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जस्टिस वर्मा पर कार्रवाई तय! सभी राजनीतिक दलों ने जताई एकराय: रिजिजू

नई दिल्ली  केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने शुक्रवार को कहा है कि जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ महाभियोग चलाने के मुद्दे पर सभी राजनीतिक दल एकमत हैं। उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा है कि इस मुद्दे पर सभी पार्टियां से बातचीत जारी है और इसकी पहल अलग-अलग राजनीतिक दलों के सांसदों ने की है जिनमें कांग्रेस के सांसद भी शामिल हैं। इस दौरान उन्होंने यह भी कहा है कि न्यायपालिका में भ्रष्टाचार का मामला बेहद गंभीर और चिंताजनक है। गौरतलब है कि दिल्ली उच्च न्यायालय के तत्कालीन न्यायाधीश जस्टिस यशवंत वर्मा के सरकारी आवास पर एक स्टोर में 14 मार्च की रात लगी आग में 500 करोड रुपए के सैकड़ो और जले हुए नोटों की गाड़ियां मिली थीं। जस्टिस वर्मा ने इस मामले में निर्दोष होने का दावा किया है। हालांकि उच्चतम न्यायालय की आंतरिक जांच समिति ने उनके खिलाफ महाभियोग चलाए जाने की सिफारिश की है। सांसदों ने की है पहल- रिजिजू रिजिजू ने पीटीआई को दिये एक साक्षात्कार में कहा, ‘‘मैंने विभिन्न राजनीतिक दलों के सभी वरिष्ठ नेताओं से बात की है। मैं एकमात्र सांसद वाले कुछ दलों से भी संपर्क करुंगा, क्योंकि मैं किसी भी सदस्य को नजरअंदाज नहीं करना चाहता। ताकि यह भारतीय संसद की एक संयुक्त राय के रूप में सामने आए।’’ केंद्रीय मंत्री ने जोर देकर कहा कि जस्टिस वर्मा को हटाने का प्रस्ताव लाने की पहल सरकार की नहीं, बल्कि विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसदों ने की है, जिनमें कांग्रेस के सांसद भी शामिल हैं। न्यायपालिका में भ्रष्टाचार गंभीर मसला केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि न्यायपालिका में भ्रष्टाचार का मामला गंभीर है। उन्होंने कहा, ‘‘न्यायपालिका में भ्रष्टाचार एक अत्यंत संवेदनशील और गंभीर मामला है, क्योंकि न्यायपालिका ही वह जगह है जहां लोगों को न्याय मिलता है। अगर न्यायपालिका में भ्रष्टाचार है, तो यह सभी के लिए गंभीर चिंता का विषय है। इसी कारण न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा को हटाने का प्रस्ताव सभी राजनीतिक दलों द्वारा हस्ताक्षरित किया जाएगा।’’ रिजिजू ने कहा कि उन्हें खुशी है कि मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने मामले की गंभीरता को समझा है और इस मुद्दे पर साथ देने पर सहमति जताई है। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे खुशी है कि उसने चीजों को वैसे ही समझा जैसा उसे समझना चाहिए, क्योंकि कोई भी पार्टी भ्रष्ट न्यायाधीश के साथ खड़ी या भ्रष्ट न्यायाधीश को बचाती हुई नजर नहीं आ सकती।’’ रिजिजू ने कहा, ‘‘जब न्यायपालिका में भ्रष्टाचार की बात आती है, तो हमें एकजुट होना होगा। इसमें पार्टी के आधार पर रुख नहीं होना चाहिए और इसे राजनीतिक मुद्दा नहीं बनाया जाना चाहिए।’’ बता दें कि कांग्रेस ने कहा है कि उसके सभी सांसद जस्टिस वर्मा के खिलाफ प्रस्ताव का समर्थन करेंगे। रिजिजू ने बताई आगे की प्रक्रिया रिजिजू ने आगे बताया कि किसी न्यायाधीश को हटाने के लिए प्रस्ताव लाने के नोटिस पर लोकसभा में कम से कम 100 सदस्यों और राज्यसभा में 50 सदस्यों के हस्ताक्षर होने चाहिए। उन्होंने कहा कि नोटिस लोकसभा में लोकसभा अध्यक्ष को और राज्यसभा में सभापति को प्रस्तुत किया जाएगा, जो सदन को सूचित करेंगे, न्यायाधीश जांच अधिनियम के अनुसार जांच समिति गठित करेंगे तथा तीन महीने में रिपोर्ट प्राप्त करेंगे। रिजिजू ने कहा, ‘‘तीन महीने की अवधि की आवश्यकता पूरी करनी होगी। उसके बाद जांच रिपोर्ट संसद में पेश की जाएगी और दोनों सदनों में इस पर चर्चा होगी।’’ पूर्व कानून मंत्री कपिल सिब्बल द्वारा जस्टिस वर्मा और इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस शेखर यादव के बीच तुलना करने संबंधी टिप्पणी पर रिजिजू ने कहा कि संसद को एक वकील-सांसद के निजी एजेंडे से निर्देशित नहीं किया जा सकता। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सिब्बल सिर्फ अपने निजी एजेंडे से प्रेरित हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘‘वह एक बहुत ही साधारण वकील हैं। वह भारत की संसद का मार्गदर्शन नहीं कर सकते। भारत की संसद का मार्गदर्शन सभी सांसदों द्वारा किया जाएगा।’’  

स्वच्छता में उत्तर प्रदेश की छलांग: सीएम योगी ने बताया नागरिक भागीदारी को असली ताकत

लखनऊ  स्वच्छ सर्वेक्षण के नौवें संस्करण में उत्तर प्रदेश के 3 शहरों को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने ‘स्वच्छ सर्वेक्षण पुरस्कार 2024-25’ प्रदान किया. इसमें लखनऊ, नोएडा और गोरखपुर का नाम शामिल है. समारोह के बाद टीम ने शुक्रवार को सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की. सीएम योगी ने इस उपलब्धि के लिए दोनों शहरों की टीम को बधाई दी. सीएम ने लखनऊ और गोरखपुर की टीम को बधाई देते हुए एक पोस्ट साझा किया है. सीएम ने एक्स पर लिखा है कि ‘मा. राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु जी द्वारा ‘स्वच्छ सर्वेक्षण पुरस्कार समारोह 2024-25’ के अंतर्गत लखनऊ को 10 लाख से अधिक आबादी की श्रेणी में मिला तृतीय पुरस्कार, नगर निगम की सुव्यवस्था, स्वच्छाग्रहियों के सतत समर्पण, प्रशासन की प्रतिबद्धता और नागरिकों की सक्रिय सहभागिता का प्रतिफल है. आज लखनऊ में पुरस्कार के साथ नगर निगम लखनऊ की महापौर, नगर आयुक्त, पार्षद गण एवं पर्वतीय महापरिषद, उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष ने शिष्टाचार भेंट की. इस ऐतिहासिक उपलब्धि में सहयोगी समस्त जनों का हार्दिक अभिनंदन एवं शुभकामनाएं!   दूसरे पोस्ट में उन्होंने लिखा कि ‘स्वच्छ सर्वेक्षण पुरस्कार समारोह 2024-25’ के अंतर्गत गोरखपुर को ‘सफाई मित्र सुरक्षित शहर’ की श्रेणी में तृतीय स्थान एवं Garbage Free Cities की श्रेणी में प्राप्त 5-स्टार रेटिंग, जनपद वासियों की सहभागिता और नगर निगम की प्रतिबद्धता का परिणाम है, जो अत्यंत हर्ष का विषय है. आज लखनऊ में पुरस्कार के साथ नगर निगम गोरखपुर के महापौर एवं नगर आयुक्त ने शिष्टाचार भेंट की. स्वच्छ, स्वस्थ व हरित गोरखपुर के निर्माण में सतत समर्पित सभी सहयोगियों का हार्दिक अभिनंदन एवं शुभकामनाएं!

नेक्स्ट जनरेशन के एआई-रेडी डाटा सेंटर की क्षमता को 1 गीगावॉट तक किया जाएगा विकसित

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की स्पेन यात्रा के दौरान मध्यप्रदेश सरकार और वैश्विक टेक्नोलॉजी कंपनी सबमर टेक्नोलॉजीस एस.एल. के बीच डिजिटल और तकनीकी क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण रणनीतिक समझौता हुआ। बार्सिलोना में मध्यप्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम और सबमर के बीच एमओयू संपन्न हुआ। इस समझौते में निवेश, तकनीकी सहयोग और सतत डिजिटल अवसंरचना के विकास पर फोकस किया गया है। यह समझौता केवल एक सरकारी प्रक्रिया नहीं, बल्कि नेतृत्व, नीति और परिणाम की मिसाल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा 17 जुलाई की रात को बार्सिलोना स्थित सबमर मुख्यालय के भ्रमण के अगले कुछ ही घंटों बाद यह एमओयू साइन होना निवेश के प्रति मध्यप्रदेश सरकार प्रतिबद्धता का सुदृढ़ कदम है। मजबूत नेतृत्व और स्पष्ट विजन से वैश्विक निवेशकों का विश्वास तेज़ी से हासिल करने का भी उदाहरण है। इस समझौते के अंतर्गत मध्यप्रदेश में नेक्स्ट जनरेशन के एआई-रेडी डाटा सेंटर की क्षमता को संयुक्त रूप से 1 गीगावॉट तक विकसित करने के लिए एक रणनीतिक सहयोग स्थापित किया गया है। यह समझौता उन्नत लिक्विड-कूलिंग तकनीकों जैसे इमर्शन कूलिंग और डायरेक्ट-टू-चिप समाधानों पर केंद्रित है। इसका उद्देश्य ऊर्जा खपत, जल उपयोग और पर्यावरणीय प्रभाव को काफी हद तक कम करना है। यह सहयोग डाटा सेंटर संचालन के लिए वैश्विक दक्षता मानकों के अनुरूप है। यह तकनीक पारंपरिक तरीकों की तुलना में 45 प्रतिशत तक ऊर्जा की बचत और 90 प्रतिशत तक जल संरक्षण करती है। सबमर कंपनी निर्माण, अनुसंधान एवं विकास (R&D) और तकनीकी क्षेत्र में प्रदेश में निवेश करेगी। वहीं मध्यप्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम इस परियोजना के लिए उपयुक्त भूमि, आधारभूत संरचना, नीति सहयोग एवं शासकीय औपचारिकताओं का अंतिम रूप देगा। इस साझेदारी का उद्देश्य न केवल डिजिटल क्षेत्र में राज्य की तकनीकी क्षमता को बढ़ाना है, बल्कि कौशल विकास, नवाचार और स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन को भी प्रोत्साहित करना है। प्रदेश के युवाओं को अत्याधुनिक डिजिटल टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। सबमर, मध्यप्रदेश में डाटा सेंटर्स के डिज़ाइन और स्थापना में नई पीढ़ी के मानकों को स्थापित करने में सहायता करेगा। सबमर तकनीकी सलाहकार के रूप में काम करते हुए लिक्विड कूलिंग, ऊर्जा अनुकूलन और एआई आधारित अवसंरचना विकास के लिए वैश्विक विशेषज्ञता प्रदान करेगा। यह सहयोग मध्यप्रदेश को टिकाऊ, एआई-रेडी डिजिटल केंद्र के रूप में स्थापित करेगा और राज्य को दीर्घकालिक आर्थिक लाभ देगा। इस समझौते के अवसर पर सांस्कृतिक सौहार्द्र का सुंदर दृश्य देखने को भी मिला, जब सबमर के फाउंडर श्री पोल वाल्स सोलर मध्यप्रदेश हैंडलूम से बनी विशेष टाई पहनकर एमओयू कार्यक्रम में शामिल हुए। यह समझौता प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘डिजिटल इंडिया’ और ‘मेक इन इंडिया’ अभियानों की भावना के अनुरूप है और मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार की तकनीकी उन्नयन तथा वैश्विक निवेश प्रोत्साहन की प्रतिबद्धता को सशक्त रूप से दर्शाता है। सबमर टेक्नोलॉजीस की स्थापना वर्ष 2015 में बार्सिलोना में हुई थी। यह कंपनी डेटा सेंटर्स, एआई इंफ्रास्ट्रक्चर और एज कंप्यूटिंग के लिए सिंगल फेज इमर्शन कूलिंग प्रणालियों में वैश्विक विशेषज्ञता रखती है। इसके उत्पादों में स्मार्टपॉड, स्मार्टपॉडएक्स, ईएक्सओ और माइक्रोपॉड शामिल हैं। कंपनी ने विश्वभर में वित्तीय संस्थानों, सरकारी क्लस्टर्स और एआई प्रयोगशालाओं में सफलतापूर्वक सिस्टम स्थापित किए हैं। मई 2022 में कंपनी ने भारत में इंग्राम माइक्रो इंडिया के साथ साझेदारी कर देश में स्मार्ट और सस्टेनेबल डाटा सेंटर की स्थापना की।  

बुरहानपुर में डायरिया का प्रकोप तेज, बड़गांव में मरीजों की संख्या बढ़ी, जांच-पड़ताल शुरू

बुरहानपुर जिला मुख्यालय से दस किलोमीटर दूर बड़गांव माफी में डायरिया के मरीजों की संख्या बढ़कर 24 हो गई है। गांव में 15 जुलाई को उल्टी-दस्त के मरीज बढ़ने की सूचना मिलने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची थी। जांच के दौरान पहले 15 मरीज सामने आए थे। इसके बाद दो दिन में नौ और मरीज सामने आए हैं। इनमें से कुछ मरीजों का निजी अस्पतालों में इलाज चल रहा है। शेष मरीजों का घर पर ही डॉक्टरों की टीम इलाज कर रही है। चार सैंपलों की रिपोर्ट आई पॉजिटिव जिला महामारी नियंत्रक रवींद्र राजपूत ने बताया कि पंचायत और पीएचई विभाग ने ट्यूबवेल की पाइप लाइन में मौजूद लीकेज को ठीक करा दिया है। साथ ही ट्यूबवेल के आसपास मौजूद गोबर व गंदगी को भी साफ कराया गया है। पीएचई ने पानी के पांच सैंपल लिए थे। इनमें से चार सैंपलों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इसलिए अभी लोगों को ट्यूबवेल की जगह हैंडपंप के पानी का उपयोग पेयजल के रूप में करने के लिए कहा गया है। साथ ही पानी को उबाल कर अथवा क्लोरीन की गोलियों से साफ कर पीने की सलाह दी गई है। स्वास्थ्य विभाग की टीम अब भी गांव में डेरा डाले हुए है। अधिकारियों के अनुसार स्थिति नियंत्रित है।    सीईओ जिला पंचायत ने भी किया दौरा गांव में डायरिया फैलने की सूचना मिलने के बाद गुरुवार को सीईओ जिला पंचायत लता शरणागत सहित अन्य अधिकारियों ने भी गांव का दौरा किया था। उन्होंने आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को घर-घर जाकर क्लोरीन की दवाएं वितरित करने और निगरानी रखने के निर्देश दिए थे। शाहपुर के बीएमओ डॉ. अरुण कुमार सिंह स्वयं स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। जिन पांच मरीजों के स्टूल सैंपल लेकर इंदौर जांच के लिए भेजे गए थे, उनकी रिपोर्ट शुक्रवार रात तक मिलने की उम्मीद जताई गई है। जिला महामारी नियंत्रक रवींद्र राजपूत ने कहा कि बड़गांव माफी में अब तक डायरिया के 24 मरीज सामने आ चुके हैं। स्थिति अब नियंत्रण में है। स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार निगरानी और इलाज कर रही है।

असम सीएम का आरोप – ममता बनर्जी को बाकी मुसलमानों से नहीं, सिर्फ बांग्ला भाषी मुसलमानों से लगाव

गुवाहाटी असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल की उनकी समकक्ष ममता बनर्जी को केवल बांग्ला भाषी मुसलमानों की चिंता है। उन्होंने आगाह किया कि अगर ममता मुस्लिम-बंगालियों के लिए असम आती हैं, तो असमिया और हिंदू-बंगाली उन्हें 'नहीं बख्शेंगे'। शर्मा ने भाजपा पर राजनीतिक लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए भाषाई पहचान को हथियार बनाने के तृणमल कांग्रेस अध्यक्ष के हालिया आरोप पर कहा, ‘सवाल यह है कि क्या ममता बनर्जी बंगालियों को पसंद करती हैं या केवल मुस्लिम-बंगालियों को। मेरा जवाब है केवल मुस्लिम-बंगालियों को।" उन्होंने कहा, ‘अगर वह मुस्लिम-बंगालियों के लिए असम आती हैं, तो असमिया लोग और हिंदू-बंगाली उन्हें नहीं बख्शेंगे।" शर्मा ने सवाल किया कि अगर बनर्जी बांग्ला भाषी लोगों की सुरक्षा में रुचि रखती हैं, तो उन्होंने ‘अपने राज्य में नागरिकता (संशोधन) अधिनियम क्यों नहीं लागू किया?’ नागरिकता (संशोधन) अधिनियम, 2019 के तहत पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से 31 दिसंबर, 2014 से पहले भारत आए गैर-मुस्लिम प्रवासियों – हिंदू, सिख, जैन, बौद्ध, पारसी और ईसाई – को भारतीय नागरिकता प्रदान की जाती है। बनर्जी केंद्र और भाजपा शासित राज्यों पर बांग्ला भाषी प्रवासियों को 'अवैध बांग्लादेशी' या ‘रोहिंग्या’ बताकर व्यवस्थित रूप से निशाना बनाने का आरोप लगाती रही हैं।  

57 मुस्लिम देशों के सामने पाकिस्तान ने उठाया सिंधु मुद्दा, पानी को बताया अस्तित्व का संकट

इस्लामाबाद भारत की तरफ से सिंधु जल समझौते को रोके जाने का दुख़ा पाकिस्तान ने मुस्लिम देशों के संगठन OIC में भी सुनाया है। पाकिस्तान 57 मुसलमान देशों की संस्था इस्लामिक सहयोग संगठन की मीटिंग में यह बात रखी और कहा कि भारत ने एकतरफा तौर पर यह फैसला लिया है। जेद्दा में आयोजित OIC के ह्यूमन राइट्स कमिशन के 25वें सत्र में पाकिस्तान ने कहा कि हमारे अधिकारों का भारत की ओर से हनन किया जा रहा है। पाकिस्तान ने 'राइट टू वार' नाम से आयोजित सेशन को संबोधित करते हुए कहा कि यह फैसला मनमाना है। टीवी के मुताबिक सत्र को संबोधित करते हुए पाकिस्तान के स्थायी प्रतिनिधि सैयद फवाद शेर ने कहा भारत ने एकतरफा तौर पर यह निर्णय लिया है और इससे वर्ल्ड बैंक की ओर से तय शर्तों का भी उल्लंघन किया गया है। उन्होंने कहा कि पानी तो हमारे लिए मूल अधिकार की तरह है, लेकिन भारत उसे भी हमसे छीनने की कोशिश कर रहा है। पाकिस्तान ने कहा कि हम तो पहले ही पानी के संकट का सामना कर रहे हैं। ऐसे में यदि भारत से आने वाली नदियों में पानी की कमी हुई तो हमारे आगे मुश्किल हालात होंगे। उन्होंने कहा कि इससे हमारे इलाके में जलवायु का संकट पैदा हो सकता है। पानी की किल्लत होगी और खेती से लेकर तमाम जरूरी चीजों पर खतरा पैदा होगा। सैयद फवाद शेर ने कहा कि पाकिस्तान की ओर से इस मसले को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर लगातार उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि हमारे लिए यह बड़ी परेशानी है। हालांकि पाकिस्तान के इस रुख के बाद भी मुस्लिम देशों के संगठन ने अब तक कोई औपचारिक बयान जारी नहीं किया गया है, जिसमें इस मसले का कोई जिक्र हो। बता दें कि 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने सिंधु जल समझौते को रोक दिया है। इसके अलावा सिंधु समेत सभी नदियों पर बांध आदि परियोजनाओं पर तेजी लाई जा रही है। इनके माध्यम से पाकिस्तान की ओर से जाने वाले पानी का इस्तेमाल किया जाएगा।  

CM योगी का बड़ा आरोप: सोशल मीडिया पर जातीय संघर्ष भड़काने की साजिश

वाराणसी  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सोशल मीडिया पर फेक अकाउंट बनाकर कुछ लोग जातियों को लड़ाने की कोशिश कर रहे हैं। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी में 'धरती आबा' भगवान बिरसा मुंडा पर आधारित राष्ट्रीय संगोष्ठी के उद्घाटन कार्यक्रम में यह बात कही। उन्होंने कहा, "हमारी चुनौती ऐसी है कि कुछ लोग समाज के बीच लोगों को मुख्यधारा से अलग करने का काम करते हैं। कुछ लोग सोशल मीडिया पर फेक अकाउंट बनाकर जातीय संघर्ष की स्थिति पैदा करते हैं। इनसे भी सख्ती से निपटा जा रहा है।" सीएम योगी ने कहा, "दो-तीन साल पहले ऐसी ही एक घटना हुई थी। एक आगजनी की घटना में एक व्यक्ति भगवा गमछा ओढ़े था और बीच में उसके मुंह से 'या अल्लाह' निकला था। ऐसे ही लोगों को चिन्हित करने की आवश्यकता है।" उन्होंने कहा कि सावन का महीना चल रहा है। इससे पहले मुहर्रम था और हमने नियम बना दिए थे कि ताजिये की लंबाई सीमित रखें। इससे बिजली और पेड़ की टहनी को नुकसान पहुंचता था। जौनपुर में एक घटना हुई और ताजिये को इतना ऊंचा किया कि लोग हाई टेंशन लाइन की चपेट में आ गए। तीन लोग मारे गए और बाद में उपद्रव हुआ। तो मैंने कहा, 'लाठी मारो इनको, ये लातों के भूत हैं, बातों से नहीं मानेंगे।' इसका किसी ने विरोध नहीं किया।" मुख्यमंत्री योगी ने कहा, "हमने तो यूपी में व्यवस्था बना रखी है कि कोई भी अस्त्र-शस्त्र लेकर प्रदर्शन नहीं करेगा। नहीं तो हमेशा मोहर्रम का जुलूस आगजनी और उत्पात का कारण बनता था और बहन-बेटियां सड़क पर बाहर नहीं निकल पाती थीं। कोई उस समय नहीं बोलता था।" मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि आज कांवड़ यात्री भक्ति भावना से चलते हैं और 200, 300, और 400 किलोमीटर कांवड़ को कंधे पर लेकर चले जाते हैं। 'हर हर बम' बोलते हुए, लेकिन उनका भी मीडिया ट्रायल होता है। उन्हें उपद्रवी आतंकवादी तक बोला जाता है। यह वो मानसिकता है, जो हर प्रकार से भारत की विरासत और आस्था को अपमानित करने का काम करती है। यही लोग सोशल मीडिया पर फेक अकाउंट बनाकर जातीय संघर्ष फैलाने का काम करते हैं।" इससे पहले, सीएम योगी आदित्यनाथ ने सर्किट हाउस में विकास कार्यों और कानून व्यवस्था की समीक्षा की। पुलिस अफसरों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फेक अकाउंट बनाकर माहौल खराब करने वालों पर पैनी नजर रखने का निर्देश दिया।

नियम तोड़ने पर पुलिस सख्त, मुजफ्फरनगर में कांवड़ियों की बाइकें जब्त

मुजफ्फरनगर यूपी के मुजफ्फरनगर में पुलिस ने बिना साइलेंसर वाली बाइकों का इस्तेमाल करने वाले कांवड़ियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है. शहर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) सत्यनारायण प्रजापत ने बताया कि बिना साइलेंसर वाली और तेज आवाज करने वाली बाइकों का इस्तेमाल न करने की हिदायत दी गई है. नियम तोड़ने वालों पर सख्त एक्शन लिया जाएगा.  मुजफ्फरनगर के एसपी ने न्यूज एजेंसी को बताया कि हनी नाम के एक दुकानदार को मॉडिफाइड साइलेंसर बेचने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. पुलिस ने उसके पास से 12 मॉडिफाइड साइलेंसर जब्त किए हैं. वहीं, दिल्ली-देहरादून राष्ट्रीय राजमार्ग पर बिना साइलेंसर वाली 15 से ज़्यादा मोटरसाइकिलें भी जब्त की गई हैं.  इस बीच देर शाम मुजफ्फरनगर पहुंचे मेरठ जोन के एडीजी भानु भास्कर ने कांवड़ यात्रा की सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया. उन्होंने पुलिस अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और यात्रा के दौरान कांवड़ियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया. इसके साथ ही कांवड़ रूट पर हादसे रोकने के लिए पुलिस ने एडवाइजरी भी जारी की है. डाक कांवड़ ले जाने वालों और अन्य श्रद्धालुओं को नियमों से अवगत कराया.  मीडिया से बात करते हुए एडीजी ने कहा- सभी श्रद्धालुओं और जनता से अनुरोध है कि वे ट्रैफिक रूल्स और पुलिस-प्रशासन के दिशा निर्देशों का पालन करें. पुलिस का सहयोग करें, ताकि कांवड़ यात्रा सुगम और शांतिपूर्ण संपन्न हो सके. फिलहाल, यात्रा के दौरान ट्रैफिक को सुचारू रखने के लिए स्पेशल ट्रैफिक प्रबंधन योजना लागू की गई है. सभी प्रमुख रूटों पर पुलिस की निगरानी है. श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जगह-जगह व्यवस्थाएं की गई हैं. नियम तोड़ने वालों पर भी नजर रहेगी. 

18 टीमों की छानबीन, 14 ठिकानों पर छापे: छांगुर बाबा के ठिकानों से करोड़ों की बरामदगी

बलरामपुर लखनऊ और बलरामपुर समेत कई जिलों में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लॉन्ड्रिंग और हवाला नेटवर्क से जुड़े मामलों में बड़ा एक्शन लिया है. छांगुर बाबा और उसके नेटवर्क पर कार्रवाई करते हुए ईडी की 18 टीमों ने एक साथ 14 ठिकानों पर छापेमारी की. यह कार्रवाई सुबह 6 बजे एक साथ शुरू की गई, ताकि किसी को भागने का मौका न मिले. बलरामपुर, उतरौला, लखनऊ, पुणे समेत अन्य स्थानों पर चली इस कार्रवाई में कई चौंकाने वाले सुराग हाथ लगे हैं. बलरामपुर में कार्रवाई लगभग 13 घंटे तक चली, 100 करोड़ की संपत्तियों की जांच हुई. यहां जमीनों की खरीद-फरोख्त से जुड़े लोगों के घरों पर भी दबिश, लेनदेन का ब्योरा जुटाया गया. वहीं लखनऊ के चिनहट में बलरामपुर CGM कार्यालय के बाबू राजेश उपाध्याय के घर भी छापा मारा गया. बलरामपुर के उतरौला में एटीएस ने जहां जांच की थी, उन जगहों को भी ईडी ने खंगाला. कार्रवाई में सोना, नकदी, लग्जरी गाड़ियां और संपत्तियों के दस्तावेज बरामद हुए.  इसके अलावा दुबई, यूएई और नेपाल से फंडिंग के सुराग भी मिले हैं. ईडी ने नीतू और नवीन की संपत्तियों की भी जांच की है. उतरौला में सुबह 6 बजे से छापेमारी की गई. यहां एक कॉम्प्लेक्स जो नीतू के नाम था, उसमें भी छानबीन की गई. दुकान में रखे सामान, रजिस्टर और अन्य अभिलेखों की गहराई से जांच हुई है. मधपुर स्थित छांगुर के मकान में पुलिस ने कमरों के ताले खुलवाए और अंदर की बारीकी से जांच की गई. प्रशासन द्वारा ढहाई गई कोठी की भी जानकारी ली गई है. पूर्व प्रधान जुम्मन सहित कई लोगों से पूछताछ हुई, जिन्होंने छांगुर से पैसे लिए या जमीन के सौदों में शामिल रहे. बेनामी और नामी संपत्तियों की भी गहन जांच की जा रही है. अधिकारियों ने जब पूछताछ की तो इस दौरान कई लोगों की जुबान लड़खड़ाई, माथे पर चिंता की लकीरें दिखीं. ईडी ने किसी को बाहर आने-जाने की अनुमति नहीं दी. रेहरामाफी गांव और रफीनगर जैसे स्थानों पर भी छापेमारी की गई और लोगों से पूछताछ हुई. छापामारी सुबह 6 बजे की गई, ताकि कोई भाग न सके. एसटीएफ की टीम ने उतरौला में सबरोज नाम के युवक से पूछताछ की, कोई संबंध नहीं मिलने पर छोड़ दिया गया. छांगुर के भतीजे सोहराब और उसके सहयोगी रशीद की तलाश में ATS जुटी है. इसके अलावा पुणे के लोनावला में 16 करोड़ की संपत्ति की जांच की जा रही है, जिसमें छांगुर बाबा, नवीन रोहरा और मोहम्मद अहमद के नाम शामिल हैं. संगीता देवी का नाम भी इस संपत्ति से जोड़ा जा रहा है. ईडी मनी लॉन्ड्रिंग के सबूत जुटाने में लगी है.

रोहित को नहीं हटाना था’, पूर्व चयनकर्ता का बड़ा खुलासा

नई दिल्ली इंग्लैंड दौरे से पहले ही रोहित शर्मा ने अचानक टेस्ट क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया था। उन्होंने अपना आखिरी टेस्ट पिछले साल ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मेलबर्न में खेला था। तब वह टीम के कप्तान थे। बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी से दौरान वह खराब फॉर्म से जूझ रहे थे और इस वजह से उन्होंने सिडनी में हुए ट्रॉफी के आखिरी टेस्ट में खुद को ही ड्रॉप कर दिया था। पूर्व चयनकर्ता जतिन परांजपे ने अब कहा है कि वह रोहित के फैसले से थोड़ा निराश हुए थे। अगर वह सिडनी टेस्ट खेले होते तो भारत सीरीज बराबर कर सकता था। सायरस ब्रोचा के साथ 'अ सेंचुरी ऑफ स्टोरीज' पॉडकास्ट में परांजपे ने बताया कि रोहित शर्मा को टेस्ट क्रिकेट से खास लगाव है। उन्होंने कहा, 'मुझे याद है वह भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट नहीं खेल रहे थे। जब मैंने उनसे बात की तब उन्होंने कहा- जतिन, मैंने क्रिकेट खेलना ही रेड बॉल से शुरू किया है। आप कैसे कह सकते हैं कि मेरी टेस्ट क्रिकेट में रुचि नहीं हैं?' परांजपे ने आगे कहा, 'उन्होंने कहा कि वह टेस्ट क्रिकेट के लिए जीते हैं। मुझ लगता है कि रोहित शर्मा टेस्ट क्रिकेट में और भी ज्यादा कर सकते थे। मुझे तब थोड़ी बहुत निराशा हुई थी जब उन्होंने सिडनी टेस्ट में खुद को ड्रॉप कर दिया क्योंकि हम सीरीज की बराबरी कर सकते थे।' भारत सिडनी टेस्ट हार गया था और उसे बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में शिकस्त झेलनी पड़ी थी। परांजपे ने कहा कि सिडनी टेस्ट जब चल रहा था तब रोहित शर्मा ने कहा कि वह 'कहीं नहीं जा रहे' लेकिन कुछ ही महीने बाद आखिरकार उन्होंने टेस्ट क्रिकेट को अलविदा ही कह दिया। परांजपे ने टेस्ट क्रिकेट में रोहित शर्मा के उभार का श्रेय रवि शास्त्री को दिया। उन्होंने खुलासा किया कि जब वह चयन समिति में थे तब शास्त्री ने रोहित को भारत के लिए ओपनिंग करने के बारे में पूछा था। शास्त्री तब हेड कोच थे। रोहित शर्मा ने भारत के लिए 67 टेस्ट खेले जिसमें उन्होंने 40.57 की औसत से 4301 रन बनाए। उन्होंने 2019 में टेस्ट में ओपनिंग शुरू की और तब से वह क्रिकेट के इस सबसे लंबे फॉर्मेट में भारत के अहम बल्लेबाज बन गए। 2020 से 2024 तक वह टेस्ट में भारत के सबसे कंसिस्टेंट परफॉर्मर थे। हालांकि, सितंबर 2024 में उनका मुश्किल वक्त आया और बल्ले से रन बनाने के लिए जूझने लगे। फिर उन्होंने संन्यास ही ले लिया।