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Twisha Death Case में नई तारीख तय, सास की बेल याचिका पर 27 मई को होगी सुनवाई

भोपाल  भोपाल के बहुचर्चित त्विषा शर्मा की दहेज हत्या के अपराध में आरोपी सास तथा पूर्व भोपाल जिला व सत्र न्यायाधीश गिरिबाला सिंह को मिली अग्रिम जमानत के खिलाफ प्रदेश सरकार के साथ त्विषा शर्मा के पिता ने भी हाईकोर्ट की शरण ली है। हाईकोर्ट जस्टिस देवनारायण मिश्रा की एकलपीठ द्वारा दोनों याचिकाओं पर सोमवार को संयुक्त रूप से सुनवाई की गई।   याचिका की सुनवाई के दौरान गिरिबाला सिंह के अधिवक्ता की तरफ से बताया गया कि शिकायतकर्ता की तरफ से दायर याचिका की कॉपी उन्हें नहीं मिली है। एकलपीठ ने अनावेदिका गिरिबाला सिंह को याचिका की कॉपी उपलब्ध करवाने के निर्देश जारी करते हुए याचिका पर अगली सुनवाई 27 मई को निर्धारित की है। गौरतलब है कि प्रदेश सरकार की तरफ से भोपाल की पूर्व जिला व सत्र न्यायाधीश गिरिबाला सिंह को दहेज हत्या के अपराध में मिली अग्रिम जमानत याचिका निरस्त करने हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। याचिका में कहा गया था कि वह जांच में सहयोग नहीं कर रही हैं। इसके अलावा जमानत का मिलने पर वह साक्ष्यों को प्रभावित कर सकती हैं। सॉलीसिटर जनरल तुषार मेहता ने एकलपीठ को बताया कि भोपाल की पूर्व सत्र व जिला न्यायाधीश की बहू त्विषा शर्मा की 12 मई को रात में संदिग्ध अवस्था में मौत हो गई थी। इसका पोस्टमार्टम 13 मई को हुआ था। उन्होने 14 मई को अग्रिम जमानत के लिए आवेदन किया था। उन्हें अगले दिन न्यायालय ने अग्रिम जमानत का लाभ मिल गया। सोमवार को याचिका की सुनवाई के दौरान अनावेदिका की तरफ से बताया गया कि प्रदेश सरकार की तरफ से दायर याचिका की कॉपी उन्हें मिल गई है। शिकायतकर्ता की तरफ से दायर याचिका की कॉपी उन्हें नहीं मिली है। एकलपीठ ने उक्त आदेश जारी करते हुए याचिका पर अगली सुनवाई बुधवार को निर्धारित की है। प्रदेश सरकार की तरफ से सॉलीसिटर जनरल तुषार मेहता व महाधिवक्ता प्रशांत सिंह, याचिकाकर्ता की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ लुथरा तथा अनावेदिका की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता मीनाक्षी अरोरा पैरवी के लिए उपस्थित हुईं। 

Twisha Death Case पर SC सख्त, युवती की मौत को लेकर कही बड़ी बात

भोपाल  मध्यप्रदेश के चर्चित मॉडल ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में सुप्रीम कोर्ट के स्वतः संज्ञान मामले पर चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी एम पंचोली की बेंच ने अहम टिप्पणी की. कोर्ट ने मीडिया से इस मामले में आरोपियों के इंटरव्यू न चलाने का आग्रह किया. साथ ही कोर्ट में सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल (SG) तुषार मेहता ने बताया कि केंद्रीय जांच ब्यूरो इस मामले की पूरी जांच को आज ही अपने हाथों में ले रही है, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने रिकॉर्ड पर लिया है।  चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने उम्मीद जताई कि सीबीआई तुरंत जांच अपने पास लेकर इस पर कड़े स्तर की सुनवाई शुरू करेगी. कोर्ट ने कहा कि एक मासूम युवती की जान गई है, वजह चाहे जो हो ,उसका पता चलना चाहिए. उसके स्वतंत्र निष्पक्ष और गहराई से जांच होनी जरूरी है. क्योंकि मामले में अपराधिक साजिश का भी एंगल शुरुआती जांच और आरोपों से सामने आ रहा है।  CBI को सौंपी जा रही है जांच सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि हम मीडिया और जनता की अटकलें नहीं चाहते हैं. सालिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया कि जांच आज सीबीआई को सौंपी जा रही है. सुनवाई के दौरान अदालत को ये भी बताया गया कि एक मृत बेटी होने की तुलना में समाज में एक तलाकशुदा बेटी होना कहीं ज्यादा बेहतर है।  इस पर अदालत ने सुनवाई के दौरान दुख व्यक्त करते हुए कहा कि उसे एक युवा बेटी को असमय खोने पर पीड़ित परिवार की असीम पीड़ा के साथ पूरी मानवीय सहानुभूति है।  ट्विशा के पति और सास के खिलाफ FIR दर्ज ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के बाद उनके पति समर्थ सिंह और उनकी सास जो कि एक पूर्व जिला न्यायाधीश हैं, गिरिबाला सिंह के खिलाफ गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है. पीड़ित परिवार का आरोप है कि रसूख के कारण स्थानीय स्तर पर जांच प्रभावित हो रही थी. सॉलिसिटर जनरल ने कोर्ट को बताया कि इसी प्रक्रियागत अनियमितता को दूर करने के लिए आज ही जांच सीबीआई को सौंपी जा रही है।  वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में जांच को लेकर भी टिप्पणी की. कोर्ट ने ऐसे मामलों में जांच के संचालन पर दु:ख व्यक्त किया और जांच को लेकर चल रही प्रक्रियागत अनियमितताओं का संज्ञान लेते हुए निष्पक्ष जांच का निर्देश दिया है।  12 दिन बाद हुआ अंतिम संस्कार राज्य सरकार की निगरानी में भोपाल में हुए पहले शव परीक्षण (पोस्टमार्टम) पर जब पीड़ित परिवार ने गंभीर सवाल उठाए, तब मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के कड़े आदेश पर दिल्ली एम्स (AIIMS) की चार सदस्यीय विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने मृतका का दूसरा पोस्टमार्टम किया. इस पूरी कानूनी प्रक्रिया के कारण घटना के 12 दिन बीत जाने के बाद आखिरकार ट्विशा का अंतिम संस्कार किया जा सका।  आपको बता दें कि ट्विशा शर्मा 12 मई को भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में अपने ससुराल में फंदे से लटकी हुई मिली थीं. 33 साल की मॉडल-एक्टर के परिवार ने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं और कहा है कि उनकी बेटी की मौत के लिए वही जिम्मेदार हैं. जबकि  ससुराल पक्ष का कहना है कि ट्विशा नशे की लत से जूझ रही थीं. उसके परिवार ने ससुराल वालों पर दहेज प्रताड़ना, सबूतों से छेड़छाड़ और जांच में लापरवाही का आरोप लगाया है। 

ट्विशा केस में जांच तेज, आरोपी समर्थ की जमानत पर आज होगी सुनवाई

भोपाल  एक्ट्रेस-मॉडल ट्विशा शर्मा की मौत की सीबीआई जांच होगी। मध्य प्रदेश सरकार ने इसके लिए सहमति दे दी है। 20 मई को जब ट्विशा के पिता नवनिधि शर्मा रिटायर्ड सैनिकों के साथ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मिलने पहुंचे थे, तब उन्होंने इसका आश्वासन दिया था। मुख्यमंत्री ने कहा था कि सरकार परिवार की हर संभव मदद करेगी। अगर कोर्ट दोबारा पोस्टमॉर्टम के आदेश देता है, तो सरकार पार्थिव शरीर को दिल्ली AIIMS तक पहुंचाने की व्यवस्था भी करेगी। वहीं, राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने भी मामले की जांच CBI से कराने की मांग उठाई थी। उधर, ट्विशा के पति समर्थ सिंह की अग्रिम जमानत याचिका पर आज हाईकोर्ट की जबलपुर बेंच में सुनवाई हो रही है। इस दौरान महाधिवक्ता प्रशांत सिंह ने केस डायरी पेश करने के लिए मोहलत की मांग की, तो अदालत ने सुनवाई 2.30 बजे तक स्थगित कर दी है। मामले की सुनवाई जस्टिस ए.के. सिंह की समर वेकेशन बेंच में हो रही है। ट्विशा के परिजन ने जमानत याचिका पर आपत्ति लगाई है। उसके पिता नवनिधि शर्मा ने आरोप लगाए हैं कि समर्थ जुलाई 2023 से अगस्त 2025 तक मध्य प्रदेश सरकार में लीगल एडवाइजर के तौर पर काम कर चुका है। वह फरारी के दौरान केस को प्रभावित कर रहा है। ट्विशा शर्मा के पिता नवनिधि शर्मा ने पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखकर कटारा हिल्स थाना प्रभारी सुनील दुबे को हटाने की मांग की है। गिरिबाला सिंह को भोपाल जिला अदालत से अग्रिम जमानत मिल चुकी है। मामला हाईप्रोफाइल होने के कारण राज्य सरकार भी सक्रिय हो गई है। बुधवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से ट्विशा शर्मा के पिता नवनिधि शर्मा, सेना के सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर सहित कई पूर्व अधिकारियों ने मंत्रालय में मुलाकात कर न्याय की मांग की।  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने परिजनों से मुलाकात के बाद कहा कि यदि परिवार चाहता है तो राज्य सरकार मामले की जांच सीबीआई को सौंपने के लिए केंद्र सरकार को पत्र लिखेगी। उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली एम्स में पोस्टमार्टम कराने का निर्णय अदालत करेगी। यदि कोर्ट अनुमति देता है, तो राज्य सरकार शव को सुरक्षित दिल्ली एम्स पहुंचाने की व्यवस्था करेगी। इधर, ट्विशा शर्मा के पिता नवनिधि शर्मा ने मध्यप्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल को पत्र लिखकर गिरिबाला सिंह को भोपाल जिला उपभोक्ता फोरम बेंच-2 के न्यायाधीश पद से हटाने की मांग की है। पत्र में उन्होंने लिखा है कि गिरिबाला सिंह पर दहेज हत्या का गंभीर मामला दर्ज है। वर्तमान में वह जिला उपभोक्ता फोरम में न्यायाधीश के पद पर कार्यरत हैं। उपभोक्ता फोरम में सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की नियुक्ति सरकार द्वारा की जाती है और नियमों के अनुसार कदाचार, गंभीर आरोप या किसी आपराधिक मामले में संलिप्तता सामने आने पर पद से हटाने का प्रावधान है। नवनिधि शर्मा ने राज्यपाल और राज्य सरकार से मांग की है कि दहेज हत्या के मामले में आरोपी बनाए जाने के बाद गिरिबाला सिंह को तत्काल पद से हटाया जाए, ताकि उनकी बेटी को न्याय मिल सके। अदालत ने ट्विशा का शव सुरक्षित रखने को कहा उधर भोपाल की एक अदालत ने बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान ट्विशा शर्मा के शव को सुरक्षित रखने का आदेश दिया। ट्विशा ने पिछले हफ्ते अपने भोपाल स्थित अपने ससुराल में कथित रूप से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। हालांकि महिला के परिजनों ने इस मामले को संदिग्ध बताते हुए उसके ससुराल वालों पर बेटी की हत्या करने का शक जताया है। उनका आरोप था कि ट्विशा की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में उसके शरीर पर मारपीट के निशान मिले हैं, जो कि मामले को संदिग्ध बना रहे हैं। इसी वजह से उन्होंने ट्विशा के दोबारा पोस्टमॉर्टम की मांग की थी, लेकिन अदालत ने उनकी इस अर्जी को खारिज कर दिया। शव को सुरक्षित रखने वाली मोर्चरी का पता लगाने को कहा इस बारे में एक आदेश जारी करते हुए JMFC (न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी) अनुदिता गुप्ता ने कहा कि पुलिस को एक पत्र जारी किया जाए, जिसमें उसे निर्देश दिया जाए कि वे मध्यप्रदेश में शवों को सुरक्षित रखने की (-80 डिग्री सेल्सियस तापमान) व्यवस्था वाले मोर्चरी की तुरंत जानकारी प्राप्त करे और बिना किसी देरी के अदालत में इस संबंध में एक लिखित रिपोर्ट प्रस्तुत करें। भोपाल एम्स में है शव के खराब होने का खतरा दरअसल अदालत ने ऐसा निर्देश से इस वजह से जारी किया, क्योंकि इससे कुछ घंटे पहले ही भोपाल पुलिस ने ट्विशा शर्मा के परिवार से शव के खराब होने की आशंकाओं के मद्देनजर उसे कब्जे में लेने का अनुरोध किया था। पुलिस ने इसकी वजह AIIMS भोपाल में बहुत कम तापमान पर शव को सुरक्षित रखने की सुविधाओं की कमी के कारण शव के सड़ने की आशंका बताई थी। भोपाल एम्स में नहीं है -80 डिग्री के तापमान की सुविधा न पर सुरक्षित रखा गया है। जबकि शव को खराब होने से रोकने के लिए शून्य से 80 डिग्री सेल्सियस (-80 डिग्री) नीचे का तापमान चाहिए और यह सुविधा एम्स भोपाल में नहीं है। ट्विशा के परिजनों को भोपाल में न्याय मिलने की उम्मीद नहीं बता दें कि ट्विशा 12 मई की रात भोपाल के कटारा हिल्स इलाके स्थित अपने ससुराल में मृत पाई गई थीं। इसके बाद पुलिस ने महिला के परिजनों की शिकायत पर मृतका के पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह के खिलाफ दहेज मृत्यु तथा प्रताड़ना का मामला दर्ज किया था। मृतका की सास गिरिबाला सिंह सेवानिवृत्त न्यायाधीश हैं और ट्विशा के परिजनों ने इसी कारणवश उन्होंने भोपाल में बेटी को न्याय नहीं मिलने की आशंका जताई है। अबतक नहीं हुआ है ट्विशा का अंतिम संस्कार इससे पहले एम्स भोपाल की प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शव पर कई चोटों के निशान होने के बारे में बताया गया था, इसी आधार पर मृतका के परिजन बेटी की हत्या होने की आशंका जता रहे हैं। साथ ही मृतका के परिजनों का यह भी आरोप है कि पोस्टमार्टम प्रक्रिया के दौरान गंभीर लापरवाही बरती गई। उनका कहना है कि जिस बेल्ट से ट्विशा के फांसी लगाने की बात कही गई, उसे जांच अधिकारी समय पर एम्स नहीं ले गए, जिसके कारण डॉक्टर उस बेल्ट और गर्दन के निशानों का वैज्ञानिक परीक्षण नहीं कर सके। इसके अलावा परिजनों ने … Read more