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ट्विशा मामले में नया मोड़, राज्य सरकार बोली- जांच में बाधा डाल रहीं सास

भोपाल   ट्विशा शर्मा की मौत मामले में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले पर सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि मीडिया इस केस को सनसनीखेज बनाने से बचें। मीडिया परिजनों का इंटरव्यू नहीं चलाए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह घटना दुर्भाग्यपूर्ण है और इसका निष्पक्ष जांच जरूरी है। सच ये है कि लड़की की जान गई है। मीडिया को बयान देने से बचे पीड़ित और आरोपी के परिवार सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम पीड़ित परिवार और आरोपी परिवार दोनों के परिवार वालों से अपील करते हैं कि वे सार्वजनिक रूप से या मीडिया के सामने बयान देने के बजाय जांच एजेंसी के समक्ष अपना पक्ष दर्ज कराएं ताकि चल जांच पर किसी तरह का कोई प्रभाव न पड़े। सॉलिसिटर जनरल बोले- जांच सीबीआई अपने हाथ में लेगी सॉलिसिटर जनरल (SG) ने सुप्रीम कोर्ट को भरोसा देते हुए कहा कि ट्विशा केस की जांच आज ही CBI अपने हाथ में लेगी। इस बीच ट्विशा परिवार की ओर से पेश वरिष्ठ वकील सिद्धार्थ लूथरा ने FIR दर्ज करने में देरी पर नाराजगी जताई। उन्होंने जांच प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए। गिरिबाला को तुरंत जमानत कैसे? रसूख से जांच में बाधा… ट्विशा केस में सुप्रीम कोर्ट में उठे ये सवाल ट्विशा शर्मा संदिग्ध मौत मामले में सुप्रीम कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए सोमवार को सुनवाई की. इस दौरान कोर्ट ने कई सवाल उठाए हैं और सीबीआई को मामले की जांच अपने हाथ में लेने का आदेश दिया है. कोर्ट ने आरोपी और पीड़ित परिवार से मीडिया में या सार्वजनिक मंचों पर बयान न देने की अपील की है. अदालत में सुनवाई के दौरान सामने आया कि गिरिबाला अपने रसूख का इस्तेमाल कर जांच में सहयोग नहीं कर रही हैं. कोर्ट ने ये भी सवाल उठाया कि उन्हें तुरंत जमानत कैसे मिल गई।  सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनलर तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया कि CBI आज ही मामले की जांच अपने पास ले लेगी. सुप्रीम कोर्ट ने इस बात को रिकॉर्ड पर ले लिया. CJI सूर्यकांत ने उम्मीद जताई कि CBI तुरंत और निष्पक्ष जांच करेगी।  निष्पक्ष हो जांच: SC अदालत ने सुनवाई के दौरान बेहद स्पष्ट शब्दों में कहा कि चाहे ये मौत खुदकुशी हो या फिर कोई अन-नेचुरल डेथ (अप्राकृतिक मौत), हर हाल में इस पूरे मामले की तह तक जाकर एक निष्पक्ष और पूरी जांच सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वो इस वक्त मीडिया और आम जनता के बीच चल रही किसी भी तरह की अटकलों को बिल्कुल बढ़ावा नहीं देना चाहते हैं।  सरकार के फैसले की सराहना अदालत में सुनवाई के दौरान ये बात भी सामने आई कि आरोपी पक्ष की गिरिबाला सिंह के एक रिटायर्ड जज होने की वजह से समाज में ये नैरेटिव (विमर्श) सेट किया जा रहा है कि स्थानीय पुलिस द्वारा की जा रही जांच निष्पक्ष नहीं हो रही है. इसी के मद्देनजर सुप्रीम कोर्ट ने मामले को सीबीआई को सौंपे जाने के फैसले की सराहना की है, ताकि जांच बिना किसी बाधा के पूरी तरह निष्पक्ष रूप से आगे बढ़ सके।  'जांच में सहयोग नहीं कर रही गिरिबाला' सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि गिरिबाला सिंह अब तक पुलिस पूछताछ के लिए उपस्थित नहीं हुई हैं, लेकिन वह लगातार अलग-अलग टीवी चैनलों को इंटरव्यू देकर दिवंगत ट्विशा शर्मा को बदनाम करने की कोशिश कर रही हैं. उन्होंने तुरंत ही जमानत भी मिल गई है. उन्होंने कोर्ट को बताया कि जांच के लिए उनसे जब उनका मोबाइल मांगा गया तो उन्होंने इस को लेकर भी परेशानियां खड़ी कीं।  साथ ही ट्विशा के वकील ने कहा कि ट्विशा की सास मीडिया को दिए अपने इंटरव्यू में कॉल डिटेल्स भी दे रही हैं. कोर्ट ने सॉलिसिटर जनरल की इन बातों को गंभीरता से लिया है और दोनों पक्षों (आरोपी-पीड़ित) के परिवारों को सख्त हिदायत दी है कि वो मीडिया में बयान देने के बजाय अपने बयानों को सीधे जांच एजेंसी के पास रिकॉर्ड कराएं।  'परिवार आना चाहिए आगे' शीर्ष अदालत ने कहा कि एक युवा बेटी को खोने पर परिवार को जिस असीम पीड़ा और दुख से गुजरना पड़ता है, उसके प्रति अदालत की पूरी सहानुभूति है. इस दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने भी एक बेहद गंभीर टिप्पणी करते हुए कहा कि परिवारों को सही वक्त पर अपनी बेटियों के लिए आगे आना चाहिए, क्योंकि एक मृत बेटी होने से कहीं बेहतर है कि बेटी तलाकशुदा होकर उनके साथ सुरक्षित रहे।  'प्री-जज नहीं बनाना चाहती कोर्ट' चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने मीडिया और आम जनता से इस संवेदनशील मामले में किसी भी तरह की मनगढ़ंत अटकलें लगाने से पूरी तरह दूर रहने की अपील की. सीजेआई ने कहा, 'हम चाहते हैं कि लोग देश की इस सबसे प्रीमियर जांच एजेंसी (सीबीआई) की कार्यप्रणाली पर पूरा भरोसा रखें. अदालत अभी उन मुद्दों के परिणाम पर कोई पहले से राय (प्री-जज) नहीं बनाना चाहती है, जिनकी जांच होना अभी बाकी है।  परिवार दायर कर सकता है ट्रांसफर याचिका इसके अलावा ट्विशा शर्मा के परिवार की ओर से पैरवी कर रहे वकील ने अदालत को सूचित किया कि वह इस पूरे मुकदमे की निष्पक्षता के लिए इसे मध्य प्रदेश राज्य से बाहर किसी अन्य राज्य में स्थानांतरित (ट्रांसफर) करने की मांग कर सकते हैं. इस पर मुख्य न्यायाधीश ने स्पष्ट किया कि कानूनन इस पर कोई रोक नहीं है और वो इसके लिए किसी भी समय स्थानांतरण याचिका दायर कर सकते हैं।  आपको बता दें कि ट्विशा शर्मा 12 मई को भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में अपने ससुराल में फंदे से लटकी हुई मिली थीं. 33 साल की मॉडल-एक्टर के परिवार ने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं और कहा है कि उनकी बेटी की मौत के लिए वही जिम्मेदार हैं. जबकि ससुराल पक्ष का कहना है कि ट्विशा नशे की लत से जूझ रही थीं।  क्या है मामला बता दें कि ट्विशा शर्मा 12 मई को भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में अपने ससुराल के घर की छत पर फंदे से लटकी हुई मिली थीं। ट्विशा शर्मा के परिवार ने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं और कहा है कि उनकी … Read more

मौत से पहले अजमेर जाने को लेकर बढ़ा था तनाव, ट्विशा केस में समर्थ सिंह का खुलासा

भोपाल. भोपाल में त्विषा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में जांच आगे बढ़ने के साथ नए तथ्य सामने आ रहे हैं। पुलिस पूछताछ के दौरान पति समर्थ सिंह ने बताया कि 17 अप्रैल को गर्भावस्था की पुष्टि होने के बाद त्विषा के व्यवहार में बदलाव आने लगा था। यह बयान उन आरोपों के बीच आया है, जिनमें कहा गया था कि समार्थ सिंह ने पत्नी से गर्भ में पल रहे बच्चे के पिता को लेकर सवाल पूछे थे, जिससे वह मानसिक तनाव में थी। अजमेर यात्रा को लेकर हुआ था विवाद मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस जांच में सामने आया कि त्विषा शर्मा और समर्थ सिंह के बीच विवाह के पांच महीनों के दौरान अक्सर विवाद होते थे। मौत से कुछ घंटे पहले भी दोनों के बीच राजस्थान के अजमेर जाने को लेकर बहस हुई थी। इसके बाद 12 मई को भोपाल स्थित उनके घर में त्विषा शर्मा मृत पाई गईं। मां को भेजे संदेशों में जताई परेशानी जांच के दौरान त्विषा शर्मा और उनकी मां के बीच हुए संदेश भी सामने आए हैं। इन संदेशों में उन्होंने गर्भावस्था के दौरान ससुराल के माहौल को लेकर तनाव और असहजता व्यक्त की थी। एक संदेश में उन्होंने लिखा था, “मेरा दम घुट रहा है मां।” परिवार का आरोप है कि त्विषा लगातार अपने माता-पिता से उन्हें वहां से ले जाने की गुहार लगा रही थीं। मौत से पहले मां को किया था फोन त्विषा शर्मा के भाई मेजर हर्षित शर्मा, जो भारतीय सेना में अधिकारी हैं, ने बताया कि 12 मई की रात करीब 10:05 बजे ट्विशा ने अपनी मां को फोन कर अपनी परेशानियों के बारे में बताया था। बातचीत के दौरान अचानक समार्थ सिंह कमरे में पहुंचे, जिसके बाद कॉल कट गई। परिवार ने इसके बाद त्विषा , समर्थ सिंह और उनकी मां गिरिबाला सिंह से कई बार संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन किसी ने जवाब नहीं दिया। कुछ घंटों बाद समार्थ की मां गिरिबाला सिंह ने ट्विशा की मौत की जानकारी परिवार को दी। समार्थ सिंह पुलिस रिमांड पर समर्थ सिंह फिलहाल सात दिन की पुलिस रिमांड पर हैं। वह घटना के बाद से लापता थे और बाद में जबलपुर में आत्मसमर्पण करने पहुंचे थे। पुलिस ने उन्हें पहले ही गिरफ्तार कर भोपाल ले आई। उनकी अग्रिम जमानत याचिका भी खारिज हो चुकी है। उनकी मां गिरिबाला सिंह, जो सेवानिवृत्त न्यायाधीश हैं, को अग्रिम जमानत मिली है। पुलिस ने उन पर जांच में सहयोग नहीं करने और नोटिसों की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। अदालत में समार्थ सिंह के व्यवहार पर चर्चा शुक्रवार को अदालत में पेशी के दौरान समार्थ सिंह का व्यवहार भी चर्चा का विषय बना। मौजूद लोगों के अनुसार, वह अदालत में पूरी तरह शांत और आत्मविश्वास से भरे दिखाई दिए। उनके चेहरे पर किसी तरह की घबराहट या पछावे के संकेत नहीं थे। AIIMS करेगा दूसरा पोस्टमार्टम मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के निर्देश पर रविवार को नई दिल्ली स्थित AIIMS के चार वरिष्ठ डॉक्टरों की टीम भोपाल में त्विषा शर्मा के शव का दूसरा पोस्टमॉर्टम करेगी। त्विषा शर्मा नोएडा की रहने वाली थीं और उनकी शादी दिसंबर 2025 में समर्थ सिंह से हुई थी। मौत के बाद उनके परिवार ने पति और ससुराल पक्ष पर मानसिक प्रताड़ना और दहेज उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। इस मामले ने व्यापक जनआक्रोश पैदा कर दिया है और निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो गई है।

ट्विशा मामले में जांच तेज, गिरिबाला सिंह की नियुक्ति भी जांच के घेरे में

भोपाल  देशभर में सुर्खियां बने मॉडल ट्विशा शर्मा डेथ केस में जांच लगातार तेज होती जा रही है। मुख्य आरोपी समर्थ सिंह अब भी फरार है, जबकि उसकी अग्रिम जमानत याचिका पर शुक्रवार को हाईकोर्ट में सुनवाई हो सकती है। दूसरी ओर, ट्विशा की सास गिरीबाला सिंह को जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष पद से हटाने की कार्रवाई भी शुरू हो गई है। ट्विशा शर्मा मौत मामले में जांच लगातार नए मोड़ ले रही है। पुलिस ने जहां पति व मुख्य फरार आरोपी समर्थ की गिरफ्तारी पर इनाम बढ़ाकर 30 हजार कर दिया है, वहीं उसकी सास गिरिबाला सिंह को पद से हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। अध्यक्ष पद से हटाने का आदेश जारी प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने ट्विशा की सास गिरीबाला सिंह को भोपाल जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष पद से हटाने का आदेश जारी किया है। विभागीय स्तर पर उनकी नियुक्ति की जांच की भी बात कही गई है। सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई प्रशासनिक समीक्षा के बाद की गई है।     समर्थ सिंह की अग्रिम जमानत याचिका पर कल हाईकोर्ट में सुनवाई     घटना के 9 दिन बाद भी मुख्य आरोपी पति फरार     आरोपी की तलाश में 6 पुलिस टीमें और SIT गठित     समर्थ सिंह पर इनाम 10 हजार से बढ़ाकर 30 हजार किया गया     पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में चोट के कई निशान मिलने का दावा     गिरीबाला सिंह को उपभोक्ता आयोग से हटाने की कार्रवाई शुरू     मामले की CBI जांच की मांग को लेकर अलग याचिका की तैयारी आरोपी पति ने हाईकोर्ट में लगाई याचिका दूसरी ओर मॉडल ट्विशा की मौत में मुख्य आरोपी बनाए गए अधिवक्ता समर्थ सिंह ने अग्रिम जमानत के लिए हाईकोर्ट में याचिका लगाई है। संभवत: शुक्रवार को इस पर सुनवाई हो सकती है। इसके पूर्व भोपाल जिला अदालत उनकी जमानत याचिका खारिज कर चुकी है। बता दें कि इसकी मामले में समर्थ की मां को पहले ही अग्रिम जमानत मिल चुकी है। परिजनों के वकील ने आरोप लगाया है कि इस पूरी प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं और वे जमानत रद्द कराने के लिए हाईकोर्ट जा रहे हैं।

ट्विशा केस में पुलिस की चूक कहाँ हुई? बहन के आरोपों ने जांच पर खड़े किए नए सवाल

भोपाल  भोपाल में अपनी ससुराल में मृत पाई गई ट्विशा की बहन ने कहा है कि वह सुसाइड कर ही नहीं सकती। उसे साइकोलॉजिकली ब्रेकडाउन किया गया है। उसको सबसे डिसकनेक्ट किया गया। उसे मनोवैज्ञानिक रूप से इतना तोड़ा कि उसे सबसे अलग कर दिया। हमारी बहन सुसाइड कर ही नहीं सकती एक टीवी चैनल से बातचीत में ट्विशा की फुफेरी बहन नैना ने बताया कि वे दोनों अलग-अलग शहर में रहती हैं। हमलोग बचपन से दोस्त हैं। शादी के बाद हम बात नहीं कर पाते थे। उसका पति क्रिमिनल लॉयर है। इसकी पढ़ाई में साइको एनालिसिस होता है। इसने और इसकी मां ने मेरी बहन को पहले साइकोलॉजिकली ब्रेकडाउन किया और उसके बाद इसकी हत्या की है। यह प्री-मेडिकेटेड मर्डर है। यह एक दिन में किया गया काम नहीं है। हमारी बहन सुसाइड कर ही नहीं सकती। उसका कनेक्शन सिर्फ मां से था। इसकी लास्ट में जो मां से बात हुई है, उसमें लगा है कि कोई एकदम से रूम में आया है। इसके बाद कॉल कट गया और इसके बाद सब कुछ हुआ। इसकी सीडीआर निकलवानी चाहिए। भोपाल पुलिस कमिश्नर ने माना, ट्विशा मामले में हुई पुलिस से चूक ट्विशा शर्मा की मौत मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं. शुरुआती जांच में यह बात सामने आई कि जिस बेल्ट से ट्विशा शर्मा ने कथित तौर पर फांसी लगाई थी, उसे समय पर पोस्टमार्टम टेबल तक नहीं पहुंचाया गया. अब भोपाल पुलिस कमिश्‍नर संजय कुमार ने इस लापरवाही को स्वीकार किया है।  'पुलिस से हुई है चूक' 'जिस बेल्‍ट से ट्विशा शर्मा ने फांसी लगाई, वो उस दिन भोपाल एम्स नहीं पहुंचा…' इस सवाल पर पुलिस कमिश्‍नर संजय कुमार ने  कहा, 'हम इसे अपनी टीम की लापरवाही मानते हैं. हालांकि इससे जांच पर कई असर नहीं पड़ा है. उन्होंने कहा कि बेल्ट को एफएसएल टीम द्वारा जब्त कर ली गई थी, लेकिन इसे लापरवाही भी कह सकते हैं कि पोस्टमार्टम से पहले उसे अस्पताल नहीं भेजा गया. हालांकि बाद में इसे भोपाल एम्स भेजा गया और इसकी रिपोर्ट भी आ गई है।  भोपाल पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने कहा कि इस बेल्ट को बाद में अस्पताल भेजकर रिपोर्ट ले ली गई है, इसलिए मुख्य जांच पर इसका कोई बुरा असर नहीं पड़ेगा. उन्होंने आश्वासन दिया है कि इस चूक की अलग से जांच की जाएगी।  'गिरिबाला सिंह ने इसे दावे को पुलिस कमिश्नर ने किया खारिज' भोपाल पुलिस कमिश्नर संजय कुमार के मुताबिक, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अब तक मिले सबूतों से साफ होता है कि यह हत्या नहीं बल्कि खुदकुशी का मामला है. उनका कहना है कि ट्विशा की मौत फांसी लगाने के कारण हुई है।  ट्विशा की सास व रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह ने दावा किया था कि ट्विशा को गांजे की लत थी और ग्लैमर इंडस्ट्री में जाने के बाद उसके परिवार ने उसे छोड़ दिया था. हालांकि पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है. उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में किसी भी तरह के नशीले पदार्थ या ड्रग्स के सेवन की बात सामने नहीं आई है और न ही पुलिस जांच में ऐसा कोई सबूत मिला है।  भोपाल पुलिस कमिश्‍नर ने बताया, 'पोस्टमार्टम रिपोर्ट में नशीले पदार्थों के सेवन का कोई जिक्र नहीं है. ट्विशा कोई ड्रग्‍स नहीं ले रही थी… हमारी जांच में भी ट्विशा द्वारा नशीले पदार्थों के सेवन के दावों से संबंधित कोई जानकारी नहीं मिली है।  नहीं पता था कि बुरी तरह फंस चुकी है ट्विशा की बहन नैना ने बताया कि मैंने उसकी सारी दोस्तों से बात की, वह किसी के कनेक्शन में नहीं थी। उसने अपनी मां से कहा था कि 15 को नोएडा लौटने के बाद वह मुझसे बात करेगी। हमें बताया जा रहा था कि सब कुछ नॉर्मल है। लेकिन, हमें नहीं पता था कि वह इतनी बुरी तरह फंस चुकी है। वह इतनी बोल्ड थी कि मुझे एनर्जी देती थी। वो हमारे घर की सबसे सुंदर, बोल्ड और बिंदास लड़की थी। इस इंसान ने हमलोगों से क्या छीना है, उसे नहीं पता। हमें उसे उस घर में नहीं छोड़ना चाहिए था इस बीच ट्विशा के पिता ने दावा किया कि उनकी बेटी के साथ कई तरह का दुर्व्यवहार किया जा रहा था। ससुराल वाले उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे। दहेज के लिए उसका उत्पीड़न किया जा रहा था। हमें उसे उस घर में नहीं छोड़ना चाहिए था। पिता ने इसके लिए सामाजिक दबाव को जिम्मेदार ठहराया। पिता ने कहा कि हमारी परंपरा की सबसे बड़ी बदकिस्मती यह है कि हर मध्यम-वर्गीय परिवार चाहता है कि शादी सफल हो। सामाजिक दबाव इतना ज्यादा होता है कि कोई भी कभी यह सोचता ही नहीं कि शादी को टूट जाने देना चाहिए। तलाक के बारे में बात कर रही थी पिता ने कहा कि वह तलाक के बारे में बात कर रही थी। कह रही थी कि पापा, अगर बात नहीं बनी तो मैं उसे छोड़ दूंगी। मैं पीछे नहीं हटूंगी। ट्विशा ने अपनी मां से एक बातचीत के दौरान कहा था कि मैं इस तरह नहीं जीना चाहती। वहीं, ट्विशा के भाई हर्षित ने कहा कि परिवार इंसाफ के लिए लड़ेगा। ट्विशा की चचेरी बहन मीनाक्षी ने आरोप लगाया है कि उत्पीड़न तब अपने चरम पर पहुंच गया जब ट्विशा की 'वर्क-फ़्रॉम-होम' वाली नौकरी चली गई और वह गर्भवती हो गई। उसके पति ने उस बच्चे को अपना मानने से इनकार कर दिया। बता दें कि 2024 में एक डेटिंग ऐप पर ट्विशा की मुलाकात समर्थ सिंह से हुई थी। एक साल बाद दिसंबर 2025 में दोनों ने शादी कर ली थी।

भोपाल के रिटायर्ड जज की बहू केस में सास का बड़ा बयान, ‘अलग कमरे में सोने लगी थी ट्विशा’

 भोपाल मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में रिटायर्ड जज की बहू ट्विशा शर्मा की मौत का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है. कथित तौर पर ससुराल की प्रताड़ना की वजह से मौत के इस मामले में जहां एक तरफ पुलिस ने जांच के लिए विशेष जांच टीम (SIT) बनाई है, वहीं हर दिन कई नए खुलासे सामने आ रहे हैं. बीते सोमवार को आरोपों में घिरी ट्विशा की सास ने मीडिया से बातचीत की. आरोपों में घिरी गिरबाला ने कहा कि मेरे बेटे समर्थ ट्विशा ने एक-दूसरे को पसंद किया था. सबसे पहले ट्विशा ही हमारे घर पर आई थी, उसके बाद उसके माता-पिता आए थे. उसके परिवार और हमारे परिवार में काफी अंतर था, फिर भी हमने शादी करवाई।  'दवा लेकर एक दो दिन ठीक रहती थी ट्विशा' उन्होंने कहा- वह बहुत कम उम्र में ही ग्लैमर वर्ल्ड में आ गई थी. उसका जाना हमारे लिए भी बहुत बड़ा झटका है. उसकी जो दवाई चल रही थी, उससे वह एक-दो दिन ठीक रहती थी, लेकिन फिर उसकी हालत पहले जैसी हो जाती थी. समर्थ कोर्ट में था, तभी ट्विशा ने उसे फोन कर बताया कि उसने MTP (मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी) पिल ले ली है।  'प्रेग्नेंट हुई तो उसने पिल खा ली' गिरबाला ने कहा -पहला बच्चा परिवार के लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है, लेकिन उसने हमें एक पल की भी खुशी महसूस नहीं होने दी. 7 मई को उसने पिल्स ले ली थीं. मैं खुद उसका सिर गोद में लेकर बैठती थी. ट्विशा के पिता का व्यवहार अजीब रहता है. वह 20 साल तक उज्बेकिस्तान में फार्मा सेक्टर में रहे हैं और मुझे लगता है कि वह इसका संभावित स्रोत हो सकते हैं. मामला फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन है।  'समर्थ उसे देखकर लगातार रो रहा था' उन्होंने कहा-  ये लोग फौज की बात करते हैं, लेकिन हमारी तो पीढ़ियां सेना में रही हैं. मेरे पति ने देश के लिए अपनी जान दी है. मुझे जांच एजेंसियों पर भरोसा है. ऐसा नहीं है कि मुझे सिर्फ इसलिए जमानत मिल गई क्योंकि मैं जिला जज रह चुकी हूं. कोई आम इंसान भी होता, तो उसे भी जमानत मिल जाती. मेरे बेटे को भी बेल मिल जाती।  ट्विशा की मौत हुई तो समर्थ तो AIIMS में नंगे पैर, बिना चप्पल के दौड़ रहा था और ये लोग कह रहे हैं कि AIIMS में हमारी सेटिंग है. समर्थ उसे देखकर लगातार रो रहा था. ड्रग्स के आरोपों पर ट्विशा ने खुद स्वीकार किया था कि उसने भारी मात्रा में मारिजुआना का सेवन किया था. वह बार-बार ज़िद करती थी कि उसे बच्चा नहीं चाहिए था. डॉ. सत्यकांत त्रिवेदी से ट्विशा का इलाज चल रहा था. दवाइयां उसे प्रेस्क्राइब की गई थीं, लेकिन उसने उन्हें लिया नहीं था।  'ट्विशा के पिता ने मेरे बेटे पर आरोप लगाए' गिरबाला ने बताया कि ट्विशा के पिता ने मेरे बेटे पर ड्रग्स लेने के आरोप लगाए थे, लेकिन वह झूठ था. बाद में उनके पिता ने मुझसे माफी भी मांगी थी. वह ड्रग्स नहीं लेता. ट्विशा के परिवार वाले उल्टा हमें मारने दौड़े और हमें पुलिस बुलानी पड़ी. उसी दिन मैंने अपनी सुरक्षा को लेकर पुलिस को पत्र लिखा था।  'ट्विशा और समर्थ में लड़ाई नहीं होती थी' उन्होंने कहा कि- ट्विशा और समर्थ के बीच कभी लड़ाई नहीं होती थी, लेकिन जब भी वह दिल्ली से लौटकर आती थी तो उसका व्यवहार बदल जाता था. MTP (मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी) के बाद ट्विशा ने समर्थ से कहा था कि उसे स्पेस चाहिए और वह अलग कमरे में सोने लगी थी. ट्विशा कहती थी कि उसके परिवार ने उसे बहुत छोटी उम्र से ही ग्लैमर वर्ल्ड में डाल दिया था. वह 17 तारीख को दिल्ली गई थी, लेकिन वह घर नहीं गई और पूरी रात कहां रही, यह उसने नहीं बताया. उसने पहले भी ऐसा कुछ किया था, जिसकी वजह से उबर ने ट्विशा को ब्लैकलिस्ट कर रखा था।  बता दें कि  बीते 12 मई को छत के सरिये से फांसी पर लटकी मिली ट्विशा शर्मा के केस में रोज नई परतें खुल रही हैं. वहीं ट्विशा के माता पिता का इसे मर्डर बता रहे हैं।