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भोपाल की यूनिवर्सिटी में तैनात होगी पासपोर्ट वैन, घर के पास ही बनेगा पासपोर्ट

भोपाल मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (MANIT), भोपाल के छात्रों, स्टाफ और आम नागरिकों के लिए पासपोर्ट बनवाना अब और आसान हो गया है। क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय, भोपाल की ओर से पासपोर्ट सेवा प्रोजेक्ट (पीएसपी) वैन को मैनिट कैंपस में तैनात किया जा रहा है। यह वैन मैनिट के फैकल्टी गेस्ट हाउस परिसर में एक महीने के लिए अपनी सेवाएं देगी। समय और यात्रा खर्च की होगी बचत जरूरत और जन सहभागिता के आधार पर इसकी अवधि आगे बढ़ाई जा सकती है। इस सेवा का लाभ छात्रों, संस्थान के कर्मचारियों के साथ आम जनता भी ले सकेगी। इस पहल का उद्देश्य छात्रों को इंटर्नशिप, उच्च शिक्षा या विदेश में रोजगार जैसे भविष्य के अवसरों के लिए पासपोर्ट संबंधी औपचारिकताएं आसानी से पूरी करने में मदद करना है। साथ ही, इससे समय और यात्रा खर्च की भी बचत होगी।    मैनिट प्रशासन ने की अपील मैनिट प्रशासन ने सभी छात्रों, शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों से इस सुविधा का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की है। अधिक जानकारी के लिए क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय, भोपाल द्वारा जारी पत्र को देखा जा सकता है। यह सुविधा शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन संचालित राष्ट्रीय महत्व के संस्थान मैनिट में दी जा रही है।

2019 में देश में मधुमेह की बढ़ती संख्या, 45+ आयु वर्ग में हर पांचवां प्रभावित

नई दिल्ली भारत में 2019 में 45 वर्ष और उससे अधिक आयु का लगभग हर पांचवां व्यक्ति मधुमेह से पीड़ित था और हर पांच में से दो व्यक्तियों को अपने स्वास्थ्य संबंधी इस स्थिति के बारे में संभवतः पता ही नहीं था। भारत के वयस्कों पर किए गए एक अध्ययन के आंकड़ों में यह जानकारी दी गई। 'द लांसेट ग्लोबल हेल्थ' में प्रकाशित निष्कर्षों से यह भी पता चलता है कि जैसे-जैसे देश की आबादी तेजी से वृद्ध होती जाएगी, मध्यम आयु वर्ग और वृद्धों में मधुमेह के मामले बढ़ेंगे। यह शोध करने वालों में मुंबई और अमेरिका के अंतरराष्ट्रीय जनसंख्या विज्ञान संस्थान के शोधकर्ता भी शामिल थे। उन्होंने पाया कि मधुमेह को लेकर जागरुक 46 प्रतिशत लोगों ने रक्त शर्करा के स्तर पर नियंत्रण पा लिया और लगभग 60 प्रतिशत लोग उसी वर्ष अपने रक्तचाप को नियंत्रित करने में सक्षम रहे। शोधकर्ताओं की टीम ने बताया कि छह प्रतिशत लोगों ने हृदय संबंधी रोग के जोखिम को कम करने के लिए 'लिपिड' नियंत्रित करने वाली दवा ली। 'लान्गिटूडनल एजिंग स्टडी इन इंडिया' शीर्षक वाले इस अध्ययन के तहत 2017 से 2019 के दौरान 45 वर्ष और उससे अधिक आयु के लगभग 60,000 वयस्कों का सर्वेक्षण किया गया। अध्ययन में पाया गया कि चयापचय संबंधी समस्या (लगभग 20 प्रतिशत) पुरुषों और महिलाओं में समान थी और शहरी क्षेत्रों में यह ग्रामीण क्षेत्रों की तुलना में दोगुनी थी। शोधकर्ताओं ने कहा कि इसके अलावा, जो राज्य आर्थिक रूप से अधिक विकसित थे, उनमें मधुमेह के मामले अधिक रहे। उन्होंने कहा, ''हमारा अध्ययन भारत में मध्यम आयु वर्ग और वृद्ध वयस्कों में 'ग्लाइकेटिड हीमोग्लोबिन' सांद्रता का उपयोग करके मधुमेह को नियंत्रित करने, इसका उपचार करने, इसकी व्यापकता का पता लगाने, इसे लेकर जागरूकता फैलाने के लिए राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर अद्यतन आंकड़े मुहैया कराता है।'' टीम ने पाया, ''45 वर्ष और उससे अधिक आयु के लगभग हर पांच में से एक व्यक्ति को मधुमेह था।' परिणाम बताते हैं कि ''आने वाले वर्षों में मधुमेह से पीड़ित मध्य आयु वर्ग और वृद्ध वयस्कों की कुल संख्या बढ़ेगी, भले ही आयु-विशिष्ट मधुमेह के प्रसार में वृद्धि को रोका जा सके।''  

भोपाल में हमीदिया अस्पताल, स्कूल और कॉलेज के नाम बदलने की तैयारी तेज

भोपाल  मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के अलग-अलग स्थानों के नाम को बदलने की प्रक्रिया तेज हो गई है। निगम की बैठक में नाम को बदलने की प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद अब इस सरकार को भेजा जा रहा है। निगम के प्रस्ताव के बाद अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने प्रस्ताव कमिश्नर हरेंद्र नारायण को भेज दिया है। अब वह इस प्रस्ताव को शासन को भेजने की तैयारी कर रहे हैं। आपको बता दें कि भोपाल में कुछ स्थानों के नाम बदलने की प्रक्रिया चल रही है इनमें हमीदिया अस्पताल , कॉलेज और स्कूल के नाम को बदल जाना है। दरअसल, शहर में नाम को बदलने के लिए पहला प्रयास नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने किया था। उन्होंने जून महीने में मुख्यमंत्री को पत्र लिखा था और भोपाल के नवाब हमीदुल्लाह के नाम से संचालित हमीदिया अस्पताल, स्कूल और कॉलेज का नाम बदलकर राष्ट्र भक्तों के नाम पर किए जाने की अपील की थी। स्कूल, अस्पताल के नाम बदलने का प्रस्ताव इससे पहले भोपाल में कुछ स्थानों के नाम बदले गए हैं। सितंबर 2023 में हमीदिया रोड का नाम बदलकर गुरु नानक मार्ग किया गया था। यह कार्य नगर निगम द्वारा कर दिया गया था। लेकिन स्कूल, कॉलेज और अन्य स्थानों के नाम बदलने का अधिकार नगर निगम को नहीं है। इसीलिए नगर निगम ने प्रस्ताव पास करवाया है और इसे नगर निगम कमिश्नर को भेज दिया है। नगर निगम की बैठक में मिली मंजूरी 24 जुलाई को नगर निगम परिषद की बैठक हुई थी। इसमें भाजपा पार्षद देवेंद्र भार्गव ने नाम बदलने का प्रस्ताव रखा था। तब इसके बाद जमकर हंगामा हुआ था। निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने कहा था कि नवाब हमीदुल्लाह गद्दार थे, उनका आरोप था कि नवाब ने भारत के आजाद होने के बाद भी 2 साल तक भोपाल रियासत का विलय नहीं होने दिया। वे इसे पाकिस्तान में शामिल कराना चाहते थे। वहीं, कांग्रेस ने आरोप पर पलटवार करते हुए कहा था कि यह निर्णय दुर्भाग्यपूर्ण है। इतिहास गवाह है कि नवाब हमीदुल्लाह ने इन संस्थान की स्थापना के लिए अपने निजी संपत्ति दान में दी थी।

पहली बार इंदौर से नवी मुंबई की उड़ान, विंटर शेड्यूल में होगी शुरुआत

इंदौर  इंदौर एयरपोर्ट पर 26 अक्टूबर से 28 मार्च विंटर शेड्यूल लागू होगा। इस दौरान इंदौर को कुछ नए शहरों की एयर कनेक्टिविटी मिलेगी। इंदौर से मुंबई के लिए कई उड़ानें हैं, लेकिन नई उड़ान नवी मुंबई के लिए शुरू होगी। नवी मुबंई में नया इंटरनेश्नल एयरपोर्ट तैयार हो रहा है। जल्दी ही वहां से उड़ानों का संचालन शुरू होगा। इंदौर से नवी मुंबई जाने वाले यात्रियों को कनेक्टिंग फ्लाइट लेने में इस नए एयरपोर्ट से आसानी होगी। कई अंतर्राष्ट्रीय उड़ाने नवी मुंबई एयरपोर्ट से संचालित होगी। इंदौर से रीवा के लिए के लिए भी उड़ान सेवा शुरू होगी। रीवा के लिए पहली बार इंदौर से उड़ान शुरू होगी। पहले बंद हो चुकी नासिक, जम्मू, उदयपुर उड़ान भी शुरू हो सकती है।विंटर शेड्यूल के दौरान नई उड़ान शुरू करने के लिए एयरलाइंस डायरेक्टर जनरल आफ सिविल एविएशन के साथ एयरपोर्ट प्रबंधन से भी अनुमति लेता है। नवी मुंबई और रीवा की उड़ान की अनुमति की प्रक्रिया एयरलाइंस कंपनियों ने की थी। दोनो नई उड़ानों के लिए दोनों एयरपोर्ट से अनुमति मिल चुकी है। अब कंपनियां उड़ानों को शेड्यूल कर उसकी जानकारी एयरपोर्ट को देगी। आपको बता दें कि इंदौर से फिलहाल 84 उड़ानों का संचालन किया जा रहा है। इंदौर से सबसे ज्यादा उड़ानें दिल्ली, मुंबई, बेंगलरु शहर के लिए है। अक्टूबर में इंदौर से गोवा के लिए भी नई उड़ान शुरू होगी। फिलहाल इंदौर से अंतर्राष्ट्री उड़ान सिर्फ एक ही संचालित होती है। इंदौर से शारजाह के एक फ्लाइट है।

महाराष्ट्र चुनाव से पहले दो नेताओं का भरोसा, शरद पवार बोले- 160 सीटें हमारी पक्की जीत

मुंबई  एनसीपी (एसपी) प्रमुख शरद पवार ने महाराष्ट्र में हुए विधानसभा चुनाव को लेकर शनिवार को बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि 2024 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से पहले दो व्यक्तियों ने नई दिल्ली में उनसे मुलाकात की थी। उन्होंने 288 में से 160 निर्वाचन क्षेत्रों में विपक्ष की जीत की गारंटी दी थी। नागपुर में संवाददाताओं को संबोधित करते हुए पवार ने कहा कि उन्होंने दोनों व्यक्तियों को विपक्ष के नेता राहुल गांधी से मिलवाया। शरद पवार ने यह खुलासा ऐसे समय में किया है, जब राहुल ने भाजपा और निर्वाचन आयोग पर वोट चोरी का आरोप लगाया है। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने दावा किया, ‘महाराष्ट्र में 2024 के विधानसभा चुनाव से पहले नई दिल्ली में दो लोग मुझसे मिले थे। उन्होंने विपक्ष (महा विकास आघाडी) को 288 में से 160 सीटें जीतने में मदद की गारंटी दी।’ एनसीपी (एसपी) प्रमुख ने कहा, ‘मैंने उन्हें राहुल गांधी से मिलवाया। उन्होंने उन दोनों व्यक्तियों ने जो कुछ भी कहा, उसे नजरअंदाज कर दिया। उनका यह भी मानना था कि हमें ऐसे मामलों में नहीं पड़ना चाहिए और सीधे जनता के पास जाना चाहिए।’ भाजपा ने विधानसभा चुनावों में 132 सीटें जीतीं शरद पवार ने दावा किया कि चूंकि दोनों व्यक्तियों ने जो कुछ भी कहा, उसे उन्होंने बहुत तवज्जो नहीं दी। इसलिए उन्होंने उनका नाम और संपर्क ब्योरा नहीं रखा। मालूम हो कि भाजपा ने विधानसभा चुनावों में 132 सीटें जीतीं, जबकि उसकी सहयोगी शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) ने क्रमशः 57 और 41 निर्वाचन क्षेत्रों में जीत दर्ज की। विपक्षी गठबबंधन ‘महा विकास आघाडी’ ने अपनी हार के लिए ईवीएम में गड़बड़ी और डेटा में छेड़छाड़ को जिम्मेदार ठहराया था। महा विकास आघाडी ने 2024 के लोकसभा चुनाव में राज्य की 48 में से 30 लोकसभा सीट पर जीत दर्ज की थी।  

पुलिस के खिलाफ हमले से ममता को भी सुरक्षा में लेना पड़ा, भाजपा नेता ने जताई कड़ी नाराजगी

कोलकाता पश्चिम बंगाल में पुलिस ने भाजपा के नाबन्ना अभियान रैली पर लाठी चार्ज कर दिया। इससे भाजपा नेता भड़क उठे हैं। भाजपा नेता अशोक डिंडा ने कहा कि अब वह दिन दूर नहीं है जब पुलिस की भी पिटाई होगी। इन लोगों की बहुत धुलाई होने वाली है। उन्होंने कहा कि हमें बस एक बार भाजपा से इसके लिए आदेश मिल जाए। हम पुलिसवालों को इतना मारेंगे कि उन्हें ममता बनर्जी के आंचल में जाकर छिपना पड़ेगा। गौरतलब है कि आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल बलात्कार-हत्याकांड के एक साल पूरे होने के उपलक्ष्य में ‘नबन्ना अभियान’ रैली का आयोजन किया गया है। ममता बनर्जी डर गई हैं नाबन्ना अभियान रैली के दौरान भाजपा विधायक अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि ममता बनर्जी डर गई हैं। इसलिए पुलिस द्वारा जनता पर लाठीचार्ज करवा रही हैं। कोर्ट के आदेश से हम यहां रैली कर रहे हैं। हम सब पर हमला हुआ है जनता इसका जवाब 2026 में देगी। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी डर गई हैं…आज अभया को एक साल हो गया है, लेकिन न्याय नहीं मिला है। यह रैली ममता बनर्जी के खिलाफ है। उन्होंने सारे सबूत मिटा दिए। हम उनके इस्तीफे की मांग करते हैं। बंगाल से जाने वाली हैं ममता वहीं, पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि ममता बनर्जी बंगाल से जाने वाली हैं। पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि वह (ममता बनर्जी) विनीत कुमार गोयल (कोलकाता के पूर्व पुलिस आयुक्त) और डॉ. संदीप घोष (आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के पूर्व प्राचार्य) को बचा रही हैं…उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए। नहीं तो 8 महीने बाद बंगाल की जनता उनका यहां से सफाया कर देगी। आरजी कर घटना की बरसी पर पश्चिम बंगाल सचिवालय की ओर मार्च करते हुए प्रदर्शनकारियों ने हावड़ा में पुलिस अवरोधक तोड़ने की कोशिश की। सचिवालय की ओर मार्च के दौरान घेरे को तोड़ने की कोशिश कर रहे प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया। वहीं, पुलिस द्वारा रोके जाने पर भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी, अग्निमित्रा पॉल धरने पर बैठे गए।  

हवाई क्षेत्र बंद होने से पाकिस्तान को हुआ 4.1 अरब रुपये का नुकसान, भारतीय विमान unaffected

इस्लामाबाद भारतीय एयरलाइंस के लिए अपना हवाई क्षेत्र बंद करने के बाद पाकिस्तान को 4.1 अरब रुपये का नुकसान झेलना पड़ा है। यह जानकारी पाकिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने नेशनल असेंबली में दी। पाक सरकार ने बताया कि यह घाटा 24 अप्रैल से 30 जून तक का है। यानी पाकिस्तान हवाई अड्डा प्राधिकरण को इससे भी बड़ा नुकसान हुआ है जो अभी भी जारी है क्योंकि पड़ोसी देश ने भारतीय एयरलाइंस के लिए अपना हवाई क्षेत्र अभी भी नहीं खोला है। पाकिस्तानी रक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह कदम भारत द्वारा 23 अप्रैल को सिंधु जल संधि को निलंबित करने के जवाब में उठाया गया था। पाकिस्तान ने भारतीय पंजीकृत विमानों और भारतीय एयरलाइंस द्वारा संचालित, स्वामित्व वाले या लीज पर लिए गए विमानों को अपने हवाई क्षेत्र में उड़ान भरने की अनुमति रद्द कर दी। हवाई क्षेत्र पर प्रतिबंध लगाने से प्रतिदिन 100 से 150 भारतीय उड़ानों पर असर पड़ा, जिसके चलते पाकिस्तान के हवाई यातायात में लगभग 20% की कमी आई। पाक रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने नेशनल असेंबली में कहा कि इस प्रतिबंध से आर्थिक नुकसान हुआ, लेकिन राष्ट्रीय सुरक्षा और संप्रभुता को प्राथमिकता दी गई। उन्होंने कहा, "जब बात संप्रभुता और रक्षा की हो, तो कोई भी कीमत बड़ी नहीं होती।" "अनुमानित 8.5 अरब रुपये के आंकड़े से काफी कम" रक्षा मंत्रालय ने बताया कि यह नुकसान 4.1 अरब रुपये का है, जो पहले अनुमानित 8.5 अरब रुपये के आंकड़े से काफी कम है। इससे पहले, 2019 में भी इसी तरह के तनाव के दौरान हवाई क्षेत्र बंद करने से पाकिस्तान को 7.6 अरब रुपये का नुकसान हुआ था। मंत्रालय ने यह भी कहा किया कि 2019 में औसत दैनिक ओवरफ्लाइट राजस्व 508,000 डॉलर था, जो 2025 में बढ़कर 760,000 डॉलर हो गया। पाकिस्तान ने अपनी नीति का बचाव करते हुए कहा कि हवाई क्षेत्र को बंद करने का निर्णय नोटिस टू एयरमेन (NOTAM) के माध्यम से लिया गया, जो केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र में आता है। मंत्रालय ने जोर देकर कहा कि यह कदम नागरिकों की सुरक्षा, बुनियादी ढांचे की रक्षा और सैन्य योजना को सक्षम करने के लिए उठाया गया था। भारतीय विमानों से पैसे कैसे कमाता था पाक? पाकिस्तान एयरपोर्ट्स अथॉरिटी की कमाई मुख्य रूप से हवाई क्षेत्र के उपयोग से होती है। जब कोई विमान पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र से गुजरता है, तो एयरलाइंस को इसके लिए एक शुल्क देना पड़ता है, जिसे ओवरफ्लाइंग चार्ज या नेविगेशन फीस कहते हैं। यह फीस विमान के प्रकार, उड़ान की दूरी और हवाई क्षेत्र के उपयोग के आधार पर तय होता है। PAA इस शुल्क को इकट्ठा करती है, जो उसकी आय का एक बड़ा हिस्सा है। जब पाकिस्तान ने भारतीय एयरलाइंस के लिए अपने हवाई क्षेत्र पर प्रतिबंध लगाया, तो रोजाना 100-150 उड़ानों से मिलने वाला यह शुल्क रुक गया। इससे PAA को 4.1 अरब रुपये का नुकसान हुआ, क्योंकि भारतीय विमानों को लंबे रास्तों से जाना पड़ा और वे पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र का उपयोग नहीं कर सके। इसके अलावा, PAA की कमाई हवाई अड्डों पर दी जाने वाली सेवाओं, जैसे लैंडिंग फीस, पार्किंग शुल्क, और अन्य सुविधाओं से भी होती है। लेकिन इस मामले में नुकसान का मुख्य कारण ओवरफ्लाइंग शुल्क की कमी थी। फिलहाल पाकिस्तान का हवाई क्षेत्र भारतीय एयरलाइंस के लिए अभी भी बंद बना हुआ है, और यह प्रतिबंध कम से कम अगस्त के अंत तक लागू रहेगा। इसके जवाब में, भारत ने भी पाकिस्तानी एयरलाइंस के लिए अपने हवाई क्षेत्र को बंद रखा है।  

यूपी में गंगा का कहर बरपा, खतरे के निशान से ऊपर पानी, प्रभावित हुए दर्जनों गांव

बुलंदशहर पहाड़ों में भूस्खलन, बादल फटने व यूपी के कई हिस्सों में भारी बारिश के कारण गंगा ने रौद्र रूप धारण कर लिया है। कई जिलों में नदी का पानी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। बुलंदशहर के नरौरा बैराज पर शनिवार को गंगा में खतरे के निशान से ऊपर 2 लाख 81 हजार 676 क्यूसेक प्रति सेकंड का बहाव है। जबकि समुद्र तल से खतरे का जलस्तर 179.14 मीटर पर है। वहीं, मुरादाबाद गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से गुन्नौर क्षेत्र के बबराला घाट, राजघाट और नरौरा गंगा बैराज पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। यूपी में बारिश ने कई जिलों में आफत ला दी है। गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से सैकड़ों गांवों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। मुरादाबाद में गंगा किनारे बसे रघुपुर पुख्ता, मेगरा, नरुपुरा, शालिग की मढैया, मैदावली, तोतापुर, बझागी सहित दर्जनों गांवों में गंगा का पानी किनारे तक पहुंच चुका है। यदि जल स्तर यूं ही बढ़ता रहा तो गांवों में कटान और बाढ़ की स्थिति बन सकती है। प्रशासन ने भले ही स्थिति नियंत्रण में बताई हो, लेकिन ग्रामीणों में खौफ है और लोग सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन की तैयारी में हैं। गंगा में उफान से बुलंदशहर जिले के गंगा किनारे ग्रामों की खादर की फसलें जलमग्न हो गई हैं। खादर में बाढ़ के खतरे को देख प्रशासन ने ग्रामीणों को गंगा किनारे जाने से मना किया है। बाढ़ चौकियों पर राजस्व विभाग के कर्मचारियों की तैनाती कर प्रशासन गंगा के बढ़ते जलस्तर पर नजर रख रहा है। पिछले एक हफ्ते से गंगा में लगातार जलस्तर बढ़ रहा है। गत बुधवार को हरिद्वार और बिजनौर गंगा बैराज से 3 लाख से भी अधिक जल की निकासी दर्ज की गई थी जिसके चलते नरौरा में शुक्रवार रात 12 बजे गंगा ने खतरे का निशान पार कर दिया। बदायूं के तीन तहसीलों के 36 गांव बाढ़ की चपेट में गंगा एवं रामगंगा नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि के चलते बाढ़ बदायूं के तीन तहसीलों के 36 गांव बाढ़ की चपेट में आ गये हैं, इनमें उसहैत क्षेत्र के आठ गांवों में अंदर तक पानी पहुंच गया है। सहसवान के भी पांच गांवों में बाढ़ का पानी पहुंच गया है। रामगंगा नदी के जलस्तर में वृद्धि से हजरतपुर-गढ़िया रंगीन मार्ग के ऊपर से पानी चल रहा है। नरौरा, बिजनौर, हरिद्वार से डिस्चार्ज बढ़ने के चलते लगातार गंगा नदी में उफान बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार के लिए गंगा नदी में जलस्तर खतरे के निशान से 27 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गये। इससे जो गांव बाढ़ से दूर थे, उनमें भी पानी पहुंच गया है। गंगा नदी में आयी बाढ़ के चलते सदर, सहसवान, दातागंज तहसील के कुल 36 गांव प्रभावित हैं, इन गांवों के लोग इन दिनों समस्याओं का दंश झेल रहे हैं। जिन गांवों में बाढ़ का पानी भर गया है, उन गांवों के लोगों ने सुरक्षित स्थानों पर शरण लेना शुरू कर दी है।  

दिल्ली अस्पताल में आग लगने से हड़कंप, एक कर्मचारी की मौत, मरीजों को शीशे तोड़कर सुरक्षित निकाला गया

नई दिल्ली  रक्षाबंधन के दिन दिल्ली के आनंद विहार स्थित कॉस्मॉस (KOSMOS) हॉस्पिटल में शनिवार दोपहर अचानक आग लग गई, जिससे अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई। आग की चपेट में कुछ ऑक्सीजन सिलेंडर भी आ गए, जिससे स्थिति और भी गंभीर हो गई। हालांकि, समय रहते दिल्ली फायर ब्रिगेड की टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और मरीजों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया। इस दौरान एक हाउसकीपिंग स्टाफ की मौत हो गई, जबकि चार लोग बेहोश हो गए। हादसे के कारणों की जांच जारी है। शार्ट सर्किट से लगी भीषण आग स्थानीय सूत्रों और अस्पताल स्टाफ के अनुसार, आग शार्ट सर्किट के कारण लगी थी। इसके बाद हॉस्पिटल में दो से तीन ऑक्सीजन सिलेंडरों में ब्लास्ट हुआ, जिसने स्थिति को और भी गंभीर बना दिया। दिल्ली फायर ब्रिगेड की तीन फायर टेंडर टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। उन्होंने धुआं भर जाने के कारण फूटे हुए शीशों के रास्ते मरीजों को निकाला और उन्हें पुष्पांजलि हॉस्पिटल में शिफ्ट किया गया। एक हाउसकीपिंग स्टाफ की मौत, चार लोग बेहोश आग लगने के दौरान हॉस्पिटल के हाउसकीपिंग स्टाफ अमित ने खुद को एक स्टोर रूम में बंद कर लिया था। दम घुटने के कारण उसकी मौत हो गई। इसके अलावा, चार अन्य लोग बेहोश हो गए हैं, जिनमें से अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि वे मरीज हैं या तीमारदार। फायर ब्रिगेड की टीम ने समय रहते सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। 

बाबा बैद्यनाथ धाम केस में MP निशिकांत ने कहा- मैं भगोड़ा नहीं, यहां का सांसद होकर आया हूं आत्मसमर्पण के लिए

देवघर वैद्यनाथ धाम मंदिर मामले में निकास द्वार से प्रवेश करने के मामले में गोड्डा सांसद डॉ. निशिकांत दुबे व सांसद मनोज तिवारी व अन्य के खिलाफ दर्ज मामले में खुद की गिरफ्तारी देने के लिए डॉ. निशिकांत दुबे शनिवार को बाबा मंदिर थाना पहुंचे। देवघर एयरपोर्ट पर उतरने के बाद वे सीधे बाबा मंदिर थाना के लिए निकले। सीता होटल चौक पर गाड़ी से उतरने के बाद वे पैदल बाबा मंदिर थाना तक पहुंचे। वहां उन्होंने थाना प्रभारी से कहा कि वे गिरफ्तारी देने आए हैं। हालांकि, तकनीकी कारणों से उनकी गिरफ्तारी नहीं हुई। इस बारे में सांसद डॉ. निशिकांत दुबे ने कहा कि उन्हें पुलिस ने गिरफ्तार नहीं किया। संभावना बनने पर होगी गिरफ्तारी पुलिस का कहना है कि एफआईआर को एमपी एमएलए कोर्ट में भेजा है। वहां उसे स्वीकार किया जाएगा, उसके बाद सेक्शन 41 के तहत तीन बार नोटिस दिया जाएगा। उसके बाद अगर गिरफ्तारी की संभावना बनेगी तो गिरफ्तारी होगी। उन्होंने कहा कि वे भगोड़ा नहीं हैं बल्कि यहां के सांसद है। यहां की जनता ने चार बार उन्हें चुनाव जिताया है। जनता ने चुनाव इसलिए जिताया है कि मैं उनके लिए संघर्ष कर सकूं। ये संघर्ष तभी कर पाउंगा तब कानून का पालन करूंगा। जो केस दर्ज हुआ है उससे दुखी हो गया हूं उन्होंने कहा कि उनके व परिवार वालों को मिलकर ये 51 वां केस दर्ज किया गया है। इस बार जो केस हुआ है उससे दुखी हो गया हूं। जितनी बार प्रशासन केस करेगा उतनी बात गिरफ्तारी देने आउंगा। कानून में अगर कोई प्रावधान है तो पुलिस मुझे गिरफ्तार करे। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सभी को पता है कि किस तरह से गिरफ्तारी के डर से यहां के मुखिया भागे थे। उन्होंने कहा कि सांसद होने के नाते उन्हें भी कुछ सुरक्षा दी गई है। संविधान की धारा 105 के तहत उन्हें विशेषाधिकार का जो अधिकार प्राप्त है उनके तहत यहां के मुख्य सचिव, यहां के डीजीपी, डीएसी, एसपी सह डीआईजी के उपर विशेषाधिकारी किया है। किस आधार पर दर्ज हुआ मामला उन्होंने कहा कि इस पर सोमवार को संसद में सुनवाई होगी। उसके बाद इन लोगों से दिल्ली में ही पूछा जाएगा कि किस आधार पर उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। गौ तस्कर को पकड़ने पर मामला दर्ज हो जाता है। वे सड़क सुरक्षा कमेटी में शामिल हैं। आरएसएस के विभाग प्रचारक पकड़ाते हैं और उनके ऊपर कार्रवाई की जाती है। उन्होंने कहा कि वे मंदिर के ट्रस्टी हैं। उन्होंने अगर किसी पुलिस वाले को धक्का दिया तो पुलिस वाला एफआईआर नहीं करता है, दंडाधिकारी एफआईआर नहीं करता है। एक अवैध आदमी तो अंदर घुसा हुआ है, उसके आधार पर उनके उपर एफआईआर कर देता है। वह अगर तीर्थ पुरोहित है तो वे भी पुरोहित हैं। वह ब्राह्मण है तो मैं भी हूं। गंवाली पूजा में तीन वर्ष जो चंदा दे देगा वह पंडा धर्मरक्षिणी के चुनाव में वोट दे सकता है। अगली बार जब चुनाव होगा तो वे भी वोट देने के अधिकारी होंगे। किस आधार पर मेरे व एफआईआर करने वाले में अंतर करते हैं। ये किस तरह की व्यवस्था है यहां इरफान अंसारी पूजा करने, इसाई एसपी पूजा करें को कोई परेशानी नहीं है। वह धार्मिक भावना नहीं भड़काएगा। लेकिन मनोज तिवारी अगर कांवड़ यात्रा लेकर आता है तो वह धार्मिक भावना भड़का देगा। ये किस तरह की व्यवस्था है। किस तरह का एफआईआर है। जब भी उन्हें थाना बुलाया जाएगा वे आएंगे। ऐसे लोगों के खिलाफ सड़क से संसद तक लड़ाई जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि बाबा भोले के सामने कह रहे हैं कि इस सरकार को उखाड़ फेंकने का संकल्प लिया है उसे पूरा किया जाएगा।