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कश्मीर घाटी में पहली बार गूंजी मालगाड़ी की सीटी, रसद और विकास को मिले पंख

नई दिल्ली  जम्मू-कश्मीर के परिवहन नेटवर्क को एक और बढ़ावा देते हुए, भारतीय रेलवे ने शनिवार को पंजाब के रूपनगर से कश्मीर के अनंतनाग तक पहली बार एक मालगाड़ी चलाई। सीमेंट से लदी यह मालगाड़ी शनिवार दोपहर करीब 12 बजे कश्मीर घाटी के अनंतनाग गुड्स शेड पहुँची, जो कश्मीर क्षेत्र को राष्ट्रीय मालगाड़ी नेटवर्क से जोड़ने में एक बड़ी उपलब्धि है। यह मालगाड़ी इस साल जून में 272 किलोमीटर लंबे उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक (USBRL), या कश्मीर लाइन के पूरे हिस्से पर यात्री परिचालन के सफल शुभारंभ के दो महीने बाद आई है। इस मालगाड़ी संपर्क से देश भर के बाजारों तक पहुँच आसान होने से कश्मीरी फल और हस्तशिल्प उद्योग को नई जान मिलने की उम्मीद है। रेल मंत्रालय ने एक बयान में इसे ऐतिहासिक बताते हुए कहा, "कश्मीर घाटी में मालगाड़ी का आगमन रसद और आर्थिक विकास के एक नए युग की शुरुआत करता है।" मंत्रालय ने कहा, "(यह) केवल एक रसद उपलब्धि नहीं है, बल्कि प्रगति और एकीकरण का एक सशक्त प्रतीक है, जो एक अधिक संबद्ध और समृद्ध कश्मीर घाटी का मार्ग प्रशस्त कर रहा है।" अधिकारियों ने बताया कि मालगाड़ी में बोगी से ढके वैगनों में 1,380 मीट्रिक टन सीमेंट भरा गया था, जिनका उपयोग बैग में बंद सामान ढोने के लिए किया जाता है। सीमेंट का ऑर्डर कश्मीर घाटी में सड़कों, पुलों, सार्वजनिक बुनियादी ढाँचे और आवासीय भवनों सहित विभिन्न निर्माण परियोजनाओं में शामिल निजी संस्थाओं द्वारा दिया गया था। उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (सीपीआरओ) हिमांशु शेखर उपाध्याय ने कहा, "उद्घाटन मालगाड़ी में 21 बीसीएन वैगन सीमेंट भरा गया था। लगभग 600 किलोमीटर की यह यात्रा आज 18 घंटे से भी कम समय में नवनिर्मित अनंतनाग गुड्स शेड पर समाप्त हुई। यह आयोजन विशेष रूप से इस सुविधा के लिए पहली बार सीमेंट लदान का प्रतीक है, जो कश्मीर क्षेत्र में रसद और आर्थिक विकास के एक नए युग का समर्थन करने के लिए इसकी तत्परता को दर्शाता है।" हिमांशु शेखर उपाध्याय ने बताया, "इस सीमेंट परिवहन के लिए गुरुवार रात करीब 11 बजे उत्तर रेलवे से अनुरोध किया गया था। इसके बाद रेक की व्यवस्था की गई और शुक्रवार शाम 6 बजे तक लोडिंग पूरी हो गई। ट्रेन शाम करीब 7 बजे पंजाब के रूपनगर स्थित जीएसीएल सुविधा केंद्र से रवाना हुई। मालगाड़ी को इलेक्ट्रिक WAG-9 इंजन से ढोया गया और शनिवार दोपहर करीब 12 बजे कश्मीर पहुँच गई।" अनंतनाग में मालगाड़ी का आना जम्मू-कश्मीर के व्यापारियों के लिए अच्छी खबर है। इससे घाटी में आने वाले माल की परिवहन लागत कम होगी, साथ ही यह कश्मीर के फल उद्योग, खासकर चेरी, स्ट्रॉबेरी और सेब की कुछ किस्मों जैसे कम समय तक खराब होने वाले फलों के लिए, एक बड़ा बदलाव साबित हो सकता है।   देश की दूसरी सबसे बड़ी फल मंडी, सोपोर फल मंडी के अध्यक्ष फैयाज अहमद मलिक ने कहा, "इससे फल उत्पादकों को फायदा होगा क्योंकि इससे परिवहन में लगने वाला समय और लागत दोनों कम हो जाएगी।" फिलहाल, दिल्ली तक फलों के एक डिब्बे की ढुलाई में 100 रुपये या उससे ज़्यादा का खर्च आता है। इस ट्रेन से हमें उम्मीद है कि यह घटकर 30 रुपये प्रति डिब्बा रह जाएगा। इसी तरह, हमें उम्मीद है कि परिवहन का समय भी 6 दिन से घटकर 30 घंटे रह जाएगा। हालांकि, मलिक ने कहा कि मालगाड़ी का लाभ फल उत्पादकों को तभी मिलेगा जब देश के विभिन्न फल मंडियों जैसे पश्चिम बंगाल, अहमदाबाद और पूर्वोत्तर के लिए सीधी ट्रेनें चलेंगी। यह मालगाड़ी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 6 जून को यूएसबीआरएल के 63 किलोमीटर लंबे कटरा-सांगलदान खंड का उद्घाटन करने और श्रीनगर तथा कटरा के बीच विशेष रूप से डिज़ाइन की गई वंदे भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखाने के दो महीने बाद कश्मीर आई है। इस परियोजना के पूरा होने के साथ ही कश्मीर को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने वाली एक परियोजना पूरी हो गई है। 272 किलोमीटर लंबी यूएसबीआरएल तीन भागों में विभाजित है – 25 किलोमीटर उधमपुर-कटरा, 111 किलोमीटर कटरा-बनिहाल और 136 किलोमीटर बनिहाल-बारामूला लाइन। जम्मू में दो खंड उधमपुर-कटरा और कश्मीर में बनिहाल-बारामूला का निर्माण उत्तर रेलवे द्वारा किया गया था, जो भारतीय रेलवे का सबसे बड़ा क्षेत्र है, और इसे तीन चरणों में चालू किया गया था – 2009 में 118 किलोमीटर काजीगुंड-बारामूला, 2013 में 18 किलोमीटर बनिहाल-काजीगुंड और 2014 में 25 किलोमीटर उधमपुर-कटरा।

Bhopal पुलिस ने मछली गैंग पर कसा शिकंजा, अब तक 15 गिरफ्तार और 50 से ज्यादा पूछताछ

भोपाल राजधानी में चर्चित हाई-प्रोफाइल ड्रग्स-हथियार तस्करी मामले में पुलिस ने यासीन मछली और शाहवर मछली के नेटवर्क की परत-दर-परत पोल खोल दी है। यह खुलासा न केवल ड्रग माफिया के काम करने के तरीके को उजागर करता है, बल्कि शहर के पार्टी कल्चर की उस अंधेरी सच्चाई को भी सामने लाता है, जहां नशा मौज-मस्ती से आगे बढ़कर संगठित अपराध का बड़ा जरिया बन चुका है। 15 की गिरफ्तारी, 50 से पूछताछ अब तक क्राइम ब्रांच यासीन के 15 करीबियों को गिरफ्तार कर चुकी है और 50 से अधिक लोगों से पूछताछ हो चुकी है। पूरे रैकेट का पर्दाफाश यासीन और शाहवर के मोबाइलों में मिली ड्रग चैट और फोटो से हुआ है। रिमांड के दौरान पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि इस रैकेट में 50 से ज्यादा लोग काम करते थे, जो दिल्ली और राजस्थान से माल लाकर भोपाल में सप्लाई करते थे। यासीन पब और क्लब में आने वाले युवाओं को टारगेट करता था। शुरुआत में उन्हें मुफ्त ड्रग दी जाती थी ताकि लत लग जाए, फिर महंगे दामों में ड्रग बेचे जाते थे।   अब तक ये 15 हुए गिरफ्तार गिरफ्तार आरोपियों में सोहेल खान, समीर उद्दीन, आशू उर्फ शाहरूख, सैफुद्दीन, यासीन उर्फ मिंटू उर्फ मछली, शाहवर मछली, जगजीत सिंह उर्फ जग्गा, अंशुल सिंह उर्फ भूरी, अंकित कहार, अमन दहिया, शुभम शर्मा, शकीर उर्फ छोटू, तौफीक निजामी, थाई महिला बेंचामत मून, नाइजीरियन नागरिक और चार अन्य शामिल हैं।

जंगल से गांव तक… कूनो के चीते पहुंचे मानपुर, कुत्ते और लोगों ने किया पीछा

श्योपुर मानपुर क्षेत्र के बालापुरा और काशीपुर गांवों में दो जंगली चीते खेतों, पगडंडियों और गांव की सड़कों पर टहलते दिखाई दिए। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस क्षेत्र में पहले कभी भी चीते नहीं देखे गए थे। वायरल हुए वीडियो में चीतों के पीछे एक कुत्ता और ग्रामीण हाथ में डंडा लिए नजर आ रहे हैं। जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम और ‘चीता मित्र’ गांवों में पहुंच गए हैं। चीता मित्र लगातार निगरानी कर रहे हैं और ग्रामीणों को सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दे रहे हैं। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि दोनों चीतों की लोकेशन पर ड्रोन और बीट गार्ड्स के जरिए नजर रखी जा रही है। यदि वे लंबे समय तक गांवों में ठहरते हैं, तो उन्हें सुरक्षित तरीके से वापस कूनो नेशनल पार्क के क्षेत्र में भेजा जाएगा।   ग्रामीणों से अपील चीतों से दूर रहें ग्रामीणों ने प्रशासन से सुरक्षा इंतजाम मजबूत करने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि खेतों में काम करने वाले किसानों और मजदूरों की सुरक्षा के लिए वन विभाग विशेष टीम तैनात करे। वन विभाग ने चेतावनी दी है कि कोई भी व्यक्ति चीतों के पास न जाए और न ही उन्हें फोटो खींचने के लिए उकसाए, क्योंकि इससे खतरा बढ़ सकता है। इसके पहले चीतों का एक वीडियो सामने आया था जिसमें वो बंधी हुई गाय के सामने ही उसके बछड़े का शिकार कर लेते हैं। वह कुछ देर तक वहीं रुककर उसे खाते हुए नजर आते हैं। चीता प्रोजेक्ट के तहत कूनो नेशनल पार्क में लाए गए चीते कई बार पार्क की सीमाओं को लांघकर गांवों में पहुंचे हैं। अब उनके किसी गांव में पहुंचाना आम हो गया है, लेकिन चीता मित्र लगातार उन पर निगाह रखकर ग्रामीणों को उनके लिए सतर्क करते रहते हैं।  

वीआईपी के लिए रोके गए दर्शन, कोर्ट ने मंदिर प्रबंधन पर लगाया ₹55 हजार का जुर्माना

भोपाल वीआईपी की वजह से भोपाल के एक परिवार को मध्य प्रदेश के मैहर में स्थित प्रसिद्ध शारदा माता मंदिर में दर्शन नहीं हो पाए थे। उन्होंने आवाज उठाई तो कर्मचारियों ने उन्हें अपमानित किया। इस परिवार ने मंदिर प्रबंधन की ओर से तय शुल्क देकर वाहन पार्किंग की थी। रोपवे का शुल्क दिया था। अब भोपाल के जिला उपभोक्ता आयोग ने इसे सेवा में कमी मानते हुए मंदिर प्रबंधन और रोपवे का संचालन करने वाली कंपनी को इस परिवार के लिए 55 हजार रुपये का हर्जाना अदा करने का निर्णय दिया है। भोपाल के बागमुगालिया स्थित अरविंद विहार निवासी ललित कुमार गुप्ता पत्नी, बच्चों और अन्य परिजनों के साथ चार साल पहले 2021 में मैहर में मां शारदा देवी के दर्शन करने गए थे। वहां उन्होंने 50 रुपये पार्किंग शुल्क दिया। मंदिर तक जाने के लिए रोपवे के लिए पांच टिकटों के लिए 130 रुपये प्रति टिकट की दर से 650 रुपये का भुगतान किया। उनका समूह लाइन में लगा रहा, लेकिन उनको दो घंटों के बाद भी दर्शन नहीं हो पाए।   पांच लाख रुपये की क्षतिपूर्ति मांगी थी इस बीच रोपवे प्रणाली के कर्मचारी बिना टिकट वाले वीआईपी लोगों को शीघ्र दर्शन कराकर ले आए। इस परिवार ने इस पर आपत्ति जताई तो उनके साथ रोपवे प्रणाली के कर्मचारियों ने दुर्व्यवहार किया। इससे आहत होकर उन्होंने 2022 में मां शारदा प्रबंधन समिति के अध्यक्ष और दामोदर रोपवे इंफ्रा लिमिटेड के खिलाफ याचिका दायर करके पांच लाख रुपये की क्षतिपूर्ति मांगी। भोपाल जिला उपभोक्ता आयोग की अध्यक्ष गिरिबाला सिंह, सदस्य अंजुम फिरोज व प्रीति मुद्गल की बैंच ने सुनवाई में इसे सेवा में कमी मानते हुए मंदिर प्रबंधन समिति और रोपवे का संचालन करने वाली कंपनी को परिवार को दर्शन से वंचित करने के लिए जिम्मेदार ठहराया। आयोग ने कहा- मंदिर में कोई भी भक्त खास या वीआईपी नहीं होता उपभोक्ता मामलों की अधिवक्ता संभावना राजपूत ने बताया कि प्रकरण में वीआईपी दर्शन की व्यवस्था ही आधार बनी है। जिला उपभोक्ता आयोग ने निर्णय में कहा कि किसी भी मंदिर में कोई भी भक्त खास या वीआइपी नहीं होता है। सभी को एक ही श्रेणी में रखकर लाइन में लगाकर मां शारदा का दर्शन कराने का नियम होना चाहिए। यदि कोई भक्त रोपवे से टिकट लेकर लाइन में लगा और दो घंटे बाद भी दर्शन नहीं हो पाए, वहीं दूसरों को विशेष श्रेणी का दर्जा देकर दर्शन कराया गया तो यह सेवा में कमी है। कलेक्टर ने खड़े कर दिए हाथ मामले में मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष के रूप में कलेक्टर को प्रतिवादी बनाया गया था। कलेक्टर का कहना था कि मंदिर प्रबंध समिति में दर्शन के काम के लिए दूसरे लोग तैनात हैं। वहीं रोपवे संचालक कंपनी ने अत्यधिक भीड़ को इसकी वजह बताई।

वर्ल्ड कप 2027 तक खेलेंगे रोहित शर्मा? बचपन के कोच ने खोला ODI रिटायरमेंट का राज

नई दिल्ली भारत की वनडे टीम के कप्तान रोहित शर्मा का भविष्य इस समय अधर में है, क्योंकि वे टी20 इंटरनेशनल और टेस्ट क्रिकेट से रिटायरमेंट ले चुके हैं। सिर्फ वनडे क्रिकेट वे खेलना जारी रखना चाहते हैं, लेकिन टीम मैनेजमेंट और युवा खिलाड़ी उनके लिए मुश्किलें पैदा कर रहे हैं। इस बीच उनके बचपन के कोच दिनेश लाड ने कहा है कि रोहित शर्मा का इस समय एक ही लक्ष्य है और वह है वनडे विश्व कप जीतना। इसके बाद वह वनडे इंटरनेशनल क्रिकेट को भी अलविदा कह देंगे। रोहित शर्मा ने टी20 विश्व कप के बाद टी20 क्रिकेट को छोड़ दिया था। इंग्लैंड के दौरे से पहले टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कह दिया था। भारत को दो आईसीसी ट्रॉफी जिता चुके कप्तान रोहित शर्मा के बचपन के कोच दिनेश लाड ने गौरव मंगलानी के पॉडकास्ट में कहा, “जब रोहित शर्मा ने टी20I से संन्यास लिया, तो उन्होंने टेस्ट और वनडे से संन्यास नहीं लिया, क्योंकि वह अभी भी WTC और वनडे विश्व कप जीतना चाहते थे, जो हम 2023 में हार गए। दुर्भाग्य से हम 2025 WTC फाइनल में नहीं पहुंच सके, इसलिए उन्होंने टेस्ट से भी संन्यास ले लिया। अब, उनका एकमात्र लक्ष्य वनडे खेलना और 2027 विश्व कप जीतना है, जिसके बाद वह संन्यास लेने की योजना बना रहे हैं।” हिटमैन के नाम से फेमस रोहित शर्मा हाल-फिलहाल में प्रोफेशनल क्रिकेट में नजर नहीं आएंगे। रोहित शर्मा और विराट कोहली सीधे अक्तूबर में ऑस्ट्रेलिया में खेली जाने वाली वनडे सीरीज में खेलेंगे, क्योंकि अगस्त में बांग्लादेश में होने वाली वनडे और टी20 सीरीज कैंसिल हो गई है। ऐसे में इंटरनेशनल क्रिकेट में उनको लौटने में वक्त लगेगा। विराट कोहली और रोहित शर्मा दोनों ने आखिरी बार इंटरनेशनल क्रिकेट चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के दौरान खेला था। भारत ने खिताबी मैच में न्यूजीलैंड को हराया था। लगातार दूसरा आईसीसी टाइटल भारत ने जीता था।  

मैनपुरी में शॉर्ट सर्किट से फैक्ट्री में भीषण आग, मशरूम प्लांट जलकर खाक

मैनपुरी  मैनपुरी के बेवर क्षेत्र के करपिया गांव में शनिवार देर रात सात मंजिला मशरूम प्लांट में भीषण आग लग गई। शॉर्ट सर्किट से लगी इस आग ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया, जिससे पूरे क्षेत्र में अफरातफरी मच गई। करोड़ों रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। सात मंजिला था मशरूम प्लांट कपिलमुनि कोल्ड स्टोर में करीब चार साल से कपिल मुनि एग्रो फूड्स के नाम से मशरूम प्लांट संचालित हो रहा था। यहां सात मंजिलों में करीब 700 ब्लॉक बनाए गए थे, जहां मशरूम उत्पादन किया जाता था। इसका संचालन मनोज कुमार सिंह बैस करते हैं। शनिवार रात करीब 12:30 बजे आग लगी, जिसकी जानकारी रविवार सुबह लगभग 5 बजे ग्रामीणों ने प्लांट से उठता धुआं देखकर दी।   पुलिस अधिकारी और दमकल मौके पर मौजूद सूचना पर एएसपी नगर अरुण कुमार सिंह, एसडीएम भोगांव संध्या शर्मा, सीओ सिटी संतोष कुमार सिंह पुलिस बल और दमकल विभाग के साथ मौके पर पहुंचे। शुरुआती प्रयासों के बावजूद आग पर काबू नहीं पाया जा सका। इसके बाद फर्रुखाबाद, कन्नौज, कानपुर और इटावा जिलों से दमकल की अतिरिक्त गाड़ियां बुलाई गईं। जलकर स्वाह हुआ पूरा प्लांट प्लांट स्वामी मनोज कुमार सिंह के अनुसार, आग में मशरूम के बैग और गोदाम में रखी पूरी सामग्री जलकर खाक हो गई। रक्षाबंधन के कारण उस समय मजदूर अवकाश पर थे, जिससे आग की सूचना समय से नहीं मिल पाई। दमकल टीमें लगातार आग पर काबू पाने की कोशिश कर रही हैं।  

‘आपके मुंह से निवाला छीन लिया’… आखिर नेवी चीफ से ऐसा क्यों बोले प्रधानमंत्री मोदी?

नई दिल्ली  7 से 10 मई के बीच चले ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय सेना, वायुसेना और नौसेना ने पाकिस्तान को कई मोर्चों पर करारा जवाब दिया। सेना प्रमुख जनरल उपेन्द्र द्विवेदी, वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह और नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश त्रिपाठी को राजनीतिक नेतृत्व से पूरी तरह “फ्री हैंड” मिला था, जिसके बल पर तीनों सेनाओं ने समन्वित और निर्णायक कार्रवाई की। इस पूरे ऑपरेशन के दौरान तीनों सेनाप्रमुखों के अंदाज तो अलग-अलग थे, लेकिन एक ही लक्ष्य था। एयर चीफ मार्शल सिंह के बारे में कहा जाता है कि वह एक बेबाक टेस्ट फाइटर पायलट हैं, जो जोखिम लेने से नहीं कतराते हैं। आर्मी चीफ जनरल द्विवेदी सैनिकों के बीच सबसे सहज, लेकिन जरूरत पड़ने पर बेहद सख्ती से पेश आते हैं। वहीं, एडमिरल त्रिपाठी 10 मई की सुबह कराची पोर्ट पर हमला करने के लिए तैयार थे, लेकिन पाकिस्तानी DGMO की शांति अपील के बाद वह रुक गए। हमने आपके मुंह से निवाला छीन लिया: PM मोदी 10 मई को राष्ट्रीय सुरक्षा बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, NSA अजीत डोभाल और CDS जनरल अनिल चौहान मौजूद थे। इस बैठक में तीनों सेनाओं के चीफ भी शामिल हुए थे। कराची पर नौसेना हमले के रुकने पर पीएम मोदी ने एडमिरल त्रिपाठी से मुस्कराते हुए कहा, ''हमने आपके मुंह से निवाला छीन लिया, आपको मौका फिर मिलेगा।” PM मोदी ने यह भी स्पष्ट किया कि अगर पाकिस्तान कराची हमले के जवाब में गुजरात पर मिसाइल दागता तो भी वे तैयार थे। ऑपरेशन में वायुसेना का करारा जवाब भारतीय वायुसेना चीफ ने बेंगलुरु में बताया कि 7–10 मई के बीच पाकिस्तान के 5 लड़ाकू विमान, एक बड़ा AEW&C या ELINT विमान को मार गिराया। 10 मई को रावलपिंडी के चकला एयरबेस पर C-130 हरक्यूलिस VVIP ट्रांसपोर्ट विमान वाला हैंगर तबाह हुआ, जैकबाबाद में जमीन पर खड़े 2 F-16 नष्ट हुए और नूर खान (चकला) एयरबेस पर हमले के बाद पाकिस्तानी उत्तरी वायु कमान अंधी हो गई।  315 किमी दूर से S-400 मिसाइल से एक AEW&C विमान को मार गिराया गया, जो आधुनिक युद्ध में अत्यंत दुर्लभ है। भारतीय सेना की M777 एक्सकैलिबर तोपों और युद्धक लूटेरिंग एम्युनिशन से पाकिस्तानी सैनिक LoC पर पोस्ट छोड़कर भाग गए। भारतीय नौसेना के भय से पाकिस्तानी नौसैनिक जहाज और पनडुब्बियां समुद्र में निकलने की बजाय ग्वादर बंदरगाह की ओर सिमट गईं। 10 मई को दोपहर भोलारी एयरबेस पर आखिरी ब्रह्मोस स्ट्राइक हुई, जिसके बाद सभी मिशन उद्देश्यों की पूर्ति हो गई। आलोचकों का मानना है कि अमेरिकी दबाव के कारण कार्रवाई रोकी गई, लेकिन सेना सूत्र इस मिशन को पूर्ण मानते हैं। सेना विश्लेषकों का मानना है कि पाकिस्तानी सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर के कार्यकाल में निकट भविष्य में फिर एक आतंकी हमला संभव है। इस बार संकेत साफ है। अगली बारी भारतीय नौसेना कार्रवाई करेगी।  

ChatGPT की टिप बनी मुसीबत, अस्पताल पहुंचा यूजर, जानें पूरा मामला

नई दिल्ली  अगर आप भी ChatGPT पर जरूरत से ज्यादा भरोसा करते हैं और AI चैटबॉट से फिटनेस टिप्स या डाइट प्लान लेते हैं, तो सावधान हो जाइए। AI से ली गई स्वास्थ्य संबंधी सलाह जान को खतरे में भी डाल सकती है। ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि चैटजीपीटी की सलाह ने एक शख्स को अस्पताल पहुंचा दिया है। एक रिपोर्ट की अनुसार, न्यूयॉर्क में एक 60 वर्षीय व्यक्ति को उस समय अस्पताल में भर्ती होना पड़ा, जब उसने ChatGPT द्वारा बताए गए भोजन से नमक कम करने के सख्त नियम का पालन किया। डॉक्टरों के अनुसार, उस व्यक्ति ने कई हफ्तों तक अपने आहार से सोडियम की मात्रा अचानक लगभग शून्य कर दिया, जिससे सोडियम का स्तर खतरनाक रूप से कम हो गया, जिसे हाइपोनेट्रेमिया कहा जाता है। उसके परिवार ने कहा कि उसने चिकित्सक से परामर्श किए बिना ही एआई जनरेटेड हेल्थ प्लान पर भरोसा किया। हाल ही में अमेरिकन कॉलेज ऑफ फिजिशियन जर्नल में पब्लिश यह मामला, प्रोफेशनल निगरानी के बिना एआई जनरेटेड हेल्थ एडवाइज को फॉलो करने के जोखिमों को उजागर करता है, खासकर जब इसमें सोडियम जैसे जरूरी पोषक तत्व शामिल हों। राहत की बात यह है कि अस्पताल में करीब तीन हफ्ते बिताने के बाद वह व्यक्ति ठीक हो गया। लेकिन इस मामले में चैटजीपीटी की विश्वसनीयता पर सवाल जरूर खड़ा कर दिया है। चैटजीपीटी की सलाह खतरनाक साबित हुई टीओआई की रिपोर्ट के अनुसार, उस व्यक्ति ने चैटजीपीट से पूछा कि अपने आहार से सोडियम क्लोराइड (जिसे आमतौर पर टेबल सॉल्ट कहा जाता है) को कैसे हटाया जाए। AI टूल ने एक विकल्प के रूप में सोडियम ब्रोमाइड का सुझाव दिया, जो 20वीं सदी की शुरुआत में दवाओं में इस्तेमाल होने वाला एक कंपाउंड था, लेकिन अब इसे ज्यादा मात्रा में टॉक्सिक माना जाता है। इस सलाह पर अमल करते हुए, उस व्यक्ति ने ऑनलाइन सोडियम ब्रोमाइड खरीदा और तीन महीने तक अपने खाना पकाने में इसका इस्तेमाल किया। मानसिक या शारीरिक बीमारी की कोई प्रीवियस हिस्ट्री न होने के कारण, उस व्यक्ति को मतिभ्रम, पैरानॉया (Paranoia) और अत्यधिक प्यास लगने लगी। अस्पताल में भर्ती होने पर, वह भ्रमित दिखाई दिया और दूषित होने के डर से पानी भी लेने से मना कर दिया। डॉक्टरों ने उसे ब्रोमाइड टॉक्सिसिटी से पीड़ित पाया, एक ऐसी स्थिति जो अब लगभग अनसुनी है, लेकिन कभी चिंता, अनिद्रा और अन्य बीमारियों के लिए ब्रोमाइड निर्धारित करते समय आम थी। उसमें तंत्रिका संबंधी लक्षण, त्वचा पर मुंहासे जैसे दाने और लाल धब्बे भी दिखाई दिए, जो ब्रोमिज्म के लक्षण हैं। अस्पताल में उपचार का मुख्य उद्देश्य रीहाइड्रेशन और इलेक्ट्रोलाइट का संतुलन बहाल करना था। तीन हफ्तों के दौरान, उस व्यक्ति की हालत में धीरे-धीरे सुधार हुआ, और सोडियम और क्लोराइड का स्तर नॉर्मल होने पर उसे छुट्टी दे दी गई। कंपनी ने अपनी शर्तों में यह साफ लिखा है केस स्टडी के लेखकों ने एआई टूल्स से स्वास्थ्य संबंधी गलत सूचनाओं के बढ़ते जोखिम पर जोर दिया। रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है, "यह ध्यान रखना जरूरी है कि चैटजीपीटी और अन्य एआई सिस्टम वैज्ञानिक अशुद्धियां उत्पन्न कर सकते हैं, परिणामों पर गंभीरता से चर्चा नहीं कर सकते, और अंततः गलत सूचनाओं के प्रसार को बढ़ावा दे सकते हैं।" चैटजीपीटी के डेवलपर, ओपनएआई ने इसे इस्तेमाल करने की शर्तों में स्पष्ट रूप से कहा है: "आपको हमारी सर्विसेस से प्राप्त आउटपुट को सत्य या तथ्यात्मक जानकारी के एकमात्र स्रोत के रूप में, या पेशेवर सलाह के विकल्प के रूप में नहीं मानना चाहिए।" शर्तों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यह सर्विस चिकित्सा स्थितियों के निदान या उपचार के लिए नहीं है। विशेषज्ञों का कहना है कि एआई टूल सामान्य जानकारी के लिए फायदेमंद हो सकते हैं, लेकिन इन्हें कभी भी पेशेवर परामर्श का स्थान नहीं लेना चाहिए। जैसे-जैसे एआई का उपयोग बढ़ रहा है, वैसे-वैसे यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी भी बढ़ रही है कि इसके परिणाम सटीक, सुरक्षित और लोगों द्वारा स्पष्ट रूप से समझे जाएं।  

हाईवे के अवैध कटों पर होगी सख्त कार्रवाई, रोड एक्सीडेंट की घटनाएं घटेंगी

जबलपुर हाइवे पर ढाबा, होटल, पेट्रोल पंप के आसपास डिवाइडरों के अवैध कट में कहीं से भी बाइक, कार, ई रिक्शा, ऑटो दुर्घटना का कारण बन रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट की ओर से गठित रोड सेफ्टी कमेटी इन अवैध कट की हकीकत देख चुकी है। कमेटी के निर्देश पर अब एनएचएआई हाईवे पर डिवाईडर के सभी अवैध कट बंद करेगी। दो दिन में लखनादौन से धूमा मार्ग पर 6 अवैध कट बंद किए गए हैं। इस सम्बंध में सुप्रीम कोर्ट की रोड सेफ्टी कमेटी एनएचएआई, पीडब्ल्यूडी, एमपीआरडीसी, नगर निगम व अन्य निर्माण एजेंसी के अधिकारियों, तकनीकी टीम, जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक करेगी। कुम्भ के दौरान हुए थे सर्वाधिक एक्सीडेंट प्रयागराज में कुंभ के दौरान जबलपुर-नागपुर हाईवे, जबलपुर-कटनी हाईवे पर बड़ी संख्या में सडक़ दुर्घटनाएं हुई थीं। सिहोरा में हुई तीन बड़ी दुर्घटनाओं में 15 के लगभग लोगों को मौत हो गई थी। जिले में उस दौरान एक महीने के अंदर 20 के लगभग बड़ी सडक़ दुर्घटना हुई थीं। जिनमें 35 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी। इन सडक़ दुर्घटनाओं में ज्यादातर का कारण हाईवे के डिवाइडर में ढाबा, होटल व अन्य प्रतिष्ठानों की ओर से लगा दिए गए कट थे। एनएचएआई की टीम ने हाईवे पर डिवाइडर के 50 के लगभग कट बंद कर दिए थे, जो कट छूट गए थे उन्हें अब बंद किया जा रहा है। हाईवे पर डिवाइडर में जो कट बचे हुए हैं उन्हें बंद किया जा रहा है। तैयारी इस तरह की है कि एक सप्ताह में सभी बचे हुए कट बंद कर लिए जाएंगे।- अमृतलाल साहू, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एनएचएआई गोसलपुर, गांधी ग्राम की ओर भी हाईवे पर डिवाइडर में कई अवैध कट हैं, ये ही हाल पनागर छोर पर भी है। एनएचएआई ने हाईवे पर डिवाइडर के कई अवैध कट हैं। एनएचएआई ने एक सप्ताह में 15 अगस्त तक इन अवैध कट को बंद करने का निर्णय लिया है।

इंदौर के लिए 737 करोड़ का केबल कार प्रोजेक्ट मंजूर, दिल्ली को प्रस्ताव सौंपा गया

इंदौर इंदौर में केबल कार से सफर करने का सपना जल्द हकीकत बन सकता है। इंदौर विकास प्राधिकरण (IDA) द्वारा कराए गए फिजिबिलिटी सर्वे की रिपोर्ट नेशनल हाइवे लॉजिस्टिक मैनेजमेंट लिमिटेड (NHLML) को सौंप दी गई है। NHLML ने इस प्रस्ताव को सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय, दिल्ली को अनुमोदन और बजट आवंटन के लिए भेज दिया है। परियोजना की मुख्य बातें कुल लागत: करीब 737 करोड़ रुपये कुल लंबाई: 11 किमी (दो रूट) शुरुआत: 2028 से अनुमानित यात्री: 2028 में प्रतिदिन 29,900, 2068 तक 1.95 लाख पहला रूट: चंदन नगर से शिवाजी वाटिका (6.24 किमी) लागत: 369.32 करोड़ रुपये स्टेशन: चंदन नगर, लाबरिया भेरू, यशवंत निवास रोड गुरुद्वारा, सरवटे, शिवाजी वाटिका यात्री अनुमान (2028): 11,700 प्रतिदिन दूसरा रूट: रेलवे स्टेशन से विजय नगर (4.7 किमी) लागत: 367.68 करोड़ रुपये स्टेशन: रेलवे स्टेशन, मालवा मिल, पाटनीपुरा, विजय नगर यात्री अनुमान (2028): 18,200 प्रतिदिन भविष्य का यात्री अनुमान     2038: 47,400 प्रतिदिन     2048: 78,200 प्रतिदिन     2068: 1.95 लाख प्रतिदिन सेक्शन विवरण     चंदन नगर – शिवाजी वाटिका: 3 सेक्शन (1.74 किमी, 1.93 किमी, 2.59 किमी)     रेलवे स्टेशन – विजय नगर: 2 सेक्शन (2.08 किमी, 2.62 किमी)