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ऐपल ने लॉन्च किया स्लीप एपनिया नोटिफिकेशन फीचर: अब Apple Watch से मिलेगी नींद की बीमारी की जानकारी

अमेरिकी टेक्नोलॉजी कंपनी ऐपल ने भारत में न्यू हेल्थ फोक्स्ड फीचर को पेश कर दिया है. इस न्यू फीचर की मदद से यूजर्स को खर्राटे से संबंधित सांस वाली बीमारी की जानकारी मिलेगी, जिसको स्लीप एपनिया कहा जाता है. कंपनी ने अपनी ऐपल वॉच में स्लीप एप्निया नोटिफिकेशन फीचर को शामिल किया है, जो यूजर्स की हेल्थ को ट्रैक करेगा और उसकी जानकारी देगा. साथ ही कंपनी ने बताया है के एयरपॉड्स प्रो 3 में क्लिनिकली वैलिडेटेड हियरिंग टेस्ट फीचर दिया गया है. इसकी मदद से यूजर्स अपने घर बैठे ही सुनने की क्षमता की जांच कर सकेगा. इंसानों की जिंदगी अहम है नींद कंपनी ने बताया है कि नींद इंसानों की जिंदगी का एक अहम हिस्सा है. इसका असर इंसानों की जिंदगी और सेहत दोनों पर ही दिखाई देता है. स्लीप एप्निया क्या होती है? स्लीप एप्निया, एक आम बीमारी है. इसमें सोते समय कुछ पल के लिए सांस रुक जाती है, जिससे शरीर में पर्याप्त आक्सीजन की सप्लाई नहीं हो पाती है. जानकारी के मुताबिक, एक अनुमान है कि पूरी दुनिया में इस बीमारी से 1 अरब से ज्यादा लोग प्रभावित हैं. स्लीप एप्निया की वजह से होने वाले नुकसान स्लीप एप्निया का अगर समय रहते इलाज ना कराया जाए तो यह गंभीर बीमारियों की जड़ बन सकता है. स्लीप एप्निया की वजह से हाई ब्लड प्रेशर, टाइप 2 डायबिटीज और दिल से संबंधित बीमारियां भी हो सकती हैं. स्लीप एप्निया को कैसे करता है ट्रैक ऐपल वॉच के अंदर एक खास फीचर शामिल किया है, जिसका काम ब्रीदिंग डिस्टर्बेसेज को चेक करना है. यह फीचर एक्सेलेरोमीटर की मदद से कलाई की छोटी-छोटी एक्टिविटियों को पहचानकर नींद के दौरान सांस लेने के दौरान सामान्य पैटर्न में होने वाली रुकावटों को पहचानता है. 30 दिन में ऐपल वॉच इन डेटा का एनालाइज करेगा और अगर स्लीप एप्निया के लगातार संकेत मिलते हैं, तो उसके बाद यूजर्स को नोटिफिकेशन भेजा जाएगा. इसके बाद शख्स को डॉक्टर से संपर्क करना होगा और आगे की जांच करानी होगी.

भीषण गर्मी में राहत: कोंकण की पारंपरिक ‘फूटी कढ़ी’ बन सकती है नेचुरल कूलर

चिलचिलाती धूप, गर्म हवा के थपेड़े और 45 डिग्री के पार जाता तापमान… देशभर में पड़ रही भीषण गर्मी ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है. घर से बाहर निकलते ही शरीर पसीने से भर जाता है, जिसकी वजह से कुछ ही देर में थकान होने लगती है. धूप गला सुखाकर सारी एनर्जी छीन लेती है. इस तपिश भरे मौसम में लोगों को सिर्फ AC या ठंडा पानी पीने से ही राहत नहीं मिलती है. ऐसे में वो लोग देसी चीजों से शरीर को अंदर से ठंडा रखने की कोशिश करते हैं. अगर आप भी गर्मी से परेशान हैं, तो मशहूर शेफ संजीव कपूर की बताई कोंकण की ट्रेडिशनल ड्रिंक फूटी कढ़ी आपके लिए किसी  नेचुरल कूलर की तरह काम करेगी. शेफ संजीव ने बताया कि पीढ़ियों से कोंकण इलाके में लोग गर्मियों के दौरान इस हल्की खट्टी और रिफ्रेशिंग ड्रिंक को पीते आ रहे हैं. कोकुम से बनने वाली ये देसी ड्रिंक न सिर्फ स्वाद में शानदार होती है, बल्कि शरीर को ठंडा रखने और गर्मी से राहत दिलाने में भी मददगार मानी जाती है. फूटी कढ़ी बनाने के लिए इंग्रेडिएंट्स:     15-20 कोकुम की पंखुड़ियां     2-3 हरी मिर्च बारीक कटी हुई     2-3 बड़े चम्मच ताजा हरा धनिया     1 बड़ा चम्मच चीनी     स्वादानुसार नमक     2 छोटी चम्मच घी     1 छोटी चम्मच राई     आधी छोटी चम्मच हींग बनाने का तरीका:  1. सबसे पहले कोकुम की पंखुड़ियों को एक बाउल में डालें और उसमें 3 कप पानी मिलाकर लगभग 35-40 मिनट के लिए छोड़ दें. 2. अब इस पानी को छान लें. इसमें हरी मिर्च, धनिया, चीनी और नमक डालकर अच्छी तरह मिक्स करें. 3. एक पैन में घी गर्म करें. उसमें राई डालें. जब राई चटकने लगे तो उसके बाद उसमें हींग डालकर हल्का सा भून लें. 4. इस तड़के को कोकुम वाले मिक्स में डालें और अच्छी तरह मिला लें. 5. अब इसे गिलास में बर्फ डालकर ठंडा-ठंडा सर्व करें. गर्मियों में क्यों फायदेमंद है ये ड्रिंक? 1. कोकुम की तासीर ठंडी मानी जाती है, इसलिए ये गर्मी और लू से राहत दिलाकर शरीर को अंदर से ठंडा रखने में मदद कर सकता है. 2. गर्मियों में डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ जाता है. ऐसी ड्रिंक्स शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करती हैं. 3. फूटी कढ़ी एक बहुत ही हल्की ड्रिंक है और पचाने में आसान होती है. इसे खाने के साथ लेने से पेट को आराम मिल सकता है. 4. तेज गर्मी में होने वाली थकान और सुस्ती को कम करने के लिए भी ये ड्रिंक काफी फायदेमंद मानी जाती है.  

नायब सैनी बोले: पंजाब-हरियाणा सिर्फ पड़ोसी नहीं, एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं

 चंडीगढ़ हरियाणा के मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini ने पंजाब और हरियाणा के रिश्तों को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने दोनों राज्यों के संबंध को सिर्फ पड़ोसी राज्यों का रिश्ता नहीं, बल्कि “नाखून और उंगली” जैसा बताया। मुख्यमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है, जब पंजाब की राजनीति को लेकर भी लगातार चर्चा तेज है। एक इंटरव्यू के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें पंजाब को करीब से समझने और देखने का मौका मिला है। उन्होंने बताया कि पंजाब ओबीसी मोर्चा का प्रभारी रहते हुए उन्होंने पूरे प्रदेश का दौरा किया और शायद ही कोई ऐसा चुनाव रहा हो, जहां उन्हें जाने का अवसर न मिला हो। इसी अनुभव के आधार पर उन्होंने पंजाब और हरियाणा के सामाजिक व सांस्कृतिक जुड़ाव को बेहद मजबूत बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब और हरियाणा की जमीन एक है, छत एक है और दोनों का सफर भी एक-दूसरे से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा, “पंजाब-हरियाणा का रिश्ता सामान्य नहीं है, यह नाखून और उंगली का रिश्ता है।” उनके इस बयान को दोनों राज्यों के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक जुड़ाव से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, मुख्यमंत्री ने राजनीतिक स्तर पर पंजाब की मौजूदा सरकार पर निशाना साधने से भी परहेज नहीं किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार की सोच आम आदमी पार्टी से अलग है। मुख्यमंत्री का आरोप था कि पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार ने आम लोगों को अपमानित करने का काम किया है। उन्होंने दावा किया कि पंजाब की जागरूक जनता भ्रष्टाचार में लिप्त आम आदमी पार्टी को बाहर का रास्ता दिखाएगी। साथ ही कहा कि अगर पंजाब में भाजपा की सरकार बनती है तो सभी फसलों की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर सुनिश्चित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने बातचीत के दौरान हरियाणा की उपलब्धियों का भी जिक्र किया और कहा कि प्रदेश ने खेल, कृषि, उद्योग और विकास के क्षेत्र में विश्व स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई है। वहीं, पंजाब और हरियाणा के रिश्ते पर दिया गया उनका “नाखून और उंगली” वाला बयान अब राजनीतिक गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक चर्चा का विषय बना हुआ है।

चुनाव होंगे समय पर या दिसंबर तक टलेंगे? राजस्थान हाईकोर्ट आज करेगा साफ

 जयपुर राजस्थान में पंचायत और स्थानीय निकाय (नगर पालिका/नगर निगम) के चुनाव समय पर होंगे या दिसंबर तक के लिए टल जाएंगे, इस पर आज तस्वीर पूरी तरह साफ हो सकती है. राज्य सरकार और इलेक्शन कमिशन के चुनाव टालने वाले प्रार्थना पत्र पर राजस्थान हाईकोर्ट आज (22 मई) अपना बड़ा फैसला सुना सकता है. कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा और जस्टिस संजीत पुरोहित की खंडपीठ ने इस मामले में बीते 11 मई को दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित (Reserve) रख लिया था, जो आज कोर्ट रूम में सुनाया जा सकता है. क्या है पूरा मामला और सरकार क्यों मांग रही है समय? दरअसल, हाईकोर्ट ने 14 नवंबर 2025 को एक साथ 439 याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए सख्त आदेश दिए थे कि 15 अप्रैल 2026 तक हर हाल में पंचायत और निकाय चुनाव करा लिए जाएं. हालांकि, भजनलाल सरकार ने हाईकोर्ट में प्रार्थना पत्र लगाकर इस समय-सीमा में चुनाव कराने को व्यावहारिक रूप से असंभव बताया और दिसंबर 2026 तक का समय मांग लिया. सरकार ने चुनाव टालने के पीछे कोर्ट के सामने प्रशासनिक और व्यावहारिक दलीलों की पूरी लिस्ट रखी थी:- सरकार का तर्क है कि मई-जून में राजस्थान में भयंकर लू (Heatwave) चलती है, जबकि जुलाई से सितंबर तक भारी बारिश और कृषि कार्यों में ग्रामीण मतदाता व्यस्त रहते हैं.  शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों को मिलाकर करीब 68 हजार से ज्यादा मतदान केंद्र बनेंगे, जिनके लिए 3.4 लाख से अधिक सरकारी कर्मचारियों की आवश्यकता होगी, जो फिलहाल संभव नहीं है. महाधिवक्ता राजेंद्र प्रसाद ने दलील दी कि वार्डों के आंतरिक सीमांकन पर दो अलग-अलग फैसलों और ओबीसी आयोग की रिपोर्ट न आने के कारण आरक्षण तय करने में देरी हुई. 11 मई की सुनवाई में कोर्ट ने लगाई थी कड़ी फटकार पिछली सुनवाई के दौरान कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की बेंच ने सरकार की इन दलीलों पर सख्त नाराजगी जाहिर की थी. कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा था- 'सरकार का रवैया ठीक नहीं है और उन्हें चुनाव की तैयारियों के लिए पहले ही पर्याप्त समय दिया जा चुका है.' जब सरकार ने मौसम और ओबीसी आयोग का हवाला दिया, तो बेंच ने साफ कहा कि आदेश निकायों को लेकर था, तो फिर पंचायत चुनाव क्यों नहीं कराए गए? और ओबीसी आयोग क्या कर रहा है, यह कोर्ट के सामने विषय नहीं है. कोर्ट ने सरकार के 'गर्मी-बरसात' वाले तर्कों को स्वीकार न करते हुए अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. 'जनता परेशान, सिस्टम बेहाल: विपक्ष हमलावर दूसरी तरफ, पूर्व कांग्रेस विधायक संयम लोढ़ा और गिर्राज सिंह देवंदा ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कोर्ट के आदेश की अवहेलना का आरोप लगाया है. उन्होंने इस मामले में एक अवमानना याचिका (Contempt Petition) भी दायर की है, जिस पर जस्टिस महेंद्र कुमार गोयल और जस्टिस अनिल कुमार उपमन की बेंच में अगली सुनवाई 26 मई को होनी है. संयम लोढ़ा ने कहा, 'राजस्थान की जनता को उनके वोट देने के संवैधानिक अधिकार से वंचित किया जा रहा है. चुनाव न होने से पंचायतों और निकायों में भारी अव्यवस्था है, स्थानीय स्तर पर विकास के सारे काम पूरी तरह ठप हैं। लोग परेशान हैं और पूरा सिस्टम बेहाल है.' आज के फैसले पर टिकी सबकी नजरें यदि कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की बेंच आज सरकार के प्रार्थना पत्र को खारिज कर देती है, तो सरकार और राज्य चुनाव आयोग को तुरंत चुनाव कराने की दिशा में आगे बढ़ना होगा. वहीं, यदि कोर्ट से राहत मिलती है, तो प्रदेश में स्थानीय सरकार के गठन के लिए जनता को दिसंबर तक का इंतजार करना पड़ेगा.

LAC सुरक्षा को मिलेगी नई ताकत, लखनऊ में बनेगा उत्तरी थिएटर कमांड

लखनऊ चीन पर नजर रखने के लिए लखनऊ में स्थापित मध्य कमांड को ही उत्तरी थिएटर कमांड बनाया जाना तय है। लद्दाख से लेकर अरुणाचल प्रदेश के किबिथू तक फैली वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के 3,488 किलोमीटर क्षेत्र की देखरेख की जिम्मेदार होगी। यह चीन के साथ भारत की वास्तविक सीमा है। दो दिन पूर्व सीडीएस अनिल चौहान की लखनऊ यात्रा को इस दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उन्होंने सेवानिवृत्त सैन्य अफसरों के साथ थिएटराइजेशन पर गंभीर चर्चा की थी। उम्मीद जताई जा रही है कि तीन प्रस्तावित थिएटर कमांडों की स्थापना 30 मई को चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) के रूप में जनरल अनिल चौहान का कार्यकाल समाप्त होने से पहले हो जाएगी। प्रस्ताव के अनुसार उत्तरी थिएटर कमांड का नेतृत्व एक सेना जनरल करेंगे। उत्तरी मोर्चे पर अधिक जमीनी सैनिकों की आवश्यकता होने की उम्मीद है, इसलिए सेना अधिकारी थिएटर का नेतृत्व कर सकता है। ठोस शुरुआत 2019 में थिएटर कमांड बनाने की आधिकारिक और ठोस शुरुआत 2019 में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ का पद बनने और सशस्त्र बलों के पुनर्गठन की प्रक्रिया शुरू होने के बाद हुई। जुलाई 2024 में रक्षा मंत्रालय ने लखनऊ को उत्तरी थिएटर कमांड के आधार के रूप में नामित किया। 4 और 5 सितंबर 2024 को पहला संयुक्त कमांडर सम्मेलन (जेसीसी) लखनऊ में आयोजित किया गया था। उसमें तय हुआ था कि थिएटर कमांड के कमांडर-इन-चीफ और वाइस चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ, सेना प्रमुखों (जनरल, एयर चीफ मार्शल और एडमिरल) की तरह चार सितारा रैंक के अधिकारी होंगे। थिएटर कमांड के मुख्य चरण कारगिल समीक्षा समिति 1999- कारगिल युद्ध के तुरंत बाद बनी इस समिति ने तीनों सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल के लिए 'इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड' की सिफारिश की थी। अंडमान निकोबार कमांड 2001- इस सिफारिश के तहत पहला कदम 2001 में उठाया गया। भारत की एकमात्र त्रि-सेवा कमांड अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में स्थापित की गई। शेकातकर समिति 2016- इस समिति ने भी अपनी रिपोर्ट में तीनों सेनाओं की एकजुटता और संसाधनों के बेहतर उपयोग के लिए उत्तर, पश्चिम और दक्षिण में थिएटर कमांड बनाने का सुझाव दिया था। सीडीएस की नियुक्ति वर्ष 2019 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेनाओं को एक साथ लाने की प्रक्रिया को हरी झंडी दी। देश के पहले सीडीएस जनरल बिपिन रावत ने इन कमांड्स को धरातल पर उतारने की मूल योजना (प्रस्तावित 5 थिएटर कमांड) तैयार की।

वास्तु शास्त्र: तिजोरी रखने की सही दिशा और धन वृद्धि के महत्वपूर्ण नियम

हर व्यक्ति चाहता है कि उसका पर्स पैसों से भरा रहे. तिजोरी में हमेशा धन की वृद्धि होती रहे. लेकिन सभी के साथ ऐसा नहीं होता है. कई लोगों के पास धन प्राप्ति के अवसर ही नहीं होते तो कई के पास धन तो आता है, लेकिन टिकता नहीं है. वहीं, कुछ लोग अपनी मेहनत के अनुसार धन की प्राप्ति न होने से परेशान रहते हैं. तो चलिए जानते हैं कि कौन सी ऐसी दिशाएं हैं जो आपकी तिजोरी और पर्स को हमेशा धन से भरा रखने में आपकी मदद कर सकती हैं. और कौन सी ऐसी दिशाएं हैं जो आपकी जेब खाली करा सकती हैं. धन के लिए मुख्य दिशाएं धन के लिए प्रमुख रूप से तीन दिशाएं महत्वपूर्ण हैं. उत्तर, दक्षिण-पूर्व और पश्चिम दिशा. इन तीनों दिशाओं में यदि आप अपना पैसा या तिजोरी रखने हैं तो धन वृद्धि के लिए अच्छा है. उत्तर दिशा को हमेशा रोशनी से भरा रखना भी धन वृद्धि के लिए बेहतर उपाय है. वहीं, साउथ-ईस्ट दिशा में व्यक्ति को रोज के खर्चे के लिए कुछ पैसे अवश्य रखने चाहिए. धन वृद्धि के लिए पश्चिम दिशा में उत्तर दिशा की तरफ खुलने वाली तिजोरी का होना सबसे बेहतर है. पश्चिम आपकी इच्छा पूर्ति की दिशा है. ज्यादातर अमीर घरों में लोग इन्हीं तीन जगहों पर पैसा या मूल्यवान चीजें रखने के लिए तिजोरी बनवाते हैं. कहां न बनाएं तिजोरी? जहां तिजोरी गलती से भी नहीं बनानी चाहिए वह दिशा साउथ-साउथ-वेस्ट दिशा है. यहां रखा धन न तो सही समय पर आपके काम आएगा और व्यर्थ ही बर्बाद होगा. इसलिए इस दिशा में किसी भी व्यक्ति को तिजोरी या पैसा रखने की गलती नहीं करनी चाहिए.  वेस्ट-नॉर्थ-वेस्ट दिशा में भी कभी तिजोरी न बनाएं. यहां भी तिजोरी या किसी भी प्रकार से धन रखना ठीक नहीं है. तीसरी दिशा ईस्ट-साउथ-ईस्ट दिशा है जहां धन या तिजोरी का होना धन वृद्धि में बाधक बन सकता है.

गजकेसरी और बुधादित्य योग 2026: 5 राशियों के लिए खुलेंगे सफलता और धन लाभ के द्वार

 द्रिक पंचांग के अनुसार, आज बनने वाले गजकेसरी योग और बुधादित्य योग का यह दुर्लभ संयोग बेहद शुभ और फलदायी माना जा रहा है. जब कुंडली में देवगुरु बृहस्पति और चंद्रमा की युति बनती है तो गजकेसरी योग बनता है. गजकेसरी योग मान-सम्मान और समृद्धि लाता है. वहीं, सूर्य और बुध की युति से बनने वाला बुधादित्य योग बुद्धि, करियर और व्यापार में अपार सफलता दिलाता है. इन दोनों महायोगों के प्रभाव से 5 भाग्यशाली राशियों के लंबे समय से अटके हुए काम पूरे होने वाले हैं, साथ ही धन लाभ और करियर में तरक्की के प्रबल संकेत हैं. आइए जानते हैं वो 5 राशियां कौन सी हैं. 1. मेष राशि (Aries) मेष राशि के जातकों के लिए यह समय किसी वरदान से कम नहीं है. करियर और व्यापार: ऑफिस में आपके काम की तारीफ होगी. सीनियर्स का पूरा सपोर्ट मिलेगा. व्यापार में कोई बड़ी डील फाइनल हो सकती है, जिससे लंबे समय से रुका हुआ मुनाफा वापस मिलेगा. अटके काम: यदि आपका कोई सरकारी काम या कोर्ट-कचहरी का मामला अटका हुआ था, तो उसमें गति आएगी और फैसला आपके पक्ष में हो सकता है. 2. मिथुन राशि (Gemini) बुध की इस स्थिति से मिथुन राशि के जातकों को सीधा फायदा होने जा रहा है. धन लाभ: आर्थिक स्थिति में जबरदस्त सुधार देखने को मिलेगा. आकस्मिक धन लाभ के योग बन रहे हैं. अगर आपने कहीं निवेश किया था, तो उससे बड़ा रिटर्न मिल सकता है. सफलता: नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन या नई नौकरी के बेहतरीन अवसर मिल सकते हैं. आपकी निर्णय लेने की क्षमता मजबूत होगी. 3. सिंह राशि (Leo) सूर्य के प्रभाव से सिंह राशि के जातकों का आत्मविश्वास और सामाजिक मान-सम्मान चरम पर होगा. करियर में ग्रोथ: जो लोग काफी समय से नौकरी बदलने का प्रयास कर रहे थे, उनकी तलाश अब खत्म हो सकती है. कार्यक्षेत्र में आपकी लीडरशिप क्वालिटी की सराहना होगी. अटके काम: प्रॉपर्टी या वाहन खरीदने की योजना जो पिछले कई महीनों से टल रही थी, वह अब धरातल पर आ सकती है. 4. तुला राशि (Libra) गजकेसरी योग तुला राशि के जातकों के जीवन में स्थिरता और खुशहाली लेकर आ रहा है. आर्थिक पक्ष: आपकी इनकम के नए सोर्स बनेंगे, जिससे पुराना कर्ज या उधार चुकाने में आप सफल रहेंगे. बैंक बैलेंस में बढ़ोतरी होगी. पारिवारिक जीवन: परिवार में चल रहा कोई पुराना मनमुटाव समाप्त होगा. पैतृक संपत्ति से जुड़े मामलों में सफलता मिलेगी. 5. धनु राशि (Sagittarius) धनु राशि के स्वामी गुरु (बृहस्पति) हैं, इसलिए गजकेसरी योग का सबसे शानदार प्रभाव आपकी राशि पर देखने को मिलेगा. भाग्य का साथ: किस्मत का पूरा साथ मिलने से आपके बिगड़े हुए काम अचानक बनने लगेंगे. विदेश यात्रा या उच्च शिक्षा से जुड़े प्रयास सफल होंगे. करियर: बिजनेस करने वाले जातकों को कोई नया प्रोजेक्ट या बड़ा ऑर्डर मिल सकता है, जिससे मार्केट में आपकी साख बढ़ेगी.

मानक से ज्यादा फीस लेना पड़ा भारी, निजी स्कूलों पर 5 लाख जुर्माने की चेतावनी

लखनऊ यूपी के लखनऊ में ज्यादा फीस लेने वाले आठ निजी स्कूलों को नोटिस जारी किया गया है। साथ ही 5 लाख रुपये तक जुर्माना लगाने की चेतावनी भी दी गई है। डीएम विशाख जी की अध्यक्षता में गुरुवार जिला शुल्क नियामक समिति की बैठक हुई। जिसमें बच्चों से तय मानक से ज्यादा फीस लेने वाले स्कूलों को नोटिस जारी कर पांच लाख रुपये जुर्माने की चेतावनी दी गई। इनको एक जून तक जवाब देने का मौका दिया गया है। समिति को 20 विद्यालयों के खिलाफ बढ़ी फीस लेने की 28 शिकायतें मिली थीं। जांच में आठ शिकायतें सही पाई गईं। इनमें से दो स्कूलों ने कमेटी की जांच में ज्यादा फीस लेने की बात स्वीकार की। कार्रवाई के डर से इन स्कूलों ने बढ़ी फीस अगले महीने में समायोजित करने का आश्वासन दिया है। उत्तर प्रदेश स्ववित्तपोषित विद्यालय (शुल्क विनियमन) अधिनियम- 2018 एवं संशोधन अधिनियम 2020 के अनुपालन में गुरुवार को डीएम की अध्यक्षता में समीक्षा की गई। बैठक में समिति ने जांच रिपोर्ट प्रस्तुत की। इस पर डीएम ने निर्देश दिए कि अधिक फीस लेने वाले विद्यालयों को नोटिस जारी कर पूछा जाए कि उनके खिलाफ अर्थदंड क्यों न लगाया जाए। इन स्कूलों को मिला नोटिस डीआईओएस राकेश कुमार ने बताया कि नोटिस पाने वाले विद्यालयों में एलन हाउस पब्लिक स्कूल, सीलवती आइडियल पब्लिक स्कूल, रामनगर, आश्रम एकेडमी, कृष्णानगर, हुकुम सिंह मेमोरियल इंटर कॉलेज, इंदिरानगर, सेंट डोमिनिक इंटर कॉलेज, सेठ एमआर जयपुरिया गोयल कैम्पस, अयोध्या रोड, ब्राइट वे इंटर कॉलेज, जानकीपुरम और केजे मॉडर्न पब्लिक स्कूल शामिल हैं।

दूध उबलकर गिरना: वास्तु और ज्योतिष में क्या है इसका संकेत, जानें चंद्र दोष से जुड़ा रहस्य

 क्या आपके घर में भी अक्सर ऐसा होता है कि चूल्हे पर दूध रखा और नजर हटते ही वह उबलकर बाहर गिर गया? अमूमन हम इसे एक आम लापरवाही मानकर साफ कर देते हैं और भूल जाते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि वास्तु और ज्योतिष शास्त्र में इस तरह दूध का बार-बार गिरना महज एक इत्तेफाक नहीं माना जाता? रसोई में होने वाली यह छोटी सी घटना आपके जीवन, मानसिक शांति और यहां तक कि आपकी जेब पर भी बड़ा असर डाल सकती है. आइए जानते हैं कि उबलते हुए दूध का बार-बार गिरना आपके भविष्य को लेकर क्या संकेत दे रहा है और इसके पीछे की असल वजह क्या है. कमजोर चंद्रमा और मानसिक तनाव ज्योतिष शास्त्र में दूध का सीधा संबंध चंद्रमा से माना गया है, जो हमारे मन, शांति और भावनाओं का कारक है. यदि आपके घर में बार-बार दूध उबलकर बर्तन से बाहर गिर रहा है, तो यह कुंडली में चंद्रमा के कमजोर होने या चंद्र दोष की ओर इशारा करता है. इसके प्रभाव से आने वाले दिनों में आपके जीवन में मानसिक अस्थिरता, बेवजह का तनाव और निर्णय लेने की क्षमता में कमी आ सकती है. पारिवारिक क्लेश और अशांति की आशंका वास्तु शास्त्र के अनुसार, चूल्हे या अग्नि पर दूध का गिरना अग्नि और चंद्रमा (जल तत्व) के टकराव को दर्शाता है. अगर यह घटना अक्सर होने लगे, तो घर के सदस्यों के बीच वैचारिक मतभेद बढ़ने लगते हैं.  छोटी-छोटी बातों पर बहस, बिना वजह का तनाव और घरेलू क्लेश का माहौल बनने की आशंका रहती है. आर्थिक नुकसान और बढ़ते खर्चों का संकेत दूध को समृद्धि और लक्ष्मी का रूप भी माना जाता है. वास्तु मान्यताओं के अनुसार, उबलते दूध का बार-बार जमीन या चूल्हे पर गिरना सीधे तौर पर धन की हानि से जुड़ा है. यह इस बात का संकेत हो सकता है कि आने वाले समय में आपके अप्रत्याशित खर्चे बढ़ने वाले हैं या किसी निवेश में नुकसान हो सकता है. ऐसे समय में अपने फालतू खर्चों पर नियंत्रण रखना बेहद जरूरी हो जाता है. सेहत से जुड़ी परेशानियां अग्नि पर दूध का गिरना स्वास्थ्य के मोर्चे पर भी सचेत रहने का इशारा है.  माना जाता है कि ऐसा होने पर परिवार के सदस्यों, विशेषकर माता या घर की वरिष्ठ महिलाओं की सेहत पर बुरा असर पड़ सकता है.  यदि आपके घर में भी ऐसा लगातार हो रहा है, तो सेहत को लेकर सावधानी बरतें. शुभ कार्य से ठीक पहले दूध का गिरना अगर आप किसी विशेष काम, इंटरव्यू या यात्रा पर जाने वाले हों और ठीक उसी समय दूध उबलकर बाहर गिर जाए, तो इसे वास्तु में एक अवरोध (अपशगुन) के रूप में देखा जाता है. इसका मतलब है कि बनते हुए काम में बाधा आ सकती है. करें ये अचूक उपाय यदि आपके घर में यह समस्या लगातार बनी हुई है, तो वास्तु और ज्योतिष के इन आसान उपायों को अपनाकर आप नकारात्मक प्रभाव को कम कर सकते हैं. चंद्रमा को अर्घ्य दें: हर सोमवार को या पूर्णिमा के दिन चांदी के पात्र में जल और थोड़ा सा दूध मिलाकर चंद्रमा को अर्घ्य दें. इससे चंद्र दोष शांत होता है और मानसिक शांति मिलती है. सफेद वस्तुओं का दान: सोमवार के दिन किसी जरूरतमंद को दूध, चावल, चीनी या सफेद वस्त्र का दान करें. कपूर का उपाय: यदि किसी शुभ काम पर निकलते समय दूध गिर जाए, तो घबराने के बजाय भगवान के सामने कपूर जलाएं, उन्हें कुछ मीठा भोग लगा करअपनी भूलचूक के लिए क्षमा मांगते हुए घर से बाहर निकलें. किचन की दिशा और सफाई: हमेशा ध्यान रखें कि दूध उबालते समय आपका मुख पूर्व दिशा की ओर हो.  इसके साथ ही, किचन के उत्तर-पश्चिम (वायव्य कोण) और दक्षिण-पूर्व (आग्नेय कोण) को हमेशा साफ-सुथरा रखें, क्योंकि इन कोनों का सीधा संबंध घर की सुख-शांति और अग्नि तत्व से होता है.

Cyber Fraud Alert: गृह विभाग के नाम पर जारी हुआ फर्जी IPS ट्रांसफर आदेश, आरोपी गिरफ्तार

 पटना बिहार के तीन जिलों के एसपी के तबादले का फर्जी अधिसूचना जारी किए जाने का एक मामला सामने आया है। यह करतूत साइबर फ्रॉड गिरोह की बताई जा रही है। सीतामढ़ी, सारण और बेगूसराय जिला का एसपी के तबादले का फर्जी अधिसूचना का पता चलने पर गृह विभाग ने इसकी शिकायत पटना साइबर पुलिस में की। मामले में एक आरोपी की गिरफ्तारी की गयी है जो बिहार पुलिस में पहले से तैनात है। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है ताकि गिरोह में शामिल अन्य गुर्गो की पहचान करके ठोस कार्रवाई की जा सके। साइबर पुलिस ने इस मामले में गुरुवार को केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक आरोपितों की गिरफ्तारी भी कर ली गई है। लेकिन अधिकारी फिलहाल इसकी पुष्टि नहीं कर रहे हैं। साइबर पुलिस इस मामले का शुक्रवार को खुलासा कर सकती है। दरअसल, पिछले दिनों एक शख्स ने सीतामढ़ी, सारण और बेगूसराय जिले के एसपी के तबादले का फर्जी अधिसूचना जारी कर दिया था। गृह मंत्रालय के नाम से जारी फर्जी पत्र सोशल मीडिया पर वायरल था। इसकी जानकारी होने पर गृह विभाग ने मामले को तुरंत संज्ञान में लिया। बाद में गृह मंत्रालय की और से इसकी शिकायत पटना साइबर थाना में की गई। गृह मंत्रालय ने साइबर पुलिस से मामले की जांच कर फर्जी अधिसूचना बनाने और उसे वायरल करने वाले की जल्द से जल्द गिरफ्तारी की मांग की है। बताया जाता है कि जिस शख्स ने फर्जी अधिसूचना जारी किया था वह पुलिस विभाग में तैनात है। गिरफ्तारी के बाद आरोपित से पूछताछ में यह पता चल सकेगा कि ऐसा करने के पीछे उसकी मंशा क्या थी। माना जा रहा है कि उसका साइबर फ्रॉड गिरोह से ताल्लुक है। इस मामले में डीएसपी व साइबर थाना प्रभारी नीतीश चंद्र धारिया ने बताया कि साइबर पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। जल्द ही पूरे रैकेट का उद्भेदन कर लिया जाएगा। दरअसल, इस मामले का खुलासा गृह विभाग के दिवंगत पुलिस वालों के परिजनों को बीमा चेक वितरण कार्यक्रम के दौरान हुआ। विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने बताया कि बीती रात तीन आईपीएस के तबादले की अधिसूचना सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा। पुलिस ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए एक शातिर को गिरफ्तार कर लिया है जो कहीं पुलिस कार्यालय में काम कर रहा था। उन्होंने दावा किया कि क्राइम होने पर पुलिस काफी कम समय में कांड का उद्भेदन और बदमाशों की गिरफ्तारी कर रही है।