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घर में अपने आप उग आए तुलसी के पौधे का क्या है संकेत? जानें वास्तु और ज्योतिष मान्यता

 हिंदू धर्म में तुलसी के पौधे को केवल एक पौधा नहीं, बल्कि साक्षात लक्ष्मी का रूप माना जाता है. अमूमन हम घर में तुलसी का पौधा नर्सरी से लाकर या बीज डालकर लगाते हैं, लेकिन कई बार ऐसा होता है कि आंगन या गमले में अचानक अपने आप ही तुलसी का पौधा पनपने लगता है. वास्तु शास्त्र और ज्योतिष में इसे महज एक इत्तेफाक नहीं, बल्कि भविष्य में होने वाली घटनाओं का एक बहुत ही शुभ और रहस्यमयी संकेत माना जाता है. अगर आपके घर में भी बिना बीज डाले तुलसी उग आई है, तो इसके पीछे कुछ अर्थ छिपे होते हैं जिसे जानना बेहद जरूरी है, इसके साथ ही कुछ जरूरी नियमों का पालन करना भी बेहद जरूरी होता है. 1. ईश्वरीय कृपा और सकारात्मक ऊर्जा का संचार वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर में तुलसी का अपने आप उगना इस बात का प्रमाण है कि आपके घर की ऊर्जा सकारात्मक है. तुलसी वहीं पनपती है जहां सात्विकता का वास होता है. यह संकेत देता है कि आपके घर पर देवी-देवताओं की विशेष कृपा है और आने वाले समय में आपके परिवार में सुख-शांति बढ़ेगी. 2. आर्थिक लाभ और तरक्की का इशारा पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, घर के उत्तर या पूर्व दिशा में अचानक तुलसी का उगना आर्थिक उन्नति का संकेत है. यह बताता है कि आपके रुके हुए काम अब पूरे होने वाले हैं, इससे धन आगमन के नए रास्ते खुलेंगे. अगर आप व्यापार करते हैं, तो यह मुनाफे की ओर इशारा करता है. 3. परिवार में शुभ समाचार का आगमन ऐसी मान्यता है कि तुलसी का पौधा खुशहाली का प्रतीक है.  यदि यह आपके आंगन के बीचों-बीच या मुख्य गमले में उगता है, तो जल्द ही परिवार में किसी मांगलिक कार्य (जैसे विवाह या संतान जन्म) की सूचना मिल सकती है. यह घर के सदस्यों के बीच बढ़ते प्रेम और सामंजस्य का भी प्रतीक है. 4. तुलसी के साथ ये पौधे उगें तो क्या करें? अक्सर तुलसी के साथ कुछ खरपतवार या अन्य छोटे पौधे भी उग आते हैं.  वास्तु के अनुसार, तुलसी के गमले को हमेशा साफ रखना चाहिए. यदि तुलसी के साथ दूब (घास) उग आए, तो उसे हटाना नहीं चाहिए बल्कि बढ़ने देना चाहिए, क्योंकि दूब गणेश जी को प्रिय है. हालांकि, कटीली घास या जंगली पौधों को तुरंत हटा देना चाहिए ताकि तुलसी की ऊर्जा प्रभावित न हो. 5. इन बातों का रखें विशेष ध्यान (जरूरी नियम) उखाड़ें नहीं: अगर तुलसी ऐसी जगह उगी है जहाँ वह बाधा बन रही है, तो उसे तुरंत उखाड़कर फेंकें नहीं.  उसे सावधानी से मिट्टी सहित निकालकर किसी दूसरे साफ गमले में स्थापित कर दें. स्थान का चुनाव: तुलसी को कभी भी दक्षिण दिशा (South) में न रखें.  इसे हमेशा उत्तर, पूर्व या उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) में ही जगह दें. स्वच्छता: जहां तुलसी का पौधा उगा हो, वहां जूते-चप्पल न रखें और न ही वहां गंदगी होने दें.

तुलसी के 5 संकेत बदल सकते हैं किस्मत

नई दिल्ली. तुलसी का पौधा हर घर की आत्मा माना जाता है। यह न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि वास्तु और स्वास्थ्य के नजरिए से भी बेहद अहम है। अक्सर हम देखते हैं कि कभी तुलसी अचानक हरी-भरी हो जाती है, तो कभी बिना किसी कारण के सूखने लगती है। मान्यताओं के अनुसार, तुलसी के ये बदलाव हमारे जीवन में आने वाली खुशियों या परेशानियों का पहले ही संकेत दे देते हैं। यहां तुलसी के पौधे से जुड़े उन शुभ संकेतों और नियमों के बारे में बताया गया है, जो घर में सुख-समृद्धि और मां लक्ष्मी की कृपा लाते हैं: 1. तुलसी का अचानक हरा-भरा होना अगर आपके आंगन में लगी तुलसी अचानक बहुत ज्यादा हरी-भरी और घनी हो गई है, तो यह एक बेहद शुभ संकेत है। इसका अर्थ है कि आपके घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार बढ़ रहा है और जल्द ही आपको कोई अच्छी खबर या धन लाभ मिल सकता है। 2. मंजरियों का आना तुलसी के पौधे पर मंजरी आना शुभ माना जाता है, लेकिन वास्तु शास्त्र के अनुसार, अगर मंजरी बहुत ज्यादा हो जाएं, तो उन्हें समय-समय पर हटाकर भगवान विष्णु को अर्पित कर देना चाहिए। कहा जाता है कि बहुत ज्यादा मंजरी पौधे पर रहने से तुलसी 'तनाव' महसूस करती है, और उन्हें हटाने से घर का बोझ कम होता है। 3. पक्षियों का आगमन अगर आपके घर की तुलसी पर चिड़ियां या अन्य पक्षी आकर बैठते हैं और चहचहाते हैं, तो समझ लीजिए कि आपके घर में खुशहाली का समय आने वाला है। पक्षियों का तुलसी के पास आना वातावरण के शुद्ध और मंगलमय होने का प्रतीक माना जाता है। 4. तुलसी के पास छोटे पौधों का उगना अगर मुख्य तुलसी के गमले के आसपास अपने आप छोटे-छोटे तुलसी के पौधे उगने लगें, तो यह वंश वृद्धि और सौभाग्य का सूचक है। यह दर्शाता है कि देवी लक्ष्मी आपसे प्रसन्न हैं। तुलसी की देखभाल के जरूरी नियम दिशा का चुनाव: तुलसी को हमेशा उत्तर या उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) दिशा में लगाना चाहिए। इस दिशा में रखने से घर में सुख-शांति बनी रहती है। शाम का दीपक: रोजाना शाम को तुलसी के पौधे के पास घी का दीपक जलाने से घर की नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है। विशेष दिनों का ध्यान: एकादशी, रविवार और सूर्य ग्रहण के दिन तुलसी को जल नहीं चढ़ाना चाहिए और न ही इसके पत्ते तोड़ने चाहिए।

बसंत पंचमी विशेष: शाम को तुलसी पूजन के लिए कितने बजे जलाएं दीपक?

आज माघ मास की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि का दिन है. आज पूरा देश बंसत पंचमी का त्योहार मना रहा है. ये पर्व ज्ञान, बुद्धि और विद्या की देवी माता सरस्वती को समर्पित किया गया है. बसंत पंचमी के दिन माता सरस्वती की पूजा अर्चना विशेष फलदायी मानी गई है. मान्यता है कि इस दिन माता सरस्वती का पूजन करने से ज्ञान, बुद्धि और विद्या का आशीर्वाद प्राप्त होता है. बंसत पंचमी के दिन स्नान-दान भी किया जाता है. इस दिन स्नान-दान और पूजा-पाठ के साथ-साथ तुलसी के पौधे के पास दीपक भी जलाया जाता है. मान्याता है कि इससे घर में खुशहाली आती है. हर घर के आंगन में तुलसी का पौधा हाता है. हिंदू धर्म में तुलसी के पौधे को बहुत विशेष माना जाता है. तुलसी को माता मानकर उनको जल अर्पित किया जाता है. तुलसी के पौधे में माता लक्ष्मी वास करती हैं. तुलसी जगत के पालनहार भगवान विष्णु को भी बहुत प्रिय है, इसलिए तुलसी को हरि प्रिया भी कहा जाता है. ऐसे में आइए जानते हैं आज शाम को तुलसी के पास दीपक जलाने का शुभ समय क्या है? बंसत पंचमी पर तुलसी के पास दीपक जलाने का समय बसंत पंचमी के दिन शाम के समय, विशेष रूप से सूर्यास्त के ठीक पहले या गोधूलि बेला में दीपक जलाना शुभ होता है. आज गोधूलि बेला 5 बजकर 42 मिनट से 6 बजकर 08 मिनट तक रहेगी. इस समय तुलसी के पास दीपक प्रज्वलित करें. तुलसी के पास दीपक जलाने से घर में माता लक्ष्मी का आगमन होता है. साथ ही घर में सकारात्मक उर्जा का प्रवाह बना रहता है. तुलसी पूजन है बहुत लाभदायक माना जाता है कि जिस घर में पूरे विधि-विधान से तुलसी माता की पूजा की जाती है, उस घर में सुख-संपन्नता और धन-धान्य की कभी कमी नहीं होती है. वहीं अगर तुलसी पूजा के नियमों की अनदेखी की जाती है, तो घर में बीमारी और दरिद्रता का वास हो जाता है. लिहाजा आपके घर में तुलसी का पौधा है और उसकी पूजा की जाती है, तो शास्त्रों में बताए सभी नियमों का पालन अवश्य करें.