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स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 से पहले भोपाल अलर्ट मोड पर, 40 जगहों पर बनीं आकर्षक स्वच्छता पेंटिंग्स

भोपाल भोपाल में स्वच्छ सर्वेक्षण के लिए टीम अगले 2 दिन के अंदर आ सकती है। टीम के आने से पहले नगर निगम वह सभी कवायदें कर रहा है, जो उसे बेहतर अंक दिला सके। सोमवार को जोन-9 के पंजाबी बाग में एक गली में समुद्र की आकृति की उकेर दी गई। दूसरी ओर, लोगों को बेहतर फीडबैक के लिए प्रेरित भी किया जा रहा है। हालांकि, इस बार भोपाल को कागजों के साथ जमीन पर भी सफाई साबित करनी होगी। 85 वार्ड, 40 स्कूल और हर कोना होगा स्कैन इस बार सर्वेक्षण टीम का दायरा पहले से कहीं बड़ा है। टीम भोपाल के सभी 85 वार्डों में जाएगी और सफाई व्यवस्था का ग्राउंड लेवल पर निरीक्षण करेगी। इसके अलावा लगभग 40 स्कूलों में भी स्वच्छता की स्थिति जांची जाएगी। बच्चों के आसपास का वातावरण, कचरा प्रबंधन और जागरूकता स्तर भी रैंकिंग का हिस्सा होगा। नगर निगम ने दिए सख्त निर्देश स्वच्छ सर्वेक्षण को देखते हुए नगर निगम आयुक्त संस्कृति जैन ने कचरा ट्रांसफर स्टेशनों की स्थिति सुधारने और मिश्रित कचरा संग्रहण पर पूरी तरह रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। निगम प्रशासन ने नागरिकों से भी अपील की है कि वे गीला और सूखा कचरा अलग-अलग दें, ताकि शहर को स्वच्छ सर्वेक्षण में बेहतर रैंकिंग मिल सके। शहर को चमकाने की कोशिश जारी  नगर निगम ने शहर को आकर्षक दिखाने के लिए कई जगहों पर पेंटिंग, 3D आर्ट और स्क्रैप से बनी कलाकृतियां लगाई हैं। लगभग 60 हजार वर्गफीट क्षेत्र को इस तरह सजाया गया है।  इसी वजह से सड़कों की सफाई, नालों की सफाई, सार्वजनिक शौचालयों की सफाई, बैक लेन में पेंटिंग और बाजारों में टाइल्स लगाने का काम शुरू किया गया है। न्यू मार्केट, 10 नंबर मार्केट, पुराना शहर, करोंद, कोलार, बैरागढ़ जैसे बड़े बाजारों में सौंदर्यीकरण और कचरा उठाने के काम को प्राथमिकता दी जा रही है। ये बड़ी चुनौती हालांकि, जमीन पर अब भी कई जगह गंदगी, टूटे डस्टबिन, उखड़ी सड़कें और खुले नाले जैसी समस्याएं बनी हुई हैं। ऐसे में विजिबल क्लीनलीनेस के लिए तय 1500 अंक भोपाल के लिए बड़ी चुनौती बने हुए हैं। स्वच्छता रैंकिंग कैसे तय होगी? इस बार सिस्टम पूरी तरह डेटा और ग्राउंड रियलिटी पर आधारित है। रैंकिंग ऑन-ग्राउंड असेसमेंट, सिटीजन फीडबैक, विजिबल क्लीनलीनेस (1500 अंक), ODF/ODF++ और वॉटर प्लस (1000 अंक) और गारबेज फ्री सिटी रेटिंग (1000 अंक) जैसे पैरामीटर्स पर तय होगी। बाजारों में सबसे बड़ी चुनौती  भोपाल के न्यू मार्केट, 10 नंबर मार्केट, पुराना शहर, कोलार, करोंद और बैरागढ़ जैसे बड़े बाजारों में भी सफाई एक बड़ा मुद्दा बना हुआ है। नियम के अनुसार रिहायशी इलाकों में रोज एक बार सफाई, बाजार और स्टेशन और फूड जोन में दिन में दो बार सफाई जरूरी है, लेकिन कई जगह यह सिस्टम अभी भी पूरी तरह लागू नहीं हो पाया है। बैक लेन और गलियों पर खास फोकस शहर की बैक लेन यानी पीछे की गलियां भी इस बार स्कोरिंग का बड़ा हिस्सा हैं। यहां सफाई और रखरखाव के लिए 200 अंक तय किए गए हैं। कई जगहों पर इन गलियों में रंगीन पेंटिंग और सफाई अभियान चल रहे हैं, लेकिन स्थायी सुधार अभी बाकी है। दीवारें साफ, लेकिन नीचे कचरा 150 अंकों वाले इस पैरामीटर में सार्वजनिक जगहों को साफ रखना जरूरी है खासतौर पर पान-गुटखे के निशान और खुले में गंदगी से मुक्त रखना। लेकिन हकीकत यह है कि कई जगह बैरिकेड्स और दीवारें खुद अनचाही गंदगी पॉइंट बन चुकी हैं। 3 करोड़ की पेंटिंग का काम  शहर में वॉल पेंटिंग, म्यूरल्स और आर्टवर्क पर करीब 3 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं। इसके साथ गड्ढामुक्त सड़क और ग्रीनरी बढ़ाने की कोशिश भी हो रही है। शहर में कुछ जोन में सफाई पूरी हो चुकी है। भानपुर में 50 करोड़ रुपए की लागत से एसटीपी प्रोजेक्ट भी चल रहा है, जो भविष्य की दिशा तय करेगा। आदमपुर कचरा खंती- बड़ी चुनौती भोपाल के लिए सबसे बड़ा सिरदर्द आदमपुर कचरा खंती है। यहां जमा पुराना कचरा (legacy waste) आज भी वैसा ही है। कचरे का पहाड़, गंदा पानी का रिसाव और बार-बार आग लगने की घटनाएं। यह सब मिलकर शहर की रैंकिंग को हर साल नीचे खींचते हैं। अंतिम दौर में इन कामों पर फोकस जानकारी के अनुसार, आवास और शहरी कार्य मंत्रालय ने स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 में विजिबल क्लीनलीनेस यानी जमीन पर दिखने वाली सफाई पर विशेष फोकस किया है। नई गाइडलाइंस के तहत शहरों की रैंकिंग 10 मुख्य इंडिकेटर्स के आधार पर तय होगी। इसी वजह से निगम बैक लेन से लेकर नालों और कचरा पॉइंट तक सुधार कार्यों में जुटा है। सोमवार को पंजाबी बाग की बैक लेन का काम पूरा किया गया। मंगलवार को भी कई जगहों पर पेंटिंग को अंतिम रूप दिया जाएगा। ऐसे तय होगी रैंकिंग     ऑन-ग्राउंड असेसमेंट और 10,500     सिटीजन फीडबैक     विजिबल क्लीनलीनेस 1,500     ODF/ODF++/वाटर प्लस 1,000     कचरा मुक्त शहर स्टार रेटिंग 1,000 ये कारण- सर्वेक्षण और चुनौती बाजारों में कचरा बड़ी चुनौती आवासीय क्षेत्रों और पार्कों में रोज एक बार, जबकि व्यावसायिक स्थलों, बस-रेलवे स्टेशनों, पर्यटन स्थलों और स्ट्रीट फूड जोन में दिन में दो बार सफाई जरूरी होगी। इस पैरामीटर के लिए सबसे ज्यादा 300 अंक हैं। कई मार्केट में अब भी कचरा और गंदगी बड़ी समस्या बनी हुई है। गंदगी पर कट सकते हैं नंबर घरों और दुकानों के पीछे की गलियों यानी बैक लेन की सफाई और रखरखाव के लिए 200 अंक तय हैं। शहर के कई इलाकों में बैक लेन में रंगीन पेंटिंग और सफाई अभियान जारी है। बैरिकेड्स बिगाड़ रहे सफाई स्कोर सार्वजनिक स्थलों और दीवारों को पान-गुटखे के धब्बों और खुले में पेशाब के निशानों से मुक्त रखने पर 150 अंक मिलेंगे। निर्माण कार्यों के दौरान लगाए गए बैरिकेड्स पीकदान बन चुके हैं। निगम ने एजेंसियों को इन्हें साफ करने की चेतावनी दी है, लेकिन हालात नहीं सुधरे हैं।

लोकायुक्त ने लगाया भोपाल नगर निगम पर छापा, फर्जी बिल घोटाले की जांच में 10 साल के दस्तावेज जब्त

भोपाल  नगर निगम में शुक्रवार की सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब लोकायुक्त पुलिस की विशेष टीम ने फतेहगढ़ स्थित कार्यालय और एक अन्य दफ्तर पर दबिश दी।यह कार्रवाई निर्माण कार्यों के नाम पर फर्जी बिलों के जरिए करोड़ों रुपये के भुगतान की शिकायतों के बाद की गई है। लोकायुक्त की टीम शुक्रवार सुबह ठीक उस वक्त निगम दफ्तर पहुँची जब कर्मचारी अपनी सीटें संभाल ही रहे थे। फायनेंस और कंप्यूटर शाखा लोकायुक्त के घेरे में टीम ने सबसे पहले फायनेंस और कंप्यूटर शाखा को अपने घेरे में लिया। जानकारी के अनुसार, फतेहगढ़ ऑफिस खुलते ही लोकायुक्त की टीम वहाँ पहुँच गई थी। बताया जा रहा है कि लोकायुक्त को लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं कि निगम में बिना किसी जमीनी काम के, केवल कागजों पर फर्जी बिल लगाकर भुगतान का खेल चल रहा है। लोकायुक्त की दो अलग-अलग टीमें दोनों कार्यालयों में जांच कर रही हैं। कम्प्यूटर शाखा में नगर निगम से जुड़े महत्वपूर्ण ऑनलाइन रिकॉर्ड और लेखा-जोखा रखा जाता है, इसलिए दस्तावेजों की बारीकी से जांच की जा रही है। संबल योजना के दस्तावेज खंगाले टीम ने संबल योजना से जुड़े रिकॉर्ड और ऑनलाइन एंट्री की जांच शुरू की है। इसके साथ ही अन्य डिजिटल रिकॉर्ड में संभावित गड़बड़ियों की भी पड़ताल की जा रही है। फतेहगढ़ स्थित कार्यालय में मौजूद तीन कर्मचारियों वसीम, सोहेल और पंकज से अंदर पूछताछ की जा रही है। टीम ने सुबह करीब 11:30 बजे दोनों स्थानों पर एक साथ छापे की कार्रवाई शुरू की। 22 फरवरी को नए भवन में हुई थी शिफ्टिंग फतेहगढ़ में स्थित नगर निगम की कम्प्यूटर शाखा को 22 फरवरी को लिंक रोड नंबर-2 पर बने नए भवन में शिफ्ट किया गया था। रेड के दौरान दोनों इमारतों में रखे दस्तावेजों की जांच की जा रही है। कम्प्यूटर शाखा में होते हैं ये ऑनलाइन कार्य नगर निगम की कम्प्यूटर शाखा में संबल योजना, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, प्रॉपर्टी टैक्स और अन्य ऑनलाइन सेवाओं से जुड़े काम संचालित होते हैं। लोकायुक्त टीम इनसे संबंधित रिकॉर्ड की जांच कर रही है। दस साल पुराना रिकार्ड को जब्त किया जा रहा इस दौरान पिछले करीब 10 साल के रिकॉर्ड और दस्तावेजों की जांच की जा रही है। लोकायुक्त पुलिस इस मामले में नगर निगम के दो ऑफिस बॉय और एक ऑपरेटर से पूछताछ कर रही है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक फर्जी बिल लगाकर भुगतान कराने का मामले से जुड़ी शिकायत के बाद कार्रवाई की गई है। लोकायुक्त की टीम पुराने दस्तावेजों और भुगतान से जुड़ी फाइलों की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की स्पष्ट जानकारी सामने आ पाएगी। फिलहाल लोकायुक्त की कार्रवाई जारी है। संबल योजना और कर्मकार मंडल के तहत 2023 में 2 करोड़ से अधिक के फर्जीवाड़े मामले से जुड़े रिकॉर्ड लोकायुक्त की टीम खंगाल रही है। एक दशक पुराने दस्तावेजों की जब्ती कार्रवाई की सबसे बड़ी बात यह है कि पुलिस ने शिकायतों के आधार पर पिछले 10 वर्षों के पुराने रिकॉर्ड और दस्तावेज जब्त किए हैं। यह संकेत देता है कि यह घोटाला किसी एक कार्यकाल का नहीं, बल्कि एक दशक से चल रहा एक संगठित भ्रष्टाचार है। जांच टीम अब इन दस्तावेजों का मिलान जमीनी हकीकत से करने की तैयारी में है।

भोपाल में हमीदिया अस्पताल, स्कूल और कॉलेज के नाम बदलने की तैयारी तेज

भोपाल  मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के अलग-अलग स्थानों के नाम को बदलने की प्रक्रिया तेज हो गई है। निगम की बैठक में नाम को बदलने की प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद अब इस सरकार को भेजा जा रहा है। निगम के प्रस्ताव के बाद अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने प्रस्ताव कमिश्नर हरेंद्र नारायण को भेज दिया है। अब वह इस प्रस्ताव को शासन को भेजने की तैयारी कर रहे हैं। आपको बता दें कि भोपाल में कुछ स्थानों के नाम बदलने की प्रक्रिया चल रही है इनमें हमीदिया अस्पताल , कॉलेज और स्कूल के नाम को बदल जाना है। दरअसल, शहर में नाम को बदलने के लिए पहला प्रयास नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने किया था। उन्होंने जून महीने में मुख्यमंत्री को पत्र लिखा था और भोपाल के नवाब हमीदुल्लाह के नाम से संचालित हमीदिया अस्पताल, स्कूल और कॉलेज का नाम बदलकर राष्ट्र भक्तों के नाम पर किए जाने की अपील की थी। स्कूल, अस्पताल के नाम बदलने का प्रस्ताव इससे पहले भोपाल में कुछ स्थानों के नाम बदले गए हैं। सितंबर 2023 में हमीदिया रोड का नाम बदलकर गुरु नानक मार्ग किया गया था। यह कार्य नगर निगम द्वारा कर दिया गया था। लेकिन स्कूल, कॉलेज और अन्य स्थानों के नाम बदलने का अधिकार नगर निगम को नहीं है। इसीलिए नगर निगम ने प्रस्ताव पास करवाया है और इसे नगर निगम कमिश्नर को भेज दिया है। नगर निगम की बैठक में मिली मंजूरी 24 जुलाई को नगर निगम परिषद की बैठक हुई थी। इसमें भाजपा पार्षद देवेंद्र भार्गव ने नाम बदलने का प्रस्ताव रखा था। तब इसके बाद जमकर हंगामा हुआ था। निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने कहा था कि नवाब हमीदुल्लाह गद्दार थे, उनका आरोप था कि नवाब ने भारत के आजाद होने के बाद भी 2 साल तक भोपाल रियासत का विलय नहीं होने दिया। वे इसे पाकिस्तान में शामिल कराना चाहते थे। वहीं, कांग्रेस ने आरोप पर पलटवार करते हुए कहा था कि यह निर्णय दुर्भाग्यपूर्ण है। इतिहास गवाह है कि नवाब हमीदुल्लाह ने इन संस्थान की स्थापना के लिए अपने निजी संपत्ति दान में दी थी।

हमीदिया अस्पताल, स्कूल और कॉलेज के नाम बदलने का प्रस्ताव नगर निगम परिषद से पारित

भोपाल  राजधानी भोपाल में  नगर निगम परिषद की बैठक आयोजित की गई थी। जिसमें हमीदिया अस्पताल, कॉलेज और स्कूल के नाम बदलने का प्रस्ताव पास हो गया है। वहीं, ओल्ड अशोका गार्डन का नाम 'राम बाग' करने का प्रस्ताव पारित हो गया है हमीदिया अस्पताल का नाम बदलने का प्रस्ताव पास नगर निगम परिषद की बैठक में हमीदिया अस्पताल, कॉलेज और स्कूल के नाम बदलने के नाम बदलने का प्रस्ताव जैसे ही पास हुआ। उसके बाद सदन में पाकिस्तान मुर्दाबाद और हिंदूस्तान जिंदाबाद के नारे लगने लगे। इसी दौरान कांग्रेसी और भाजपाई आमने-सामने आ गए। राम बाग के नाम से जाना जाएगा ओल्ड अशोका गार्डन नगर निगम की बैठक में ओल्ड अशोका गार्डन का नाम बदलकर राम बाग करने का प्रस्ताव पारित हुआ है। वहीं 80 फीट रोड स्थित विवेकानंद चौराहे का नाम विवेकानंद चौक का प्रस्ताव पारित हुआ है। भोपाल के दूसरे नंबर पर आने स्वच्छता मित्रों को मिलेगा सम्मान महापौर मालती राय ने बताया कि भोपाल देश में दूसरे नंबर पर आया है। नगर निगम के द्वारा 8 हजार स्वच्छता मित्रों को भोज और सम्मान किया जाएगा। 1 हजार कर्मचारियों को परमानेंट किया जाएगा। रक्षाबंधन से पहले वेतन दे दिया जाएगा।

हमीदिया अस्पताल, स्कूल और कॉलेज के नाम बदलने का प्रस्ताव नगर निगम परिषद से पारित

भोपाल  राजधानी भोपाल में  नगर निगम परिषद की बैठक आयोजित की गई थी। जिसमें हमीदिया अस्पताल, कॉलेज और स्कूल के नाम बदलने का प्रस्ताव पास हो गया है। वहीं, ओल्ड अशोका गार्डन का नाम 'राम बाग' करने का प्रस्ताव पारित हो गया है हमीदिया अस्पताल का नाम बदलने का प्रस्ताव पास नगर निगम परिषद की बैठक में हमीदिया अस्पताल, कॉलेज और स्कूल के नाम बदलने के नाम बदलने का प्रस्ताव जैसे ही पास हुआ। उसके बाद सदन में पाकिस्तान मुर्दाबाद और हिंदूस्तान जिंदाबाद के नारे लगने लगे। इसी दौरान कांग्रेसी और भाजपाई आमने-सामने आ गए। राम बाग के नाम से जाना जाएगा ओल्ड अशोका गार्डन नगर निगम की बैठक में ओल्ड अशोका गार्डन का नाम बदलकर राम बाग करने का प्रस्ताव पारित हुआ है। वहीं 80 फीट रोड स्थित विवेकानंद चौराहे का नाम विवेकानंद चौक का प्रस्ताव पारित हुआ है। भोपाल के दूसरे नंबर पर आने स्वच्छता मित्रों को मिलेगा सम्मान महापौर मालती राय ने बताया कि भोपाल देश में दूसरे नंबर पर आया है। नगर निगम के द्वारा 8 हजार स्वच्छता मित्रों को भोज और सम्मान किया जाएगा। 1 हजार कर्मचारियों को परमानेंट किया जाएगा। रक्षाबंधन से पहले वेतन दे दिया जाएगा।