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आधार यूजर्स सावधान! फोटोकॉपी पर लगी रोक, UIDAI ने जारी किया बड़ा अपडेट

नई दिल्ली आपको होटल में चेक इन करना है, बैंक में खाता खुलवाना हो, लोन लेना है या फिर अपने बच्चों का स्कूल-कॉलेज में दाखिला करवाना है आदि। आपको यही नहीं बल्कि, ऐसे ही कई अन्य कामों के लिए भी आधार कार्ड की जरूरत पड़ती है। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण यानी यूआईडीएआई द्वारा भारत के नागरिकों का आधार कार्ड बनाया जाता है। आधार कार्ड में आपकी बायोमेट्रिक और डेमोग्राफिक जानकारियां होती हैं। जैसे, नाम, पता, जन्मतिथि और फिंगर प्रिंट आदि। इन सबके बीच आपने एक चीज नोटिस की होगी या आप खुद ही इसे करते होंगे कि होटल में चेक इन करने के लिए या कई अन्य जगहों पर अपने आधार की फोटोकॉपी देते होंगे? पर अब ऐसा बंद होने जा रहा है क्योंकि यूआईडीएआई इसको लेकर जल्द ही एक नया नियम लागू कर सकता है। तो चलिए जानते हैं इस नए नियम के बारे में। आधार कार्डधारक अगली स्लाइड्स में इस बारे में जान सकते हैं… क्या कहता है नया नियम?     दरअसल, अब तक आपको जहां पर आधार की फोटोकॉपी देनी पड़ती थी। उस पर अब जल्द ही रोक लग जाएगी, क्योंकि आधार एक ऐसा नया नियम लाने जा रही है जिसके तहत अब कोई भी आपसे आधार की फिजिकल फोटोकॉपी न ले सकेगा और न ही उसे स्टोर कर सकेगा। क्यों पड़ी इस नए नियम का जरूरत?  अभी कई जगहों पर लोगों को अपने आधार कार्ड की फोटोकॉपी देनी होती है जिसे यूआईडीएआई द्वारा गलत माना गया। सरकार का मानना है कि पेपर आधारित आधार कार्ड वेरिफिकेशन न सिर्फ कानून के खिलाफ है बल्कि, ये कार्डधारकों की प्राइवेसी के लिए भी बड़ा खतरा बन जाता है। इसलिए अब इस नए नियम को लाया जा रहा है। कैसे काम करेगा और कब से लागू हो सकता है नया नियम?     यूआईडीएआई ने इस नए नियम को लेकर नया फ्रेमवर्क मंजूर किया है जिसके बाद अब जो भी संस्था ऑफलाइन आधार वेरिफिकेशन करना चाहते हैं उसे पहले यूआईडीएआई में रजिस्टर करना होगा और इसके बाद वो क्यूआईर कोड या एप बेस्ड वेरिफिकेशन का इस्तेमार कर सकेगी। जिसे भी ऑफलाइन आधार वेरिफिकेशन करना है उसे यूआईडीएआई के साथ रजिस्ट्रेशन के बाद एक सुरक्षित एपीआई का एक्सेस मिलेगा जिससे वे डिजिटल तरीके से आधार की जांच कर सकेंगे। यूआईडीएआई के सीईओ भुवनेश कुमार के मुताबिक, इस नियम को मंजूरी मिल चुकी है और उसे जल्द ही अधिसूचित किया जाएगा। कहां-कहां देनी होती है आधार की फोटोकॉपी?     दरअसल, मौजूदा समय में हमें कई जगहों पर आधार की फोटोकॉपी देनी पड़ती है। इसमें होटल में चेक इन करते समय, इवेंट आयोजन करवाते समय, डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन, कई एग्जाम सेंटर पर आदि। पर इस नए नियम के बाद फिजिकल फोटोकॉपी लेना और उसे स्टोर करना रूक जाएगी।  

UIDAI का नया नियम: होटल में आधार की फोटोकॉपी मांगना होगा बंद

नई दिल्ली UIDAI जल्द ही नया आधार ऐप लॉन्च करने वाला है, जो डिजिटल पहचान और आईडी वेरिफिकेशन को और सरल बनाने वाला है। UIDAI के सीईओ भुवनेश कुमार ने हाल ही में एक वेबिनार में बताया कि नया ऐप खासकर ऑफलाइन वेरिफिकेशन के लिए तैयार किया गया है, जिससे लोगों को सुरक्षित और भरोसेमंद डिजिटल पहचान मिलेगी। उनका कहना है कि यह सिस्टम सिक्योरिटी और प्राइवेसी दोनों को मजबूत करेगा।  पेपरलेस पहचान, धोखाधड़ी पर रोक नए ऐप की सबसे बड़ी खासियत ऑफलाइन वेरिफिकेशन है। इसका मतलब यह है कि अब होटल चेक-इन, सोसाइटी में प्रवेश या किसी इवेंट/फंक्शन में जाने के लिए फिजिकल आधार कार्ड की कॉपी देने की जरूरत नहीं होगी। UIDAI के अनुसार फोटोकॉपी शेयर करने से डेटा के गलत इस्तेमाल या फ्रॉड का खतरा बढ़ जाता है। नया ऐप इस जोखिम को खत्म करता है, क्योंकि यूजर डिजिटल रूप में पूरा या चुनिंदा आधार डेटा साझा कर सकेंगे। ऑफलाइन वेरिफिकेशन कहां-कहां काम आएगा नए ऐप से रोजमर्रा की कई स्थितियां आसान हो जाएंगी, जैसे: -होटल में चेक-इन -रेजिडेंशियल सोसाइटी में प्रवेश -इवेंट/फंक्शन में एंट्री इसके लिए ऐप में QR-बेस्ड वेरिफिकेशन और अन्य ऑफलाइन मोड होंगे, जिन्हें छोटे व्यवसाय से लेकर बड़ी संस्थाएं भी इस्तेमाल कर सकेंगी।  नए ऐप की खास सुविधाएं UIDAI ने बताया कि नया आधार ऐप सुरक्षा, कंट्रोल और सुविधा के लिहाज से पहले से बेहतर है। कुछ प्रमुख फीचर्स: मल्टी प्रोफाइल: एक यूजर अपने परिवार के 5 तक आधार प्रोफाइल एक ही ऐप में रख सकेगा। बायोमेट्रिक लॉक/अनलॉक: बायोमेट्रिक्स लॉक करने पर कोई भी फिंगरप्रिंट या आईरिस का दुरुपयोग नहीं कर सकेगा। प्रोफाइल अपडेट: मोबाइल नंबर या पता बदलते ही ऐप अपने आप नई जानकारी दिखाएगा। QR कोड और वेरिफाएबल क्रेडेंशियल शेयरिंग: ऐप से सीधे एक टैप में डिजिटल पहचान साझा की जा सकेगी। ऐप डाउनलोड और सेटअप ऐप UIDAI के ऑफिशियल सोर्स से डाउनलोड करें (गूगल प्ले स्टोर/एप स्टोर)। रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से SMS वेरिफिकेशन करें। फेस ऑथेंटिकेशन पूरा करें और 6-डिजिट पासवर्ड सेट करें। एक समय में केवल एक डिवाइस पर एक ही प्रोफाइल एक्टिव होगी। दूसरे डिवाइस पर लॉगिन करने पर पुरानी प्रोफाइल डिलीट हो जाएगी।  

अब पेंशनर्स को नहीं लगानी होगी लाइन: UIDAI ने बताया डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट बनाने का आसान तरीका

नई दिल्ली हर साल नवंबर आते ही पेंशनर्स के लिए लाइफ सर्टिफिकेट जमा करना एक चुनौती बन जाता है। पहले बुजुर्गों को अपने बैंक, सरकारी दफ्तर या पेंशन विभाग के चक्कर लगाने पड़ते थे। लंबी लाइनें, कागजी दस्तावेजों की जद्दोजहद और यात्रा की कठिनाई बुजुर्गों के लिए थकाने वाली होती थी। लेकिन अब UIDAI ने इस पूरी प्रक्रिया को डिजिटल और घर बैठे करने योग्य बना दिया है। अब पेंशनर्स सिर्फ अपने मोबाइल फोन का उपयोग करके घर बैठे डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट (Digital Life Certificate – DLC) तैयार कर सकते हैं। दो ऐप से आसान होगा पूरा प्रोसेस UIDAI ने बताया कि डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट तैयार करने के लिए दो मोबाइल ऐप्स की जरूरत होती है: ➤ AadhaarFaceRD ऐप: फेस ऑथेंटिकेशन के लिए ➤ JeevanPramaan ऐप: लाइफ सर्टिफिकेट बनाने के लिए ➤ ये दोनों ऐप्स एंड्रॉइड मोबाइल में आसानी से डाउनलोड किए जा सकते हैं। प्रक्रिया इतनी सरल है कि बुजुर्ग इसे स्वयं कर सकते हैं या घर के किसी सदस्य की हल्की मदद से पूरा कर सकते हैं। फेस ऑथेंटिकेशन सबसे पहले AadhaarFaceRD ऐप डाउनलोड करना होता है। इस ऐप की मदद से आपका चेहरा आधार डेटाबेस से मिलाया जाता है और आपकी पहचान की पुष्टि की जाती है। यह प्रक्रिया पूरी तरह सुरक्षित है और इसमें OTP या फिंगरप्रिंट की जरूरत नहीं पड़ती। बस मोबाइल कैमरा की मदद से चेहरे को स्कैन करना होता है। JeevanPramaan ऐप में जानकारी भरें फेस ऑथेंटिकेशन के बाद पेंशनर्स को JeevanPramaan ऐप खोलना होता है। यहां उन्हें कुछ बुनियादी जानकारी भरनी होती है: ➤ आधार नंबर ➤ पेंशन का प्रकार ➤ बैंक खाता विवरण ➤ मोबाइल नंबर इसके बाद उसी मोबाइल नंबर पर एक OTP आएगा। इसे दर्ज करने के बाद ऐप आपका चेहरा एक बार फिर स्कैन करेगा। जैसे ही यह प्रक्रिया पूरी होती है, ऐप डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट जेनरेट कर देता है। सबमिट बटन दबाने के बाद प्रमाण पत्र तैयार जब पेंशनर्स सबमिट बटन दबाते हैं, तो उनका डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट सरकारी सिस्टम में जमा हो जाता है। साथ ही इसे मोबाइल और ईमेल पर भी प्राप्त किया जा सकता है। इस पूरी प्रक्रिया का फायदा: ➤ 100% डिजिटल और पेपरलेस ➤ किसी लाइन में खड़े होने की जरूरत नहीं ➤ बैंक या सरकारी दफ्तर जाने की आवश्यकता नहीं ➤ बुजुर्ग भी आसानी से घर बैठे लाइफ सर्टिफिकेट तैयार कर सकते हैं  

Aadhaar Data Vault पेश: डिजिटल भारत को मिलेगी मजबूत डेटा सुरक्षा कवच

नई दिल्ली भारत में डिजिटल सुरक्षा को और मजबूत बनाने की दिशा में UIDAI ने एक नई पहल की है। अब आपके Aadhaar नंबर और उससे जुड़े eKYC डेटा को सुरक्षित रखने के लिए Aadhaar Data Vault लॉन्च किया गया है। यह आधुनिक डिजिटल स्टोरेज सिस्टम विशेष एन्क्रिप्शन तकनीक के जरिए आपकी संवेदनशील जानकारी को चोरी और गलत इस्तेमाल से बचाएगा। डेटा की सुरक्षा का नया तरीका ADV में सभी Aadhaar नंबर टोकनाइजेशन के माध्यम से एन्क्रिप्टेड फॉर्म में सुरक्षित होंगे, जिससे असली नंबर कहीं भी लीक नहीं होगा। केवल अधिकृत एजेंसियां ही सीमित रूप से इस डेटा तक पहुंच पाएंगी। साथ ही, रियल-टाइम मॉनिटरिंग और ऑडिट ट्रेल्स की मदद से डेटा सुरक्षा को और भी मजबूत बनाया गया है। कौन-कौन कर पाएंगे इसका उपयोग बैंक, फिनटेक कंपनियां और सरकारी संस्थाएं, जो Aadhaar के जरिए पहचान की प्रक्रिया करती हैं, ADV का उपयोग अनिवार्य रूप से करेंगी। इसका उद्देश्य पर्सनल डेटा की सुरक्षा सुनिश्चित करना और डिजिटल धोखाधड़ी से बचाव करना है। नागरिकों के लिए भरोसे की गारंटी अब यूजर्स को भरोसा मिलेगा कि उनका संवेदनशील डेटा पूरी तरह सुरक्षित है। Aadhaar KYC या ऑथेंटिकेशन करते समय डेटा हमेशा एन्क्रिप्टेड रहेगा, जिससे प्राइवेसी का पूरा ध्यान रखा जाएगा। डिजिटल भारत के लिए एक बड़ा कदम Aadhaar Data Vault डिजिटल भारत मिशन को मजबूती देगा और साइबर खतरों से बचाव में मदद करेगा। यह कदम भारत की पहचान सुरक्षा प्रणाली को अधिक विश्वसनीय बनाएगा और आपके डिजिटल वजूद को संरक्षित रखेगा। ADV के साथ अब निवेश, बैंकिंग, सरकारी योजनाओं और अन्य डिजिटल सेवाओं में आपकी जानकारी पूरी तरह सुरक्षित रहेगी, जिससे नागरिकों को डिजिटल दुनिया में अधिक सुरक्षा और भरोसा मिलेगा।  

नया आधार बनवाने व संशोधन में अब नहीं समय लगेगा का समय, UIDAI खोलेगा नया सेंटर

ग्वालियर ग्वालियर शहर में भोपाल-इंदौर की तर्ज पर भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) का आधार सेंटर खुलने जा रहा है। इसके खुलने से लोगों को दिल्ली के भरोसे नहीं रहना होगा। न आधार में छोटी-छोटी कमियां निकालकर निरस्त किया जा सकेगा। वर्तमान में सेंटर पर जो भीड़ हो रही है और नया आधार बनवाने व संशोधन में जो समय लग रहा है, उसमें राहत मिलेगी। वर्तमान में जो आधार बन रहे हैं, उसमें 35 से 40 फीसदी आधार निरस्त हो जाते हैं। इस कारण भीड़ कम नहीं हो रही।  वहीं तीन से अधिक अपडेट में दिल्ली के चक्कर काटने पड़ते हैं। जिला प्रशासन के अफसरों ने प्रस्ताव तैयार कर लिया है, जल्द ही जगह भी तय होगी। दरअसल स्कूल में प्रवेश, सरकारी राशन व अन्य सरकारी योजनाओं के लाभ के लिए आधार जरूरी है। एक सेंटर पर दिनभर में औसतन 25 से 30 आधार बन रहे हैं। पोस्ट ऑफिस के बाहर ज्यादा भीड़ हो रही है। दिल्ली करना पड़ रहा संपर्क आधार की जानकारी अपलोड होने के बाद व्यक्ति नंबर जनरेट होने का इंतजार करता है। न होने की स्थिति में कलेक्ट्रेट पहुंचता है और किस वजह से आधार निरस्त हुआ है, उसकी जानकारी लेने के लिए दिल्ली में संपर्क करना पड़ता है। इसके लिए मेल भेजना पड़ता है। सेंटर में यूआईडीएआई का कर्मचारी बैठता है। इसका सीधा संपर्क दिल्ली में रहता है। यदि कोई कमी है तो वह स्थानीय स्तर पर सुधार देता है। ग्वालियर में स्थानीय स्तर पर कमी सुधारने की व्यवस्था नहीं है। बैंक में नहीं जा रहे लोग शहर सहित ग्रामीण क्षेत्र में 56 आधार केंद्र हैं। पोस्ट ऑफिस व कलेक्ट्रेट के सेंटर पर सबसे ज्यादा भीड़ रहती है, बैंक में लोग आधार बनवाने नहीं जा रहे। यदि बैंक में लोग जाना शुरू हो गए तो पोस्ट ऑफिस का लोड कम हो जाएगा। एक केंद्र पर दिन में औसतन 25 से 30 आधार बनते हैं। इन कारणों से हो रहे हैं निरस्त -कागजों की स्कैनिंग ठीक से नहीं हुई। -नाम में अंतर होने पर। जन्म तिथि के दस्तावेज नहीं होने पर भी निरस्त हो रहे हैं। -व्यक्ति के पते में अंतर होने पर। -सबसे ज्यादा दिक्कत उन बच्चों को आ रही है, जिनके आधार जन्म के तुरंत बाद बन गए हैं। उस वक्त आधार में नाम नहीं लिखा गया है। रुचिका चौहान, कलेक्टर का कहना है कि आधार निरस्त होने की संख्या अधिक है, इसलिए इंदौर भोपाल के आधार सेंटर का फीडबैक लिया था। नया सेंटर बनाने के निर्देश दिए हैं। इसके शुरू होने पर आधार निरस्त कम होंगे, आसानी से भी बन सकेंगे।