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शराब और बीयर की कीमत बढ़ने की संभावना, 20% तक बढ़ोतरी का प्रस्ताव

मुंबई  पश्चिम एशिया में जारी तनाव का असर अब सिर्फ कच्चे तेल या शेयर बाजार तक सीमित नहीं रहा, बल्कि भारत के शराब उद्योग पर भी इसका बड़ा प्रभाव पड़ने लगा है। देश की कई बड़ी शराब और बीयर कंपनियों ने राज्य सरकारों से कीमतें बढ़ाने की मांग की है। कंपनियों का कहना है कि वेस्ट एशिया संकट के कारण सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित हुई है, जिससे बोतल, कैन, पैकेजिंग और ट्रांसपोर्टेशन की लागत तेजी से बढ़ गई है। यही वजह है कि अब इंडियन मेड फॉरेन लिकर (IMFL), बीयर और वाइन की कीमतों में बढ़ोतरी की मांग जोर पकड़ रही है। देश की प्रमुख इंडस्ट्री संस्था (Confederation of Indian Alcoholic Beverage Companies-CIABC) और (Brewers Association of India) ने कई राज्यों को पत्र लिखकर राहत की मांग की है। बीयर कंपनियों के संगठन BAI ने सरकारों से 15% से 20% तक कीमतें बढ़ाने की अनुमति मांगी है ताकि बढ़ती लागत का कुछ बोझ कम किया जा सके। संगठन के डायरेक्टर जनरल विनोद गिरी (Vinod Giri) के मुताबिक, वेस्ट एशिया संकट के बाद ग्लास बोतलों की कीमत करीब 20% तक बढ़ गई है, जबकि पेपर कार्टन लगभग दोगुने महंगे हो चुके हैं। इसके अलावा LDPE, BOPP और चिपकाने वाले मटेरियल्स की कीमतों में भी 20-25% तक की बढ़ोतरी हुई है। सबसे ज्यादा दबाव ग्लास उद्योग पर देखा जा रहा है। उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद स्थित ग्लास मैन्युफैक्चरिंग हब में गैस सप्लाई कम होने से कई फैक्ट्रियां संकट में हैं। कंपनियों का कहना है कि उन्हें अब महंगे LNG और LPG का इस्तेमाल करना पड़ रहा है, जिससे उत्पादन लागत और बढ़ गई है। बीयर कंपनियों के सामने एल्यूमीनियम कैन की कमी भी बड़ी चुनौती बन रही है क्योंकि मिडिल ईस्ट से एल्यूमीनियम सप्लाई प्रभावित हुई है। इंडस्ट्री को डर है कि अगर यही स्थिति बनी रही तो आने वाले महीनों में कैन और ग्लास की भारी कमी हो सकती है। इस संकट का असर सिर्फ उत्पादन तक सीमित नहीं है। ट्रांसपोर्ट और फ्रेट लागत भी करीब 10% बढ़ चुकी है, जबकि डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी ने आयात को और महंगा बना दिया है। अनंत एस अय्यर (Anant S Iyer) का कहना है कि वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव ने शराब उद्योग पर महंगाई का बड़ा दबाव बना दिया है। कंपनियों ने सरकारों से अंतरिम राहत के तौर पर टैक्स और मैन्युफैक्चरिंग लेवी में कटौती की भी मांग की है। अगर सरकारें कीमत बढ़ाने की अनुमति देती हैं, तो आने वाले समय में बीयर, व्हिस्की और वाइन जैसी शराबों के दाम आम ग्राहकों के लिए और महंगे हो सकते हैं।

भूजल बचाने निगम की पहल: 15 हजार इमारतों में लगाए जाएंगे रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम

इंदौर  इंदौर में गर्मी के बढ़ते प्रकोप के साथ ही पानी की किल्लत विकराल रूप धारण करने लगी है। स्थिति यह है कि नर्मदा के नलों में अब कम दबाव से पानी की आपूर्ति हो रही है और शहर के 30 से 40 प्रतिशत इलाकों में बोरिंग भी पूरी तरह सूख चुके हैं। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए नगर निगम ने भूजल स्तर सुधारने और बारिश की बूंदों को सहेजने के लिए कड़े कदम उठाना शुरू कर दिया है। निगम प्रशासन ने अब शहर के तमाम आवासीय, व्यावसायिक और औद्योगिक भवनों के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को अनिवार्य कर दिया है। अभियान के पहले चरण में 600 से अधिक बहुमंजिला इमारतों और बड़े भवनों को चिह्नित कर नोटिस थमाए गए हैं। आगामी दो महीनों के भीतर निगम ने 15,000 भवनों में यह सिस्टम स्थापित करने का लक्ष्य रखा है और आम नागरिकों से भी इसे स्वेच्छा से अपनाने की अपील की जा रही है।  शहरी क्षेत्रों में जमीन के भीतर का पानी खत्म होता जा रहा बढ़ती हुई आबादी की जरूरतों को पूरा करने के लिए नर्मदा के चौथे चरण का कार्य तो प्रारंभ कर दिया गया है, परंतु सबसे बड़ी चुनौती पानी की वास्तविक उपलब्धता को लेकर बनी हुई है। हालांकि जिम्मेदार अधिकारी यह दावा कर रहे हैं कि पानी की टंकियों को पूर्व की भांति ही भरा जा रहा है, किंतु धरातल पर परिस्थितियां इसके विपरीत नजर आ रही हैं। शहरी क्षेत्रों में जमीन के भीतर पानी का स्तर निरंतर गिरता जा रहा है। इसी गिरावट को रोकने के उद्देश्य से नगर निगम ने रेन वाटर हार्वेस्टिंग और वॉटर रिचार्जिंग की व्यापक पहल की है। भूजल स्तर में सुधार के लिए दीर्घकालिक योजना भूजल बोर्ड की हालिया रिपोर्ट में निगम के प्रयासों के सकारात्मक परिणाम भी दिखाई दिए हैं। आंकड़ों के अनुसार, पानी का दोहन प्रतिशत 119 से कम होकर 117 पर आ गया है। भविष्य की जरूरतों और जल संकट के स्थाई समाधान के लिए निगम ने लंबी अवधि की योजना पर ध्यान केंद्रित किया है। निगमायुक्त क्षितिज सिंघल के अनुसार, बड़ी इमारतों में इस प्रणाली को अनिवार्य किया गया है। वर्तमान में लगभग 800 भवन स्वामियों और मल्टी संचालकों ने सूचित किया है कि उन्होंने सिस्टम लगाने का कार्य शुरू कर दिया है। इस पूरी प्रक्रिया को पूर्ण करने के लिए 30 जून तक की समय सीमा तय की गई है। निर्माण कार्यों और व्यावसायिक उपयोग पर कड़े प्रतिबंध लागू किए बढ़ती गर्मी में घरेलू खपत के साथ-साथ निर्माण कार्यों और गैरेज जैसे व्यावसायिक क्षेत्रों में पानी का बेतहाशा उपयोग हो रहा है। इसे नियंत्रित करने के लिए नगर निगम ने निर्माण कार्यों और ऑटोमोबाइल सर्विस स्टेशनों पर बोरिंग या नर्मदा जल के उपयोग को पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया है। इसके विकल्प के रूप में निगम ने शहर के 35 अलग-अलग स्थानों पर ट्रीटेड वॉटर के हाईडेंट पॉइंट बनाए हैं, जहां से व्यावसायिक कार्यों के लिए पानी लिया जा सकेगा। इसके अतिरिक्त कार धोने या किसी भी रूप में पानी का दुरुपयोग करने वालों पर चालानी कार्यवाही के निर्देश दिए गए हैं। ज्ञात हो कि निगम ने दो वर्ष पूर्व भी एक लाख वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने का बड़ा अभियान चलाया था। 

ऐतिहासिक गोंड महल को पर्यटक आकर्षण में बदला जाएगा, जगदीशपुर में मिलेगा लग्जरी अनुभव

भोपाल  इतिहास, स्थापत्य कला और विरासत को आधुनिक पर्यटन से जोड़ने की दिशा में मध्य प्रदेश में एक और बड़ा कदम उठाया जा रहा है। राजधानी भोपाल के पास स्थित गोंड महल को अब आलीशान हेरिटेज होटल में बदला जाएगा। करीब 400 साल पुरानी यह ऐतिहासिक इमारत जल्द ही नए स्वरूप में पर्यटकों का स्वागत करती नजर आएगी। मध्य प्रदेश पर्यटन विकास निगम इस ऐतिहासिक धरोहर के संरक्षण और विकास की योजना पर काम कर रहा है। निगम महल के हस्तांतरण, सुंदरीकरण और संचालन के लिए निजी साझेदार की तलाश में जुटा है, ताकि इसकी ऐतिहासिक पहचान को सुरक्षित रखते हुए इसे विश्वस्तरीय हेरिटेज होटल के रूप में विकसित किया जा सके। गोंड और राजपूत स्थापत्य का अद्भुत संगम भोपाल से करीब 15 किलोमीटर दूर बैरसिया रोड स्थित जगदीशपुर (पूर्व नाम इस्लाम नगर) का यह महल लाल बलुआ पत्थरों से निर्मित है और गोंड व राजपूत स्थापत्य शैली का शानदार उदाहरण माना जाता है। तीन मंजिला इस भव्य इमारत की खासियतें इसे बेहद खास बनाती हैं: – विशाल केंद्रीय आंगन – मेहराबदार बरामदे – अलंकृत लकड़ी के स्तंभ – प्राचीन हम्माम (भाप स्नान) – जल पंप और अस्तबल – छोटी गौशाला – जालीदार खिड़कियां और पुष्प आकृतियां महल आज भी अपनी ऐतिहासिक भव्यता और सांस्कृतिक विरासत को संजोए हुए है। इतिहास के पन्नों से जुड़ा जगदीशपुर जगदीशपुर का इतिहास 15वीं शताब्दी से जुड़ा हुआ है। इस किलेबंद बस्ती की स्थापना गोंड शासकों ने की थी और वर्ष 1715 तक यहां गोंड राजाओं का शासन रहा। बाद में भोपाल रियासत के संस्थापक दोस्त मोहम्मद खान ने इस क्षेत्र पर कब्जा कर इसका नाम बदलकर इस्लाम नगर कर दिया था। वर्ष 2023 में राज्य सरकार ने इसका ऐतिहासिक नाम पुनः बहाल करते हुए इसे फिर से जगदीशपुर नाम दिया। भोपाल की दूसरी हेरिटेज होटल परियोजना गोंड महल भोपाल संभाग की दूसरी ऐतिहासिक इमारत होगी जिसे हेरिटेज होटल के रूप में विकसित किया जा रहा है। इससे पहले सदर मंजिल को होटल में बदला जा चुका है। वहीं मिंटो हाल को कन्वेंशन सेंटर और मोती महल को संग्रहालय के रूप में नया स्वरूप दिया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि गोंड महल को हेरिटेज होटल में बदलने से न सिर्फ पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि क्षेत्र की ऐतिहासिक पहचान भी वैश्विक स्तर पर मजबूत होगी।  

फ्रूट होराइजन 2026’ में कृषि मंत्री का फोकस, भारतीय फलों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने पर जोर

लखनऊ गुरुवार को लखनऊ पहुंचे केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों की आमदनी बढ़ाए जाने की तरीके बताए। चौहान ने लखनऊ में दो दिवसीय 'फ्रूट होराइजन 2026' कार्यक्रम के दौरान संवाददाताओं से कहा कि इस कार्यक्रम का आयोजन फलों का उत्पादन बढ़ाने, गुणवत्ता सुधारने और प्रसंस्करण के मूलभूत ढांचे को मजबूत करने के उद्देश्य से किया गया है। उन्होंने कहा, 'लखनऊ में दो दिवसीय 'फ्रूट होराइजन 2026' कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य फलों का उत्पादन बढ़ाना, गुणवत्ता सुधारना और खाद्य प्रसंस्करण की गतिविधियों को मजबूत करना है।' केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बृहस्पतिवार को कहा कि किसानों की आमदनी बढ़ाने, रोजगार सृजित करने और विदेशी मुद्रा कमाने के लिए भारत को फल और सब्जियों का निर्यात बढ़ाना होगा। मंत्री ने कहा कि भारत कई तरह के फलों, खासकर आम का एक प्रमुख उत्पादक है। उन्होंने कहा, 'हम जिस मात्रा और गुणवत्ता के आम पैदा करते हैं उसकी दुनिया में कोई बराबरी नहीं है। चाहे आम हों, अंगूर हों, केले हों या लीची, हम इनके प्रमुख उत्पादकों में शामिल हैं। हालांकि हमारा निर्यात अब भी काफी कम है।' केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि सरकार चाहती है कि भारतीय फल और सब्जियां बड़े अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचें। फल और सब्जियों के निर्यात से बढ़ेगा रोजगार उन्होंने कहा, अगर हमारे फलों और सब्जियों का निर्यात बढ़ता है तो किसानों की आय बढ़ेगी, विदेशी मुद्रा की कमाई बढ़ेगी और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। इसी सोच को ध्यान में रखते हुए इस दो दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। चौहान ने कहा कि सरकार किसानों, निर्यातकों, प्रसंस्करणकर्ताओं और आईसीएआर (भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद) जैसी संस्थाओं को एक साझा मंच पर साथ लायी है, ताकि इस क्षेत्र के सामने आने वाली चुनौतियों पर चर्चा की जा सके। चौहान ने कहा कि सरकार किसानों और निर्यातकों के सामने आने वाली समस्याओं का समाधान खोजने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि जहां कुछ मुद्दों को तुरंत हल किया जा सकता है, वहीं कुछ मुद्दों के लिए लंबे समय तक शोध की जरूरत होगी।

बिहार में बड़ा ट्रैफिक संकट, टूटे विक्रमशिला सेतु पर बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन की तैनाती

  भागलपुर बिहार की सिल्क सिटी भागलपुर की लाइफ लाइन कहलाने वाली विक्रमशिला सेतु पर आवागमन ठप हो जाने से कई जिलों में परेशानी बड़ गई है। इस सेतु को फिर से दुरुस्त करने और इस पर आवागमन चालू करने को लेकर युद्ध स्तर पर काम चल रहा है। कहा जा रहा है कि पुल से यातायात सुचारु होने में तीन माह का वक्त लगेगा। आम जनों की पेशानी को देखते हुए बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन को तैनात किया गया। बीआरओ उत्तर बिहार को भागलपुर समेत अन्य कई जिलों से जोड़ने वाले इस पुल से आंशिक आवागमन की व्यवस्था बहाल करने के लिए काम शुरू हो ह गया है। बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन की मदद से बेली ब्रिज का निर्माण कराया जा रहा है। लोगों को हो रही असुविधा को देखते हुए तकनीकी विशेषज्ञों और अधिकारियों ने विक्रमशिला सेतु की मरम्मत के लिए एक्शन प्लान तैयार किया है। बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन की सहायता से शीघ्र ही एक बेली ब्रिज का निर्माण किया जाएगा। इसको लेकर युद्धस्तर पर कार्य किया जा रहा है। इसका उद्देश्य आंशिक रूप से यातायात को तुरंत बहाल करना, ताकि जनता को हो रही असुविधा कम हो सके। उन्होंने कहा कि विक्रमशिला सेतु भागलपुर एवं आसपास के जिलों के लोगों के लिए लाइफलाइन है। इसलिए बेली ब्रिज का निर्माण कर आंशिक रूप से यातायात शुरू किया जाएगा। क्या है बेली ब्रिज? बेली ब्रिज एक इमरजेंसी तकनीक है जिसका इस्तेमाल द्वितीय विश्व युद्ध के समय किया गया था। बेली ब्रिज एक प्रकार का पोर्टेबल, प्री कास्टेड स्टील ट्रस ब्रिज है। इसे युद्ध या आपदा के समय तेजी से और आसानी से ट्रस को एक दूसरे को जोड़कर बनाया जाता है। यह मॉड्यूलर डिज़ाइन पर आधारित है। सका आविष्कार द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान 1940-41 में ब्रिटिश इंजीनियर डोनाल्ड कोलमैन बेली ने किया था। इसमें भारी उपकरणों की आवश्यकता नहीं होती और यह अस्थायी या स्थायी दोनों तरह से काम आ सकता है। सेना और सीमा सड़क संगठन इसका उपयोग दूरदराज के क्षेत्रों या बाढ़, भूस्खलन अन्य आपदा की स्थिति में संपर्क बहाल करने के लिए करते हैं। यह ट्रस नामक त्रिकोणीय स्टील स्ट्रक्चर से बनता है, जिन्हें पिन और बेल्ट की सहायता से आसानी से जोड़ा जा सकता है। रविवार आधी रात को टूटा था पुल यह घटना रविवार रात लगभग 12.30 बजे की है। पहले सेतु पर 133 नंबर पोल के पास कुछ हिस्सा धंस गया। उसी वक्त आवागमन रोक दिया गया। लेकिन कुछ ही देर बाद वह हिस्सा टूट गया। एसएसपी प्रमोद कुमार यादव ने रात 1.15 बजे इसकी सूचना दी और लोगों से विक्रमशिला सेतु की ओर न जाने की अपील की है। पुलिस की सतर्कता से जानमाल का कोई नुकसान नहीं हुआ। घटना के समय सीएम सम्राट चौधरी दिल्ली में थे। हालांकि उन्होंने पटना पहुंचते ही उच्च स्तरीय बैठक बुलाकर जल्द से जल्द आवागमन सुचारु कराने के आदेश अधिकारियों को दिया। इस मामले में लापरवाही के आरोप कार्यपालक अभियंता को सस्पेंड कर दिया गया।

देवघर एयरपोर्ट से गुवाहाटी, हैदराबाद और सूरत के लिए नई उड़ानें जल्द

 देवघर  गोड्डा सांसद डॉ. निशिकांत दुबे ने गुरुवार को देवघर में कहा कि अक्टूबर-नवंबर में देवघर में बिहार-झारखंड का पहला वीजा फेसिलटी सेंटर शुरू होगा। अभी तक लोग वीजा बनवाने दिल्ली या कोलकाता जाते थे। अब यह सुविधा देवघर में मिलेगी। जानकारी हो कि मध्य प्रदेश, ओडिशा, छत्तीसगढ़ में भी यह सुविधा नहीं है। अभी छोटे देश जाने के लिए वीजा बनना शुरू होगा। पर्यटन या पढ़ाई के लिए सिंगापुर, दुबई, थाइलैंड, मलेशिया, बैंकॉक जाने वालों को देवघर वीजा केंद्र से वह सुविधा मिलने लगेगी। देवघर एक बड़ा केंद्र के रूप में उभर रहा है। उन्होंने कहा कि दो न्यूक्लियर प्लांट भी इस क्षेत्र को मिल रहा है। एक देवघर के पुनासी डैम और दूसरा बिहार के बांका में होगा। देवघर से हैदराबाद, गुवाहाटी, सूरत की चलेगी फ्लाइट सांसद ने बताया किया कि देवघर एयरपोर्ट का विस्तार होगा। जिसके लिए 450 करोड़ रुपये स्वीकृत हो चुका है। शीघ्र ही निविदा होगी। जल्द ही देवघर एयरपोर्ट से नई उड़ान शुरू होगी। देवघर से गुवाहाटी, हैदराबाद और सूरत की विमान सेवा शुरू होगी। वहीं, मुंबई और कोलकाता के लिए अब प्रतिदिन फ्लाइट हो जाएगी। जानकारी हो कि अभी दिल्ली, बेंगलुर की प्रतिदिन यात्री विमान है। मुंबई के लिए सप्ताह में तीन दिन है। जो प्रतिदिन हो जाएगी। गोड्डा से गुजरात और कोटा की सीधी ट्रेन देवघर और गोड्डा से लगातार नई ट्रेन नए गंतव्य के लिए चल रही है। एक नहीं कई ट्रेनें हो गई हैं। इस बीच सांसद ने एलान किया कि जल्द ही गोड्डा से गुजरात और कोटा की सीधी ट्रेन चलेगी। दिसंबर 2027 तक गोड्डा-महगामा रेल लाइन का काम पूरा हो जाएगा और महगामा तक ट्रेन चलने लगेगी। वहीं, 28 जून 2028 तक देवघर से पीरपैंती रेल लाइन पूरी हो जाएगी। उसके बाद सीधी ट्रेन चलेगी। गोड्डा-पाकुड़ के बीच भी रेल लाइन बिछेगी। यह पीपीपी मोड पर होगा। साहिबगंज-पाकुड़ को मिलेगी वंदे भारत डॉ. निशिकांत ने कहा कि भागलपुर से कोलकाता के बीच एक वंदे भारत जल्द शुरू होगी। इससे साहिबगंज और पाकुड़ के लोगों को फायदा होगा। साहिबगंज और पाकुड़ में इसका ठहराव होगा। वंदे भारत सुबह भागलपुर से चलेगी और शाम में कोलकाता से भागलपुर के लिए वापस होगी। यह वाया साहिबगंज और पाकुड़ होगी। बता दें कि पाकुड़ सबसे अधिक राजस्व देने वाला इलाका है।  

2819 अभ्यर्थियों को राहत नहीं, 8 और 9 मई को होगी पेपर-2 की परीक्षा

 रांची झारखंड हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने माध्यमिक आचार्य नियुक्ति विवाद में महत्वपूर्ण सुनवाई की। अदालत ने स्पष्ट किया कि प्रार्थी और अन्य सभी 2819 अभ्यर्थी अगर चाहें तो 8 और 9 मई को होने वाली पेपर-2 की पुनर्परीक्षा में शामिल हो सकते हैं। अदालत ने फिलहाल पुनर्परीक्षा पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। हाई कोर्ट में माध्यमिक आचार्य नियुक्ति विवाद से संबंधित याचिका पर गुरुवार को सुनवाई के दौरान प्रार्थियों ने पुनर्परीक्षा पर रोक लगाने का आग्रह किया था। लेकिन अदालत ने उन्हें अंतरिम राहत नहीं दी। अदालत ने कहा कि परीक्षार्थी चाहें तो उक्त परीक्षा में शामिल हो सकते हैं। ऐसे में अब प्रार्थियों सहित सभी 2819 अभ्यर्थी आठ और नौ मई को प्रस्तावित पेपर-2 की पुनर्परीक्षा में शामिल होना होगा। सुनवाई के दौरान सरकार और जेएसएससी की ओर से अदालत को बताया गया कि परीक्षा में 24 हजार परीक्षार्थी शामिल हुए, यह परीक्षा कंप्यूटर आधारित थी। 2819 अभ्यर्थी के आइपी एड्रेस में हैकिंग पाई गई थी, जिसके कारण जेएसएससी ने इनकी पुनर्परीक्षा आठ व नौ मई को लिए जाने का निर्देश दिया। इन सभी अभ्यर्थियों को एडमिट कार्ड भी जारी कर दिया गया। अदालत ने प्रार्थियों के पुनर्परीक्षा पर रोक से संबंधित मांग को अस्वीकार करते हुए प्रार्थियों को निर्देश दिया कि वह चाहें तो पुनर्परीक्षा में शामिल हो सकते हैं। अदालत ने राज्य सरकार और जेएसएससी को इस वर्ष जून माह तक परिणाम जारी करने का निर्देश भी दिया है। इस संबंध में अर्चना कुमारी और अन्य की ओर से मामले में याचिका दायर की है। जिसमें जेएसएससी को माडल आंसर दिखाने का आदेश देने का मूल आग्रह किया है ताकि वह माडल आंसर के विरुद्ध आपत्ति दे सकें। लेकिन संशोधन याचिका के माध्यम से प्रार्थियों ने जेएसएससी द्वारा जारी 23 अप्रैल 2026 को जारी नोटिस को चुनौती दी है। नोटिस के जरिए जेएसएससी ने 2819 अभ्यर्थियों, जिनमें 20 प्रार्थी भी शामिल हैं, को आठ मई 2026 को प्रस्तावित पेपर-2 की पुनर्परीक्षा में शामिल होने का निर्देश दिया है। उनकी ओर से कोर्ट को बताया गया था कि बिना परीक्षा केंद्र के अधिकृत व्यक्तियों की पहचान किए और बिना दोषी अभ्यर्थियों को चिह्नित किए सभी 2819 अभ्यर्थियों को एक साथ पुनर्परीक्षा के लिए बाध्य करना अवैध और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विरुद्ध है। प्रार्थी किसी भी प्रकार के अनुचित साधनों में शामिल नहीं रहे हैं, लेकिन उन्हें भी दंडात्मक कार्रवाई के दायरे में लाया जा रहा है। आयोग को पहले कथित अनियमितताओं में शामिल परीक्षा केंद्र के अधिकृत व्यक्तियों और संबंधित अभ्यर्थियों की पहचान कर उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई करनी चाहिए, न कि सभी अभ्यर्थियों को समान रूप से परेशान करना चाहिए

बांग्लादेश ले जाने की साजिश नाकाम, आरोपी ट्रेन से कोलकाता जा रहा था

 झालावाड़ राजस्थान में नाबालिग लड़की के अपहरण के मामले में झालावाड़ पुलिस ने कुछ ही घंटों में कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और नाबालिग लड़की को उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से सुरक्षित बरामद कर लिया. मामले को लेकर SP अमित कुमार ने बताया कि 2 मई 2026 को परिजनों के जरिए थाना झालरापाटन में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी. जिसमें बताया गया था कि उनकी नाबालिग बेटी(14) का बहला-फुसलाकर अपहरण कर लिया गया है. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत टीमों का गठन कर विभिन्न स्थानों रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, संभावित ठिकानों और रिश्तेदारों के यहां तलाशी शुरू की. ट्रेन के जरिए कोलकाता लेकर जा रहा था आरोपी जांच के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी नाबालिग को ट्रेन के जरिए कोलकाता लेकर जा रहा है, जहां से उसे बांग्लादेश ले जाने की योजना थी. इस पर पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए प्रयागराज रेलवे स्टेशन पर घेराबंदी कर 5 मई को बालिका को दस्तयाब कर आरोपी को हिरासत में ले लिया. पूछताछ में हुआ बड़ा खुलासा पुलिस ने आगे बताया कि आरोपी ने पूछताछ में अपना नाम आदित्य उर्फ बादल विश्वास बताया. उसने पहले झालावाड़ के सलोतिया क्षेत्र में रहने की जानकारी दी, लेकिन सख्ती से पूछताछ के दौरान उसे सारी सच्चाई को आसानी से कबूल कर लिया. उसने पूछताछ में जानकारी दी की वह मूल रूप से बांग्लादेश का निवासी है. साल 2024 में टूरिस्ट वीजा पर आया था भारत पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी वर्ष 2024 में टूरिस्ट वीजा पर भारत आया था, लेकिन वीजा अवधि समाप्त होने के बाद भी अवैध रूप से यहीं रह रहा था। उसने पहचान छिपाने के लिए स्थानीय स्तर पर दस्तावेज तैयार करवा लिए थे और निवास भी बदल लिया था. नाबालिग को बहलाकर रच रहा था साजिश पुलिस के अनुसार आरोपी नाबालिग से फोन पर संपर्क में था और कई बार उससे मिला भी था. उसने सुनियोजित तरीके से नाबालिग को अपने जाल में फंसाया और उसे लेकर भाग गया. उसकी योजना कोलकाता के रास्ते बांग्लादेश ले जाने की थी. पकड़ने के लिए की थी 25 हजार रुपये के इनाम की घोषणा   इस पूरे मामले में पुलिस की तत्परता और तकनीकी जांच की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अधीक्षक ने टीम के प्रयासों की सराहना करते हुए टीम को 25 हजार रुपये के इनाम की घोषणा की है. आगे की कार्रवाई जारी फिलहाल पुलिस आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है और फर्जी दस्तावेज तैयार करने में शामिल अन्य लोगों की भी तलाश की जा रही है। मामले में विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई जारी है.

NeoLiv Golf One की धमाकेदार एंट्री, लॉन्च होते ही पूरा प्रोजेक्ट हुआ सोल्ड आउट

फरीदाबाद  फरीदाबाद ने प्रॉपर्टी धमाका कर गुड़गांव और नोएडा को भी पछाड़ दिया है. यहां गोल्फ थीम वाली लग्जरी प्लॉटेड टाउनशिप में रिकॉर्ड बिक्री दर्ज की गई है. जहां लांचिंग के महज 6 घंटे के भीतर ही 1251 करोड़ रुपये की कीमत के प्लॉट हाथों-हाथ बिक गए. यह कारनामा एनसीआर में गोल्फ थीम वाले लग्जरी प्लॉट काटने वाली कंपनी नियोलिव ने किया है. बता दें कि फरीदाबाद में नियोलिव गोल्फ वन (NeoLiv Golf One) नाम की टाउनशिप के लांच होते ही पूरा प्रोजेक्ट बिक गया. सिर्फ 6 घंटों के अंदर 1,251 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड बिक्री दर्ज की गई. इस प्रोजेक्ट को देश के बड़े निवेशकों, हाई नेटवर्थ खरीदारों (HNI) और एनआरआई ग्राहकों से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली, जिसके चलते इसकी सभी यूनिट्स बेहद कम समय में बिक गईं. कैसा है यह प्रोजेक्ट, क्या है खास? करीब 47 एकड़ में फैले इस प्रोजेक्ट में 181 से 388 वर्ग गज तक के प्रीमियम रेजिडेंशियल प्लॉट्स उपलब्ध हैं. इसकी खास थीम गोल्फ ग्रीन्स पर आधारित है, जो इसे एक लग्जरी और आधुनिक टाउनशिप का रूप देती है. फरीदाबाद के सेक्टर 98 और 99A में स्थित यह प्रोजेक्ट एनसीआर की सबसे बड़ी और शानदार प्लॉटेड टाउनशिप्स बताया जा रहा है. इस प्रोजेक्ट में प्लॉट्स की कीमत लगभग 2,37,436 रुपये प्रति वर्ग मीटर यानी करीब 2 लाख रुपये प्रति वर्ग गज तक पहुंच गई है, जो इस क्षेत्र के रियल एस्टेट बाजार में एक नया रिकॉर्ड और बड़ा मानक माना जा रहा है. कैसे अलग हैं इसके प्लॉट नियोलिव की ओर से दी गई जानकारी में बताया गया कि इस रिकॉर्ड तोड़ सफलता के पीछे सबसे बड़ी वजह एक ऐसा प्रोजेक्ट है, जो एनसीआर के प्लॉटेड सेगमेंट में मौजूद अन्य प्रोजेक्ट्स से बिल्कुल अलग है. ‘नियोलिव गोल्फ वन’ को एक खास गोल्फ-लिविंग टाउनशिप के रूप में विकसित किया गया है. इसे सिर्फ गोल्फ कोर्स के पास नहीं, बल्कि पूरे गोल्फ लैंडस्केप को केंद्र में रखकर डिजाइन किया गया है, जिससे लोगों को प्रीमियम और अलग तरह का रहने का अनुभव मिल सके. भारत में 100 से ज्यादा प्रोजेक्ट्स पर काम करने से मिले अनुभव का फायदा इस प्रोजेक्ट में साफ दिखाई देता है. नियोलिव ने बेहतर डिजाइन, मजबूत मास्टर प्लानिंग और लोगों को लंबे समय तक रहने का शानदार अनुभव देने पर विशेष ध्यान दिया है. यह प्रोजेक्ट केवल कीमत या लोकेशन के कारण नहीं, बल्कि अपनी बेहतरीन सोच और प्रीमियम विजन की वजह से लोगों को पसंद आया है. खरीदार इसे एक खास और लंबे समय तक मूल्य देने वाले अवसर के रूप में देख रहे हैं. इसे लेकर नियोलिव (NeoLiv) के फाउंडर और सीईओ मोहित मल्होत्रा ने कहा, ‘नियोलिव गोल्फ वन को मिली इस जबरदस्त प्रतिक्रिया से हम बेहद सम्मानित और उत्साहित महसूस कर रहे हैं. भारत के अब तक के सबसे बड़े प्लॉटेड लॉन्च का मात्र छह घंटों में पूरी तरह बिक जाना सिर्फ एक सेल्स उपलब्धि नहीं, बल्कि नियोलिव की प्रोडक्ट सोच और विजन पर लोगों के मजबूत भरोसे का प्रमाण है. हमारा हमेशा से मानना रहा है कि अच्छी योजना और अलग पहचान वाले प्रोजेक्ट हर तरह के बाजार में बेहतर प्रदर्शन करते हैं, और इसी विश्वास ने पहले दिन से इस गोल्फ-ग्रीन्स टाउनशिप को आकार दिया.’ फरीदाबाद बनता जा रहा प्रॉपर्टी का केंद्र दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के शुरू होने के बाद फरीदाबाद एनसीआर के सबसे तेजी से विकसित हो रहे माइक्रो-मार्केट्स में शामिल हो गया है. शहर में प्रीमियम प्लॉटेड प्रोजेक्ट्स की मांग में तेजी से बढ़ोतरी देखी जा रही है. इस ग्रोथ को मजबूत सामाजिक बुनियादी ढांचे का भी पूरा सहयोग मिल रहा है, जिसमें अमृता अस्पताल जैसी विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं और कई प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान शामिल हैं.  

चंडीगढ़ पुलिस ने गैंगस्टर मॉड्यूल का किया पर्दाफाश, नाबालिग को काउंसलिंग की सलाह

चंडीगढ़  चंडीगढ़ पुलिस ने एक बड़े गैंगस्टर मॉड्यूल का पर्दाफाश करते हुए हत्या की साजिश को नाकाम किया और 12वीं कक्षा के छात्र को पकड़ा. 12वीं कक्षा के छात्र को गैंगस्टरों के लिए तरन तारन के पट्टी इलाके में हत्या करने का काम दिया गया था. हालांकि माता-पिता को नाबालिग को सौंप दिया गया है और काउंसलिंग की सलाह दी गई है. जानकारी के अनुसार, 12वीं कक्षा के छात्र गैंगस्टर प्रभ दासूवाल और गुरविंदर सिंह उर्फ अफरीदी टूटावाला के संपर्क में था और करीब दो महीने पहले इंस्टाग्राम के जरिए उसकी गैंगस्टरों से पहचान हुई थी, जो बाद में लगातार बातचीत में बदल गई. मार्च महीने में उसे खेमकरण भेजा गया, जहां वह गैंग के सहयोगियों लव भट्टी और अमन शर्मा के साथ रुका. उसी दौरान उसके परिवार ने स्थानीय थाने में उसकी गुमशुदगी की शिकायत भी दर्ज करवाई थी. जांच के दौरान यह भी सामने आया कि गैंगस्टरों ने उसे अमरकोट बस स्टैंड के पास एक डॉक्टर की दुकान पर फायरिंग करने के लिए कहा था, लेकिन हथियार चलाने का अनुभव न होने के कारण उसने मना कर दिया. बाद में यही वारदात गैंग के अन्य सदस्यों लव भट्टी और अमन शर्मा ने अंजाम दी. करीब 20 दिन बाद नाबालिग वापस घर लौट आया था. चंडीगढ़ पुलिस ने 12वीं कक्षा के छात्र को किस अपराध की साजिश में पकड़ा?     Aहत्या की साजिश     Bचोरी की योजना     Cनशीले पदार्थों की तस्करी     Dअपहरण की कोशिश पुलिस के मुताबिक हाल ही में गैंगस्टरों ने उसे फिर से एक्टिव किया और पट्टी पहुंचकर एक प्रतिद्वंद्वी की हत्या करने का आदेश दिया. इसके लिए वह चंडीगढ़ में किसी दूसरे व्यक्ति की आईडी पर फर्जी सिम लेने की कोशिश कर रहा था. गैंगस्टर समय-समय पर उसे पैसे भी भेज रहे थे और अब उस पर लगातार दबाव और धमकियां डाल रहे थे. फिलहाल नाबालिग को उसके माता-पिता के हवाले कर काउंसलिंग की सलाह दी गई है. अभी छात्र का रिजल्ट आना बाकी है पुलिस जांच में सामने आया कि नाबालिग सीधे तौर पर कुख्यात गैंगस्टर प्रभ दासूवाल और गुरविंदर सिंह उर्फ अफरीदी टूटावाला के संपर्क में था. दोनों गैंगस्टर विदेश में बैठकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम और टेलीग्राम के जरिए युवाओं को अपने नेटवर्क में जोड़ रहे थे.12वीं कक्षा का छात्र है और उसका रिजल्ट अभी आना बाकी है. करीब दो महीने पहले इंस्टाग्राम के जरिए उसकी गैंगस्टरों से पहचान हुई थी, जो बाद में लगातार बातचीत में बदल गई. मारपीट का भी बदला लेना चाहता था पूछताछ में पता चला कि इलाके में कुछ युवकों की ओर से मारपीट किए जाने के बाद नाबालिग बदला लेना चाहता था. इसी कमजोरी का फायदा उठाकर गैंगस्टरों ने उसे अपने जाल में फंसा लिया. मार्च महीने में उसे खेमकरण भेजा गया, जहां वह गैंग के सहयोगियों लव भट्टी और अमन शर्मा के साथ रुका.  इतना ही नहीं, उसे फर्जी इंस्टाग्राम आईडी बनाकर नए लड़कों की भर्ती करने का काम भी सौंपा गया था. चंडीगढ़ पुलिस की ऑपरेशन सेल ने तकनीकी जांच और गुप्त सूचना के आधार पर आरोपी को काबू कर लिया, जिससे एक संभावित गैंगवार और हत्या की वारदात टल गई.