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हरियाणा की 66 ऐतिहासिक धरोहरें होंगी पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित

 पंचकूला हरियाणा की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को बढ़ाव देकर पर्यटन स्थल बनाने पर जोर दे रही नायब सरकार को एनसीआर प्लानिंग बोर्ड (एनसीआरपीबी) की ओर से आर्थिक बल मिलने वाला है। मंगलवार को नई दिल्ली में हुई एनसीआरपीबी की बैठक में दक्षिण हरियाणा को पर्यटन हब के रूप में विकसित करने की योजना पर जोर दिया गया है। दक्षिण हरियाणा जिलों में 66 ऐतिहासिक तथा महत्वपूर्ण जगहों पर उन्हें पर्यटक स्थल कें रूप में विकसित करने पर चर्चा की गई। इनमें महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, गुरुग्राम, पलवल व अन्य जिलों की ऐतिहासिक धरोहर शामिल हैं। इनमें से कई को हरियाणा सरकार ने विकसित करने की योजना बना रखी थी। एनसीआरपीबी की ओर से मदद मिलने पर योजना बेहतर तरीके से सिरे चढ़ने की उम्मीद लगाई जा रही है। इन क्षेत्रों को किया जाएगा विकसित महेंद्रगढ़ जिले से नारनौल स्थित बीरबल का छत्ता, चोर गुबंद, इस्लामपुरा किला, जल महल, मिर्जा अलीजान का तख्त व बावड़ी, पीर तुर्कमान का मकबरा, शाह कुलीखान का मकबरा, शोभा सागर, इब्राहम खान शूरी का मकबरा, शाह निजाम का मकबरा, शाह विलायत का मकबरा, त्रिपोलिया दरवाजा शामिल है। पलवल जिले का बाबा उदासनाथ मंदिर, दौजी मंदिर, पंचायत मंदिर, पांडव वन, रेवाड़ी से बाग वाला तालाब, बड़ा तालाब, भगवती भक्ति आश्रम, बावल का किला, घंटेश्वर मंदिर, द रेड मास्क(लाल नकाब), तुर्कियावास मकबरा शामिल है। इनमें से कई को विकसित भी किया जा रहा है। फरीदाबाद में हरियाणा के सबसे पुराने अरावली गोल्फ कोर्स को हरियाणा सरकार ने इस साल के बजट में भी विश्वस्तरीय रिक्रिएशन एवं स्पोर्टस डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने की घोषणा की गई थी। इसे एनसीआरपीबी ने भी रीजनल प्लान 2041 में शामिल किया है। जिमखाना क्लब से मुगल ब्रिज तक… इसके अलावा आनंदपुर बांध, जिमखाना क्लब, मुगल ब्रिज, नाहर सिंह क्रिकेट स्टेडियम, नाहर सिंह पैलेस, राजहंस कन्वेंशन सेंटर, रोज गार्डन, सूरजकुंड को पर्यटन हब के रूप में विकसित किया जाना है। गुरुग्राम के अरण्य ग्रीन फार्म, अराइज फार्म, बादशाहपुर फोर्ट, घोस अली शाह की बावड़ी, बेगम समरू पैलेस, काउन सराय और डीएलएफ गोल्फ एंड कंट्री क्लब को पर्यटन के लिए विकसित किया जाएगा। वहीं, गोल्ड ग्रीन्स गोल्फ एंड रिजाेर्ट, गोल्डन टर्टल फार्म विलेज, आइटीसी क्लासिक गोल्फ रिजाेर्ट, जान हाल, कर्मा लेकलैंड गोल्फ कोर्स, किंगडम आफ ड्रिम्स, मानेसर गोल्फ कोर्स, अलावर्दी खान की मास्क एंड सराय, शीतला माता मंदिर, शीश महल को शामिल किया गया है। इसी तरह सुलतानपुर बर्ड सेंच्यूरी, तारूधान गोल्फ कोर्स, टेरी गोल्फ कोर्स, द गोल्फ रिट्रीट फार्म भी पर्यटन हब के रूप में विकसित किए जाने वाले स्थानों में शामिल किया गया है।

धार्मिक स्थलों को पर्यटन केंद्र बनाने की योजना, अमरोहा में बड़े प्रोजेक्ट पर तैयारी

 अमरोहा प्रदेश सरकार पर्यटन के विकास पर अधिक जोर दे रही है। उसके द्वारा धार्मिक स्थलों को पर्यटन के रूप में विकसित किया जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में जनपद के सात धार्मिक स्थलों पर पर्यटन सुविधाएं विकसित करने का प्रस्ताव प्रशासन ने विधानसभा वार तैयार किया है। 2225 लाख से उनकी तस्वीर को बदला जाएगा। इस बार एक गुरुद्वारा को भी प्रस्ताव में शामिल किया गया है। सभी के प्रस्ताव मंजूरी के लिए पर्यटन विभाग को भिजवा दिए गए हैं। उसकी मंजूरी मिलने और शासन से धनराशि आवंटित होने के बाद धार्मिक स्थलों पर कार्य शुरू किया जाएगा। धार्मिक स्थलों के प्रति पर्यटक आकर्षित हों और प्रदेश की आय में बढ़ोतरी हो, इसके लिए सरकार द्वारा प्रत्येक जनपद के मुख्य धार्मिक स्थलों पर पर्यटन सुविधाएं बढ़ाने का कार्य चल रहा है। राज्य योजना अंतर्गत पर्यटन विकास के लिए कार्य किया जा रहा है। इसके लिए पर्यटन विभाग हर वित्तीय वर्ष में जिला प्रशासन से धार्मिक स्थलों के प्रस्ताव मांगता है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में विधानसभा वार सात धार्मिक स्थलों का प्रस्ताव बनाकर विभाग को भेजा गया है। इसमें नौगावां सादात विस क्षेत्र में स्थित वारसपुर कलां का शिव मंदिर, गुरुकुल कन्या चोटीपुरा का वेद मंदिर, खजूरी गांव में स्थित बाबा बालक राम मंदिर, गुरुद्वारा सिंह सभा गुरुनानक दरबार खंडसाल कलां, हसनपुर विस क्षेत्र के ग्राम ढबारसी में स्थित प्राचीन शिव मंदिर, ग्राम बिजनौरा स्थित शिव मंदिर व अमरोहा में वासुदेव मंदिर पर लाइट एवं साउंड शो के प्रस्ताव शामिल किए गए हैं। जिन पर करीब 2225 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। वर्ष 2025-26 में तीन परियोजनाओं को मिली थी मंजूरी पर्यटन विभाग की राज्य योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 में 283.27 लाख की तीन परियोजनाओं को मंजूरी मिली थी। इसमें नाैगावां विस क्षेत्र में बाबा लालचंद्र मंदिर जकड़ी, अमरोहा विस क्षेत्र के गांव रेहरा में प्रज्ञा बुद्ध बिहार, हसनपुर में चामुंडा देवी मंदिर शामिल हैं। वर्ष 2023-24 में चार परियोजनाएं हुई थी मंजूर वित्तीय वर्ष 2023-24 में राज्य योजनांतर्गत चार परियोजनाएं मंजूर हुई थी। इनमें हसनपुर विधानसभा क्षेत्र में स्थित शिव मंदिर ग्राम फूलपुर बीझलपुर, नौगावां सादात विधानसभा क्षेत्र में शिव मंदिर मेला स्थल गांव गजस्थल, अमरोहा विस क्षेत्र में वासुदेव मंदिर व मंडी धनौरा क्षेत्र में स्थित प्राचीन शिव मंदिर पत्थरकुटी शामिल हैं। जिन पर पर्यटन सुविधाएं बढ़ाने के लिए 445.93 लाख रुपये खर्च किए गए हैं। वर्ष 2024-25 में दो ही परियोजनाओं को मिली थी मंजूरी राज्य योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2024-25 में जनपद में 139.80 लाख रुपये की दो ही परियोजनाओं को मंजूरी मिली थी। जिसमें हसनपुर विधानसभा क्षेत्र में मोहल्ला हाेलीवाला स्थित शिवाला मंदिर परिसर, नौगावां सादात विस क्षेत्र में स्थित ग्राम बहलोलपुर स्थित प्राचीन शिव मंदिर परिसर शामिल हैं। धार्मिक स्थलों को पर्यटन के रूप में विकसित करने के लिए प्रस्ताव बनाकर मंजूरी के लिए पर्यटन विभाग को भेजे गए हैं। जिनकी मंजूरी और धनराशि मिलने के बाद उनके विकास का कार्य कराया जाएगा।   अश्वनी कुमार मिश्र, सीडीओ