकारी के अनुसार, जबलपुर के आसपास स्थित टोल प्लाजा पर कार चालकों को 5 से 10 रुपए तक अतिरिक्त शुल्क देना पड़ सकता है। वहीं FASTag के जरिए मिलने वाले करीब 3 हजार रुपए के एनुअल पास में भी लगभग 75 रुपए तक की बढ़ोतरी की संभावना है। कैसे तय होता है टोल रेट टोल टैक्स की दरें होलसेल प्राइस इंडेक्स (WPI) के आधार पर तय की जाती हैं। हर साल के अंत में इंडेक्स का मूल्यांकन कर सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय नए रेट जारी करता है। टोल की राशि सड़क की लंबाई और उस पर बने इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे फ्लाईओवर, अंडरपास, टनल आदि के आधार पर भी तय होती है। जहां ज्यादा सुविधाएं होती हैं, वहां टोल भी अधिक लगता है। लोगों में नाराज वाहन चालकों का कहना है कि टोल बढ़ाना समझ में आता है, लेकिन सड़कों का मेंटेनेंस भी उतना ही जरूरी है। भोपाल रोड की हालत खराब बताई जा रही है, जबकि बरेला के आगे अभी भी काम जारी है। इसके बावजूद पूरा टोल वसूला जा रहा है, जिससे लोगों में नाराजगी है। कारों के लिए अभी इतना लिया जा रहा है टोल बरगी टोल (नागपुर रोड)    165 रुपए सिहोरा टोल (प्रयागराज रोड)    130 रुपए शहपुरा टोल (भोपाल रोड)    90 रुपए बरेला टोल (रायपुर रोड)    35 रुपए जबलपुर से दमोह, सागर अभी हाईवे घोषित है, लेकिन बना नहीं है, जिसके चलते यह अभी स्टेट हाइवे की श्रेणी में आता है। इसी तरह से जबलपुर से पाटन, तेंदुखेड़ा जबलपुर से गोटेगांव में स्टेट हाईवे को टोल है। वाहन मालिकों का कहना है कि टोल टैक्स बढ़ाए जाना अच्छा है, पर सड़क का मेंटेनेंस भी जरूरी होता है। उनका कहना है कि सड़क को साल भर मेनटेन नहीं किया जाता है। भोपाल रोड अभी भी खराब है। इसके बाद भी टोल पूरा देना पड़ता है। इसी तरह बरेला के आगे काम चल रहा है। एक अप्रैल से सालाना पास के लिए 3075 रुपए देने होंगे NHAI ने कार के लिए बनाए जाने वाले सालाना पास की कीमतों में 75 रुपए की बढ़ोतरी की। ये बढ़ोतरी भी 1 अप्रैल से लागू होगी। अभी सालाना पास 3 हजार रुपए में बनता है, जिसमें 200 टोल बूथ क्रॉस करने की लिमिट होती है। 1 अप्रैल से बनने वाले सालाना पास के लिए अब 3075 रुपए देने पड़ेंगे। सालाना रिवीजन के तहत बढ़ी कीमतें सड़क परिवहन मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक, जब फास्टैग एनुअल पास की शुरुआत की गई थी, तभी इसके नोटिफिकेशन में हर साल कीमतों की समीक्षा और बदलाव का प्रावधान रखा गया था। यह बढ़ोतरी उसी सालाना रिवीजन प्रक्रिया का हिस्सा है। देश भर में हाईवे टोल की दरों में बदलाव के लिए जो फॉर्मूला तय है, उसी के आधार पर इस बार 2.5% की वृद्धि की गई है। 52 लाख से ज्यादा लोग इस्तेमाल कर रहे हैं यह पास सरकार ने 15 अगस्त से इस खास एनुअल पास की शुरुआत की थी, जिसे उम्मीद से कहीं ज्यादा बेहतर रिस्पॉन्स मिला है। अब तक 52 लाख से ज्यादा हाईवे कार यूजर्स इस स्कीम से जुड़ चुके हैं। इस पास की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे एक साल में कितनी भी बार रिचार्ज कराया जा सकता है और यह लंबी दूरी तय करने वाले यात्रियों के लिए काफी किफायती साबित होता है। 31 मार्च तक पुराने रेट पर खरीदने का मौका अगर आप अक्सर हाईवे पर सफर करते हैं और इस बढ़ोतरी से बचना चाहते हैं, तो आपके पास अभी मौका है। अधिकारियों ने बताया कि जो यूजर्स 31 मार्च तक अपना पास रिचार्ज करा लेंगे या नया पास खरीदेंगे, उन्हें यह पुराने रेट यानी 3,000 रुपए में ही मिल जाएगा। 1 अप्रैल की सुबह से सिस्टम में नई दरें अपडेट कर दी जाएंगी।

MP में टोल वसूली का बड़ा घोटाला: आदेश से पहले करोड़ों रुपये वसूले गए, PWD मंत्री का बयान

  भोपाल मध्य प्रदेश में टोल वसूली को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। आरोप है कि मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम (MPRDC) ने कई सड़कों पर राज्यपाल की अधिसूचना जारी होने से 6 माह से लेकर एक साल पहले तक टोल वसूली शुरू कर दी थी. यानी जिस तारीख से टोल वसूली कानूनी रूप से लागू होनी थी, उससे पहले ही जनता की जेब से पैसा निकाला जाता रहा. यह खुलासा विधानसभा में PWD की ओर से जारी जवाब से हुआ है |  कांग्रेस विधायक प्रताप ग्रेवाल ने विधानसभा में सवाल पूछा था कि प्रदेश की कौन-कौन सी सड़कों पर टोल वसूली की अधिसूचना कब-कब जारी हुई और इन पर टोल वसूली कब से शुरू हुई? इसका जवाब जब सदन में रखा गया तो हैरान करने वाली जानकारी सामने आई |   कांग्रेस विधायक प्रताप ग्रेवाल ने आरोप लगाया कि लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह की ओर से शेयर की गई जानकारी के अनुसार कई सड़क परियोजनाओं में अधिसूचना और टोल वसूली की तारीखों में स्पष्ट अंतर दिखाई दे रहा है जो ना सिर्फ नियमों के विरुद्ध है बल्कि सीधे तौर पर कानून का उल्लंघन है |     प्रताप ग्रेवाल का कहना है कि इंडियन टोल एक्ट के तहत शासन अपने स्तर पर किसी भी सड़क पर टोल नहीं ले सकता है. सड़क जनता की संपत्ति है , तथा शासन ट्रस्टी है. ट्रस्टी उस संपत्ति से बेजा लाभ नहीं कमा सकता है |  सुप्रीम कोर्ट ने मंदसौर पुलिया के टोल प्रकरण में आदेश दिया कि कोई भी निवेशक, लागत उस पर ब्याज तथा रखरखाव के अतिरिक्त टोल नहीं वसूल कर सकता है |  अधिसूचना बाद में, वसूली पहले? कांग्रेस विधायक प्रताप ग्रेवाल ने सदन में पेश आंकड़ों के आधार पर आरोप लगाया कि कई सड़कों पर अधिसूचना जारी होने के पहले से टोल टैक्स वसूली शुरू कर दी गई, जिनमें के कुछ सड़कें हैं:- भोपाल बायपास – अधिसूचना: 8 दिसंबर 2020 | टोल वसूली शुरू: 12 दिसंबर 2019 इंदौर–उज्जैन मार्ग – अधिसूचना: 30 दिसंबर 2022 | टोल वसूली शुरू: 21 जनवरी 2022 सागर–दमोह मार्ग – अधिसूचना: 8 दिसंबर 2021 | टोल वसूली शुरू: 28 फरवरी 2021 भिंड–गोपालपुरा मार्ग – अधिसूचना: 4 जनवरी 2022 | टोल वसूली शुरू: 19 मार्च 2021 गुना–ईसागढ़ मार्ग – अधिसूचना: 10 अक्टूबर 2024 | टोल वसूली शुरू: 2 जून 2023 महू–घाटाबिल्लौद मार्ग – अधिसूचना: 24 दिसंबर 2021 | टोल वसूली शुरू: 28 फरवरी 2021 बीना–खिमलासा मार्ग – अधिसूचना: 8 दिसंबर 2021 | टोल वसूली शुरू: 19 मार्च 2021 43 सड़कों से 603 करोड़ का ‘शुद्ध लाभ’? प्रताप ग्रेवाल का आरोप है कि प्रदेश की 43 सड़कों पर अधिसूचना जारी होने से पहले कथित अवैध टोल वसूली के जरिए एमपीआरडीसी ने दिसंबर 2025 तक 603.66 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया है जिसकी जांच होनी चाहिए |  पूरा पैसा सरकारी खजाने में गया, कोई भ्रष्टाचार नहीं PWD मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि सदन में जो जानकारी दी गई हैए उसमें स्पष्ट उल्लेख है कि टोल वसूली शासकीय खजाने में ही जमा हुई हैए इसलिए इसमें भ्रष्टाचार का कोई मामला बनता ही नहीं है. जहां तक अधिसूचना जारी होने की बात है तो वो कई बार बैकडेट में भी जारी होती है, इसलिए यह कहना गलत है कि विभाग ने अवैध रूप से टोल वसूली की है |   

75 किलोमीटर दूर खड़ी कार का कटा टोल!

भवानीगढ़. भवानीगढ़ में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां घर के बाहर खड़ी कार से 75 km दूर स्थित जगजीतपुरा टोल प्लाजा पर 120 रुपये टोल टैक्स कट गया। कार मालिक तब हैरान रह गया जब उसके मोबाइल पर फास्टैग के जरिए रकम कटने का मैसेज आया। इस बारे में कार मालिक अनीश गर्ग निवासी नई अनाज मंडी भवानीगढ़ ने बताया कि उसकी कार नंबर P.B. 13 AL 0831 पूरा दिन घर पर ही खड़ी रही। कार मालिक अनीश गर्ग ने बताया कि वह खुद कहीं बाहर नहीं गया। इसके अलावा उसका कोई दोस्त या रिश्तेदार भी कार लेकर नहीं गया, लेकिन इसके बावजूद जगजीतपुरा टोल प्लाजा से उसके अकाउंट से 120 रुपये कट गए। जिससे वह हैरान और परेशान है। मालिक ने कहा कि उसने कभी उस टोल प्लाजा का नाम तक नहीं सुना और न ही कभी अपनी गाड़ी वहां से गुजारी है। मालिक के मुताबिक, यह घटना FASTag सिस्टम में किसी टेक्निकल गड़बड़ी या गाड़ी का नंबर गलत पढ़ने की वजह से हुई होगी। उसने इस बारे में बैंक और संबंधित अधिकारियों से शिकायत करने की तैयारी कर ली है। उसकी गाड़ी CCTV कैमरे की निगरानी में है, जिसकी फुटेज सबूत के तौर पर पेश की जाएगी। इस घटना से इलाके के लोगों में भी चिंता है। लोगों का कहना है कि अगर घर में खड़ी गाड़ियों से भी टोल काटा जाता है, तो यह एक गंभीर मामला है और संबंधित विभाग को ऐसे मामलों की जांच करनी चाहिए। लोगों ने कहा कि संबंधित अधिकारियों को मामले की जांच कर सच्चाई सामने लानी चाहिए और अगर कोई टेक्निकल खराबी है, तो उसे तुरंत ठीक किया जाना चाहिए ताकि आम लोगों को परेशानी न हो।

26 जुलाई से गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे पर टोल वसूली शुरू, जानें यात्रियों के लिए क्या बदलेगा

गोरखपुर  गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे पर 26 जुलाई की रात 12 बजे से टोल प्लाजा का संचालन शुरू हो जाएगा। उसके बाद एक्सप्रेस-वे पर फर्राटा भरने वाले वाहनों का फास्टैग या नगद टोल टैक्स की वसूली की जाएगी। फिलहाल टोल बूथों पर सिस्टम का ट्रायल किया जा रहा है। बस्ती में भदेश्वर नाथ महादेव की कांवड़ यात्रा के लिए तेनुआ टोल प्लाजा से वाहनों का डायवर्जन किया गया है। इस कारण गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे पर वाहनों की संख्या बढ़ गई है। इसी दौरान टोल बूथों का ट्रायल किया जा रहा है। एक्सप्रेसवे पर करीब 91 किमी दूरी पर 9 टोल बूथ बनाए गए हैं, जिसे सॉफ्टवेयर से आपस में कनेक्ट किया जा रहा है। नेशनल हाईवे पर 60 किमी या इससे अधिक दूरी पर टोल बूथ पर टोल टैक्स दिया जाता है, जबकि एक्सप्रेसवे पर कम दूरी पर टोल बूथ बनाए गए हैं। इंटरचेंज से एक्सप्रेसवे पर चढ़ने पर वाहनों को पर्ची दी जाएगी, जबकि नीचे उतरने पर टोल टैक्स जमा होगा। यह सुविधा मिलेगी कि फास्टैग नहीं होने पर भी उतना ही टोल टैक्स जमा होगा, जितना फास्टैग में जमा करने का नियम है। एक्सप्रेसवे पर बाइक, ऑटो एवं ट्रैक्टर का भी टोल टैक्स जमा करना होगा। फिलहाल एक्सप्रेसवे पर स्थानीय बाइक वालों की संख्या अधिक है, उन्हें तीन दिन बाद टोल टैक्स जमा करना होगा। क्या बोले अधिकारी यूपीडा के अधिशासी अभियंता पीपी वर्मा ने कहा कि गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे पर 26 जुलाई की रात 12 बजे से टोल टैक्स की वसूली शुरू होगी। ट्रायल में जहां कमियां मिल रही हैं, वहां सुधार किया जा रहा है। सॉफ्टवेयर इंजीनियरों की टीम सिस्टम सही करने में जुटी है। अतिक्रमण का ब्योरा अब पोर्टल पर वहीं, गोरखपुर में नगर निगम ने ध्वस्तीकरण और अतिक्रमण को लेकर पोर्टल बनाया है। अब अतिक्रमणकारियों को नोटिस या ध्वस्तीकरण का आदेश नहीं मिलने की शिकायत नहीं होगी। निगम ने अतिक्रमण पर कार्रवाई को लेकर लगने वाले आरोपों को देखते हुए यह कवायद की है। अपर नगर आयुक्त निरंकार सिंह ने बताया कि निगम की वेबसाइट में जाकर डिमोलिशन का लिंक आएगा। इस पर क्लिक कर सीधे आदेश देखें जा सकते हैं। अपर नगर आयुक्त ने कहा कि निगम अब अतिक्रमणकारी को ऑनलाइन और ऑफलाइन नोटिस देगा।