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ट्विशा केस में पुलिस की चूक कहाँ हुई? बहन के आरोपों ने जांच पर खड़े किए नए सवाल

भोपाल  भोपाल में अपनी ससुराल में मृत पाई गई ट्विशा की बहन ने कहा है कि वह सुसाइड कर ही नहीं सकती। उसे साइकोलॉजिकली ब्रेकडाउन किया गया है। उसको सबसे डिसकनेक्ट किया गया। उसे मनोवैज्ञानिक रूप से इतना तोड़ा कि उसे सबसे अलग कर दिया। हमारी बहन सुसाइड कर ही नहीं सकती एक टीवी चैनल से बातचीत में ट्विशा की फुफेरी बहन नैना ने बताया कि वे दोनों अलग-अलग शहर में रहती हैं। हमलोग बचपन से दोस्त हैं। शादी के बाद हम बात नहीं कर पाते थे। उसका पति क्रिमिनल लॉयर है। इसकी पढ़ाई में साइको एनालिसिस होता है। इसने और इसकी मां ने मेरी बहन को पहले साइकोलॉजिकली ब्रेकडाउन किया और उसके बाद इसकी हत्या की है। यह प्री-मेडिकेटेड मर्डर है। यह एक दिन में किया गया काम नहीं है। हमारी बहन सुसाइड कर ही नहीं सकती। उसका कनेक्शन सिर्फ मां से था। इसकी लास्ट में जो मां से बात हुई है, उसमें लगा है कि कोई एकदम से रूम में आया है। इसके बाद कॉल कट गया और इसके बाद सब कुछ हुआ। इसकी सीडीआर निकलवानी चाहिए। भोपाल पुलिस कमिश्नर ने माना, ट्विशा मामले में हुई पुलिस से चूक ट्विशा शर्मा की मौत मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं. शुरुआती जांच में यह बात सामने आई कि जिस बेल्ट से ट्विशा शर्मा ने कथित तौर पर फांसी लगाई थी, उसे समय पर पोस्टमार्टम टेबल तक नहीं पहुंचाया गया. अब भोपाल पुलिस कमिश्‍नर संजय कुमार ने इस लापरवाही को स्वीकार किया है।  'पुलिस से हुई है चूक' 'जिस बेल्‍ट से ट्विशा शर्मा ने फांसी लगाई, वो उस दिन भोपाल एम्स नहीं पहुंचा…' इस सवाल पर पुलिस कमिश्‍नर संजय कुमार ने  कहा, 'हम इसे अपनी टीम की लापरवाही मानते हैं. हालांकि इससे जांच पर कई असर नहीं पड़ा है. उन्होंने कहा कि बेल्ट को एफएसएल टीम द्वारा जब्त कर ली गई थी, लेकिन इसे लापरवाही भी कह सकते हैं कि पोस्टमार्टम से पहले उसे अस्पताल नहीं भेजा गया. हालांकि बाद में इसे भोपाल एम्स भेजा गया और इसकी रिपोर्ट भी आ गई है।  भोपाल पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने कहा कि इस बेल्ट को बाद में अस्पताल भेजकर रिपोर्ट ले ली गई है, इसलिए मुख्य जांच पर इसका कोई बुरा असर नहीं पड़ेगा. उन्होंने आश्वासन दिया है कि इस चूक की अलग से जांच की जाएगी।  'गिरिबाला सिंह ने इसे दावे को पुलिस कमिश्नर ने किया खारिज' भोपाल पुलिस कमिश्नर संजय कुमार के मुताबिक, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अब तक मिले सबूतों से साफ होता है कि यह हत्या नहीं बल्कि खुदकुशी का मामला है. उनका कहना है कि ट्विशा की मौत फांसी लगाने के कारण हुई है।  ट्विशा की सास व रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह ने दावा किया था कि ट्विशा को गांजे की लत थी और ग्लैमर इंडस्ट्री में जाने के बाद उसके परिवार ने उसे छोड़ दिया था. हालांकि पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है. उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में किसी भी तरह के नशीले पदार्थ या ड्रग्स के सेवन की बात सामने नहीं आई है और न ही पुलिस जांच में ऐसा कोई सबूत मिला है।  भोपाल पुलिस कमिश्‍नर ने बताया, 'पोस्टमार्टम रिपोर्ट में नशीले पदार्थों के सेवन का कोई जिक्र नहीं है. ट्विशा कोई ड्रग्‍स नहीं ले रही थी… हमारी जांच में भी ट्विशा द्वारा नशीले पदार्थों के सेवन के दावों से संबंधित कोई जानकारी नहीं मिली है।  नहीं पता था कि बुरी तरह फंस चुकी है ट्विशा की बहन नैना ने बताया कि मैंने उसकी सारी दोस्तों से बात की, वह किसी के कनेक्शन में नहीं थी। उसने अपनी मां से कहा था कि 15 को नोएडा लौटने के बाद वह मुझसे बात करेगी। हमें बताया जा रहा था कि सब कुछ नॉर्मल है। लेकिन, हमें नहीं पता था कि वह इतनी बुरी तरह फंस चुकी है। वह इतनी बोल्ड थी कि मुझे एनर्जी देती थी। वो हमारे घर की सबसे सुंदर, बोल्ड और बिंदास लड़की थी। इस इंसान ने हमलोगों से क्या छीना है, उसे नहीं पता। हमें उसे उस घर में नहीं छोड़ना चाहिए था इस बीच ट्विशा के पिता ने दावा किया कि उनकी बेटी के साथ कई तरह का दुर्व्यवहार किया जा रहा था। ससुराल वाले उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे। दहेज के लिए उसका उत्पीड़न किया जा रहा था। हमें उसे उस घर में नहीं छोड़ना चाहिए था। पिता ने इसके लिए सामाजिक दबाव को जिम्मेदार ठहराया। पिता ने कहा कि हमारी परंपरा की सबसे बड़ी बदकिस्मती यह है कि हर मध्यम-वर्गीय परिवार चाहता है कि शादी सफल हो। सामाजिक दबाव इतना ज्यादा होता है कि कोई भी कभी यह सोचता ही नहीं कि शादी को टूट जाने देना चाहिए। तलाक के बारे में बात कर रही थी पिता ने कहा कि वह तलाक के बारे में बात कर रही थी। कह रही थी कि पापा, अगर बात नहीं बनी तो मैं उसे छोड़ दूंगी। मैं पीछे नहीं हटूंगी। ट्विशा ने अपनी मां से एक बातचीत के दौरान कहा था कि मैं इस तरह नहीं जीना चाहती। वहीं, ट्विशा के भाई हर्षित ने कहा कि परिवार इंसाफ के लिए लड़ेगा। ट्विशा की चचेरी बहन मीनाक्षी ने आरोप लगाया है कि उत्पीड़न तब अपने चरम पर पहुंच गया जब ट्विशा की 'वर्क-फ़्रॉम-होम' वाली नौकरी चली गई और वह गर्भवती हो गई। उसके पति ने उस बच्चे को अपना मानने से इनकार कर दिया। बता दें कि 2024 में एक डेटिंग ऐप पर ट्विशा की मुलाकात समर्थ सिंह से हुई थी। एक साल बाद दिसंबर 2025 में दोनों ने शादी कर ली थी।

भोपाल के रिटायर्ड जज की बहू केस में सास का बड़ा बयान, ‘अलग कमरे में सोने लगी थी ट्विशा’

 भोपाल मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में रिटायर्ड जज की बहू ट्विशा शर्मा की मौत का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है. कथित तौर पर ससुराल की प्रताड़ना की वजह से मौत के इस मामले में जहां एक तरफ पुलिस ने जांच के लिए विशेष जांच टीम (SIT) बनाई है, वहीं हर दिन कई नए खुलासे सामने आ रहे हैं. बीते सोमवार को आरोपों में घिरी ट्विशा की सास ने मीडिया से बातचीत की. आरोपों में घिरी गिरबाला ने कहा कि मेरे बेटे समर्थ ट्विशा ने एक-दूसरे को पसंद किया था. सबसे पहले ट्विशा ही हमारे घर पर आई थी, उसके बाद उसके माता-पिता आए थे. उसके परिवार और हमारे परिवार में काफी अंतर था, फिर भी हमने शादी करवाई।  'दवा लेकर एक दो दिन ठीक रहती थी ट्विशा' उन्होंने कहा- वह बहुत कम उम्र में ही ग्लैमर वर्ल्ड में आ गई थी. उसका जाना हमारे लिए भी बहुत बड़ा झटका है. उसकी जो दवाई चल रही थी, उससे वह एक-दो दिन ठीक रहती थी, लेकिन फिर उसकी हालत पहले जैसी हो जाती थी. समर्थ कोर्ट में था, तभी ट्विशा ने उसे फोन कर बताया कि उसने MTP (मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी) पिल ले ली है।  'प्रेग्नेंट हुई तो उसने पिल खा ली' गिरबाला ने कहा -पहला बच्चा परिवार के लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है, लेकिन उसने हमें एक पल की भी खुशी महसूस नहीं होने दी. 7 मई को उसने पिल्स ले ली थीं. मैं खुद उसका सिर गोद में लेकर बैठती थी. ट्विशा के पिता का व्यवहार अजीब रहता है. वह 20 साल तक उज्बेकिस्तान में फार्मा सेक्टर में रहे हैं और मुझे लगता है कि वह इसका संभावित स्रोत हो सकते हैं. मामला फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन है।  'समर्थ उसे देखकर लगातार रो रहा था' उन्होंने कहा-  ये लोग फौज की बात करते हैं, लेकिन हमारी तो पीढ़ियां सेना में रही हैं. मेरे पति ने देश के लिए अपनी जान दी है. मुझे जांच एजेंसियों पर भरोसा है. ऐसा नहीं है कि मुझे सिर्फ इसलिए जमानत मिल गई क्योंकि मैं जिला जज रह चुकी हूं. कोई आम इंसान भी होता, तो उसे भी जमानत मिल जाती. मेरे बेटे को भी बेल मिल जाती।  ट्विशा की मौत हुई तो समर्थ तो AIIMS में नंगे पैर, बिना चप्पल के दौड़ रहा था और ये लोग कह रहे हैं कि AIIMS में हमारी सेटिंग है. समर्थ उसे देखकर लगातार रो रहा था. ड्रग्स के आरोपों पर ट्विशा ने खुद स्वीकार किया था कि उसने भारी मात्रा में मारिजुआना का सेवन किया था. वह बार-बार ज़िद करती थी कि उसे बच्चा नहीं चाहिए था. डॉ. सत्यकांत त्रिवेदी से ट्विशा का इलाज चल रहा था. दवाइयां उसे प्रेस्क्राइब की गई थीं, लेकिन उसने उन्हें लिया नहीं था।  'ट्विशा के पिता ने मेरे बेटे पर आरोप लगाए' गिरबाला ने बताया कि ट्विशा के पिता ने मेरे बेटे पर ड्रग्स लेने के आरोप लगाए थे, लेकिन वह झूठ था. बाद में उनके पिता ने मुझसे माफी भी मांगी थी. वह ड्रग्स नहीं लेता. ट्विशा के परिवार वाले उल्टा हमें मारने दौड़े और हमें पुलिस बुलानी पड़ी. उसी दिन मैंने अपनी सुरक्षा को लेकर पुलिस को पत्र लिखा था।  'ट्विशा और समर्थ में लड़ाई नहीं होती थी' उन्होंने कहा कि- ट्विशा और समर्थ के बीच कभी लड़ाई नहीं होती थी, लेकिन जब भी वह दिल्ली से लौटकर आती थी तो उसका व्यवहार बदल जाता था. MTP (मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी) के बाद ट्विशा ने समर्थ से कहा था कि उसे स्पेस चाहिए और वह अलग कमरे में सोने लगी थी. ट्विशा कहती थी कि उसके परिवार ने उसे बहुत छोटी उम्र से ही ग्लैमर वर्ल्ड में डाल दिया था. वह 17 तारीख को दिल्ली गई थी, लेकिन वह घर नहीं गई और पूरी रात कहां रही, यह उसने नहीं बताया. उसने पहले भी ऐसा कुछ किया था, जिसकी वजह से उबर ने ट्विशा को ब्लैकलिस्ट कर रखा था।  बता दें कि  बीते 12 मई को छत के सरिये से फांसी पर लटकी मिली ट्विशा शर्मा के केस में रोज नई परतें खुल रही हैं. वहीं ट्विशा के माता पिता का इसे मर्डर बता रहे हैं।