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अमरोहा के उत्पादों का दिखेगा जलवा, ढोलक से वुडन क्राफ्ट तक 6 हॉल में सजेगा बाजार

यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो ग्रेटर नोएडा में गूंजेगी अमरोहा की ढोलक की थाप, 6 प्रमुख इकाइयों को मिला अंतरराष्ट्रीय मंच जीआई टैग वाद्य यंत्रों से लेकर टेक्सटाइल और वुडन क्राफ्ट का दिखेगा जलवा; 6 अलग-अलग हॉल में सजेंगे जिले के उत्पाद रूस, सिंगापुर, जापान सहित कई देश बने पार्टनर; 25 से 29 सितंबर तक सजेगा महामंच, वैश्विक बाजार में दस्तक देंगे स्थानीय हुनरमंद अमरोहा,  ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में 25 से 29 सितंबर तक आयोजित होने वाले उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस-2026) के चौथे संस्करण में जनपद अमरोहा के पारंपरिक शिल्प, हथकरघा और स्थानीय स्वाद का डंका बजेगा। प्रदेश सरकार व इंडिया एक्सपोज़िशन मार्ट लिमिटेड (आईईएमएल) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हो रहे इस विशाल व्यापार मेले में अमरोहा से कुल 6 प्रमुख इकाइयों और उद्यमियों का चयन किया गया है। इस आयोजन में रूस, सिंगापुर, वियतनाम, ऑस्ट्रिया और जापान पार्टनर कंट्री (Partner Country) के रूप में भाग ले रहे हैं। जिले के विश्वविख्यात जीआई टैग प्राप्त वाद्य यंत्रों (ढोलक आदि) के साथ-साथ 'एक जिला एक व्यंजन' (ओडीओसी) के तहत मशहूर सेव, वुडन हैंडीक्राफ्ट, कंबल और हैंडलूम उत्पाद वैश्विक खरीदारों के आकर्षण का केंद्र बनेंगे। 1.5 लाख बी2बी बायर्स और 4.5 लाख से अधिक बी2सी आगंतुकों के बीच आयोजित हो रहे इस महामंच से अमरोहा के कुटीर उद्योगों को सीधे निर्यात आर्डर और वैश्विक सप्लाई चेन से जुड़ने का बड़ा आधार मिलेगा। ओडीओपी व जीआई टैग: हॉल नंबर 11 में गूंजेगी ढोलक की थाप अमरोहा की ऐतिहासिक पहचान उसके पारंपरिक संगीत वाद्य यंत्रों से है, जो जिले का मुख्य उत्पाद होने के साथ-साथ भौगोलिक संकेतक (जीआई टैग) से भी प्रमाणित है। ट्रेड शो के हॉल नंबर 11 में जीआई टैग श्रेणी के तहत 'मै० आर्टीजन वेलफेयर सोसाइटी' का स्टाल लगाया जा रहा है। यहां आम और शीशम की लकड़ी से तैयार हस्तनिर्मित ढोलक की पूरी रेंज सजेगी। 75 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों और विदेशी आयातकों के सामने जिले के इस पुश्तैनी हुनर को पेश करने से स्थानीय संगीत वाद्य निर्माताओं को सीधे अंतरराष्ट्रीय एक्सपोर्ट ऑर्डर मिलने की राह खुलेगी। ओडीओसी: हॉल नंबर 16 में जायके के दीवानों को लुभाएगा अमरोहा का मशहूर 'सेव' खानपान की स्थानीय विरासत को प्रमोट करने के लिए प्रदेश सरकार की 'एक जिला एक व्यंजन' (ओडीओसी) योजना के अंतर्गत अमरोहा के मशहूर नमकीन सेव को अंतरराष्ट्रीय मंच मिला है। इसके तहत हॉल नंबर 16 में जिले के प्रतिष्ठित प्रतिष्ठान 'मै० फैमस स्वीट्स सेन्टर' (प्रोपराइटर: सारो फैजल) का स्टॉल सजेगा। बेसन और खास मसालों के मेल से बनने वाले अमरोहा के कुरकुरे व पारंपरिक सेव का स्वाद देश-विदेश के आगंतुकों को परोसा जाएगा। इससे स्थानीय स्तर पर तैयार होने वाले पैकेज्ड नमकीन उत्पाद को बड़े रिटेल आउटलेट्स और ई-कॉमर्स नेटवर्क तक पहुंच बनाने में मदद मिलेगी। हैंडलूम, वुडन क्राफ्ट और वूलन सेक्टर के इन हॉलों में सजेंगे स्टॉल हस्तशिल्प और वस्त्र उद्योग में अमरोहा के चार प्रमुख उत्पादक अलग-अलग हॉल में अपने उत्पादों का प्रदर्शन करेंगे। ओडीओपी योजनांतर्गत टेक्सटाइल सेक्टर के तहत हॉल नंबर 09 में उद्यमी गुलफाम अहमद अपनी उच्च गुणवत्ता वाली कॉटन बेडशीट, दरी और चादरें प्रदर्शित करेंगे। वहीं एमएसएमई श्रेणी के तहत हॉल नंबर 10 में 'मै० अनीस हैण्डलूम एण्ड रेडीमेड गारमेन्टस' (प्रोपराइटर: अनीस अहमद) के स्टॉल पर बेडशीट व दरी हैंडलूम प्रोडक्ट्स के अलावा रेडीमेड गारमेंट्स प्रदर्शित किए जाएंगे। नक्काशीदार काष्ठ कला को बढ़ावा देने के लिए हॉल नंबर 14 में 'मै० एम०जी०ए० डिजाईन' द्वारा वुडेन हैंडीक्राफ्ट उत्पाद सजाए जाएंगे। आगामी शीत ऋतु को देखते हुए हॉल नंबर 15 में 'मै० प्रकाश वुलेन' द्वारा उच्च गुणवत्ता वाले कंबलों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी। अमरोहा के कारोबार को सीधे मिलेंगे ये बड़े फायदे यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो अमरोहा की अर्थव्यवस्था के लिए बहुआयामी फायदे लेकर आ रहा है। 1,10,000 वर्ग मीटर में फैले इस महामंच पर जिले के उद्यमियों को बिना किसी बिचौलिए के सीधे कॉर्पोरेट घरानों, एक्सपोर्टर्स और विदेशी बायर्स से बिजनेस-टू-बिजनेस (B2B) मीटिंग्स का मौका मिलेगा। इससे न केवल वाद्य यंत्रों और काष्ठ कला के छोटे कारीगरों को सालभर के थोक काम मिलेंगे, बल्कि हथकरघा और नमकीन उद्योग में स्थानीय स्तर पर नए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। इसके अलावा 'यूपी निर्यात संवर्धन नीति 2025-30' और 'मार्केटिंग डेवलपमेंट असिस्टेंस स्कीम' (एमडीएएस) के जरिए जिले के उत्पादों को वैश्विक ब्रांडिंग का सीधा संबल मिलेगा। वैश्विक निर्यात से जुड़ेंगे अमरोहा के छोटे उद्यमी: उपायुक्त उद्योग जिला उद्योग प्रोत्साहन तथा उद्यमिता विकास केन्द्र, अमरोहा के उपायुक्त उद्योग अनूप कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो जनपद के पारंपरिक दस्तकारों और नए उद्यमियों के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार का द्वार खोलने वाला साबित होगा। उन्होंने जनपद के युवाओं, विद्यार्थियों, नवोन्मेषकों और भावी उद्यमियों से अपील की है कि वे बड़ी संख्या में आकर नए संपर्कों और नए बाजार को समझें तथा अपनी प्रतिभा व क्षमता के अनुरूप नए अवसर तलाशें। उन्होंने बताया कि आयोजन से संबंधित अधिकृत जानकारी, पंजीकरण व प्रचार सामग्री आधिकारिक वेबसाइट upinternationaltradeshow.com पर उपलब्ध है।

इंटरनेशनल ट्रेड शो में दुनिया देखेगी यूपी के युवाओं का कौशल

लखनऊ इंटरनेशनल ट्रेड शो में दुनिया उत्तर प्रदेश के हुनर और युवाओं की प्रतिभा से रूबरू होगी। योगी सरकार के युवाओं को कौशल, करियर और रोजगार से जोड़ने के प्रयासों को आगे बढ़ाते हुए पहली बार यूपी कौशल विकास मिशन (UPSDM) के पवेलियन में ‘स्किल मंच’ की शुरुआत होगी। यहां शिक्षाविद, कौशल विशेषज्ञ और उद्योग प्रतिनिधि युवाओं से संवाद करेंगे, वहीं 16 कौशलों के लाइव प्रदर्शन, गतिविधियों और बी2बी संवाद के जरिए आगंतुक हुनर को देखने के साथ स्वयं करके सीख सकेंगे। सबसे खास बात युवा उद्यमी अपनी सफलता की कहानियां साझा कर कौशल से रोजगार और उद्यमिता तक की राह भी दिखाएंगे। उत्तर प्रदेश के युवाओं के कौशल, प्रतिभा और हुनर को देश-दुनिया के सामने प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन इस वर्ष उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो में अपने पवेलियन को और अधिक व्यापक एवं इंटरैक्टिव स्वरूप में प्रस्तुत करेगा। 25 से 29 सितम्बर तक इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट, ग्रेटर नोएडा में आयोजित होने वाले इंटरनेशनल ट्रेड शो में कौशल विकास मिशन का पवेलियन आगंतुकों को प्रदेश के पारंपरिक कौशलों के साथ आधुनिक एवं उभरते कौशलों की जानकारी देने के साथ ही उन्हें स्वयं गतिविधियों में भाग लेकर कौशल को समझने का अवसर भी प्रदान करेगा। इस वर्ष कौशल विकास मिशन के पवेलियन में 16 कौशल स्टॉल लगाए जा रहे हैं। इस प्रकार इस बार पारंपरिक कारीगरी के साथ-साथ नए एवं उभरते कौशलों को भी प्रदर्शित किया जाएगा। पवेलियन में विभिन्न कौशलों के लाइव डेमो होंगे, जिससे आगंतुक कौशल की बारीकियों और उससे जुड़ी कार्यप्रणाली को प्रत्यक्ष रूप से देख सकेंगे। पवेलियन का आकार भी इस वर्ष उल्लेखनीय रूप से बढ़ाया गया है। इस बार 360 वर्ग मीटर का स्थान मिला है। यह पवेलियन हॉल नंबर-7, ग्राउंड फ्लोर पर स्थापित किया जा रहा है।  इस वर्ष कौशल विकास मिशन के पवेलियन में इंटरैक्टिव खुद करें जैसी गतिविधियां विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगी। अधिकांश स्टॉल पर आगंतुक केवल कौशल का प्रदर्शन देखने तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि स्वयं गतिविधियों में हिस्सा लेकर संबंधित कौशल की बारीकियों को समझ सकेंगे। पहली बार ‘स्किल मंच’ की शुरुआत की जा रही है। इस मंच पर शिक्षाविद, कौशल विशेषज्ञ, उद्योग प्रतिनिधि और सॉफ्ट स्किल कम्युनिकेटर अपने अनुभव एवं व्यावहारिक जानकारी साझा करेंगे। इसका उद्देश्य युवाओं को कौशल विकास, करियर निर्माण और रोजगार की बदलती संभावनाओं से जोड़ना है। पवेलियन में उद्योगों और शिक्षण संस्थानों के साथ बी टू बी गतिविधियों को भी स्थान दिया गया है। इसके माध्यम से कौशल विकास से जुड़े विभिन्न हितधारकों के बीच संवाद, सहयोग और संभावित साझेदारी के अवसरों पर चर्चा की जाएगी। कौशल विकास मिशन से प्रशिक्षण प्राप्त कर अपने-अपने क्षेत्रों में आगे बढ़ चुके प्रशिक्षित युवा उद्यमी भी पवेलियन का हिस्सा होंगे। उनके अनुभव, सफर और उपलब्धियों को प्रदर्शित कर यह बताया जाएगा कि कौशल विकास केवल प्रशिक्षण प्राप्त करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह युवाओं के लिए रोजगार और उद्यमिता के अवसरों का मजबूत आधार भी बन सकता है। व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल पवेलियन के साथ ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ पोर्टल का शुभारंभ करेंगे। इस चैलेंज के माध्यम से युवाओं, विद्यार्थियों, स्टार्टअप्स, प्रोफेशनल्स और इनोवेटर्स को नए समाधान एवं नवाचार प्रस्तुत करने का अवसर उपलब्ध कराया जाएगा। मिशन निदेशक पुलकित खरे ने बताया कि इस वर्ष पवेलियन में 16 कौशल स्टॉल, गतिविधियां, लाइव डेमो, ‘स्किल मंच’, B2B संवाद, प्रशिक्षित युवाओं की उपलब्धियों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों को एक साथ जोड़ा गया है। इससे आगंतुकों को उत्तर प्रदेश के कौशल और प्रतिभा की विविधता को देखने, समझने और अनुभव करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि पवेलियन का उद्देश्य कौशल को केवल प्रदर्शित करना नहीं, बल्कि उसे अनुभव, संवाद और नवाचार से जोड़ना है।

यूपीआईटीएस में युवाओं की भागीदारी को नया आयाम दे रही योगी सरकार, गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के विद्यार्थी बनेंगे आयोजन का हिस्सा

लखनऊ  उत्तर प्रदेश की योगी सरकार प्रदेश में आयोजित होने वाले उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस) 2026 को केवल व्यापार और निवेश का मंच ही नहीं, बल्कि युवाओं और विद्यार्थियों के लिए सीखने, संवाद करने और वैश्विक कारोबारी वातावरण को समझने का अवसर बनाने पर भी जोर दे रही है। इसी क्रम में गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों की आयोजन में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। विद्यार्थियों को आयोजन की विभिन्न गतिविधियों में उनकी रुचि और क्षमता के अनुरूप जिम्मेदारियां दी जा रही हैं। यह पहल विद्यार्थियों को कक्षा और परिसर से बाहर निकलकर वास्तविक कारोबारी, उद्यमिता और अंतरराष्ट्रीय व्यापार के माहौल को समझने का अवसर देगी। आयोजन प्रबंधन से लेकर बी2बी बैठकों तक निभाएंगे भूमिका योजना के अनुसार 25 से 29 सितंबर के दौरान विद्यार्थियों की भागीदारी शटल संचालन, स्कैनिंग, सांस्कृतिक गतिविधियों, नॉलेज सेशन, इंफॉर्मेशन डेस्क और बी2बी मीटिंग्स सहित विभिन्न कार्यों में रहेगी। विद्यार्थियों को केवल दर्शक के रूप में नहीं, बल्कि आयोजन की व्यवस्थाओं में सक्रिय भूमिका निभाने वाले वालेंटियर्स के रूप में जोड़ा गया है।इसके लिए वालेंटियर्स की चार टीमें गठित की गई हैं। इन टीमों के माध्यम से विद्यार्थियों को आयोजन से जुड़ी अलग-अलग जिम्मेदारियों का व्यावहारिक अनुभव मिलेगा। छात्र सहभागिता के लिए फैकल्टी सुपरविजन और नोडल संपर्क की व्यवस्था भी की गई है। स्टार्टअप और उद्यमिता से सीधे जुड़ेंगे विद्यार्थी योगी सरकार की ओर से युवाओं को उद्यमिता और नवाचार से जोड़ने की दिशा में यूपीआईटीएस में विद्यार्थियों के लिए कई विशेष गतिविधियां प्रस्तावित हैं। इनमें यंग एंटरप्रेन्योर हंट के साथ स्टार्टअप/फाउंडर जोन प्रमुख है। स्टार्टअप और फाउंडर जोन में विद्यार्थियों को उद्यमियों एवं फाउंडर्स के साथ 15 मिनट की इंटरैक्शन का अवसर मिलेगा।इसके अलावा करियर कॉर्नर में इंटर्नशिप और लाइव प्रोजेक्ट से संबंधित अवसरों की जानकारी दी जाएगी। इससे विद्यार्थी उद्योग जगत की अपेक्षाओं, रोजगार के अवसरों और वास्तविक प्रोजेक्ट्स की कार्यप्रणाली को करीब से समझ सकेंगे। इंटरनेशनल पासपोर्ट’ से सीखेंगे वैश्विक व्यापार की बारीकियां छात्रों की सहभागिता को सीखने की गतिविधियों से जोड़ने के लिए इंटरनेशनल पासपोर्ट की भी व्यवस्था की गई है। इसमें विद्यार्थियों को 10 से 15 स्टांप अर्जित करने होंगे। इसके साथ फोटो इंस्टॉलेशन और अलग-अलग देशों को प्रदर्शित करने वाली कंट्री वॉल्स भी विद्यार्थियों के लिए आकर्षण का केंद्र रहेंगी। कॉलेज एक्सपो एंबेसडर्स के माध्यम से भी विद्यार्थियों की भागीदारी बढ़ाने की योजना है। इसके तहत प्रत्येक कॉलेज से प्रस्तावित रूप से 5 से 10 विद्यार्थी एंबेसडर के तौर पर जोड़े जा सकते हैं। एक्सपो पासपोर्ट से 8-10 डिस्कवरी टास्क छात्रों के लिए तैयार लर्निंग एंड रिकॉग्निशन एंड फ्रेमवर्क में एक्सपो पासपोर्ट को विशेष स्थान दिया गया है। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को 8 से 10 डिस्कवरी टास्क्स पूरे करने होंगे। इसके अलावा 45 से 60 मिनट की गाइडेड थीम्ड ट्रेल्स भी आयोजित की जाएंगी। निर्धारित गतिविधियां पूरी करने वाले विद्यार्थियों को सर्टिफिकेट्स ऑन कंप्लीशन दिए जाएंगे। इस पूरी व्यवस्था का उद्देश्य विद्यार्थियों की यूपीआईटीएस में मौजूदगी को केवल भ्रमण तक सीमित न रखकर उसे अनुभवात्मक सीख से जोड़ना है। युवाओं को वैश्विक अवसरों से जोड़ने की दिशा में कदम गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों की यह भागीदारी यूपीआईटीएस को व्यापार, निवेश और शिक्षा के बीच सेतु बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगी। एक ओर विद्यार्थी आयोजन प्रबंधन और स्वयंसेवा का व्यावहारिक अनुभव हासिल करेंगे, वहीं दूसरी ओर उन्हें स्टार्टअप, फाउंडर्स, उद्योग, करियर अवसरों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार की गतिविधियों को नजदीक से देखने का अवसर मिलेगा। इस तरह योगी सरकार के नेतृत्व में यूपीआईटीएस में व्यापार और निवेश के साथ युवा सहभागिता, कौशल, उद्यमिता और अनुभवात्मक शिक्षा को भी आयोजन का हिस्सा बनाया जा रहा है।

यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो 2026: ग्लोबल मंच पर चमकेगा आगरा, 36 उद्यमी लगाएंगे 60 स्टाल

आगरा ग्रेटर नोएडा में 25 से 29 सितंबर तक आयोजित होने वाले 'उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो' (यूपीआईटीएस) 2026 में ताजनगरी के उद्यमी अपनी व्यापारिक क्षमता और हुनर की धमक दिखाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश सरकार की इस शानदार पहल से आगरा के स्थानीय उद्यमियों, हस्तशिल्पियों और नवाचारियों को एक बड़ा ग्लोबल मंच उपलब्ध हो रहा है। इस वृहद आयोजन में आगरा जनपद की भागीदारी हर साल बढ़ रही है। इस वर्ष जिले के 36 उद्यमी यूपीआईटीएस में हिस्सा लेंगे, जिनके लिए 60 स्टाल आरक्षित किए गए हैं।  नवोदित और महिला उद्यमियों को बड़ा मंच यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में इस बार आगरा के विभिन्न वर्गों के उद्यमियों को अवसर दिया गया है। मेले में ओडीओपी ( एक जनपद एक उत्पाद) श्रेणी के तहत 8 इकाइयों के 10 स्टाल लगेंगे। इसके अलावा महिला उद्यमी, एमएसएमई और युवा उद्यमियों की श्रेणी में 7 इकाइयों के 7 स्टाल लगाए जा रहे हैं। इनमें 4 महिला उद्यमी और 3 युवा उद्यमी शामिल हैं, जो अपने नवाचार को वैश्विक खरीदारों के सामने पेश करेंगे। वहीं व्यापार को निर्यात के स्तर पर ले जाने के लिए 'नवोदित निर्यातक' श्रेणी में 17 इकाइयों के 25 स्टाल और 'नियमित निर्यातक' श्रेणी में 9 इकाइयों के 10 स्टाल लगाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत भी एक इकाई पूरे उत्साह के साथ प्रतिभाग कर रही है। आगरा के शिल्प और हुनर की दिखेगी व्यापक रेंज ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो मार्ट में सजने वाले इस ट्रेड शो में आगरा के उत्पादों की शानदार रेंज देखने को मिलेगी। स्टॉलों पर मुख्य रूप से आगरा का विश्व प्रसिद्ध लेदर उत्पाद, मार्बल स्टोन उत्पाद, फुटवियर, लेदर फुटवियर, होम डेकोर, कारपेट, हैंडीक्राफ्ट, हैंडलूम साड़ियां, गारमेंट्स, जरी जरदोजी और इमीटेशन ज्वेलरी का भव्य कलेक्शन प्रदर्शित किया जाएगा। विदेशी मेहमान और बड़े खरीदार आगरा की इस समृद्ध शिल्प कला और हुनर से सीधे रूबरू होंगे। लाइव किचन और लजीज व्यंजनों की रहेगी धूम यूपीआईटीएस में न केवल शिल्प बल्कि ताजनगरी के जायके की भी विशेष धूम रहेगी। ओडीओसी श्रेणी के तहत 5 इकाइयां हिस्सा ले रही हैं। ट्रेड शो में आने वाले देशी-विदेशी खरीदार आगरा के विश्व प्रसिद्ध पेठे का स्वाद चख सकेंगे। इसके साथ ही आगरा की पारंपरिक मिठाइयों व नमकीन का बेहतरीन डिस्प्ले किया जाएगा। एक विशेष 'लाइव किचन' भी यहां का प्रमुख आकर्षण होगी, जहां ताजे और स्वादिष्ट व्यंजन परोसे जाएंगे। वर्जन- उ.प्र. सरकार के प्रयासों से यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो स्थानीय उद्यमियों के लिए व्यापार विस्तार का एक बेहतरीन मंच बन चुका है। इस वृहद आयोजन से हमारे नवोदित और युवा उद्यमियों, विशेषकर महिला उद्यमियों को अंतरराष्ट्रीय व राष्ट्रीय खरीदारों से सीधा संवाद करने, बी2बी मीटिंग करने और अपने व्यापार को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का सुनहरा अवसर मिलेगा। विभाग द्वारा सभी प्रतिभागियों को हर संभव सहयोग व मार्गदर्शन प्रदान किया जा रहा है। शैलेंद्र कुमार, उपायुक्त उद्योग

मोदीनगर की शिकंजी से लखनऊ के कबाब तक, UP ट्रेड शो में सजेगी प्रदेश की खास ‘खाऊ गली’

लखनऊ  उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 में प्रदेश की औद्योगिक, कारोबारी और उद्यमशील ताकत के साथ ही उत्तर प्रदेश की समृद्ध खानपान परंपरा भी देश-दुनिया के सामने दिखाई देगी। ट्रेड शो के फूड कोर्ट में प्रदेश के अलग-अलग जनपदों और क्षेत्रों के पारंपरिक व्यंजनों को एक ही स्थान पर प्रस्तुत किया जाएगा। इसके माध्यम से आगंतुकों को उत्तर प्रदेश के विभिन्न अंचलों के विशिष्ट स्वाद का अनुभव एक ही परिसर में मिलेगा। ‘यूपी का स्वाद’ में दिखेगी प्रदेश की खानपान विरासत फूड कोर्ट में ‘यूपी का स्वाद’ के अंतर्गत प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों के प्रसिद्ध व्यंजनों को स्थान दिया गया है। यहां मोदीनगर की जैन शिकंजी, खुर्जा की खुरचन, मुरादाबाद की मुरादाबादी दाल और बिस्कुट रोटी, नोएडा की गुर्जरी थाली, लखनऊ के गलौटी कबाब, टुंडे कबाब और लखनवी बिरयानी तथा वाराणसी का बनारसी पान, टमाटर चाट और कुल्हड़ चाय उपलब्ध रहेगी। इसी क्रम में कानपुर की दही-जलेबी और समोसा चाट, आगरा का पेठा और बेढ़ई संग आलू सब्जी और दालमोट, मथुरा का पेड़ा, प्रयागराज की तहरी, लस्सी और चाट, गोरखपुर का ठेकुआ, बलिया की लिट्टी-चोखा, झांसी का पोहा और बालूशाही, बरेली की आलू टिक्की और सींक कबाब, मेरठ की रेवड़ी और गजक, अयोध्या की गुझिया तथा देसी घी की मिठाइयां, इटावा के मठा के आलू, मुजफ्फरनगर की गजक और गन्ने से जुड़े उत्पाद तथा बरेली की आलू टिक्की और सींक कबाब जैसे स्थानीय स्वाद भी आकर्षण का केंद्र होंगे। ‘यूपी की खाऊ गली’ में दिखेगा क्षेत्रीय स्वाद ट्रेड शो में ‘यूपी की खाऊ गली’ भी विशेष आकर्षण का केंद्र होगी। इसमें बनारस का स्वाद, कानपुर का स्वाद, इलाहाबाद का स्वाद, अवध के व्यंजन, जौनपुर का स्वाद, लखीमपुर का स्वाद, अलीगढ़ का स्वाद, आगरा का स्वाद, मुरादाबाद का स्वाद, खुर्जा का स्वाद, नोएडा का स्वाद, बरेली का स्वाद, गाजियाबाद का स्वाद, बलिया का स्वाद, गोरखपुर का स्वाद और गाजीपुर का स्वाद सहित प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों के खानपान को प्रस्तुत किया जाएगा। इस पहल के माध्यम से प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों की विशिष्ट खानपान परंपराओं को एक बड़े मंच पर प्रदर्शित करने के साथ ही स्थानीय उत्पादों और उनसे जुड़े कारोबार को भी व्यापक पहचान दिलाने का प्रयास किया गया है। ग्रामीण आजीविका से जुड़े उत्पादों को भी मिलेगा मंच फूड कोर्ट में उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन का विशेष फूड स्टॉल भी होगा। यहां ग्रामीण क्षेत्रों में तैयार किए जाने वाले व्यंजनों को प्रदर्शित किया जाएगा। इससे स्थानीय स्तर पर आजीविका से जुड़े समूहों को अपने उत्पादों को बड़े मंच पर प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा। इसके साथ ही फूड कोर्ट में विभिन्न लोकप्रिय खाद्य प्रतिष्ठानों के स्टॉल भी लगाए जाएंगे। इनमें डोमिनोज, वॉव मोमोज, सबवे, वॉव चाइना, केवेंटर, चायोस, टैको बेल, केएफसी, बीकानेरवाला, कोक, बर्गर किंग, सीजन्स कैफे, डोसा किचन, बिटवीन द ब्रेड, बरिस्ता कॉफी, फैट रोल और फ्रूट जूस बार शामिल हैं। उद्योग और निवेश के साथ दिखेगी यूपी की सांस्कृतिक पहचान योगी सरकार के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश को निवेश, उद्योग और निर्यात के साथ-साथ अपनी स्थानीय पहचान को बड़े बाजार से जोड़ने की दिशा में भी आगे बढ़ाया जा रहा है। उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो इसी व्यापक प्रयास का महत्वपूर्ण मंच है, जहां प्रदेश की औद्योगिक क्षमता के साथ स्थानीय उत्पाद, हस्तशिल्प, खानपान और उद्यमिता को भी प्रदर्शित किया जाता है। फूड कोर्ट में प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों के व्यंजनों को एक साथ प्रस्तुत किए जाने से उत्तर प्रदेश की विविधता में एकता और समृद्ध खानपान परंपरा भी सामने आएगी। देश-विदेश से आने वाले खरीदारों, निवेशकों, उद्यमियों और आगंतुकों के लिए यह प्रदेश की आर्थिक क्षमता के साथ उसकी सांस्कृतिक और स्थानीय पहचान से परिचित होने का अवसर भी बनेगा। स्थानीय स्वाद को वैश्विक मंच से जोड़ने की पहल उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो में उद्योग, निवेश और कारोबार के साथ प्रदेश के स्थानीय स्वाद को शामिल करना ‘स्थानीय से वैश्विक’ की अवधारणा को विस्तार देता है। एक ही परिसर में पूर्वांचल, अवध, बुंदेलखंड, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और मध्य उत्तर प्रदेश के अलग-अलग स्वादों की मौजूदगी प्रदेश की खानपान विविधता को रेखांकित करेगी। यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 में जहां उत्तर प्रदेश की औद्योगिक और कारोबारी क्षमता दुनिया के सामने प्रस्तुत होगी, वहीं ‘यूपी का स्वाद’ और ‘यूपी की खाऊ गली’ के माध्यम से प्रदेश की मिट्टी से जुड़े स्वाद और परंपराओं की खुशबू भी देश-दुनिया तक पहुंचेगी।  

ग्लोबल मेहमानों के सामने सजेगा यूपी की संस्कृति का ‘महाकुंभ’, ट्रेड शो में दिखेगी विविधता

ट्रेडीशन संग ट्रेडः ग्लोबल मेहमानों के सामने सजेगा यूपी की संस्कृति का 'महाकुंभ' उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो में दिखेगी उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक विविधता 25 से 29 सितंबर तक काशी के शास्त्रीय सुर से बुंदेलखंड के राई और अवध की सूफियाना शाम आदि की सजेगी महफिल   योगी सरकार के प्रयासों से प्रदेश को अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दुनिया के सामने प्रस्तुत करने का मिल रहा अवसर लखनऊ/ग्रेटर नोएडा  उत्तर प्रदेश की औद्योगिक, व्यापारिक और सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने के उद्देश्य से आयोजित यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में 25 से 29 सितंबर तक विविध सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। योगी सरकार के प्रयासों से उत्तर प्रदेश को निवेश, व्यापार और पर्यटन के साथ-साथ अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दुनिया के सामने प्रस्तुत करने का अवसर मिल रहा है। ट्रेड शो में देश-विदेश से आने वाले उद्यमियों, निवेशकों और आगंतुकों को प्रदेश की लोक कलाओं, शास्त्रीय संगीत, नृत्य और सांस्कृतिक परंपराओं की झलक देखने को मिलेगी। पांच दिनों में सजेगी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की महफिल ट्रेड शो के सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरुआत 25 सितंबर को शंख वादन एवं वैदिक मंगलाचरण से होगी। वाराणसी के विशाल कुमार की प्रस्तुति के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ होगा। इसके बाद नोएडा के पं. चेतन जोशी का वाद्य संगीत, लखनऊ की अलोकनिशा श्रीवास्तव का कथक नृत्य, प्रयागराज की पूर्णिमा का ढेढ़िया लोक नृत्य और वृंदावन की आरती खेतपाल की भजन प्रस्तुति दर्शकों को आकर्षित करेगी। 26 सितंबर को पखावज युगल, भोजपुरी लोक गायन, कथक, मथुरा का लोक नृत्य और स्टार नाइट का आयोजन होगा। पखावज युगल में दिल्ली के पं. रविशंकर उपाध्याय एवं पं. ऋषि शंकर उपाध्याय प्रस्तुति देंगे। भोजपुरी लोक गायन में मिर्जापुर की कुसुम पांडेय, जौनपुर के अवनीश तिवारी और कथक में नोएडा की मर्यादा कुलश्रेष्ठ शामिल होंगी। मथुरा की सीमा मावल लोक नृत्य प्रस्तुत करेंगी और सुल्तानपुर की निष्ठा शर्मा स्टार नाइट में प्रस्तुति देंगी। 27 सितंबर को सैक्सोफोन वाद्य संगीत, भजन/लोक गायन, झांसी का राई लोक नृत्य, भरतनाट्यम और स्टार नाइट का आयोजन किया जाएगा। 28 सितंबर को भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय, लखनऊ का परकशन एन्सेंबल, महोबा के जितेंद्र चौरसिया का आल्हा गायन, कथक, पीलीभीत का थारू जनजातीय नृत्य और सुल्तानपुर की रूपाली जोग्गू की सूफी नाइट आयोजित होगी। 29 सितंबर को वाराणसी के पद्मपं. शिवनाथ मिश्रा का सितार वादन, लखनऊ के कमाल खान का गजल गायन, गाजियाबाद की मिताली सैनी का कथक, ‘कथक ऑफ इंडिया/यूपी’ की कोरियोग्राफ्ड प्रस्तुति और स्टार नाइट के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों का समापन होगा। संस्कृति के माध्यम से वैश्विक पहचान योगी सरकार की पहल पर आयोजित ट्रेड शो में प्रदेश के विभिन्न अंचलों की लोक कलाओं और शास्त्रीय परंपराओं को मंच मिलना उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक विविधता को प्रदर्शित करता है। काशी, मथुरा, वृंदावन, बुंदेलखंड, अवध, पूर्वांचल और तराई अंचल के कलाकारों की प्रस्तुतियां प्रदेश की बहुरंगी संस्कृति से आगंतुकों को परिचित कराएंगी। औद्योगिक और व्यापारिक गतिविधियों के साथ सांस्कृतिक प्रस्तुतियां यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो को कला, संस्कृति और उद्यमिता के संगम के रूप में प्रस्तुत करेंगी।

ग्रेटर नोएडा में 25-29 सितंबर तक यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो, 45 हजार से ज्यादा खरीदार जुटेंगे

योगी सरकार के ग्लोबल ट्रेड विजन को नई उड़ान देगा यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो का चौथा संस्करण 25 से 29 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा में यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो का होगा आयोजन, अब तक 45 हजार से ज्यादा घरेलू खरीदारों का पंजीकरण आयोजन में जापान, वियतनाम, रूस, सिंगापुर और ऑस्ट्रिया जैसे देशों की होगी भागीदारी, पार्टनर कंट्री के रूप में होंगे सम्मिलित प्रदेश के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों, उत्पादों, सरकारी विभागों और विकास प्राधिकरणों को वैश्विक खरीदारों तथा निवेशकों के समक्ष किया जाएगा प्रस्तुत लखनऊ/ग्रेटर नोएडा उत्तर प्रदेश में निवेश, निर्यात और औद्योगिक विकास को वैश्विक बाजार से जोड़ने की योगी सरकार की पहल को चौथे यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो 2026 के माध्यम से नई गति मिलने जा रही है। ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में 25 से 29 सितंबर तक आयोजित होने वाले इस अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में उत्तर प्रदेश के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों, उत्पादों, सरकारी विभागों और विकास प्राधिकरणों को वैश्विक खरीदारों तथा निवेशकों के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। आयोजन में घरेलू खरीदारों के साथ अंतरराष्ट्रीय खरीदारों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए व्यापक स्तर पर पंजीकरण, प्रचार और आमंत्रण प्रक्रिया चल रही है। 1.5 लाख से ज्यादा घरेलू खरीदारों के पंजीकरण का लक्ष्य यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो 2026 में घरेलू बिजनेस-टू-बिजनेस खरीदारों के लिए अब तक 45 हजार से ज्यादा पंजीकरण किए जा चुके हैं और जैसे जैसे आयोजन की तिथि नजदीक आ रही है, पंजीकरण की संख्या में भी वृद्धि हो रही है। घरेलू खरीदारों का लक्ष्य 1.5 लाख से अधिक रखा गया है। इसके अतिरिक्त अंतरराष्ट्रीय खरीदारों की भागीदारी के लिए करीब  1500 पंजीकरण प्राप्त हुए हैं। इनमें साक्षात्कार भी आयोजित किए जा चुके हैं, जबकि 500 से ज्यादा खरीदारों को शॉर्टलिस्ट किया गया है और 300 से अधिक खरीदारों के टिकट सुरक्षित होने की जानकारी दी गई है। इस प्रकार आयोजन में उत्तर प्रदेश के उत्पादों को देश-विदेश के बाजारों तक पहुंचाने के लिए खरीदारों और प्रदर्शकों के बीच व्यावसायिक संवाद का व्यापक मंच तैयार किया जा रहा है। योगी सरकार की निवेश एवं निर्यातोन्मुखी नीतियों के संदर्भ में यह आयोजन प्रदेश के उद्यमियों, एमएसएमई इकाइयों, निर्यातकों और औद्योगिक संस्थानों के लिए महत्वपूर्ण अवसर के रूप में सामने आ रहा है। 36,500 वर्गमीटर प्रदर्शनी क्षेत्र बुक ट्रेड शो के लिए 36,500 वर्गमीटर प्रदर्शनी क्षेत्र बुक किया जा चुका है, जबकि लगभग 1,000 वर्गमीटर क्षेत्र की बुकिंग और संभावित है। इस प्रदर्शनी में प्रदेश के औद्योगिक एवं वाणिज्यिक सामर्थ्य को विभिन्न सेक्टरों के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा। आयोजन की थीम उत्तर प्रदेश के उत्पादों, निवेश संभावनाओं, औद्योगिक आधारभूत ढांचे और वैश्विक व्यापारिक अवसरों को एक मंच पर लाने पर केंद्रित है। जापान समेत पांच देशों की भागीदारी की पुष्टि अंतरराष्ट्रीय भागीदारी के तहत जापान, वियतनाम, रूस, सिंगापुर और ऑस्ट्रिया की पुष्टि की जा चुकी है। थाईलैंड की भागीदारी की स्थिति अभी प्रतीक्षित है। विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों, खरीदारों और कारोबारी संस्थानों की भागीदारी से उत्तर प्रदेश के उद्यमियों को अंतरराष्ट्रीय बाजार की जरूरतों, व्यापारिक साझेदारी और निर्यात संभावनाओं पर संवाद का अवसर मिलेगा। योगी सरकार के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश को निवेश के लिए आकर्षक गंतव्य बनाने और प्रदेश के उत्पादों को वैश्विक बाजार में पहचान दिलाने की दिशा में आयोजित यह ट्रेड शो राज्य की औद्योगिक क्षमता को अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक समुदाय के सामने रखने का माध्यम बनेगा। 20 नॉलेज सेशन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की तैयारी ट्रेड शो में उद्घाटन एवं समापन समारोह के अतिरिक्त 20 नॉलेज सेशन भी संभावित है। जानकारी के अनुसार 25 सांस्कृतिक कार्यक्रमों के प्रस्तावित स्लॉट भी निर्धारित किए गए है। इन कार्यक्रमों के माध्यम से व्यापार, उद्योग, निर्यात और उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत से जुड़े विभिन्न पहलुओं को प्रदर्शित करने की तैयारी है। उद्घाटन समारोह 25 सितंबर 2026 को पूर्वाह्न में प्रस्तावित है, जबकि समापन एवं पुरस्कार समारोह 29 सितंबर को दोपहर 12 बजे से 1 बजे तक आयोजित किए जाने की योजना है। राष्ट्रीय गान और राष्ट्रीय गीत के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस बैंड का प्रस्ताव भी है।