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नई व्यवस्था लागू: 1 जनवरी से पैसे होंगे ऑटो डिडक्शन, परिवहन विभाग का अपडेट

भोपाल  परिवहन विभाग एक जनवरी 2026 से चालान व्यवस्था में बड़ा बदलाव करेगा। अब टोल प्लाज़ा और हाईवे पर लगे उच्च-गुणवत्ता वाले सीसीटीवी कैमरे वाहनों की हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट (HSRPs) स्कैन करेंगे। किसी भी कमी या उल्लंघन पर सीधे वाहन मालिक के मोबाइल पर ई-चालान भेज दिया जाएगा। इसके लिए वाहन मालिक का मोबाइल नंबर परिवहन विभाग के पोर्टल से जुड़ा होना अनिवार्य कर दिया गया है। विभाग ने सभी वाहन स्वामियों को निर्देश दिए हैं कि दिसंबर 2025 तक अपना मोबाइल नंबर पोर्टल पर अपडेट करें और पुरानी नंबर प्लेट हटाकर नई एचएसआरपी लगवा लें।  हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाना अनिवार्य 62 हजार से अधिक वाहन अभी भी बिना एचएसआरपी दतिया जिले में 01 अप्रैल 2019 से 12 नवंबर 2025 तक कुल 1,11,617 वाहनों में एचएसआरपी लग चुकी है, जबकि 62,911 वाहनों में अभी भी हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगना बाकी है। पुराने वाहनों में एचएसआरपी न लगना विभाग के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। हालांकि विभाग का मानना है कि नए चालान सिस्टम लागू होने के बाद कठोरता और निगरानी दोनों में बढ़ोतरी होगी। एचएसआरपी के बिना नहीं होंगे कार्य नियमों के अनुसार परिवहन विभाग कार्यालय (Transport Department) में दोपहिया और चार पहिया वाहनों से जुड़े कार्य- जैसे परमिट, फिटनेस, वाहन स्थानांतरण, टैक्स जमा, एनओसी आदि- एचएसआरपी के बिना नहीं किए जाएंगे। परिवहन अधिकारियों की ई-चालान आईडी भी सक्रिय कर दी गई है। नियमों का पालन न करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। ( पोर्टल पर दर्ज होगी वाहन की जानकारी टोल प्लाज़ा और हाईवे के सभी सीसीटीवी कैमरों को परिवहन विभाग के पोर्टल से जोड़ा जा रहा है। वाहन कैमरे के दायरे में आते ही, नंबर प्लेट स्कैन होकर पोर्टल पर वाहन की जानकारी पहुंच जाएगी। नियम विरुद्ध पाए जाने पर ई-चालान जारी हो जाएगा। स्वाति पाठक, जिला परिवहन अधिकारी

सुरक्षित सफर की दिशा में—परिवहन विभाग की नई पहल

रायपुर, छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना के रजत जयंती वर्ष के अवसर पर नवा रायपुर में आयोजित राज्योत्सव-2025 में परिवहन विभाग का स्टॉल लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। विभाग द्वारा यहाँ आम नागरिकों को सड़क सुरक्षा, आधुनिक परिवहन सेवाओं और तकनीकी नवाचारों की जानकारी सरल और रोचक तरीके से दी जा रही है। राज्योत्सव में आए आगंतुकों ने परिवहन विभाग के इस स्टॉल को शिक्षाप्रद और जागरूकता बढ़ाने वाला बताया। स्लॉट में आने वाले लोगों ने परिवहन विभाग द्वारा प्रदर्शित पहलुओं को सड़क सुरक्षा और आधुनिक परिवहन प्रणाली की दिशा में एक सराहनीय प्रयास बताया है। स्टॉल में बड़े एलईडी स्क्रीन के माध्यम से ’वाहन चलाने से पहले और वाहन चलाने के दौरान सुरक्षित व्यवहार’ पर आधारित वीडियो मॉड्यूल्स दिखाए जा रहे हैं। कुल 37 मिनट के 12 वीडियो मॉड्यूल्स के जरिए वाहन चालकों को व्यवहारिक ज्ञान प्रदान किया जा रहा है। ये सभी मॉड्यूल्स ’सारथी परिवहन प्लेटफार्म’ पर भी उपलब्ध हैं। स्टॉल में लगाए गए सिम्युलेटर के माध्यम से आगंतुक सुरक्षित वातावरण में वाहन चलाने का अभ्यास कर रहे हैं। यह सिम्युलेटर वाहन संचालन से पहले प्रशिक्षण का एक उपयोगी माध्यम साबित हो रहा है। परिवहन विभाग के स्टॉल में अंर्तविभागीय लीड एजेंसी सड़क सुरक्षा छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष डॉ. संजय शर्मा ने बताया कि स्टॉल में विभागीय कार्य में पारदर्शिता और आमजनों में जागरूकता लाने प्रमुखता से बस संगवारी ऐप, ड्राइविंग लाइसेंस एवं वाहन पंजीयन प्रमाणपत्र, हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट, परिवहन सुविधा केंद्र, इंस्टीट्यूट ऑफ ड्राइविंग एंड रिसर्च सेंटर, राहवीर योजना, शासकीय ट्रॉमा सेंटर और धनरहित उपचार योजना की जानकारी भी दी जा रही है।

परिवहन विभाग में फेसलेस सेवाओं का विस्तारीकरण

परिवहन मंत्री श्री सिंह मंगलवार को करेंगे लोकार्पण भोपाल  परिवहन विभाग में फेसलेस सेवाओं का विस्तारीकरण का लोकार्पण मंगलवार 30 सितम्बर को दोपहर 03:00 बजे परिवहन स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह करेंगे। लोकार्पण समारोह क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय कोकता, भोपाल में आयोजित किया गया है। फेसलेस सेवाओें का विस्तारीकरण का मकसद पारदर्शिता, जवाबदेही और व्यावसायिक दक्षता के साथ सेवाओं का विस्तार करना है। कार्यक्रम में हेलमेट एवं राहवीर पुरस्कार वितरण, फेसलेस सेवाओं पर आधारित फिल्म का प्रदर्शन किया जायेगा। कार्यक्रम में सचिव परिवहन विभाग एवं आयुक्त परिवहन भी मौजूद रहेंगे।  

बस चालक पर गिरी गाज: मंत्री विज के आदेश पर निलंबन और जांच शुरू

सिरसा  सिरसा जिले के गांव काशी का बास के निकट हुए भयानक सड़क हादसे के बाद हरियाणा रोडवेज की गठित जांच कमेटी ने बुधवार को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है और बस चालक को दोषी मानते हुए निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई 3 लोगों की मौत के बाद हुई है। अधिकारियों ने बताया कि इस दुर्घटना में 3 महिलाओं मौत और 7 लोग घायल हुए थे।  रोडवेज के जनरल मैनेजर नवनीत कुमार ने कहा कि रिपोर्ट को सौंप दी गई है और विभागीय जांच अभी जारी है। पुलिस ने घटनालेख में पहले ही एक चालक को गिरफ्तार कर लिया था और उसकी गिरफ्तारी से जुड़े तथ्यों की भी पड़ताल चल रही है। घायल लोगों का इलाज जारी है।   बता दें कि बीती 13 सितंबर को हनुमानगढ़ रोड पर हरियाणा रोडवेज की बस ने ट्रैक्टर-ट्रॉली को जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में 3 महिलाओं की मौत हो गई, जबकि 7 लोग घायल हो गए। घटना के बाद परिवहन मंत्री अनिल विज ने कड़ा संज्ञान लेते हुए हादसे की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए थे।

वाहन मालिकों के लिए ज़रूरी खबर: मोबाइल नंबर अपडेट करने का अभियान शुरू, सारथी पोर्टल पर मिलेगी सुविधा

परिवहन विभाग द्वारा वाहन रजिस्ट्रेशन के डेटाबेस में मोबाइल नम्बर अपडेशन के लिये अभियान, सारथी पोर्टल पर दी गई है लिंक भोपाल  प्रदेश में वाहन के पंजीयन और ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त करते वक्त आवेदक को अपना मोबाइल नम्बर दर्ज करना अनिवार्य होता है। कई बार वाहन स्वामी की जगह डीलर अपना मोबाइल नम्बर दर्ज करा देते हैं। वाहन स्वामी और डीलर द्वारा सही मोबाइल नम्बर दर्ज कराने के बाद संबंधित व्यक्ति द्वारा मोबाइल नम्बर कुछ वर्षों बाद परिवर्तित कर देने के कारण डेटाबेस में संबंधित व्यक्ति का मोबाइल नंबर अपडेट नहीं रह पाता है। मोबाइल नम्बर अपडेट करने के लिये इन दिनों परिवहन विभाग द्वारा विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है। वाहन स्वामी अथवा डीलर नेशनल इंफोर्मेशन सेन्टर (एनआईसी) के वाहन सारथी पोर्टल पर जाकर स्वयं ही आसानी से मोबाइल नंबर अपडेट कर सकते हैं। वाहन सारथी पोर्टल पर आधार प्रमाणीकरण के माध्यम से मोबाइल नम्बर अपडेट करने की ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध है। आधार में दर्ज आवेदक और उसके अभिभावक के नाम का वाहन पंजीयन और ड्रायविंग लायसेंस के डेटाबेस में दर्ज नाम से शत-प्रतिशत मिलान होने पर डेटाबेस में मोबाइल नम्बर तत्काल अपडेट हो जाता है। आधार पंजीयन और ड्राइविंग लायसेंस के डेटाबेस में दर्ज नाम में भिन्नता पाई जाती है, तो आवेदक को पोर्टल पर अपना कोई दूसरा परिचय पत्र जैसे आधार कार्ड, मतदाता परिचय पत्र और पासपोर्ट अपलोड करना पड़ता है। आरटीओ कार्यालय द्वारा दर्ज दस्तावेज और आधार से आवेदक और उसके अभिभावक के नाम का पंजीयन और ड्राइविंग लायसेंस में दर्ज नाम का सत्यापन किया जाता है। अप्रूवल के बाद मोबाइल नंबर डेटाबेस में अपडेट हो जाता है। अपडेड प्रक्रिया को विस्तृत रूप से स्क्रीन शॉट के माध्यम से समझाने के लिए मध्यप्रदेश परिवहन विभाग के पोर्टल के होमपेज पर लिंक उपलब्ध कराई गई है। वर्तमान में वाहन रजिस्ट्रेशन एवं ड्राइविंग लायसेंस संबंधी समस्त सेवाओं के लिये ऑनलाइन आवेदन लिये जा रहे है। डेटाबेस रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर ओटीपी प्राप्त कर आवेदक को अपना सत्यापन कराना होता है। मोबाइल नंबर डेटाबेस पर उपलब्ध न होने पर कई बार आवेदक इन सेवाओं का लाभ नहीं ले पाते हैं। संबंधित वाहन के विरूद्ध अन्य प्रणालियों से चालान जारी होने पर डेटाबेस पर सही नंबर न होने के कारण कई बार वाहन स्वामियों को चालान के संबंध में जानकारी प्राप्त नहीं हो पाती है। चालान का भुगतान लंबित होने पर ऐसे व्यक्तियों को परिवहन विभाग की सेवाओं से वंचित रहना पड़ सकता है। न्यायालयीन कार्रवाई की जाने पर उन्हें कोर्ट से समन भी आ सकते हैं। इन कारणों से मोबाइल नंबर अपडेट होना आवश्यक है। मोबाइल अपडेशन की विस्तृत प्रक्रिया मध्यप्रदेश परिवहन पोर्टल transport.mp.gov.in पर उपलब्ध है।