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अब स्मार्ट बनेगा जालंधर ट्रैफिक: इन चौराहों पर लगेगा AI सिस्टम

जालंधर शहर के ट्रैफिक प्रबंधन को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ी पहल की गई है। नगर निगम ने पिम्स अस्पताल के सामने और छोटी बारादरी चौराहे पर एआई आधारित एडॉप्टिव ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम लगाने की मंजूरी दे दी है। इसके लिए पिम्स के सामने ट्रैफिक सिग्नल पर लगभग 14 लाख और छोटी बारादरी पर करीब 18 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। नई तकनीक सेंसर और इंटरनेट की मदद से वाहनों की संख्या का आकलन करके सिग्नल की टाइमिंग खुद तय करेगी। इससे खाली सड़क पर बेवजह लाल बत्ती पर रुकना नहीं पड़ेगा और एंबुलेंस को भी तेजी से रास्ता मिल सकेगा। सिस्टम real-time डेटा के आधार पर ट्रैफिक वॉल्यूम और स्पीड को मापकर सिग्नल के समय को लगातार एडजस्ट करेगा। बेंगलूरु में इसी तरह का सिस्टम 28 स्थानों पर सफलतापूर्वक चल रहा है, उसी मॉडल पर यह प्रोजेक्ट जालंधर में भी लागू होगा। जिला रोड सेफ्टी कमेटी के सदस्य सुरिंदर सिंह सेनी के अनुसार, संविधान चौक से वर्कशॉप चौक तक के छह प्रमुख चौराहों पर भी इस तकनीक की तुरंत जरूरत है। उनका कहना है कि सभी सिग्नल सिंक्रोनाइज हो जाएं तो यात्रा समय कम हो सकता है। 

जालंधर वालों के लिए अलर्ट! आज से बदल गया ट्रैफिक सिस्टम

जालंधर  शहर में अब वाहन चालकों का ट्रैफिक नियम तोड़ना आसान नहीं होगा। दरअसल जालंधर पुलिस ने शहर में आधुनिक व्यवस्था लागू करते हुए सीसीटीवी कैमरों के जरिए ऑनलाइन चालान प्रणाली शुरू करने का फैसला लिया है, जोकि कल से शुरू हो जाएगा। इस नई व्यवस्था के तहत अगर कोई वाहन चालक सफेद पट्टी (जैब्रा क्रॉसिंग) पार करता है, रॉन्ग साइड से निकलता है या अन्य नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसका चालान सीधे घर पहुंच जाएगा। सोमवार से लागू होगी सख्ती पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई 29 सितंबर, सोमवार से शुरू हो जाएगी। इसके लिए शहर के प्रमुख चौकों पर विशेष नाके लगाए जाएंगे। इनमें पी.ए.पी. चौक, बी.एस.एफ. चौक, बी.एम.सी. चौक, गुरु नानक मिशन चौक और नकोदर चौक शामिल हैं। इन सभी स्थानों पर ट्रैफिक नियम पालन सुनिश्चित करने के लिए जैब्रा लाइन भी स्पष्ट रूप से खींची जा चुकी हैं।   1000 से ज्यादा कैमरों की नजर शहर में पहले से ही 1000 से अधिक सीसीटीवी कैमरे इंस्टॉल किए जा चुके हैं। ये कैमरे चौक-चौराहों, मुख्य बाजारों और व्यस्त सड़कों पर लगाए गए हैं, ताकि किसी भी वाहन चालक द्वारा की गई छोटी से छोटी गलती भी कैमरे में कैद हो सके। चालान पहुंचेगा घर ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक चालान की प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल होगी। यातायात नियम तोड़ने वाले वाहन का नंबर प्लेट तुरंत कैमरे में दर्ज हो जाएगा और उसकी जानकारी ऑनलाइन सिस्टम से जुड़ जाएगी। इसके बाद वाहन मालिक के पते पर चालान भेज दिया जाएगा। पुलिस की अपील पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे नियमों का पालन करें और ट्रैफिक पुलिस के साथ सहयोग करें। उनका कहना है कि इस कदम का मकसद लोगों को परेशान करना नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा को मजबूत करना है। साथ ही, ट्रैफिक व्यवस्था को और सुचारू बनाना इसका मुख्य उद्देश्य है। पुलिस ने साफ किया है कि जो लोग चालान का भुगतान समय पर नहीं करेंगे, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, नियम तोड़ने वालों का ड्राइविंग लाइसेंस भी निलंबित किया जा सकता है।