samacharsecretary.com

भारत-ईएफटीए FTA लागू होने को तैयार, गोयल बोले- ऐतिहासिक अवसर

नई दिल्ली  भारत और चार देशों के यूरोपीय समूह ईएफटीए के बीच मुक्त व्यापार समझौता एक अक्तूबर से लागू होगा। दोनों पक्षों ने 10 मार्च, 2024 को व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौते (टीईपीए) पर हस्ताक्षर किए हैं। आइए इस बारे में विस्तार से जानें। भारत और चार देशों के यूरोपीय समूह ईएफटीए के बीच मुक्त व्यापार समझौता एक अक्तूबर से लागू होगा। दोनों पक्षों ने 10 मार्च, 2024 को व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौते (टीईपीए) पर हस्ताक्षर किए। समझौते के तहत, भारत को समूह से 15 वर्षों में 100 बिलियन अमेरिकी डॉलर के निवेश की प्रतिबद्धता प्राप्त हुई है, जबकि स्विस घड़ियों, चॉकलेट और कटे और पॉलिश किए गए हीरों जैसे कई उत्पादों को कम या शून्य शुल्क पर अनुमति दी गई है। गोयल ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "भारत-ईएफटीए टीईपीए 1 अक्टूबर से प्रभावी होगा।" यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (EFTA) के सदस्य आइसलैंड, लिकटेंस्टीन, नॉर्वे और स्विट्जरलैंड हैं। समूह ने 100 बिलियन अमेरिकी डॉलर के निवेश की प्रतिबद्धता जताई है – समझौते के कार्यान्वयन के बाद 10 वर्षों के भीतर 50 बिलियन अमेरिकी डॉलर तथा अगले पांच वर्षों में 50 बिलियन अमेरिकी डॉलर- जिससे भारत में 1 मिलियन प्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे। यह भारत द्वारा अब तक हस्ताक्षरित किसी भी व्यापार समझौते में सहमत अपनी तरह की पहली प्रतिज्ञा है। यह प्रतिबद्धता इस समझौते का मुख्य तत्व है, जिसे पूरा होने में लगभग 16 वर्ष लगे, जिसके बदले में भारत ने EFTA देशों से आने वाले कई उत्पादों के लिए अपने बाजार खोल दिए। इस समूह में भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार स्विट्जरलैंड है। शेष तीन देशों के साथ भारत का व्यापार कम है। इस समझौते में भारत अपनी टैरिफ लाइनों या उत्पाद श्रेणियों का 82.7 प्रतिशत हिस्सा देने की पेशकश कर रहा है, जो ईएफटीए निर्यात का 95.3 प्रतिशत है, जिसमें से 80 प्रतिशत से अधिक आयात सोना है। घरेलू ग्राहकों को उच्च गुणवत्ता वाले स्विस उत्पाद, जैसे घड़ियां, चॉकलेट, बिस्कुट और घड़ियां, कम कीमत पर उपलब्ध हो जाएंगे, क्योंकि भारत व्यापार समझौते के तहत इन वस्तुओं पर सीमा शुल्क को 10 वर्षों में चरणबद्ध तरीके से समाप्त कर देगा। सेवा क्षेत्र में, वाणिज्य मंत्रालय ने पहले कहा था कि भारत ने ईएफटीए को 105 उप-क्षेत्रों की पेशकश की है, जैसे लेखांकन, व्यावसायिक सेवाएं, कंप्यूटर सेवाएं, वितरण और स्वास्थ्य। दूसरी ओर, देश ने स्विट्जरलैंड से 128 उप-क्षेत्रों में, नॉर्वे से 114, लिकटेंस्टीन से 107 और आइसलैंड से 110 उप-क्षेत्रों में प्रतिबद्धताएं हासिल की हैं। जिन क्षेत्रों में भारतीय सेवाओं को बढ़ावा मिलेगा, उनमें कानूनी, दृश्य-श्रव्य, अनुसंधान एवं विकास, कंप्यूटर, लेखांकन और लेखा परीक्षा शामिल हैं। इसके अलावा, यह समझौता घरेलू निर्यातकों को यूरोपीय संघ (ईयू) के बाज़ारों में एकीकृत होने का अवसर प्रदान करेगा। स्विट्ज़रलैंड के वैश्विक सेवा निर्यात का 40 प्रतिशत से अधिक यूरोपीय संघ को होता है। भारतीय कंपनियाँ यूरोपीय संघ तक अपनी पहुँच बढ़ाने के लिए स्विट्ज़रलैंड को एक आधार के रूप में देख सकती हैं। 2024-25 में भारत-ईएफटीए द्विपक्षीय व्यापार 24.4 बिलियन अमेरिकी डॉलर था।

हंगामेदार होगा मानसून सत्र! विश्लेषकों ने बताया किन मुद्दों पर गरजेंगे नेता

नई दिल्ली  संसद का मानसून सत्र 21 जुलाई से शुरू होने वाला है और 21 अगस्त तक दोनों सदनों की कुल 21 बैठकें होंगी। सरकार की तरफ से इस सत्र में कई विधेयक पेश किए जाएंगे। इसमें से कुछ मुद्दे ऐसे है जिस पर हंगामा हो सकता है। इसमें पहलगाम से लेकर बिहार में मतदाता सूची के पुनरीक्षण तक कई मुद्दे शामिल है।    संसद का मानसून सत्र सोमवार से शुरू होने जा रहा है। पहले यह सत्र 12 अगस्त तक चलने वाला था, अब इसे बढ़ा दिया है। इस सत्र में कई मुद्दों पर हंगामा हो सकता है। इसमें भारत-पाकिस्तान संघर्ष से लेकर बिहार में मतदाता सूची के पुनर्निरीक्षण और डोनाल्ड ट्रंप के भारत से जुड़े मुद्दों पर लगातार दिए जा रहे बयानों से लेकर पहलगाम में सुरक्षा तक के मुद्दे पर सियासी तीर चल सकते हैं। इस हफ्ते खबरों के खिलाड़ी में इसी पर चर्चा हुई। चर्चा के लिए वरिष्ठ पत्रकार विनोद अग्निहोत्री, सुनील शुक्ल, अवधेश कुमार, विजय त्रिवेदी और बिलाल सब्जवारी मौजूद रहे। विजय त्रिवेदी: बिल पास कराना इस सत्र का मुद्दा नहीं है। अहम ये है कि जो मामले इस दौरान उठाए जाएंगे। चाहे ट्रंप का ही मुद्दा ही क्यों न हो। ट्रंप जो कहते रहे हैं उस पर चर्चा जरूर होगी। हमारी डिप्लोमेसी में जो बदलाव आया है उसे देखने की जरूरत है। संसद का सत्र होगा तो पहलगाम पर चर्चा पर होगी, ऑपरेशन सिंदूर पर भी चर्चा होगी। ये भी पूछा जाएगा कि पहलगाम के आतंकी कहां हैं। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सीजफायर का बटन अचानक क्यों दबाया गया इस पर सवाल पूछे जाएंगे।    अवधेश कुमार:  नेता प्रतिपक्ष ने 2024 के चुनाव बाद से जिस तरह का रुख दिखाया है मैं उसमें कोई बदलाव नहीं देखता हूं। देश में बाहर की राजनीति में और अंदर की राजनीति में सीमाएं टूट चुकी हैं।  अगर ट्रंप की बात आएगी तो जी-7 के बाद की बात भी आएगी। चुनाव आयोग की बात आएगी उसका भी जवाब कई बार दिया जा चुका है। क्या यह तथ्य नहीं कि वहां से लोग पकड़े गए हैं। बिहार चुनाव से पहले यह सत्र हो रहा है तो उसका असर इसमें जरूर दिखेगा। चीजों पर तथ्यात्मक बहस हो मैं यह जरूर चाहूंगा।  सुनील शुक्ल:  जो संघर्ष विराम हुआ उसकी घोषणा अमेरिकी राष्ट्रपति ने क्यों की? उसके बाद क्यों संघर्ष विराम की घोषणा हुई? बिहार में जो मतदाता सूची का पुनर्निरीक्षण हो रहा वो मुद्दा भी उठेगा। बिहार बंद के दौरान भी ये दिखाई दिया। इस सत्र में विपक्ष के पास बहुत से मुद्दे हैं। मुझे उम्मीद है कि विपक्ष इन मुद्दों को अच्छे से उठा पाएगा।  बिलाल सब्जवारी: ऑपरेशन सिंदूर के बाद यह पहला सत्र होने जा रहा है। सेना की सफलता से लेकर अल्पकालिक कूटनीतिक विफलता तक पर बात होगी। कुल मिलाकर संसद सत्र के दौरान राजनीति दोनों तरफ से होगी। टकराव दोनों तरफ से होगा। नैरेटिव भी दोनों तरफ से गढ़े जाएंगे, लेकिन अंत में बिल भी पास हो जाएंगे।  विनोद अग्निहोत्री:  सोमवार से शुरू हो रहा सत्र बहुत तूफानी और हंगामेदार होगा। किसी भी बिल को पास कराने में सरकार को दिक्कत नहीं होगी। वहीं, विपक्ष के पास भी बहुत से मुद्दे हैं। विपक्ष अगर हंगामा करने की जगह नियम के तहत अपनी बात रखेगा तो ज्यादा बेहतर होगा। विपक्ष के सामने चुनौती अपने को एकजुट रखने की भी है। विपक्ष के सामने चुनौती होगी कि वो कैसे सरकार विरोधी दलों को मुद्दों पर एकजुट रखे।

MPTET प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा 2025: जानें आवेदन प्रक्रिया और कुल पदों का विवरण

भोपल  मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (MPTET) की ओर से स्कूल शिक्षा विभाग और जनजातीय कार्य विभाग के अंतर्गत प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा-2025 के लिए योग्य उम्मीदवारों से आवेदन आमंत्रित किए जा रहे हैं। अगर आप भी मध्य प्रदेश में प्राइमरी टीचर के पद पर नौकरी करना चाहते हैं, तो यह आपके लिए एक सुनहरा अवसर है। इन पदों पर आवेदन प्रक्रिया 18 जुलाई, 2025 से शुरू हो गई है। अब उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट esb.mp.gov.in पर जाकर प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा-2025 के लिए आवेदन कर सकते है। आवेदन करने की अंतिम तिथि 01 अगस्त, 2025 निर्धारित की गई है। साथ ही उम्मीदवार 18 जुलाई से लेकर 06 अगस्त, 2025 तक अपने आवेदन-पत्र में सुधार कर सकते हैं। परीक्षा शुल्क इस पद पर आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों को परीक्षा शुल्क का भुगतान भी करना होगा। सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों के लिए परीक्षा शुल्क 500 रुपये निर्धारित किया गया है। इसके अलावा, मध्य प्रदेश के मूल निवासी, अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति, ओबीसी, ईडब्ल्यूएस उम्मीदवारों के लिए परीक्षा शुल्क 250 रुपये निर्धारित किया गया है। जरूरी योग्यता     प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा-2020 अथवा 2024 में निर्धारित प्रतिशत के साथ उत्तीर्ण अभ्यर्थी ही आवेदन करने के पात्र होंगे।     आवेदन करने के लिए न्यूनतम 50 प्रतिशत अंकों के साथ हायर सेकेंडरी अथवा इसके समकक्ष प्रारंभिक शिक्षा में दो वर्ष का डिप्लोमा होना चाहिए।     कम से कम 50 प्रतिशत अंकों के साथ हायर सेकेंडरी अथवा इसके समकक्ष प्रारंभिक शिक्षा शास्त्र में चार वर्षीय बीएलएड की डिग्री होनी चाहिए। आयु-सीमा आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों की न्यूनतम आयु 21 वर्ष निर्धारित की गई है। साथ ही पुरुष अभ्यर्थियों की अधिकतम आयु 40 वर्ष, मध्य प्रदेश की मूल स्थानीय निवासी महिला, अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति और दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए अधिकतम आयु 45 वर्ष निर्धारित की गई है। परीक्षा पैटर्न प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा में उम्मीदवारों से हिंदी, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान से 100 अंकों के 100 बहुविकल्पीय प्रकार के प्रश्न पूछे जाएंगे। 

मप्र में उपार्जन केंद्रों की गुणवत्ता और सुविधाओं से केंद्रीय मंत्री को कराया अवगत

भोपाल  खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत पात्र हितग्राहियों को दिये जा रहे खाद्यान्न में चावल की जगह गेहूं की मात्रा बढ़ाई दी जाये। खाद्य मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि मध्यप्रदेश में चावल की जगह गेहूं का उपयोग बहुतायत में होता है। समय – समय पर यह देखने में आता है कि कुछ व्यापारी हितग्राहियों को प्रलोभन देकर उनसे कम दाम में चावल खरीद लेते है, जिससे बाजार में दुरूपयोग की घटनाएं सामने आती हैं। इस समस्या के समाधान के लिये मप्र में पात्र हितग्राहियों को दिये जाने वाले खाद्यान्न में गेहूं की मात्रा बढ़ाई जाना हितकारी होगा। खाद्य मंत्री श्री राजपूत ने यह सुझाव नई दिल्ली में केन्द्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री श्री प्रहलाद जोशी से भेंट के दौरान दिया। केन्द्रीय खाद्य मंत्री श्री जोशी को मध्यप्रदेश में उपार्जन केंद्रों में सुविधाओं के विस्तार और गुणवत्ता सुधार के संबंध में किये जा रहे प्रयासों से अवगत कराया। साथ ही बताया कि प्रदेश में विकेन्द्रीयकृत उपार्जन योजना के तहत समर्थन मूल्य पर उपार्जित गेहूं में से सरप्लस मात्रा उपार्जन अवधि के पश्चात् गोदामों से सी-मोड में भारतीय खाद्य निगम को प्रदान की जाती है। वर्ष 2021-22 के लिये 2.89 प्रति क्विंटल लोडिंग एव हेण्डलिंग व्यय की स्वीकृति नहीं की गई थी। मंत्री श्री राजपूत ने अनुरोध किया कि भारतीय खाद्य निगम द्वारा गोदामों से उठाव किये गये गेहूं की लोडिंग एवं हेण्डलिंग व्यय की राशि अभी तक स्वीकृत नहीं की गई है, जिसे शीघ्र जारी किया जाये। 1500 करोड़ का अनुदान भुगतान जल्द कराने का आग्रह खाद्य मंत्री श्री राजपूत ने केंद्रीय खाद्य मंत्री श्री जोशी को अवगत कराया कि खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के तहत वर्ष 2020-21 से 2022-23 तक की अवधि में पात्र परिवारों को वितरित किये गये खाद्यान्न- का डाटा भारत सरकार के अन्न वितरण पोर्टल पर उपलब्ध है। इस डाटा को भारत सरकार के सेंट्रल रिपोजिटरी पोर्टल पर अपलोड करने की अनुमति देने के साथ 1500 करोड़ के अनुदान राशि के बकाया भुगतान को जल्द किये जाने का अनुरोध किया। इस पर केन्द्रीय मंत्री श्री जोशी ने अधिकारियों से चर्चा कर जल्द भुगतान कराये जाने का भरोसा खाद्य मंत्री श्री राजपूत को दिया। श्री राजपूत ने केन्द्रीय खाद्य मंत्री से खरीफ विपणन वर्ष 2014-15 से 2018-19 तक के समर्थन मूल्य पर उपार्जित 2.95 लाख मीट्रिक टन मोटे अनाज के उपार्जन प्लान की स्वीकृति दिये जाने का अनुरोध किया है। भारत सरकार की नीति के अनुसार समर्थन मूल्य पर उपार्जित मोटे अनाज का वितरण राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के अंतर्गत पात्र परिवारों को गेहूं के आवंटन के विरूद्ध वितरण कराया जा चुका है। मंत्री श्री राजपूत ने केन्द्रीय मंत्री को अवगत कराया कि उपार्जन प्लान की स्वीकृति प्राप्त न होने से वितरित किये गये मोटे अनाज पर मिलने वाली अनुदान की राशि लंबित है, जिसका शीघ्र भुगतान कराया जाये। उपार्जन पर कमीशन की राशि बढ़ाये जाने का किया अनुरोध केन्द्रीय खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री श्री जोशी से मुलाकात के दौरान खाद्य मंत्री श्री राजपूत ने बताया कि समर्थन मूल्य पर खाद्यान्न उपार्जन करने वाली सहकारी संस्थाओं को गेहूं एवं धान के उपार्जन पर मिलने वाले कमीशन में 2013 के बाद से कोई वृद्धि नहीं की गई है, जबकि अन्य राज्यों को कमीशन मद में अधिक राशि का भुगतान किया जा रहा है। समितियों को उपार्जन कार्य में हो रहे व्यय की प्रतिपूर्ति न होने से हो रही हानि से अवगत कराते हुये खाद्य मंत्री श्री राजपूत ने केन्द्र सरकार से उपार्जन पर कमीशन की राशि 43 रूपये प्रति क्विंटल किये जाने का अनुरोध किया। केन्द्री्य खाद्य मंत्री श्री जोशी ने इस पर अधिकारियों से चर्चा कर जल्द राशि बढ़ाये जाने का आश्वासन दिया। श्री राजपूत ने उपार्जन केन्द्रों पर खाद्यान्न की भराई, तुलाई, छापा एवं लोडिंग कार्य के लिये गेहूं और धान पर 17.72 रूपये लेबर व्यय का भुगतान 23 रूपये प्रति क्विंटल बढ़ाये जाने का भी आग्रह किया है।  

उत्तर प्रदेश में कांवड़ लेने जा रहे 4 श्रद्धालुओं को ट्रैक्टर ट्रॉली ने मारी टक्कर, एक की मौत

संभल  उत्तर प्रदेश के संभल जिले में कांवड़ यात्रा पर जा रहे श्रद्धालुओं के साथ एक दर्दनाक हादसा हो गया. असमोली थाना क्षेत्र के मनोटा पुल के पास तेज रफ्तार ट्रैक्टर ट्रॉली ने बाइक सवार चार कांवड़ियों को टक्कर मार दी. टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि एक कांवड़िए की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए. घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस और RRF (रैपिड रेस्पॉन्स फोर्स) की टीम मौके पर पहुंची. चारों घायलों को तुरंत संभल जिला अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने एक और कांवड़िए को मृत घोषित कर दिया. बाकी तीन घायलों का इलाज अस्पताल में जारी है. हादसे के बाद अस्पताल में भारी भीड़ जमा हो गई.

गरीब रथ के इंजन में भीषण आग, लोको पायलट ने समय रहते रोक ली बड़ी दुर्घटना

जयपुर राजस्थान में शनिवार तड़के एक बड़ा रेल हादसा उस समय टल गया जबकि गरीब रथ एक्सप्रेस (12216) के इंजन में अचानक आग लग गई। यह घटना 19 जुलाई की सुबह करीब 3 बजे सेंदड़ा (ब्यावर) रेलवे स्टेशन के पास हुई, जब ट्रेन मुंबई के बांद्रा स्टेशन से दिल्ली के सराय रोहिल्ला जा रही थी। जानकारी अनुसार ट्रेन में उस वक्त 500 से अधिक यात्री सवार थे। लोको पायलट को इंजन के पिछले हिस्से से धुआं उठता हुआ दिखाई दिया, जिसके बाद उन्होंने तुरंत ट्रेन को रोका और सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला। रेल अधिकारियों को तत्काल सूचना दी गई और राहत कार्य शुरू कर दिए गए। रेलवे प्रवक्ता के अनुसार प्राथमिक जांच में सामने आया है कि आग लगने का कारण तकनीकी खराबी या शॉर्ट सर्किट से हो सकता है। राहत की बात यह रही कि आग डिब्बों तक नहीं पहुंची और सभी यात्री पूरी तरह सुरक्षित हैं। किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। इसी के साथ रेल प्रशासन ने कहा है कि यात्रियों को वैकल्पिक साधनों से उनके गंतव्य तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई। साथ ही, प्रभावित इंजन को हटाकर ट्रैक को साफ किया जा रहा है। रूट को पूरी तरह बंद नहीं किया गया, लेकिन सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अन्य ट्रेनों को कम गति से वहां से निकाला गया है। गौरतलब है कि यह गरीब रथ एक्सप्रेस रात 11:30 बजे आबू रोड से रवाना होकर सुबह 3:45 बजे अजमेर पहुंचती है। सेंदड़ा स्टेशन ट्रेन का आधिकारिक स्टॉप नहीं है, लेकिन घटना के समय ट्रेन की रफ्तार कम होने के चलते लोको पायलट ने सूझबूझ से बड़ा हादसा टाल दिया। रेलवे विभाग ने घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं और इंजन में लगी आग की विस्तृत तकनीकी जांच की जाएगी।  

फाइनलिसिमा 2026: स्पेन और अर्जेंटीना की टाइटन्स की टक्कर

मेड्रिड यूरोप और दक्षिण अमेरिका की दो फुटबॉल दिग्गज टीमें – स्पेन और अर्जेंटीना – अगले साल मार्च में फाइनलिसिमा 2026 में आमने-सामने होंगी। यह मुकाबला यूएफा यूरो और कोपा अमेरिका के मौजूदा चैंपियनों के बीच खेला जाएगा। यह मैच 2026 फीफा विश्व कप प्लेऑफ के लिए निर्धारित अंतरराष्ट्रीय विंडो के दौरान आयोजित किया जाएगा, बशर्ते स्पेन की टीम विश्व कप के लिए क्वालिफाई कर ले। यह जानकारी गोल डॉट कॉम की रिपोर्ट के हवाले से दी गई है। यूएफा, फीफा, स्पेनिश फुटबॉल महासंघ, और अर्जेंटीना फुटबॉल एसोसिएशन मिलकर फाइनलिसिमा को सफलतापूर्वक पुनर्जीवित करने के प्रयास में जुटे हैं। 2026 संस्करण में यह हाई-प्रोफाइल मुकाबला फुटबॉल प्रेमियों के बीच उत्साह और वैश्विक रुचि बढ़ाने के उद्देश्य से किया जा रहा है, खासतौर पर उस समय जब अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल गतिविधियाँ कम होती हैं। गौरतलब है कि फाइनलिसिमा ने 1985 और 1993 में आयोजित आर्टेमियो फ्रांकी कप की जगह ले ली है। 1993 में अर्जेंटीना ने यह खिताब जीता था, जो दिवंगत महान खिलाड़ी डिएगो माराडोना का आखिरी अंतरराष्ट्रीय ट्रॉफी था। 2022 में अर्जेंटीना ने इटली को 3-0 से हराकर इस विरासत को आगे बढ़ाया। फाइनलिसिमा 2026 के आयोजन की संभावित तारीख 26 से 31 मार्च के बीच तय की गई है। इसको लेकर शुरुआती बातचीत 75वें फीफा कांग्रेस के दौरान पराग्वे में हुई थी। स्पेन ने हाल ही में यूएफा यूरो 2024 में इंग्लैंड को 2-1 से हराकर खिताब अपने नाम किया था। स्पेन के लिए निको विलियम्स ने 47वें और मिकेल ओयारज़ाबाल ने 86वें मिनट में गोल किए। इंग्लैंड की ओर से एकमात्र गोल कोल पामर ने 73वें मिनट में किया। वहीं, लियोनेल मेसी की कप्तानी वाली अर्जेंटीना ने कोपा अमेरिका 2024 के फाइनल में कोलंबिया को 1-0 से हराकर रिकॉर्ड 16वीं बार यह खिताब जीता। यह गोल लौटारो मार्टिनेज ने किया। फाइनल मुकाबले के दौरान मेसी को दूसरे हाफ में सब्स्टीट्यूट किया गया, जिसके बाद वे भावुक हो गए थे। इस जीत के साथ अर्जेंटीना ने कोलंबिया की 28 मैचों की अपराजेय लय को भी तोड़ दिया और मेसी के करियर के अंतिम पड़ाव में उन्हें दूसरी बार कोपा अमेरिका ट्रॉफी दिलाई।  

हाईकोर्ट का अहम फैसला: पति के साथ दुर्व्यवहार और अपमान तलाक का आधार हो सकता है

मुंबई बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक अहम फैसले में कहा है कि यदि कोई पत्नी अपने पति को दोस्तों के सामने अपमानित करती है, पति के साथ सेक्स संबंध बनाने से इनकार करती है और उस पर बेबुनियाद एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर के आरोप लगाती है, तो यह आचरण "क्रूरता" की श्रेणी में आता है और हिंदू विवाह अधिनियम के तहत तलाक का उचित आधार है। न्यायमूर्ति रेवती मोहिते डेरे और न्यायमूर्ति डॉ. नीला गोकले की खंडपीठ ने गुरुवार को यह फैसला सुनाया। अदालत एक महिला की उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें उसने पुणे पारिवारिक न्यायालय के नवंबर 2019 के फैसले को चुनौती दी थी। पुणे पारिवारिक न्यायालय ने अपने फैसले में पति को तलाक की अनुमति दे दी थी। विवाह के एक साल के भीतर अलगाव इस दंपति का विवाह दिसंबर 2013 में हुआ था, लेकिन एक साल के भीतर ही आपसी मतभेदों के चलते दोनों अलग हो गए। जुलाई 2015 में महिला ने अपने पति और ससुराल वालों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें उसने मानसिक प्रताड़ना, स्त्रीधन रखने और घर से निकालने जैसे आरोप लगाए थे। हालांकि बाद में महिला ने पारिवारिक न्यायालय में ‘वैवाहिक अधिकारों की पुनर्स्थापना’ की याचिका दायर की, जिसमें उसने कहा कि वह शादी को खत्म नहीं करना चाहती। इसके उलट, पति ने क्रूरता और परित्याग के आधार पर तलाक की अर्जी लगाई। पति ने लगाए गंभीर आरोप पति ने अदालत में कहा कि पत्नी न सिर्फ उससे सेक्स संबंध बनाने से इनकार करती थी, बल्कि दोस्तों के सामने उसका अपमान भी करती थी, उस पर झूठे एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर के आरोप लगाती थी। पति ने अदालत में कहा कि पत्नी उसकी दिव्यांग बहन के साथ अमानवीय व्यवहार करती थी, जिससे उसकी सेहत बिगड़ गई। इतना ही नहीं, उसने कार्यालय के कर्मचारियों के साथ भी दुर्व्यवहार किया, जिससे पति को मानसिक पीड़ा हुई। हाईकोर्ट ने पत्नी की अपील खारिज की 2019 में पुणे पारिवारिक न्यायालय ने पत्नी की याचिका को खारिज कर पति को तलाक दे दिया था। इसके खिलाफ महिला ने 2021 में बॉम्बे हाईकोर्ट में अपील की और 10,000 रुपये प्रति माह के भरण-पोषण की भी मांग की। हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों को समझौते के लिए कई बार मध्यस्थता के जरिए सुलह कराने की कोशिश की, लेकिन बात नहीं बनी। अदालत ने स्पष्ट किया कि दोनों के बीच सुलह की कोई संभावना नहीं है और पत्नी के आरोपों को अदालत में प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर झूठा पाया गया। अदालत की खास टिप्पणी अदालत ने कहा, “पति के कर्मचारियों के साथ पत्नी का व्यवहार, दोस्तों के सामने पति का अपमान और झूठे एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर के आरोप निश्चित रूप से मानसिक पीड़ा पहुंचाने वाले हैं और क्रूरता की श्रेणी में आते हैं। पति के साथ सेक्स संबंध से इनकार करना और दिव्यांग बहन के प्रति उदासीनता भी मानसिक यंत्रणा का कारण है।” इसलिए कोर्ट ने पारिवारिक न्यायालय के फैसले को सही ठहराते हुए महिला की अपील खारिज कर दी और 10,000 रुपये प्रति माह भरण-पोषण की मांग भी अस्वीकार कर दी।  

UP Weather Alert: अगले दो दिन भारी बारिश का कहर, इन राज्यों में भी अलर्ट जारी

नई दिल्ली देश में मॉनसून पूरी तरह से सक्रिय है, जिसकी वजह से कई राज्यों में झमाझम बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने शनिवार को बताया है कि उत्तर पश्चिम और पूर्वोत्तर राजस्थान के आसपास के इलाकों में दबाव के असर की वजह से आज दक्षिण पश्चिम राजस्थान में भारी से बहुत भारी और कुछ इलाकों में अत्यधिक भारी बारिश व उत्तरी गुजरात में बहुत भारी बरसात होने वाली है। वहीं, अगले छह से सात दिनों के दौरान केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु में भारी से बहुत भारी बारिश जारी रहने वाली है, जबकि 19 और 20 जुलाई को केरल, तटीय कर्नाटक में कुछ जगहों पर अत्यधिक बरसात का अलर्ट है। इसके अलावा, उत्तर प्रदेश के पश्चिमी इलाकों में कल और परसों बहुत भारी बरसात की चेतावनी जारी की गई है। उत्तर पश्चिम भारत के राज्यों की बात करें तो 19 जुलाई को दक्षिण पश्चिम राजस्थान में बहुत ही ज्यादा बरसात होगी। 20-24 जुलाई के दौरान जम्मू और कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड में और 20 व 21 जुलाई को पश्चिमी उत्तर प्रदेश, 20-22 और 24 जुलाई को पंजाब, हरियाणा, 19 जुलाई को दक्षिण पूर्वी राजस्थान में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश होने की संभावना है। 20-22 जुलाई के दौरान उत्तराखंड में, 21 जुलाई को पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और 21 व 22 जुलाई को हिमाचल प्रदेश, 22 जुलाई को जम्मू कश्मीर में बहुत भारी बारिश होने वाली है। अगल सात दिनों के दौरान पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र और मैदानी इलाकों में कुछ जगहों पर गरज के साथ अधिकांश जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश का अलर्ट है। पश्चिम भारत की बात करें तो 19-25 जुलाई के दौरान कोंकण, गोवा, मध्य महाराष्ट्र के घाट इलाकों, 19 जुलाई को उत्तरी गुजरात में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होगी। 20 जुलाई को सौराष्ट्र व कच्छ में भारी बरसात का अलर्ट है। अगले पांच दिनों के दौरान कई जगह हल्की से मध्यम बारिश होगी। दक्षिण भारत के राज्यों की बात करें तो 19 और 20 जुलाई को केरल, तटीय कर्नाटक में अलग अलग जगहों पर अत्यधिक भारी बारिश होन की संभावना है। 19-25 जुलाई के दौरान तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, उत्तर आंतरिक कर्नाटक, तेलंगाना में, 19 और 20 जुलाई को लक्षद्वीप और रायलसीमा में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश की संभावना है।  

IIT खड़गपुर में सनसनी: हॉस्टल में लटका मिला छात्र, संस्थान में चौथी मौत से हड़कंप

कोलकाता पश्चिम बंगाल के खड़गपुर स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) में एक दुखद घटना सामने आई है। शुक्रवार को बीटेक के चौथे वर्ष के छात्र रीतम मंडल का शव हॉस्टल के कमरे में फंदे से लटका हुआ पाया गया। यह इस साल जनवरी के बाद से परिसर में इस तरह का चौथा मामला है। संस्थान के एक अधिकारी ने बताया कि मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे 21 वर्षीय छात्र रीतम मंडल को परिसर के राजेंद्र प्रसाद (आरपी) हॉल छात्रावास भवन में उसके कमरे में फंदे से लटका पाया गया। छात्रावास में रीतम के साथ रहने वाले एक छात्र ने बताया कि कोलकाता निवासी यह छात्र बृहस्पतिवार रात भोजन करने के बाद अपने कमरे में चला गया था और उसके व्यवहार में किसी तरह की कोई असामान्यता नहीं थी। आईआईटी के अधिकारी ने बताया कि बार-बार दरवाजा खटखटाने पर भी कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली, जिसके बाद सुबह परिसर स्थित चौकी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने संस्थान के सुरक्षा गार्डों के साथ मिलकर दरवाजा तोड़ा और शव को फंदे से लटका पाया। अधिकारी ने बताया कि संस्थान ने प्राथमिकी दर्ज कराई औकृर जांचकर्ताओं को पूरा सहयोग दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि छात्र के परिवार को सूचित कर दिया गया है। आईआईटी ने एक बयान में कहा, “हमें गहरे दुख के साथ मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के स्नातक चतुर्थ वर्ष के छात्र रीतम मंडल के असामयिक निधन की सूचना देते हुए दुख हो रहा है।” बयान में घटनाक्रम का विवरण देते हुए बताया गया, “मंडल 18 जुलाई की सुबह राजेंद्र प्रसाद हॉल ऑफ रेजिडेंस स्थित अपने कमरे में मृत पाया गया। सूचना मिलने पर, संस्थान की सुरक्षा प्रतिक्रिया टीम ने त्वरित कार्रवाई की और छात्रावास परिसर पहुंची। इसके बाद, संस्थान की चिकित्सा टीम, निदेशक, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और स्थानीय पुलिस अधिकारी पहुंचे। मंडल के परिवार से भी तत्काल संपर्क किया गया।” बयान में दावा किया गया कि युवक के व्यवहार में कोई असामान्यता नहीं देखी गई। बयान के मुताबिक, मंडल गर्मी की लंबी छुट्टियों के बाद हाल ही में परिसर लौटा था। संस्थान ने बताया, “मंडल ने कक्षाएं लेना शुरू कर दिया था। संस्थान के सार्थ परामर्श केंद्र से प्राप्त रिकॉर्ड के अनुसार, मानसिक स्वास्थ्य संबंधी किसी भी प्रकार की समस्या के कोई पूर्व संकेत नहीं मिले हैं। विभाग के संकाय सलाहकार ने भी बताया कि कोई भी शैक्षणिक या गैर-शैक्षणिक समस्या उनके ध्यान में नहीं आई। प्रशासन ने प्राथमिकी दर्ज करने और कानून के अनुसार आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है।” बयान में बताया गया कि पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है और संस्थान इस प्रक्रिया को सुविधाजनक बनाने के लिए पूरा सहयोग दे रहा है। बयान के मुताबिक, “हमने (संस्थान ने)घटना की जांच करने और जल्द से जल्द रिपोर्ट देने के लिए एक तथ्यान्वेषी समिति का गठन किया है। पूरा आईआईटी समुदाय इस दुखद क्षति से गहरे सदमे में है।”