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शोक प्रस्ताव के समय यूपी विधायक का मोबाइल बजा, स्पीकर महाना ने तुरंत जब्त किया

लखनऊ  यूपी विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन सदन में शोक प्रस्ताव पास हुआ। विधायक का मोबाइल एक-दो बार बजा जिसे विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने सदन की कार्यवाही में व्यवधान माना। स्पीकर महाना ने सदन में मार्शल टीम के सदस्य को इशारा किया। महाना ने कहने पर विधायक चौधरी बाबू लाल का फोन जब्त कर लिया गया। दरअसल, विधान सभा और विधान परिषद की कार्यवाही के दौरान मोबाइल इस्तेमाल करने की मनाही है। अगर मोबाइल सदन के भीतर लाया जाए तो उसे साइलेंट मोड में हो लाना होता है। इसके अतिरिक्त तब भी सदन की कार्यवाही के दौरान लगातार मोबाइल इस्तेमाल करने की भी मनाही है। मंगलवार को दूसरे दिन भाजपा विधायक प्रोफेसर श्याम बिहारी लाल और सपा विधायक विजय सिंह गौड़ के निधन पर शोक प्रस्ताव पास हुआ। इसके बाद विधानसभा की कार्यवाही कल 11 बजे तक स्थगित कर दी है। मुख्यमंत्री योगी समेत सभी दल के नेताओं ने अपने विचार रखे। प्रोफेसर श्याम बिहारी लाल का निधन 2 जनवरी को हुआ था। बरेली की फरीदपुर सीट से दूसरी बार निर्वाचित हुए थे। वह मिलनसार, शिक्षित और जमीन से जुड़े नेता थे। समाज के सभी तबके के विकास के लिए समर्पित रहे। अपने क्षेत्र में बुनियादी सुविधाएं बढ़ावाएं। इतिहास संकलन समिति बरेली और जेएनयू की कार्यसमिति के भी सदस्य थे। उनके निधन से कुशल नेता खो दिया है। 8 जनवरी को हुआ था विजय सिंह गौड़ का निधन वहीं विजय सिंह गौड़ का निधन 8 जनवरी को हुआ था। वे वरिष्ठ सदस्य थे।आठवीं बार निर्वाचित हुए थे। विधानसभा की अनेक समितियों के सदस्य थे। जनजातीय समाज की सशक्त आवाज थे। जनता के और समाज के जन जंगल और जमीन के अधिकार को सदैव प्राथमिकता दी। आदिवासी विकास परिषद के भी सदस्य थे। उनके निधन से समाज की अपूरणीय क्षति हुई है। वहीं नेता प्रतिपक्ष् माता प्रसाद पांडेय ने भी दुख जताया। उन्होंने कहा कि प्रोफेसर श्याम बिहारी लाल जी चले गए। जब मनुष्य आता है तब ही तय हो जाता है की जाना है। सामयिक मृत्य तब होती है जब व्यक्ति अपना पूरा काम करके जाता है जबकि असामयिक मृत्य तब होती है जब वह अधूरा काम छोड़ जाता है। इनके जाने से विधासभा उनकी जानकारी और ज्ञान से वंचित रह गई है। विजय सिंह गौड़ हमारे साथ 1980 में चुनकर आए थे। राजनीतिक चमक दमक से दूर रहते थे। जब पांच बार के विधायकों को सम्मानित किया जा रहा था तब उन्होंने इसे गैरजरूरी बताते हुए उसमें हिस्सा लेने से इनकार कर दिया था। राम निवास वर्मा ने कहा कि इतिहास के क्षेत्र में उनका विशेष योगदान रहा। लगातार दो बार वह फरीदपुर से निर्वाचित हुए। उनके निधन से हुई रिक्ति की भरपाई निकट भविष्य में संभव नहीं है। विजय सिंह गौड़ के निधन पर अपनी संवेदनाएं भारी मन से व्यक्त करता हूं। उन्होंने जनसेवा के लिए स्वयं को समर्पित किया।वह विशेष रूप से आदिवासी समाज के विकास के लिए प्रयत्नशील रहे। राजनीति को उन्होंने सेवा का माध्यम बनाया। शोकाकुल परिवार के प्रति गहरी संवेदना। श्याम बिहारी लाल को दी श्रद्धांजलि राजपाल सिंह बालियान ने कहा कि श्याम बिहारी लाल का असामयिक निधन बेहद दुखद है। उनके निधन से प्रदेश ने कुशल राजनीतिक और समाजसेवी खो दिया है। आत्म की शांति की कामना और शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदना है। विजय सिंह गौड़ का असामयिक निधन दुखद है। इनका राजनीति में काफी अनुभव था। 18वीं विधानसभा के उपचुनाव में सदस्य निर्वाचित हुए थे। निधन से कुशल राजनीतिक और समाजसेवी खो दिया है। दिवंगत आत्मा की शांति की कामना है। ओपी राजभर ने भी प्रोफेसर लाल और विजय सिंह को श्रद्धांजलि दी। आराधना मिश्रा मोना ने भी विनम्र श्रद्धांजलि दी। उनका निधन अपूरणीय क्षति है। दो बार सदन के सदस्य रहे। उन्होंने क्षेत्र की समस्याओं को गंभीरता से उठाया है। मैं ईश्वर से प्रार्थना करती हूं कि आत्मा को शांति और शोकाकुल परिवार को धैर्य दे। विजय सिंह गौड़ मुलायम सिंह मंत्रिमंडल में राज्यमंत्री थे सतीश महाना ने कहा कि समाज सेवा, अध्ययन और अध्यापन में प्रोफेसर श्याम बिहारी लाल की विशेष रुचि थी। विजय सिंह गौड़ मुलायम सिंह मंत्रिमंडल में राज्यमंत्री थे। वह विभिन्न आंदोलनों में जेल भी गए। उनके निधन से कुशल राजनीतिक और समाजसेवी खो दिया है। पूरा सदन शोकाकुल है। दोनों की आत्माओं को शांति और शोकाकुल परिवारों को संवेदनाएं। दोनों परिवारों को सदन की ओर से संवेदनाएं प्रेषित की जाएंगी।

आज से यूपी विधानसभा का मॉनसून सत्र, सदन में nonstop 24 घंटे की बैठक

लखनऊ  उत्तर प्रदेश विधानसभा का मॉनसून सत्र आज से शुरू हो रहा है, जो सिर्फ 4 दिनों तक चलेगा. इस बार का सत्र बेहद खास होगा क्योंकि एक दिन लगातार 24 घंटे तक विधानसभा की कार्यवाही चलेगी. इस दौरान मंत्री अपने-अपने विभागों का विजन डॉक्यूमेंट पेश करेंगे. 13 अगस्त को दोनों सदनों में विजन डॉक्यूमेंट पर विस्तृत चर्चा होगी. सत्र से पहले  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना की अध्यक्षता में आयोजित सर्वदलीय बैठक में हिस्सा लिया.विधानसभा अध्यक्ष महाना ने बैठक में सभी दलों के नेताओं से सत्र को सुचारू रूप से चलाने के लिए सहयोग का अनुरोध किया.  उन्होंने कहा कि संसदीय प्रणाली में संवाद और सकारात्मक चर्चा से ही लोकतंत्र मजबूत होता है. उन्होंने सभी नेताओं से संसदीय मर्यादा के भीतर रहकर अपने विचार रखने की अपील की. सीएम की अपील मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बैठक में कहा कि उत्तर प्रदेश विधानसभा अपनी तकनीकी नवाचारों के कारण अन्य राज्यों के लिए आकर्षण का केंद्र बन रही है. उन्होंने कहा कि सदन में जनहित से जुड़े मुद्दों पर सार्थक चर्चा होना जरूरी है. मुख्यमंत्री ने बताया कि यह पहली विधानसभा होगी जिसमें 'विजन डॉक्यूमेंट' पर विस्तृत चर्चा होगी, जिसमें राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए सभी दलों के सुझाव शामिल होंगे. उन्होंने स्पष्ट किया कि यह किसी राजनीतिक दल का एजेंडा नहीं, बल्कि राज्य के भविष्य के लिए एक साझा खाका होगा. विपक्ष ने दिया आश्वासन संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए यह पहल एक ऐतिहासिक अवसर है. अब तक सदस्य अपने-अपने क्षेत्रों की बात करते थे, लेकिन यह चर्चा पूरे राज्य के भविष्य को दिशा देगी. विपक्ष के नेता माता प्रसाद पांडे ने राज्य के विकास के लिए हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया.  कांग्रेस विधायक दल की नेता आराधना मिश्रा 'मोना' ने 'विजन डॉक्यूमेंट' पर लंबी और गंभीर चर्चा की मांग की, ताकि अधिक से अधिक सुझाव एकत्र किए जा सकें. इस सत्र में मंत्रियों द्वारा अपने-अपने विभागों का विजन डॉक्यूमेंट पेश किया जाएगा. विपक्ष स्कूलों के विलय और बिजली के निजीकरण जैसे मुद्दों पर हंगामा कर सकता है. 13 अगस्त को दोनों सदनों में विजन डॉक्युमेंट पर चर्चा होगी.