samacharsecretary.com

एक कदम जागरूकता का, सागर में बाल विवाह पर सख्त रोक, ज्योति तिवारी बनीं बेटियों की ढाल

एक कदम जागरूकता का, सौ कदम प्रगति की ओर सागर में बाल विवाह पर सख्त कार्रवाई, ज्योति तिवारी बनीं बेटियों की ढाल सफलता की कहानी समाचार भोपाल जब कानून संवेदनशील बनता है, तब इंसाफ़ केवल अदालत में नहीं, समाज के दिलों में उतरता है। सागर जिले के बण्डा क्षेत्र के ग्राम छापरी की तपती दोपहर में गाँव की चौपाल पर शादी की चर्चा जोरों पर थी “आज गोपाल ठाकुर के बेटे रामू की शादी है,” पर कोई नहीं जानता था कि उस दिन यह गाँव एक नई सोच की ओर कदम बढ़ाने वाला है। 17 वर्षीय रामू, जो कक्षा 11वीं में पढ़ता था और चिकित्सक बनने का सपना देखता था, की शादी 14 वर्षीय कुसुम से तय कर दी गई थी। समाज का दबाव था “अब लड़का बड़ा हो गया है, शादी कर दो,” लेकिन रामू का दिल पढ़ाई में था। वह यह नहीं चाहता था कि उसका बचपन यूँ ही समाप्त हो जाए। उसके दोस्त सोहन ने तब हिम्मत दिखाई और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर फोन कर दिया। कुछ ही देर में विशेष किशोर पुलिस इकाई की प्रभारी अधिकारी सु ज्योति तिवारी अपनी टीम और स्थानीय पुलिस के साथ गाँव पहुँचीं। ढोल-नगाड़े बज रहे थे, बारात की तैयारी हो रही थी, लेकिन पुलिस जीप और सायरन की आवाज़ से सब ठहर गया। परिवार के लोग पहले अनजान बने रहे, पर जब ज्योति तिवारी ने शांत और दृढ़ स्वर में कहा कि यह विवाह बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 के तहत अपराध है। लड़के की उम्र 21 वर्ष और लड़की की 18 वर्ष से कम है, इसलिए यह विवाह नहीं हो सकता। गाँव में पहले विरोध हुआ, कुछ ने इसे परंपरा बताया। पुलिस अधिकारी ज्योति तिवारी ने कानून की धाराएँ समझाने के साथ मानवीय दृष्टिकोण से भी बात की। उन्होंने कहा बाल विवाह केवल एक परंपरा नहीं, यह एक ऐसा बंधन है जो बच्चों के भविष्य को बाँध देता है।” धीरे-धीरे माहौल बदला, सरपंच देवीसिंह, महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम और स्थानीय शिक्षकों की मदद से परिवार को समझाया गया। परिवार ने अंततः लिखित प्रतिज्ञा ली कि बच्चों की शादी केवल वयस्कता के बाद ही करेंगे। रामू और कुसुम की आँखों में राहत थी, जैसे किसी ने उनकी उम्र को फिर से लौटा दिया हो। गौरझामर की राधा ने दिखाई हिम्मत सागर जिले के ही गौरझामर गाँव में 16 वर्षीय राधा की कहानी ने भी सबका दिल जीत लिया। राधा का सपना पुलिस अधिकारी बनना था। जब पता लगा कि माता-पिता उसकी शादी तय कर चुके हैं, तो उसके सपने डगमगाने लगे, लेकिन उसने हार नहीं मानी। स्कूल में सुनी हुई बात उसे याद आई बाल विवाह अपराध है, मदद के लिए 1098 पर कॉल करें। उसने कॉल किया और पुलिस अधिकारी ज्योति तिवारी पुलिस टीम के साथ गाँव पहुँचीं। बारात जब गाँव की सीमा पर पहुँची, पुलिस सायरन की आवाज़ से सब ठहर गया। राधा की माँ ने कहा “दादी बीमार हैं, बस उसकी आख़िरी इच्छा है कि पोती की शादी देख लें।” यह सुनकर माहौल भावनात्मक हो गया, ज्योति तिवारी ने बड़ी संवेदनशीलता से समझाया माँ, आज अगर आप बेटी को पढ़ने देंगी, तो कल वही बेटी आपके नाम का मान बढ़ाएगी। पुलिस अधिकारी ज्योति तिवारी की समझाईश से धीरे-धीरे परिवार मान गया, और विवाह रोक दिया गया। राधा ने स्कूल लौटते हुए मुस्कुराकर कहा जब समाज और पुलिस साथ खड़े हों, तब कोई भी परंपरा किसी बालिका का भविष्य नहीं छीन सकती।” जागरूकता से परिवर्तन तक – ज्योति तिवारी की पहल इन दोनों घटनाओं के बाद पुलिस अधिकारी ज्योति तिवारी ने महिला एवं बाल विकास विभाग और शिक्षा विभाग के साथ मिलकर ग्राम पंचायतों व स्कूलों में “बाल विवाह रोकथाम एवं शिक्षा प्रोत्साहन अभियान” शुरू किया। अब सागर जिले के कई स्कूलों में हर महीने सत्र होते हैं। जहाँ बच्चे और अभिभावक सीखते हैं कि शादी तब ही, जब शिक्षा पूरी हो। गाँवों में ज्योति तिवारी का नाम अब “बेटियों की प्रहरी” के रूप में जाना जाता है। उनकी पहल ने यह साबित कर दिया कि कानून की सख्ती अगर संवेदनशीलता से जोड़ी जाए, तो बदलाव निश्चित है। हर उस विवाह को रोकना, जो उम्र से पहले हो रहा था किसी बच्चे के भविष्य को जीतने जैसा है।  

कोहली के रिटायरमेंट के बाद RCB बिक सकती है, टेस्ट और टी-20 के बाद IPL पर असर

बेंगलुरु  गत विजेता रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को आईपीएल 2026 में नए मालिक मिलेंगे, और मौजूदा मालिक डियाजियो ने फ्रैंचाइज़ी बेचने में अपनी रुचि की पुष्टि कर दी है. पुरुष और महिला आरसीबी टीमों की बिक्री की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और 31 मार्च, 2026 तक पूरी होने की उम्मीद है. एक रिपोर्ट में अब डियाजियो द्वारा आईपीएल 2026 से पहले आरसीबी को बेचने के फैसले पर प्रकाश डाला गया है और विराट कोहली इसके संभावित कारणों में से एक हो सकते हैं. सूत्रों के अनुसार, एएमपी स्पोर्ट्स एंड एंटरटेनमेंट के संस्थापक इंद्रनील दास ब्लाह ने कहा है कि कोहली की बदौलत आरसीबी 2025 तक कोई खिताब नहीं जीतने के बावजूद शीर्ष तीन ब्रांडों में बनी रही. उन्होंने कहा कि विराट कोहली  का संन्यास, जो जल्द ही होने वाला है, निश्चित रूप से फ्रैंचाइज़ी के मूल्यांकन को प्रभावित करेगा और इसलिए मौजूदा मालिक जल्दी बाहर निकलने की कोशिश कर सकते हैं. वहीं अन्य विशेषज्ञों का कहना है कि विराट अपने संन्यास के बाद भी आरसीबी से जुड़े रहेंगे. RCB बिकने की वजह विराट! टीम के ओनर ने बताया कि विराट की वजह से ही आरसीबी बिना किसी खिताब के भी शीर्ष तीन ब्रांडों में बनी हुई है. उनका संन्यास, चाहे जब भी हो, निश्चित रूप से मूल्यांकन को प्रभावित करेगा. टीम के पूर्व कप्तान विराट, आईपीएल में अपने पदार्पण के बाद से ही आरसीबी के पोस्टर बॉय रहे हैं. उन्होंने कभी किसी अन्य टीम के लिए नहीं खेला है और फ्रैंचाइज़ी के नाम का पर्याय बन गए हैं. विशेषज्ञों ने E4M को बताया कि कोहली के संन्यास की ओर कोई भी कदम आरसीबी की दीर्घकालिक ब्रांड इक्विटी पर अनिश्चितता लाएगा. आईपीएल 2025 में अपनी खिताबी जीत के बाद, आरसीबी सबसे मूल्यवान ब्रांड बन गया, जिसका मूल्य 2024 में $227 मिलियन से 18.5% बढ़कर 2025 में $269 मिलियन हो गया. 17 साल बाद जीता था ट्रॉफी विराट कोहली, जिन्होंने 2024 में टी20I और 2025 में टेस्ट से संन्यास ले लिया था, वर्तमान में केवल वनडे और आईपीएल में ही सक्रिय हैं. वह अपने करियर के अंतिम पड़ाव पर हैं और जल्द ही अपने आईपीएल करियर का अंत कर सकते हैं संभवतः तीन या चार सीज़न में. इसके अलावा, कोहली ने आईपीएल ट्रॉफी पर अपना हाथ रखने के लिए 17 साल के लंबे इंतजार को समाप्त कर दिया क्योंकि वह रजत पाटीदार के नेतृत्व वाली आरसीबी टीम का हिस्सा थे जिसने 2025 में खिताब जीता.  

भोपाल समेत पूरे क्षेत्र में अब तक 4.45 लाख से अधिक स्मार्ट मीटर स्थापित

भोपाल  केन्द्र सरकार की रिवेम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (आरडीएसएस) योजना के अंतर्गत मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा कंपनी कार्यक्षेत्र में स्मार्ट मीटर लगाने का काम त्वरित गति से चल रहा है। जहां स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, वहां पर समय पर बिलिंग तथा रीडिंग हो रही है। साथ ही दिन के टैरिफ में 20 प्रतिशत की छूट भी मिलनी शुरू हो गई है। कंपनी कार्यक्षेत्र के भोपाल, नर्मदापुरम, ग्वालियर एवं चंबल संभाग के जिलों में अब तक 4 लाख 45 हजार 644 स्मार्ट मीटर स्थापित किए जा चुके हैं। इनमें सर्वाधिक भोपाल शहर वृत्त में 2 लाख, 52 हजार 772 स्मार्ट मीटर स्थापित किए जा चुके हैं। कंपनी ने कहा है कि स्मार्ट मीटर लगने से उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं, सटीक बिलिंग और ऊर्जा दक्षता में सुधार हो रहा है। स्मार्ट मीटर लगाने का काम समय-सीमा में पूर्ण करने के लिए कंपनी की टीमें लगातार कार्य में जुटी हुई हैं। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने स्मार्ट मीटर के फायदे बताते हुए कहा है कि स्मार्ट मीटर से रियल टाइम डेटा प्राप्त किया जा सकता है, जिससे उपभोक्ताओं को सटीक और समय पर बिलिंग सुनिश्चित की जा रही है। कंपनी ने बताया कि जहां-जहां भी स्मार्ट मीटर स्थापित किए जा चुके हैं वहां पर बिलिंग तथा रीडिंग निर्धारित समय पर हो रही है, इससे सभी उपभोक्ता संतुष्ट हैं। नए टैरिफ आर्डर के अनुसार स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को अब खपत के आधार पर दिन के टैरिफ में 20 प्रतिशत की छूट भी दी जा रही है। अक्टूबर माह का बिल जो कि नवंबर माह में जारी हुआ है, उसमें दिन के टैरिफ में सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक उपयोग की गई विद्युत के दौरान बनी यूनिट पर छूट अलग कॉलम में अंकित की गई है।  

कौन नहीं, कौन है? बिहार में महिला वोटर तय करेंगी जीत-हार, उम्मीदवार सिर्फ दर्शक!

पटना बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण में महिलाओं ने एक बार फिर इतिहास रच दिया। रिकॉर्ड 64.66% कुल मतदान में महिलाओं की भागीदारी पुरुषों से कहीं अधिक रही, जो राज्य की राजनीति में उनकी बढ़ती ताकत का प्रमाण है। लेकिन विडंबना यह है कि राजनीतिक दलों ने महिलाओं को टिकट देने में कंजूसी बरती है। कुल 1,314 उम्मीदवारों में महज 122 महिलाएं हैं, जो मात्र 9.28% है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह भागीदारी बनाम प्रतिनिधित्व की गहरी खाई को उजागर करता है, जहां महिलाएं वोटर के रूप में तो निर्णायक हैं, लेकिन उम्मीदवार के रूप में हाशिए पर धकेली जा रही हैं। चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक पहले चरण के 121 सीटों पर 3.75 करोड़ मतदाताओं में 1.76 करोड़ महिलाएं शामिल हैं। मतदान के दौरान महिलाओं की सक्रियता ने कई जिलों में रिकॉर्ड तोड़े। बेगूसराय(67.32%), गोपालगंज(64.96%) और मुजफ्फरपुर (64.63%) में महिलाओं का टर्नआउट पुरुषों से 5-10% अधिक रहा। चुनाव में शानदार रही भागीदारी मुख्य निर्वाचन अधिकारी विनोद सिंह गुंजि‍याल ने कहा, महिलाओं की भागीदारी शानदार रही। यह बिहार के लोकतंत्र की मजबूती का संकेत है। अधिकारिक आंकड़ा मतगणना के बाद भी आएगा। यह ट्रेंड 2010 से चला आ रहा है। 2010 में महिलाओं का टर्नआउट 54.49% था (पुरुष: 51.12%), 2015 में 60.48% (पुरुष: 53.32%) और 2020 में 59.7% (पुरुष: 54.5%)। महिलाओं की यह ताकत नीतीश कुमार सरकार की महिला-केंद्रित योजनाओं—जैसे मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना (10,000 रुपये की सहायता)और 35% सरकारी नौकरियों में आरक्षण का नतीजा मानी जा रही है। विपक्षी महागठबंधन के नेता तेजस्वी यादव ने भी महिलाओं के लिए 30,000 रुपये एकमुश्त सहायता का वादा किया है। राजनीतिक विश्लेषक प्रमोद मुकेश कहते हैं, महिलाएं अब जाति से परे वोट दे रही हैं। वे बेरोजगारी, पलायन, शिक्षा जैसे मुद्दों पर फोकस कर रही हैं। लेकिन पार्टियां उन्हें टिकट देकर सशक्तिकरण की बात तो करती हैं, काम कम करती हैं। सीनियर जर्नलिस्ट ओमप्रकाश अश्क कहते हैं, महिलाओं का वोट सबको चाहिए, मगर टिकट देने के मामले में परिवारवाद और वंशवाद को ही तवज्जो मिल पाता है।  

अवैध परमाणु गतिविधियों पर भारत का बड़ा बयान: ट्रंप के कमेंट को भी लिया गंभीरता से

नई दिल्ली  ट्रंप द्वारा पाकिस्तान के परमाणु परीक्षण के दावों पर भारत ने तगड़ी प्रतिक्रिया दी है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा है कि यही तो पाकिस्तान का इतिहास है। उन्होंने कहा कि हम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टिप्पणियों को ध्यान में रखते हुए पूरी तरह से सतर्क हैं। वह गलत और अवैध तरीके से ही तो सबकुछ करता है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान दशकों से इसी तरह से तस्करी कर रहा है। निर्यात नियंत्रण का उल्लंघन कर रहा है। गुप-चुप ढंग से साझेदारियां बना रहा है। जायसवाल ने आगे कहा कि हमने हमेशा ही अंतर्राष्ट्रीय समुदाय का ध्यान इस तरफ खींचा है। डोनाल्ड ट्रंप ने क्या कहा था गौरतलब है कि पिछले दिनों अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तीन दशक के अंतराल के बाद परमाणु हथियारों का परीक्षण फिर से शुरू करने की अपनी योजना को सही ठहराया। इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान और चीन उन देशों में शामिल हैं जो परमाणु हथियारों का परीक्षण कर रहे हैं। भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ट्रंप के इसी बयान का जिक्र कर रहे थे। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा था कि निश्चित रूप से उत्तर कोरिया परीक्षण कर रहा है। पाकिस्तान भी परीक्षण कर रहा है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पिछले सप्ताह कहा था कि रूस ने पोसाइडन परमाणु-सक्षम ‘सुपर टॉरपीडो’ का परीक्षण किया है। ट्रंप ने अपने वक्तव्य में परमाणु हथियारों के परीक्षण की प्रक्रिया पुनः शुरू करने के अपने निर्णय को दृढ़तापूर्वक उचित ठहराया। उन्होंने कहा कि हथियारों की विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए परीक्षण आवश्यक है।   अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि दूसरे देश परीक्षण करते हैं, और हम परीक्षण नहीं करते। हमें परीक्षण करना ही होगा। रूस ने भी कुछ दिन पहले थोड़ी धमकी दी थी जब उसने कहा था कि वे कुछ अलग स्तर के परीक्षण करने वाले हैं। लेकिन रूस परीक्षण करता है, चीन परीक्षण करता है, और हम भी परीक्षण करने वाले हैं। इस दौरान रणधीर जायसवाल ने कई अन्य बातों का भी जिक्र किया। उन्होंने डोनाल्ड ट्रंप के भारत आने के दावे की भी बात की। प्रवक्ता ने कहा कि उन्हें अभी इस बारे में कोई जानकारी नहीं है कि ट्रंप कब भारत आएंगे। उन्होंने कहा कि इस बारे में जानकारी मिलते ही वह बताएंगे।  

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय दौरे पर काशी पहुंचे

पीएम मोदी का काशी दौरा – ‘हर हर महादेव’ के नारों से गूंजा पूरा बनारस – बरेका में मुख्यमंत्री योगी ने किया प्रधानमंत्री का  स्वागत – 8 नवंबर को पीएम देंगे देश को 4 वंदे भारत ट्रेनों की सौगात – वाराणसी-खजुराहो वंदे भारत एक्सप्रेस काशीवासियों के लिए बड़ा तोहफा – धार्मिक पर्यटन को नई रफ्तार देगा बनारस-खजुराहो वंदे भारत वाराणसी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार की शाम दो दिवसीय दौरे पर अपने संसदीय क्षेत्र काशी पहुंचे। शाम करीब पांच बजे प्रधानमंत्री का विशेष विमान लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, बाबतपुर पर उतरा, जहां प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य तथा जनपद के प्रभारी मंत्री सुरेश खन्ना, विधायक डॉ अवधेश सिंह, विधायक सुनील पटेल, विधायक टी राम, कमिश्नर एस. राजलिंगम, पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल, जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार सहित अन्य लोगों ने किया। जबकि बरेका पहुंचने पर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का भव्य स्वागत किया। काशीवासियों में उत्साह, मार्ग पर उमड़ा जनसैलाब प्रधानमंत्री सड़क मार्ग द्वारा बीएलडब्ल्यू स्थित गेस्ट हाउस के लिए रवाना हुए। उनका काफ‍िला बाबतपुर से हरहुआ होते हुए ग‍िलट बाजार, जेपी मेहता, फुलवरिया फ्लाईओवर होते हुए बरेका पहुंचा। रास्‍ते में कई जगह पर स्थानीय लोगों सहित पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाध‍िकार‍ियों ने उनका स्‍वागत क‍ि‍या। स्‍वागत से अभ‍ि‍भूत पीएम नरेन्‍द्र मोदी ने भी वाहन से हाथ ह‍िलाकर लोगों का अभ‍िवादन क‍िया। प्रधानमंत्री मोदी के स्वागत में काशीवासियों का उत्साह देखते ही बन रहा था। बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों ने अपने सांसद का स्वागत ‘मोदी-मोदी’ और ‘हर हर महादेव’ के नारों से किया। जगह-जगह सांस्कृतिक कार्यक्रमों, पुष्पवर्षा और भारत माता के जयघोष से पूरा मार्ग देशभक्ति के रंग में रंग गया। एयरपोर्ट से बरेका जाते समय प्रधानमंत्री के काफिले पर जगह-जगह फूलों की वर्षा की गई। पूरा मार्ग केसरिया और तिरंगे रंगों की रोशनी से जगमगा उठा।  मुख्यमंत्री ने किया बरेका गेस्ट हाउस पर स्वागत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का शहर के संत अतुलानंद बाईपास, जेपी मेहता के पास, बरेका एफसीआई गोदाम, बरेका गेट के पास आदि अनेकों स्थानों पर स्वागत किया गया। जबकि बरेका पहुंचने पर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का भव्य स्वागत किया। देश को 4 नई वंदे भारत एक्सप्रेस की सौगात देंगे प्रधानमंत्री प्रधानमंत्री मोदी 8 नवंबर को वाराणसी से देश को चार नई वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों की सौगात देंगे। इनमें सबसे प्रमुख ट्रेन वाराणसी से खजुराहो वंदे भारत एक्सप्रेस होगी, जो काशीवासियों और पूर्वांचल के लिए एक बड़ा उपहार मानी जा रही है। प्रधानमंत्री इन ट्रेनों को बनारस (पूर्व मंडुवाडीह) रेलवे स्टेशन से हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहेंगे। इसके अलावा प्रधानमंत्री वर्चुअल माध्यम से अन्य तीन वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को भी हरी झंडी दिखाएंगे। इनमें लखनऊ से सहारनपुर वंदे भारत एक्सप्रेस, फिरोजपुर से दिल्ली वंदे भारत एक्सप्रेस, एर्नाकुलम से बेंगलुरु वंदे भारत एक्सप्रेस, प्रधानमंत्री इस अवसर पर बनारस स्टेशन पर मौजूद गणमान्य लोगों से संवाद भी कर सकते हैं। धार्मिक पर्यटन को मिलेगी नई रफ्तार बनारस–खजुराहो वंदे भारत एक्सप्रेस के संचालन से धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को एक नया आयाम मिलेगा। यह ट्रेन वाराणसी, प्रयागराज, चित्रकूट और खजुराहो जैसे धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों को आपस में जोड़ेगी। नई वंदे भारत एक्सप्रेस वर्तमान में चल रही विशेष ट्रेनों की तुलना में करीब 2 घंटे 40 मिनट का समय बचाएगी। इससे यात्रियों को तेज़, आरामदायक और आधुनिक यात्रा का अनुभव मिलेगा। साथ ही यह ट्रेन यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल खजुराहो तक श्रद्धालुओं और पर्यटकों को सुगम पहुँच प्रदान करेगी, जिससे पर्यटन उद्योग को नया आयाम और आर्थिक गति मिलेगी।

गुणवत्तापूर्ण कार्य करते हुए सिंचाई परियोजनाओं के कार्य में लाएँ गति: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री ने ली जल संसाधन विभाग की समीक्षा बैठक रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में जल संसाधन विभाग की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने प्रदेश में संचालित सभी निर्माणाधीन एवं प्रगतिरत सिंचाई परियोजनाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त की और निर्देश दिए कि सभी कार्य गुणवत्तापूर्ण ढंग से संपन्न हों तथा निर्माण कार्यों की गति में तेजी लाई जाए। मुख्यमंत्री श्री साय ने विभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशानिर्देश देते हुए कहा कि जल संसाधन परियोजनाएँ प्रदेश के सर्वांगीण विकास की धुरी हैं। उन्होंने कहा कि जनता को स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता और कृषि कार्यों के लिए पर्याप्त जलापूर्ति सुनिश्चित करने हेतु सिंचाई परियोजनाओं का निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण होना अत्यंत आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सभी निर्माणाधीन एवं प्रगतिरत सिंचाई परियोजनाओं के कार्यों में गति लाने के स्पष्ट निर्देश दिए। बैठक में जल संसाधन विभाग के सचिव श्री राजेश सुकुमार टोप्पो ने मुख्यमंत्री को पावर पॉइंट प्रेज़ेंटेशन के माध्यम से प्रदेश की निर्माणाधीन सिंचाई परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति से अवगत कराया। बैठक में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद सहित जल संसाधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

सुप्रीम कोर्ट की चिंता: आवारा कुत्तों के बढ़ते हमले से भारत की अंतरराष्ट्रीय छवि दांव पर

 नई दिल्ली  सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र के अस्पतालों, शैक्षणिक केंद्रों, बस अड्डों, रेलवे स्टेशन जैसे क्षेत्रों से आवारा कुत्तों को हटाने का आदेश दिया है। कोर्ट ने स्कूल, अस्पताल, रेलवे स्टेशन समेत विभिन्न परिसरों में कुत्तों के हमले का जिक्र किया है। साथ ही, कोर्ट ने यह भी कहा कि ये आवारा कुत्ते विदेशी नागरिक पर भी हमला कर रहे हैं, जिससे देश की छवि पर असर पड़ रहा है।  कोर्ट ने अपने आदेश में एनडीटीवी की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा है कि अदालत के संज्ञान में यह भी लाया गया है कि भारत आने वाले विदेशी नागरिक भी अकारण आवारा कुत्तों के हमलों का शिकार हो रहे हैं। बेंगलुरु में हुई ऐसी ही एक घटना में, सुबह की दौड़ के दौरान एक वेल्श उद्यमी को आवारा कुत्ते ने काट लिया। यह घटना इस बात पर जोर देती है कि यह समस्या न तो ग्रामीण या घनी आबादी वाले इलाकों तक सीमित है और न ही केवल असुरक्षित नागरिकों तक सीमित है, बल्कि इसने ऐसे रूप धारण कर लिए हैं जो जन सुरक्षा, पर्यटन और वैश्विक परिप्रेक्ष्य में देश की छवि पर भी असर डाल रहे हैं। आदेश में कोर्ट ने कहा, 'इस न्यायालय को विभिन्न समाचार रिपोर्टों और मीडिया रिपोर्टों के माध्यम से शैक्षणिक संस्थानों, अस्पतालों, खेल परिसरों, बस स्टैंड/डिपो (अंतरराज्यीय बस टर्मिनलों सहित) और रेलवे स्टेशनों, यानी संस्थागत क्षेत्रों में कुत्तों के काटने की घटनाओं में चिंताजनक वृद्धि के बारे में अवगत कराया गया है। स्कूल परिसरों में बच्चों पर हमले, अस्पताल परिसरों में मरीजों और तीमारदारों को काटने, खेल स्टेडियमों में आवारा कुत्तों द्वारा एथलीटों और अधिकारियों पर हमला करने और बस स्टैंड/डिपो और रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों/यात्रियों पर आवारा कुत्तों द्वारा हमला करने की घटनाएं इस न्यायालय के संज्ञान में आई हैं।' अदालत ने आगे कहा कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति, विशेष रूप से शिक्षण, उपचार और मनोरंजन के लिए बने संस्थागत स्थानों में, न केवल प्रशासनिक उदासीनता को दर्शाती है, बल्कि इन परिसरों को रोके जा सकने वाले खतरों से सुरक्षित रखने में प्रणालीगत विफलता को भी दिखाती है। यह स्थिति भारत के संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत नागरिकों, विशेषकर बच्चों, मरीजों और खिलाड़ियों के जीवन और सुरक्षा के मौलिक अधिकार की रक्षा के लिए तत्काल न्यायिक हस्तक्षेप की मांग करती है। सर्वोच्च न्यायालय ने कुत्तों के काटने की घटनाओं में खतरनाक वृद्धि को ध्यान में रखते हुए, सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों (यूटी) को आदेश दिया कि वे सभी शैक्षणिक संस्थानों, अस्पतालों, सार्वजनिक खेल परिसरों, बस स्टैंडों, रेलवे स्टेशनों आदि से सभी आवारा कुत्तों को हटाना सुनिश्चित करें। जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एनवी अंजारिया की पीठ ने कहा कि आवारा कुत्तों के प्रवेश को रोकने के लिए इन सभी संस्थानों और स्थानों की उचित बाड़ लगाई जानी चाहिए।  

पोलिंग पार्टियों के ठहरने की व्यवस्था बदली, रात में बूथ पर रुकने पर लगी रोक

घाटशिला घाटशिला विधानसभा उपचुनाव में कुछ ही दिन बचे हैं। घाटशिला विधानसभा सीट पर 11 नवंबर को मतदान हैं। वहीं, मतदान की सभी तैयारियां पूरी कर ली गयी है। 11 नवंबर की सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक मतदान होगा। जानकारी के मुताबिक 10 नवंबर को घाटशिला विस क्षेत्र के 300 बूथों में से 262 बूथों की पोलिंग पार्टियां अपने-अपने बूथों पर ही रुकेगी जबकि बाकी 38 बूथों की पोलिंग पार्टियां रात में इंटरमीडिएट स्ट्रांग रूम (आईएसआर) में रुकेंगी और तड़के मतदान वाले दिन बूथ पर पहुंचेगी क्योंकि ये सभी बूथ नक्सल प्रभावित क्षेत्र में पड़ते हैं। इसलिए ये बूथ पर न रुक कर इंटरमीडिएट स्ट्रांग रूम में रुकेंगी। वहीं, निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार मतदान से पहले तड़के साढ़े पांच बजे से डेढ़ घंटे तक मॉक पोल कराया जायेगा। मतदान के बाद 300 में से 297 बूथों की पोलिंग पार्टियां उसी रात तक ईवीएम लेकर को-ऑपरेटिव कॉलेज में स्थित स्ट्रांग रूम पहुंच जायेंगी, जबकि शेष तीन बूथों की पोलिंग टीम 12 नवंबर की सुबह वहां पहुंचेगी। बता दें कि घाटशिला विधानसभा उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के उम्मीदवार बाबूलाल सोरेन, झामुमो के उम्मीदवार सोमेश चंद्र सोरेन और झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) के उम्मीदवार रामदास मुर्मू के बीच त्रिकोणीय मुकाबला होने की संभावना है। चुनाव आयोग द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, इस निर्वाचन क्षेत्र में महिला मतदाताओं की संख्या पुरुषों से लगभग पांच प्रतिशत अधिक है। 2,56,252 मतदाताओं में से 1,31,180 महिलाएं और 1,25,078 पुरुष मतदाता हैं।  

पहले हफ्ते में ही सर्द हवाओं का कहर, दशक बाद इतनी ठंड

इंदौर हिमालय से आ रही सर्द हवाओं ने पिछले तीन दिनों में आठ डिग्री सेल्सियस तक रात पारा गिराया। यही वजह है कि पिछले दो दिनो से उत्तरी हवाओं के असर से शहरवासियों को अल सुबह व रात में ठंडक का अहसास होने लगा है। गुरूवार की रात इस सीजन की सबसे ठंडी रात रही है। शुक्रवार को शहर में न्यूनतम तापमान 10.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो पिछले 10 साल में सबसे कम रहा। सामान्यत: नवंबर के आखिरी सप्ताह में न्यूनतम तापमान में गिरावट देखने को मिलती है। यह पहला मौका है जब नवंबर के पहले सप्ताह में उत्तरी हवाओं ने पारा गिराया है। भोपाल मौसम केंद्र के पास उपलब्ध उपलब्ध आंकड़ों में इंदौर में 25 नवंबर 1938 को सबसे कम 5.6 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम दर्ज किया गया था। इसके अलावा 30 नवंबर 1988 को इंदौर में 7.3 न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया था, जो विगत वर्षो में नवंबर माह में दूसरा सबसे कम तापमान दर्ज हुआ है।     मौसम विज्ञानियों के मुताबिक इंदौर में अगले एक सप्ताह इसी तरह तापमान में गिरावट बरकरार रहेगी। हिमालय क्षेत्र में इस नवंबर के पहले सप्ताह से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हुए हैं। हाल ही में हिमालय क्षेत्र में जो पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय था वो काफी मजबूत था। उसके गुजरने के बाद वहां हुई बर्फबारी के असर से उत्तरी व उत्तर पश्चिमी सर्द हवाएं इंदौर सहित पश्चिमी मप्र की ओर आ रही है। इस वजह से इंदौर में दिन के साथ रात के तापमान मे भी गिरावट देखने को मिल रही है। शुक्रवार को इंदौर में अधिकतम तापमान सामान्य से तीन डिग्री सेल्सियस कम 28.1 डिग्री सेल्सिय दर्ज किया गया। पिछले एक सप्ताह में इस तरह गिरा इंदौर में पारा दिनांक अधिकतम न्यूनतम     1 नवंबर 28.1 19.8     2 नवंबर 30.1 21.6     3 नवंबर 30.0 22.4     4 नवंबर 29.8 20.8     5 नवंबर 30.2 18.2     6 नवंबर 28.3 12.1     7 नवंबर 28.1 10.3 नोट : तापमान डिग्री सेल्सियस में   नवंबर में तापमान व वर्षा उच्चतम अधिकतम तापमान : 5 नवंबर को 1925 को 35 डिग्री सेल्सियस निम्मनम न्यूनतम तापमान : 25 नवंबर 1938 को 5.6 डिग्री सेल्सियस सर्वाधिक कुल मासिक वर्षा : 1946 में 217.4 मिमी