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यूपी विधानसभा में गरजे सीएम योगी, सपा-कांग्रेस को महिला मुद्दों पर घेरा

लखनऊ यूपी विधानसभा सत्र में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सपा को महिलाओं को लेकर हुई घटनाओं के बारे में आईना दिखाया। मायावती के साथ गेस्ट हाउस कांड को याद दिलाकर योगी सपा पर जमकर बरसे। योगी ने कहा कि उस समय गेस्ट हाउस कांड में दलित महिला मुख्यमंत्री मायावती की हत्या करने की कोशिश की गई। योगी ने कहा कि सपा माफियाओं के सामने नतमस्तक है। योगी ने कहा कि सपा विधायक पूजा पाल इसकी सबसे बड़ी मिसाल हैं। उन्होंने कहा कि जब राजू पाल की हत्या हुई थी, तब सपा माफियाओं के सामने झुक गई थी. सीएम ने आरोप लगाया कि सपा की सहानुभूति न तो पिछड़ों, दलितों और न ही पूजा पाल जैसे लोगों के प्रति है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शाहबानों प्रकरण का उल्लेख करते हुए कहा कि कांग्रेस का जिस तरह यूपी में पतन हुआ है वह न हुआ होता अगर कांग्रेस मुस्लिम महिला को न्याय देने के लिए मौलानाओं के आगे घुटने टेक कर नाक न रगड़ती। उन्होंने कहा सपा का भी ऐसा ही हश्र होने वाला है, इसमें ज्यादा देर नहीं लगेगी। विपक्ष ने महिला कल्याण से जुड़े सभी फैसलों में हमेशा विरोध किया मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को महिला सशक्तिकरण के लिए बुलाए गए विशेष सत्र के दौरान निंदा प्रस्ताव रखने से पहले बोल रहे थे। योगी ने कहा कि समाजवादी पार्टी हो या फिर कांग्रेस इन्होंने महिला कल्याण से जुड़े सभी फैसलों में हमेशा कड़ा विरोध किया है। उन्होंने कहा कि नारी के उन्नयन, उत्थान और उन्हें संपन्न बनाने के लिए समय-समय पर आए मुद्दों का इंडी गठबंधन ने हमेशा विरोध किया है। जब वर्ष 2014 में महिलाओं के लिए जनधन योजना आई तो सपा-कांग्रेस ने विरोध किया। फिर जब नारियों की गरिमा कायम रखने के लिए खुले में शौच के विरोध में शौचालय बनाने की योजना आई तो सपा-कांग्रेस ने विरोध किया। सपा सरकार में विधवा पेंशव व वृद्धा पेंशन में 300 रुपये देते थे। लाभकारी योजनाएं गिनाएं और सपा-कांग्रेस को आड़े हाथों लिया उन्होंने इंडी गठबंधन को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि दिल्ली से लेकर लखनऊ आने तक सपा के सदस्य बहुत उतावले दिखाई दे रहे हैं। रंग बदलने में तो गिरगिट भी सपा के सामने संकोच कर जाए। रंग बदलने में ये इतने आगे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि संसद में नारी वंदन अधिनियम पास न होने के बाद सपा-कांग्रेस के सदस्य कैसे हंस रहे थे और मेजें थपथपा रहे थे। उनका यह आचरण सभी ने देखा है। मुख्यमंत्री ने एक-एक कर सभी लाभकारी योजनाएं गिनाएं और सपा-कांग्रेस को जमकर आड़े हाथों लिया। मुख्यमंत्री बोले, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छ भारत मिशन शुरू किया तो सपा-कांग्रेस ने विरोध किया। सपा सरकार में ढाई वर्ष में मात्र 40 लाख शौचालय बने थे। वर्ष 2017 के बाद हमने डेढ़ वर्ष में दो करोड़ से अधिक शौचालय बनवाए। पूरे देश में 12 करोड़ शौचालय बनाए गए। संसद में विरोध क्यों किया गया मुख्यमंत्री ने नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पाण्डेय की ओर इशारा करते हुए कहा कि आप तो सोशलिस्ट हैं। शौचालय नारी गरिमा के प्रतीक थे, मोहल्लों की स्वच्छता के प्रतीक थे लेकिन आपने विरोध किया। हमने दो करोड़ से अधिक शौचालय बनाए और पूर्वांचल से इंस्फेलाइटिस रोग को काबू किया। कहा कि आज मैं कह सकता हूं कि एक भी मौत इंस्फेलाइटिस से नहीं हो रही जबकि पहले हजारों बच्चों की मौत होती थी। उन्होंने कहा कि जब गांव में महिलाओं शौच के लिए जाती थीं तो सपा के शोहदे उन पर छींटाकशी करते थे। आखिर सपा चाहती है कि कानून लागू किया जाए तो फिर संसद में विरोध क्यों किया गया। सपा ने नहीं दिया एक भी प्रधानमंत्री आवास मुख्यमंत्री ने कहा कि सपा के ढाई वर्ष के शासन में एक भी पीएम आवास नहीं बन सका था। एनडीए सरकार ने देश भर में 4 करोड़ मकान बनाए हैं। सिर्फ यूपी में 65 लाख पीएम आवास बनाए गए हैं। यही नहीं भूमि का मालिकाना हक देने के लिए पीएम घरौनी योजना लागू की गई। अब भूमि का मालिकाना हक महिलाओं को दिया जा रहा है। यूपी में एक करोड़ घरौनी दी गई है। इसी तरह सपा ने सामूहिक विवाह योजना का विरोध किया। यूपी में 6 लाख बेटियों की शादी कराई गई है। सपा ने इसका भी विरोध किया था। सपा ने कन्या सुमंगला योजना का भी विरोध सपा-कांग्रेस ने किया। हम 26 लाख से अधिक महिलाओं को 25 हजार रुपये दे रहे हैं।

नारी शक्ति वंदन संशोधन विधेयक और महिला आरक्षण पर यूपी विधानसभा का हंगामेदार सत्र

लखनऊ महिला आरक्षण मुद्दे पर उत्तर विधानसभा का 30 अप्रैल से शुरू होने सत्र खास होगा। सरकार ने सार्थक चर्चा की तैयारी की है। इसमें महिलाओं को ही अधिक बोलने का मौका दिया जाएगा। वहीं समाजवादी पार्टी समेत अन्य विपक्ष ने जहां सदन और उसके बाहर सरकार को घेरने की योजना तैयार की है। सपा के तीखे तेवर से विधानसभा सत्र हंगामेदार होने का आसार हैं। गुरुवार को होने वाला विधानसभा सत्रपरिसीमन के साथ नारी शक्ति वंदन संशोधन विधेयक लोकसभा में पारित नहीं होने के मामले पर महिला सशक्तीकरण के मुद्दे पर दोनों ही सदनों में अनवरत चर्चा होगी। 18वीं विधान सभा में कुल 51 महिला सदस्य हैं, इनमें सर्वाधिक 30 सदस्य भाजपा की हैं। सपा की 15, अपना दल की चार, कांग्रेस व रालोद की एक-एक महिला सदस्य हैं। वहीं, 100 सीटों वाली विधान परिषद में मात्र चार महिला सदस्य हैं। इनमें तीन भाजपा व एक निर्दलीय हैं। बुधवार 29 अप्रैल को विधानसभा व विधान परिषद की कार्यमंत्रणा समिति की अलग-अलग बैठक में विशेष सत्र का कार्यक्रम तय होगा, लेकिन यह माना जा रहा है कि महिला सदस्यों को ही ज्यादा बोलने का अधिक मौका दिया जाएगा। सबसे पहले संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना सदन में महिला सशक्तीकरण पर चर्चा का प्रस्ताव रखेंगे। इसके बाद नेता प्रतिपक्ष व दलीय नेता भी इस पर अपने विचार रखेंगे। अंत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस विषय पर अपनी बात रखेंगे और महिलाओं के लिए डबल इंजन की सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों को गिनाएंगे। भाजपा महिला आरक्षण पर विपक्ष खासकर कांग्रेस व सपा को घेरेगी। विधान परिषद कार्य परामर्शदात्री समिति की बैठक गुरुवार 30 अप्रैल को होने जा रहे विधान परिषद के एकदिवसीय विशेष सत्र को लेकर सदन की कार्य परामर्शदात्री समिति की बुधवार को बैठक बुलाई गई है। विधान परिषद के विशेष सचिव संजय मेहरोत्रा ने इस संबंध में समिति के सदस्यों के नाम पत्र भेजा है। श्री मेहरोत्रा के अनुसार समिति की बैठक की अध्यक्षता सभापति कुंवर मानवेन्द्र सिंह करेंगे जबकि बैठक में नेता सदन केशव प्रसाद मौर्य व नेता विरोधी दल लाल बिहारी यादव सहित नेता अपना दल (सोनेलाल) आशीष पटेल, नेता निषाद पार्टी, नेता जनत्तता दल लोकतांत्रिक, अक्षय प्रताप सिंह, नेता राष्ट्रीय लोकदल योगेश चौधरी, नेता सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी, बिच्छे लाल राम, नेता शिक्षक दल (गैर राजनीतिक) ध्रुव कुमार त्रिपाठी तथा नेता निर्दल समूह राज बहादुर चन्देल मौजूद रहेंगे। बैठक में संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, सदन में उप नेता समाजवादी पार्टी, मो. जासमीन अंसारी, मुख्य सचेतक भारतीय जनता पार्टी अश्विनी त्यागी, समेत विधान परिषद सदस्य राजेन्द्र चौधरी, डा. महेन्द्र कुमार सिंह, सलिल विश्नोई और डा. जयपाल सिंह व्यस्त को भी आमंत्रित किया गया है।

शोक प्रस्ताव के समय यूपी विधायक का मोबाइल बजा, स्पीकर महाना ने तुरंत जब्त किया

लखनऊ  यूपी विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन सदन में शोक प्रस्ताव पास हुआ। विधायक का मोबाइल एक-दो बार बजा जिसे विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने सदन की कार्यवाही में व्यवधान माना। स्पीकर महाना ने सदन में मार्शल टीम के सदस्य को इशारा किया। महाना ने कहने पर विधायक चौधरी बाबू लाल का फोन जब्त कर लिया गया। दरअसल, विधान सभा और विधान परिषद की कार्यवाही के दौरान मोबाइल इस्तेमाल करने की मनाही है। अगर मोबाइल सदन के भीतर लाया जाए तो उसे साइलेंट मोड में हो लाना होता है। इसके अतिरिक्त तब भी सदन की कार्यवाही के दौरान लगातार मोबाइल इस्तेमाल करने की भी मनाही है। मंगलवार को दूसरे दिन भाजपा विधायक प्रोफेसर श्याम बिहारी लाल और सपा विधायक विजय सिंह गौड़ के निधन पर शोक प्रस्ताव पास हुआ। इसके बाद विधानसभा की कार्यवाही कल 11 बजे तक स्थगित कर दी है। मुख्यमंत्री योगी समेत सभी दल के नेताओं ने अपने विचार रखे। प्रोफेसर श्याम बिहारी लाल का निधन 2 जनवरी को हुआ था। बरेली की फरीदपुर सीट से दूसरी बार निर्वाचित हुए थे। वह मिलनसार, शिक्षित और जमीन से जुड़े नेता थे। समाज के सभी तबके के विकास के लिए समर्पित रहे। अपने क्षेत्र में बुनियादी सुविधाएं बढ़ावाएं। इतिहास संकलन समिति बरेली और जेएनयू की कार्यसमिति के भी सदस्य थे। उनके निधन से कुशल नेता खो दिया है। 8 जनवरी को हुआ था विजय सिंह गौड़ का निधन वहीं विजय सिंह गौड़ का निधन 8 जनवरी को हुआ था। वे वरिष्ठ सदस्य थे।आठवीं बार निर्वाचित हुए थे। विधानसभा की अनेक समितियों के सदस्य थे। जनजातीय समाज की सशक्त आवाज थे। जनता के और समाज के जन जंगल और जमीन के अधिकार को सदैव प्राथमिकता दी। आदिवासी विकास परिषद के भी सदस्य थे। उनके निधन से समाज की अपूरणीय क्षति हुई है। वहीं नेता प्रतिपक्ष् माता प्रसाद पांडेय ने भी दुख जताया। उन्होंने कहा कि प्रोफेसर श्याम बिहारी लाल जी चले गए। जब मनुष्य आता है तब ही तय हो जाता है की जाना है। सामयिक मृत्य तब होती है जब व्यक्ति अपना पूरा काम करके जाता है जबकि असामयिक मृत्य तब होती है जब वह अधूरा काम छोड़ जाता है। इनके जाने से विधासभा उनकी जानकारी और ज्ञान से वंचित रह गई है। विजय सिंह गौड़ हमारे साथ 1980 में चुनकर आए थे। राजनीतिक चमक दमक से दूर रहते थे। जब पांच बार के विधायकों को सम्मानित किया जा रहा था तब उन्होंने इसे गैरजरूरी बताते हुए उसमें हिस्सा लेने से इनकार कर दिया था। राम निवास वर्मा ने कहा कि इतिहास के क्षेत्र में उनका विशेष योगदान रहा। लगातार दो बार वह फरीदपुर से निर्वाचित हुए। उनके निधन से हुई रिक्ति की भरपाई निकट भविष्य में संभव नहीं है। विजय सिंह गौड़ के निधन पर अपनी संवेदनाएं भारी मन से व्यक्त करता हूं। उन्होंने जनसेवा के लिए स्वयं को समर्पित किया।वह विशेष रूप से आदिवासी समाज के विकास के लिए प्रयत्नशील रहे। राजनीति को उन्होंने सेवा का माध्यम बनाया। शोकाकुल परिवार के प्रति गहरी संवेदना। श्याम बिहारी लाल को दी श्रद्धांजलि राजपाल सिंह बालियान ने कहा कि श्याम बिहारी लाल का असामयिक निधन बेहद दुखद है। उनके निधन से प्रदेश ने कुशल राजनीतिक और समाजसेवी खो दिया है। आत्म की शांति की कामना और शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदना है। विजय सिंह गौड़ का असामयिक निधन दुखद है। इनका राजनीति में काफी अनुभव था। 18वीं विधानसभा के उपचुनाव में सदस्य निर्वाचित हुए थे। निधन से कुशल राजनीतिक और समाजसेवी खो दिया है। दिवंगत आत्मा की शांति की कामना है। ओपी राजभर ने भी प्रोफेसर लाल और विजय सिंह को श्रद्धांजलि दी। आराधना मिश्रा मोना ने भी विनम्र श्रद्धांजलि दी। उनका निधन अपूरणीय क्षति है। दो बार सदन के सदस्य रहे। उन्होंने क्षेत्र की समस्याओं को गंभीरता से उठाया है। मैं ईश्वर से प्रार्थना करती हूं कि आत्मा को शांति और शोकाकुल परिवार को धैर्य दे। विजय सिंह गौड़ मुलायम सिंह मंत्रिमंडल में राज्यमंत्री थे सतीश महाना ने कहा कि समाज सेवा, अध्ययन और अध्यापन में प्रोफेसर श्याम बिहारी लाल की विशेष रुचि थी। विजय सिंह गौड़ मुलायम सिंह मंत्रिमंडल में राज्यमंत्री थे। वह विभिन्न आंदोलनों में जेल भी गए। उनके निधन से कुशल राजनीतिक और समाजसेवी खो दिया है। पूरा सदन शोकाकुल है। दोनों की आत्माओं को शांति और शोकाकुल परिवारों को संवेदनाएं। दोनों परिवारों को सदन की ओर से संवेदनाएं प्रेषित की जाएंगी।

आज से यूपी विधानसभा का मॉनसून सत्र, सदन में nonstop 24 घंटे की बैठक

लखनऊ  उत्तर प्रदेश विधानसभा का मॉनसून सत्र आज से शुरू हो रहा है, जो सिर्फ 4 दिनों तक चलेगा. इस बार का सत्र बेहद खास होगा क्योंकि एक दिन लगातार 24 घंटे तक विधानसभा की कार्यवाही चलेगी. इस दौरान मंत्री अपने-अपने विभागों का विजन डॉक्यूमेंट पेश करेंगे. 13 अगस्त को दोनों सदनों में विजन डॉक्यूमेंट पर विस्तृत चर्चा होगी. सत्र से पहले  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना की अध्यक्षता में आयोजित सर्वदलीय बैठक में हिस्सा लिया.विधानसभा अध्यक्ष महाना ने बैठक में सभी दलों के नेताओं से सत्र को सुचारू रूप से चलाने के लिए सहयोग का अनुरोध किया.  उन्होंने कहा कि संसदीय प्रणाली में संवाद और सकारात्मक चर्चा से ही लोकतंत्र मजबूत होता है. उन्होंने सभी नेताओं से संसदीय मर्यादा के भीतर रहकर अपने विचार रखने की अपील की. सीएम की अपील मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बैठक में कहा कि उत्तर प्रदेश विधानसभा अपनी तकनीकी नवाचारों के कारण अन्य राज्यों के लिए आकर्षण का केंद्र बन रही है. उन्होंने कहा कि सदन में जनहित से जुड़े मुद्दों पर सार्थक चर्चा होना जरूरी है. मुख्यमंत्री ने बताया कि यह पहली विधानसभा होगी जिसमें 'विजन डॉक्यूमेंट' पर विस्तृत चर्चा होगी, जिसमें राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए सभी दलों के सुझाव शामिल होंगे. उन्होंने स्पष्ट किया कि यह किसी राजनीतिक दल का एजेंडा नहीं, बल्कि राज्य के भविष्य के लिए एक साझा खाका होगा. विपक्ष ने दिया आश्वासन संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए यह पहल एक ऐतिहासिक अवसर है. अब तक सदस्य अपने-अपने क्षेत्रों की बात करते थे, लेकिन यह चर्चा पूरे राज्य के भविष्य को दिशा देगी. विपक्ष के नेता माता प्रसाद पांडे ने राज्य के विकास के लिए हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया.  कांग्रेस विधायक दल की नेता आराधना मिश्रा 'मोना' ने 'विजन डॉक्यूमेंट' पर लंबी और गंभीर चर्चा की मांग की, ताकि अधिक से अधिक सुझाव एकत्र किए जा सकें. इस सत्र में मंत्रियों द्वारा अपने-अपने विभागों का विजन डॉक्यूमेंट पेश किया जाएगा. विपक्ष स्कूलों के विलय और बिजली के निजीकरण जैसे मुद्दों पर हंगामा कर सकता है. 13 अगस्त को दोनों सदनों में विजन डॉक्युमेंट पर चर्चा होगी.