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UP Weather: पश्चिमी यूपी में मूसलाधार बारिश की चेतावनी, पूर्वी हिस्सों में भी बरसेगा पानी

लखनऊ दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश और इसके आसपास के इलाकों में बने लो प्रेशर एरिया के सक्रिय होने से उत्तर प्रदेश में मौसम ने करवट ले ली है। भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी ताजा अपडेट के अनुसार, अगले 24 घंटों के दौरान पूर्वी और पश्चिमी यूपी के विभिन्न हिस्सों में बारिश और वज्रपात की गतिविधियां जारी रहेंगी। पिछले 24 घंटों में कैसा रहा मौसम का हाल मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले 24 घंटों के दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की गई है। बिजनौर जिले में सर्वाधिक 12 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है। इसके अलावा, सहारनपुर और मुजफ्फरनगर में भी तेज बारिश का असर देखा गया है। पश्चिमी यूपी में कैसा रहेगा मौसम मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी जारी की है कि 6 और 7 सितंबर को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश हो सकती है। पूर्वी यूपी में ऐसा रहेगा मौसम पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में 6 से 8 सितंबर तक बारिश, आंधी-तूफान और बिजली गिरने की संभावना व्यक्त की गई है। वहीं 6 से 9 सितंबर के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। किसानों के लिए जरूरी सलाह मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था करें और गीली स्थिति में सिंचाई, खाद व कीटनाशकों का छिड़काव टाल दें। छोटे पौधों, सब्जियों और बागवानी फसलों को सहारा देने की हिदायत दी गई है।  

मेरठ-आगरा मंडल में बारिश से बदला मौसम, दो दिन उमस के बाद फिर बरसेंगे बादल

लखनऊ यूपी के कुछ इलाकों में शनिवार को बादल भरपूर बरसे। पश्चिम यूपी के मेरठ मंडल और आगरा मंडल में हुई बारिश से गर्मी और उमस से भारी राहत मिली है। लोगों को जलभराव से भी जूझना पड़ा है। दो दिन फिर गर्मी, उमस झेलनी पड़ सकती है। मौसम विभाग के मुताबिक रविवार और सोमवार को सूखा रह सकता है। अन्यथा की स्थिति में बूंदाबांदी या रिमझिम देखी जा सकती है। इसके बाद 7 जुलाई से बारिश का दौर फिर शुरू होने के आसार हैं। मौसम विभाग ने 9 और 10 जुलाई को भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। खुले में होने वाले आयोजनों को सुरक्षित करने की सलाह दी गई है। शनिवार को करीब एक घंटे से अधिक हुई बारिश के बाद कई स्थानों पर जलभराव हो गया। अधिकतम तापमान 37.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। जबकि न्यूनतम तापमान सामान्य से 2.8 डिग्री कम होकर 25.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। आर्द्रता का अधिकतम प्रतिशत 83 दर्ज किया गया। कहीं बरसे बादल तो कहीं पर सिर्फ गिरी बूंदें पश्चिम यूपी में दिनभर उमस और गर्मी के बीच शनिवार को कुछ हिस्सों में हल्की बारिश हुई जबकि कुछ जगह केवल बूंदों ने भिगोया। अधिकांश हिस्सा पूरी तरह शुष्क रहा और बारिश का इंतजार करता रहा। आज से सात जुलाई तक कुछ हिस्सों में ही हल्की से मध्यम बारिश का दौर चलने की उम्मीद है। अधिकांश हिस्से इस अवधि में सूखे रहेंगे। गर्मी एवं उमस का प्रकोप भी बना रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को मेरठ में दिन-रात का तापमान क्रमश: 37 एवं 25.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ जो सामान्य से 1.7 एवं 2.8 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज हुआ। शुक्रवार के सापेक्ष दिन में 0.7 एवं रात में 1.3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार आठ से दस जुलाई के बीच मेरठ सहित वेस्ट यूपी में अच्छी और व्यापक बारिश के आसार हैं, लेकिन इससे पहले केवल कुछ हिस्सों में छुटपुट बारिश का दौर चल सकता है। आधे घंटे की बारिश में जलमग्न हुए क्षेत्र शनिवार दोपहर को यूपी के कई इलाकों में हुई बारिश के कारण आधे घंटे की बारिश में गलियों में कई फुट पानी भर गया। पानी निकासी का कोई इंतजाम न होने से गांव की सड़कें तालाब बन गईं। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में नाले-नालियां बनी ही नहीं हैं। जबार ने बताया कि हर बार यही हाल होता है। आने वाले दिनों में तेज बारिश में पानी भरने की समस्या और बढ़ेगी।

मौसम का बड़ा अपडेट: 3–4 दिन में यूपी पहुंचेगा मॉनसून, IMD ने जारी किया बारिश का पूर्वानुमान

लखनऊ उत्तर भारत के कुछ राज्यों में अब भी गर्मी का दौर जारी है। लोग बेसब्री से मॉनसून का इंतजार कर रहे हैं। इस बार मॉनसून आने में काफी देरी हुई है। मौसम विभाग ने बताया है कि यूपी में अगले तीन से चार दिनों में मॉनसून की एंट्री हो जाएगी। इस हफ्ते पूर्वोत्तर भारत और उप हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम में भारी से बहुत भारी बारिश होी। साथ ही, 27 से 29 जून के दौरान उप हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम में कहीं कहीं बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। अगले तीन दिनों के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश में हीटवेव चलेगी। वहीं, एक से दो जुलाई के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश में काफी ज्यादा व्यापक बारिश होगी। इसके अलावा, पश्चिमी यूपी में 29 जून से दो जुलाई के बीच बरसात का अलर्ट है। मॉनसून पर मौसम विभाग ने कहा, ''अगले तीन से चार दिनों में मॉनसून के उत्तरी अरब सागर, गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार के बाकी हिस्सों, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड के कुछ और हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए हालात अनुकूल हैं।'' वहीं, उत्तर भारत की बात करें तो यहां 26 से 30 जून के दौरान हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर, लद्दाख, 26-29 जून के दौरान उत्तराखंड में कहीं-कहीं या कुछ जगहों पर बारिश होने वाली है। 26 जून से दो जुलाई के दौरान पूर्वी राजस्थान, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब, पश्चिमी राजस्थान, 29 जून से दो जुलाई के दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश, 26 से 30 जून दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश में कहीं-कहीं या कुछ जगहों पर तेज बारिश का अलर्ट है। हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर, लद्दाख में भारी बारिश एक से दो जुलाई के दौरान हिमाचल प्रदेश और जम्मू कश्मीर, लद्दाख, 30 जून से दो जुलाई के दौरान उत्तराखंड में काफी ज्यादा व्यापक बारिश होने वाली है। वहीं, 26 जून और एक से दो जुलाई के दौरान जम्मू कश्मीर, लद्दाख, 26-27 जून के दौरान उत्तराखंड में कहीं-कहीं आंधी तूफान, बिजली कड़कने और तेज हवाओं की संभावना है। साथ ही, 28 से 29 जून के दौरान उत्तराखंड में तेज हवाओं के चलने की उम्मीद है। वहीं, 26-27 जून और एक से दो जुलाई के दौरान हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब, 30 जून से दो जुलाई के दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश, 26 जून से दो जुलाई के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश, 26-27 जून के दौरान पश्चिमी राजस्थान में कहीं-कहीं आंधी तूफान, बिजली कड़कने और तेज हवाओं की संभावना है। साथ ही, 28 जून से दो जुलाई के दौरान पश्चिमी राजस्थान में तेज हवाओं की संभावना है। 26 जून से दो जुलाई के दौरान पूर्वी राजस्थान में भी ऐसी ही स्थिति रहेगी। एमपी, विदर्भ, छत्तीसगढ़ के लिए क्या अलर्ट मध्य भारत की बात करें तो 26 जून से दो जुलाई के दौरान पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश, 26-27 जून और 30 जून से एक जुलाई के दौरान विदर्भ, 26 जून को छत्तीसगढ़ में कहीं-कहीं जगहों पर बारिश की संभावना है। 26-30 जून के दौरान पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ और पश्चिमी मध्य प्रदेश में कहीं-कहीं आंधी तूफान, बिजली गिरने और तेज हवाओं का अनुमान है। 26-30 जून के दौरान छत्तीसगढ़ में कहीं-कहीं आंधी तूफान चलेगा और बिजली गिर सकती है। 28-29 जून के दौरान विदर्भ, 27-29 जून के दौरान छत्तीसगढ़ में कहीं-कहीं भारी बारिश होगी। पूर्वोत्तर भारत में भी अगले एक हफ्ते तक बारिश का अलर्ट है। 26 जून से दो जुलाई के दौरान अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, 27 जून से दो जुलाई के दौरान असम, मेघालय में काफी भारी बारिश होने की संभावना है। 26 जून को असम, मेघालय में कहीं कहीं भारी बारिश होगी। 26-30 जून के दौरान अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा में आंधी तूफान और बिजली गिरने वाली है। तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक में जोरदार होगी बारिश इसके अलावा, दक्षिण भारत की बात करें तो 26 जून से दो जुलाई के दौरान तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, 30 जून से एक जुलाई के दौरान उत्तरी आंतरिक कर्नाटक, 26-27 जून के दौरान दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक, 29 जून से दो जुलाई के दौरान तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, 26 जून और 28 जून से दो जुलाई के दौरान रायलसीमा, एक और दो जुलाई के दौरान तेलंगाना में बारिश की संभावना है। 26 जून से दो जुलाई के दौरान तटीय आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल, माहे, लक्षद्वीप, 26-29 जून और दो जुलाई को उत्तरी आंतरिक कर्नाटक, 28 जून से दो जुलाई के दौरान दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक, 26-28 जून के दौरान तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, 27 जून को रायलसीमा, 26-30 जून के दौरान तेलंगाना में काफी भारी से बहुत भारी बारिश होगी।

पटना समेत 14 जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी, 60 किमी/घंटा की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं

पटना बिहार के लोगों को भीषण गर्मी से जल्द राहत मिलने की उम्मीद है। मौसम विज्ञान केंद्र ने शुक्रवार को राजधानी पटना सहित सूबे के 14 जिलों में तेज आंधी और भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इस दौरान कुछ जिलों में ऑरेंज तो कुछ में येलो अलर्ट प्रभावी रहेगा। हालांकि, राहत की इस बौछार के बावजूद राज्य के अधिकतम और न्यूनतम तापमान में कोई खास गिरावट दर्ज नहीं होने के आसार हैं। पिछले कुछ दिनों से राज्य का एक बड़ा हिस्सा भीषण गर्मी की चपेट में है, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त है। पटना में अधिकतम तापमान 40.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है। कुछ जिलों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट मौसम विभाग ने राज्य के विभिन्न हिस्सों के लिए चेतावनी जारी की है। मुंगेर, लखीसराय, बेगूसराय और समस्तीपुर जिलों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश और तेज आंधी को लेकर ऑरेंज व येलो अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा भागलपुर, गया जी, जहानाबाद, जमुई, खगड़िया, नालंदा, नवादा, पटना और शेखपुरा जिलों में भी वज्रपात और तेज आंधी का ऑरेंज अलर्ट रहेगा। चलेंगी 60 किलोमीटर की रफ्तार से हवाएं अलर्ट वाले सभी 14 जिलों में मौसम का मिजाज बेहद आक्रामक हो सकता है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इन क्षेत्रों में बारिश के दौरान 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका है। राज्य में दो तरफा मौसम (कहीं उमस भरी धूप तो कहीं अचानक आंधी-पानी) होने के कारण लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मानसून के प्रवेश की वर्तमान स्थिति 12 जून को आगमन: दक्षिण-पश्चिम मानसून सुपौल, अररिया, किशनगंज, सहरसा, पूर्णिया, कटिहार, मधेपुरा, शिवहर, मधुबनी, दरभंगा, सीतामढ़ी, बेगूसराय, लखीसराय, बांका, मुंगेर, खगड़िया, भागलपुर सहित पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर और जमुई के कुछ भागों में प्रवेश कर चुका था। छह दिनों से ठहराव: शुरुआती तेजी के बाद पिछले छह दिनों से मानसून की उत्तरी सीमा जमुई और मुजफ्फरपुर के समीप ही रुकी हुई है, जिससे आगे के जिलों में बारिश का इंतजार बढ़ गया है।

भीषण गर्मी से बेहाल उत्तर प्रदेश, 20-25 जून के बीच मानसून की दस्तक के आसार

लखनऊ यूपी में भीषण गर्मी और बार-बार आंधी के कारण मौसम में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। हालांकि अभी मौसम में बदलाव नहीं हुआ है। उमस भरी गर्मी और धूल भरी आंधी तो कई इलाकों में चल रही है लेकिन फिर भी मॉनसून आने में अभी समय बताया जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार अभी गर्मी से राहत मिलने में और कुछ दिन लगेंगे। कई इलाकों में तापमान 45 के पार होने को है। वहीं, अभी तापमान 42 से 44 डिग्री सेल्सियस तक जा रहा है। मौसम विशेषज्ञों को मानसून में रुकावट का डर मानसून तो लगातार प्रगति कर रहा है लेकिन बारिश कम हो रही है। बिहार तक पहुंचे मानसून के 20-25 जून के बीच यूपी में दाखिल होने की संभावना है। पहले स्पेल में अच्छी बारिश की भी संभावना जताई जा रही है लेकिन विशेषज्ञ मानसून पॉज से डर रहे हैं। यदि मानसून की गति लगातार नहीं बनी रहती है और बीच-बीच लंबा गैप आता है तो स्थितियां प्रतिकूल हो सकती हैं। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून की अब तक प्रगति ठीक है, लेकिन सेटेलाइट थ्री डी एस से जो तस्वीरें मिली हैं उसके अध्ययन से मानसून के भविष्य को लेकर चिंता जताई जा रही है। पश्चिमी जेट स्ट्रीम अपने सामान्य रास्ते पर नहीं है बल्कि नीचे दक्षिणी क्षेत्र की ओर है। जो बादल अब तक के मानसून से दिखने चाहिए थे वह नजर नहीं आ रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि जेट स्ट्रीम के नीचे खिसकने से पूर्वी हवाएं आगे नहीं बढ़ पा रही हैं। इससे जो बादलों के बनने की प्रक्रिया है वह उतनी गति वाली नहीं है जितनी अपेक्षित है। मौसम विशेषज्ञ अल नीनो का खतरा लंबे समय से बता रहे हैं। यदि ऐसा होता है तो बारिश प्रभावित होगी और मानसून पाज की स्थिति स्वतः बन जाएगी। सीएसए मौसम कृषि तकनीकी अधिकारी अजय मिश्रा का कहना है कि अभी से कुछ कहना जल्दबाजी होगी। मानसून की रफ्तार बनी हुई है। उम्मीद है कि यूपी और कानपुर तक यह समय से पहुंचेगा। इसके बाद का लंबा समय मानसून का है जिसके दौरान स्थितियां स्पष्ट होंगी। मानसून के पहले फिर तपी संगमनगरी, प्रदेश में रही सबसे गर्म एक तरफ जहां लोग बेसब्री से मानसून का इंतजार कर रहे हैं वहीं बुधवार को प्रयागराज प्रदेश में फिर सबसे गर्म जिला रहा। बुधवार को सुबह से ही तेज धूप व लू के थपेड़ों ने लोगों को झुलसाना शुरू कर दिया। लोग सिर से पांव तक खुद को ढंककर बाहर निकले। हालांकि दोपहर साढ़े तीन बजे के बाद बादल छाने लगे। लगभग चार बजे धूल भरी आंधी चली जबकि यमुनापार के कई इलाकों में तेज बारिश हुई। इससे शाम को तपिश से थोड़ी राहत मिली। बुधवार को अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान रहा। इससे पहले जिले का 46.4 डिग्री सेल्सियस तापमान 28 मई को रिकॉर्ड किया गया था। हालांकि जून का यह सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान है। मंगलवार की रात का न्यूनतम तापमान 29.5 सेल्सियस रहा, जबकि सोमवार की रात का न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था। यानी 24 घंटे में रात के न्यूनतम तापमान में 0.5 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गयी। रात के तापमान में वृद्धि होने से पंखा, कूलर भी बेअसर रहे। मौसम विभाग के अनुसार 18 से 21 जून तक हीट वेव चलने के आसार हैं।

लू से राहत के बाद मौसम का कहर, पश्चिम यूपी में तेज तूफान और ओलावृष्टि की चेतावनी

लखनऊ यूपी में पुरवा ने लू पर ब्रेक लगाई मगर तपिश का तेवर बरकरार है। बुधवार को पूरे दिन और उसके बाद कई जिलों में तपिश का असर बना रहा। गुरुवार की सुबह से मौसम में बदलाव देखने को भी मिल रहा है। धूप का असर काफी कम है। अब 100 की रफ्तार से तूफान का अलर्ट मौसम विभाग ने जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार वेस्ट यूपी में सौ किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं और मध्यम से भारी बारिश होगी। आंधी-तूफान के साथ बारिश-ओलावृष्टि का यह दौर 31 मई तक चल सकता है। मौसम के इस बदलाव से अधिकतम तापमान में छह से आठ डिग्री सेल्सियस की गिरावट हो सकती है। एक जून से एक बार फिर तापमान में छह से सात डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी का क्रम शुरू हेागा। यह चेतावनी मौसम विभाग की है। उत्तर भारत में पहाड़ों से लेकर मैदानों तक मौसम का मिजाज बदलने जा रहा है। मौसम विभाग ने दिल्ली-हरियाणा सहित वेस्ट यूपी में 80-90 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से तूफानी हवा चलने की चेतावनी दी है। कुछ समय के लिए यह गति सौ किमी प्रतिघंटा तक भी पहुंच सकती है। कुछ हिस्सों में यह गति इससे भी ऊपर जा सकती है। मौसम विभाग के अनुसार इस दौरान मध्यम से भारी बारिश के आसार हैं। यह स्थिति आज देर रात से शुक्रवार सुबह या फिर शुक्रवार देर शाम के बाद बन सकती हैं। मौसम गतिविधियां 29 मई को चरम पर रह सकती हैं। पूर्वी यूपी में बादल आज रात से ही गरजेंगे, कल से भिगोएंगे वाराणसी। मौसम विभाग के अनुसार पूर्वी यूपी में गुरुवार देर रात चमक और गरज के साथ बादलों के धमकने, कहीं-कहीं छींटे पड़ने का पूर्वानुमान है। 29, 30 एवं 31 मई को आंधी-पानी, बिजली गिरने और कहीं-कहीं ओलावृष्टि के आसार हैं। मौसम का यह मिजाज बनारस के अलावा आसपास के जिलों में भी दिख सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, आंधी-पानी, तेज बारिश और वज्रपात की दृष्टि से 29 मई का दिन अधिक संवेदनशील है। उस दिन उस दिन जनसामान्य को विशेष ऐहतियात बरतने की सलाह दी गई है। 31 मई के बाद आसमान साफ होगा, गर्मी फिर प्रचंड रूप ले सकती है। मंगलवार रात में बनी पुरवा की रफ्तार बुधवार सुबह तक रही। उसके बाद धीमी पड़ गई। इसके चलते माहौल में उमस और तपिश का स्तर बढ़ गया। अधिकतम तापमान में कमी रहने के बाद भी बुधवार देर शाम तक लोग राहत का अनुभव नहीं कर पा रहे थे। भीड़ भरे इलाकों, रेल एवं बस स्टेशनों और अस्पतालों में पहुंचे लोग अधिक परेशान नजर आए। बुधवार को अधिकतम तापमान सामान्य से 1.3 डिग्री ज्यादा 41.7 और न्यूनतम तापमानसामान्य से 2.5 डिग्री ज्यादा 28.5 डिग्री सेल्सियस रहा। बीएचयू के मौसम वैज्ञानिक प्रो. मनोज श्रीवास्तव ने भी कहा कि गुरुवार देर रात से मेघगर्जन और शुक्र एवं शनि को आंधी-बारिश का संकेत है। तपिश के बीच वायु प्रदूषण बढ़ा भीषण गर्मी के बीच पूरब से पश्चिम तक हवा लगातार प्रदूषित दिख रही है। पिछले दस दिन से वाराणसी का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) सामान्य स्तर से ऊपर दर्ज किया जा रहा है। इस प्रदूषण ने खासकर सांस और हृदय रोगियों की चिंता बढ़ा दी है। बुधवार को शहर का औसत एक्यूआई 106 था। एक दिन पहले 186 तक पहुंच गया था। विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मी और तेज धूप के कारण वातावरण में धूल के महीन कण अधिक सक्रिय हो जाते हैं। देश में तीसरा, प्रदेश का सबसे प्रदूषित मेरठ बुधवार को मेरठ देश का तीसरा और प्रदेश का सबसे प्रदूषित शहर दर्ज हुआ। मेरठ का एक्यूआई 283 दर्ज हुआ जो प्रदेश में सर्वाधिक है। एक्यूआई 300 के साथ श्रीगंगानगर देश का सबसे प्रदूषित शहर रिकॉर्ड किया गया। बुधवार को मेरठ में दिन-रात के तापमान क्रमश: 43.2 एवं 27.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुए जो सामान्य से 3.9 एवं 2.9 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज हुए।

तेज धूप और गर्म हवाओं से बेहाल लोग, मौसम विभाग ने जारी किया ऑरेंज अलर्ट

लखनऊ यूपी में पिछले कई दिनों से मौसम का मिजाज तल्ख बना हुआ है। लगातार तापमान बढ़ने से गर्मी और तेज धूप ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। गुरुवार को सुबह से ही तीखी धूप निकलने के कारण दिनभर गर्म हवाएं चलती रहीं, जिससे लोग बेहाल नजर आए। दोपहर के समय घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया और राहगीरों व यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बीते दिनों आई आंधी और बारिश के बाद पिछले शनिवार से मौसम का रुख पूरी तरह बदल गया है। जहां, गुरुवार को तेज धूप निकलने के बाद अधिकतम तापमान करीब 40 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। वहीं, अगले 48 घंटे लू के साथ गर्मी और बढ़ेगी। मौसम विभाग ने गर्मी को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग का कहना है कि दो दिन लू के थपेड़े सताएंगे और इसके बाद बारिश से राहत मिलेगी। हालांकि अगले दो दिनों में लू के साथ तापमान और गर्मी और ज्यादा बढ़ेगी। गुरुवार को दिनभर भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप ने लोगों को खासा परेशान किया। सुबह से ही सूरज की तेज किरणों ने वातावरण को गर्म कर दिया, जिससे दोपहर तक सड़कों पर सन्नाटा जैसा माहौल देखने को मिला। गर्म हवाओं और तेज धूप के चलते आम जनजीवन प्रभावित रहा और लोग जरूरी कामों से ही घरों से बाहर निकले। दोपहर के समय गर्मी का असर अपने चरम पर रहा। बाजारों में भी भीड़ कम देखी गई और लोग छांव और ठंडे स्थानों की तलाश करते नजर आए। गर्मी के कारण राहगीरों, मजदूरों और स्कूली बच्चों को अधिक परेशानी का सामना करना पड़ा। कई स्थानों पर लोग पानी और ठंडे पेय पदार्थों का सहारा लेते दिखे। मौसम विभाग के अनुसार दिन का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहा। तापमान में वृद्धि के कारण उमस और गर्म हवाओं ने लोगों को बेहाल कर दिया। हालांकि कुछ इलाकों में मौसम कई बार अचानक करवट ले रहा है। आसमान में काले बादल छाने के साथ तेज हवाएं चल रही हैं। लेकिन इससे हल्की राहत मिल रही है। भीषण गर्मी के बीच लोगों को बारिश का इंतजार है। मौसम विभाग काक कहना है कि 18 मई से बारिश के आसार हैं। एप पर जानकारी प्री-मानसून और मानसून के दौरान गरज-चमक और बिजली गिरने की घटनाओं से जानलेवा क्षति होती है। जनहानि को कम करने के लिए मौसम विभाग और अन्य संस्थाओं ने कई मोबाइल एप विकसित किए हैं। इनके माध्यम से आम नागरिकों, किसानों और आपदा प्रबंधन एजेंसियों को गरज-चमक, आंधी-तूफान और बिजली गिरने की संभावित घटनाओं की समय रहते चेतावनी मिल जाती है। मौसम वैज्ञानिक ने बताया कि दामिनी-लाइटनिंग अलर्ट एप पूरे भारत में बिजली गिरने की गतिविधियों की निगरानी करता है। यह उपयोगकर्ता की जीपीएस लोकेशन के आधार पर अलर्ट भेजता है। यदि 20 से 40 किलोमीटर के दायरे में बिजली गिरने की संभावना होती है तो यह तुरंत सूचना देता है।

कई जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान

 लखनऊ यूपी में अभी बारिश का सिलासिला थमने वाला नहीं है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के लखनऊ केंद्र ने उत्तर प्रदेश के कई जिलों के लिए अगले तीन घंटों के लिए मौसम पूर्वानुमान जारी किया है। विभाग के अनुसार, कई जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है। वहीं कई जगह में 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी और बिजली चमकने का भी अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार देश के अलग अलग हिस्सों पर बने एक चक्रवातीय हवाओं के दबाव का क्षेत्र पूर्वी उत्तर प्रदेश पर बना हुआ है। बीते दिनों हुई बारिश की नमी अभी भी वातावरण में मौजूद है। हवाओं की दिशा बदली है और पहाड़ों की ओर से आ रही हवाएं भी मिलकर चल रही हैं। जिनसे तापमानों में स्थिरता देखी गई। मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि अगले कुछ दिनों के दौरान तापमान में वृद्धि हो सकती है। अलबत्ता अगले 24 घंटों के दौरान भी आसमान पर बादल नजर आने तेज धूप में तापमान बढने पर कुछ स्थानों पर बारिश की गतिविधियां भी हो सकती हैं। अगला पश्चिमी विक्षोभ 10 मई के आसपास पहाड़ों पर पहुंच सकता है। जिससे एक बार फिर मौसम में बदलाव होने की संभावना बन सकती है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों के दौरान तापमान में वृद्धि होने की संभावना जताई है। मुरादाबाद समेत आसपास के क्षेत्रों में 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी मौसम विभाग ने जालौन, आगरा, कानपुर नगर, इटावा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, एटा, कासगंज, उन्नाव, औरैया, कन्नौज, हरदोई, फर्रुखाबाद, शाहजहांपुर, बरेली, रामपुर, बदायूं, संभल, अमरोहा और मुरादाबाद समेत आसपास के क्षेत्रों में 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी और बिजली चमकने का अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में मध्यम बारिश भी हो सकती है। कई जिलों में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हल्की आंधी इसके साथ ही प्रयागराज, प्रतापगढ़, चित्रकूट, महोबा, बांदा, कौशांबी, हमीरपुर, फतेहपुर, झांसी, हाथरस, सीतापुर, अयोध्या, बाराबंकी, लखीमपुर खीरी, पीलीभीत, बिजनौर, मेरठ, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर सहित कई जिलों में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हल्की आंधी, बिजली और हल्की बारिश के आसार जताए गए हैं। तापमान में गिरावट ने बढ़ाई बच्चों में बीमारी पिछले कुछ दिनों में तापमान में आई गिरावट का असर अब बच्चों के स्वास्थ्य पर दिखाई दे रहा है। तापमान की गिरावट ने छोटे बच्चों को सबसे अधिक प्रभावित किया है। इससे पिछले दो दिन में निमोनिया से बीमार बच्चे जिला अस्पताल में इलाज कराने के लिए आ रहे है। ओपीडी में आने वाले ज्यादातर बच्चों को खांसी, जुकाम और सांस लेने में तकलीफ रहती है।

पूर्वांचल-तराई में तेज हवाओं और बिजली गिरने की चेतावनी, IMD ने जारी किया अलर्ट

लखनऊ उत्तर प्रदेश में मौसम इन दिनों लगातार करवट बदल रहा है। कहीं तेज धूप और उमस लोगों को परेशान कर रही है तो कहीं बादलों की आवाजाही, बारिश और तेज हवाएं राहत दे रही हैं। राजधानी लखनऊ समेत प्रदेश के कई हिस्सों में बुधवार को मौसम का मिला-जुला असर देखने को मिला। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान पूर्वांचल और तराई क्षेत्र के कई जिलों में तेज आंधी, बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। वहीं 8 मई के बाद प्रदेश के तापमान में 5 से 7 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी की संभावना जताई गई है। हालांकि राहत की बात यह है कि फिलहाल लू जैसी स्थिति बनने के आसार नहीं हैं। लखनऊ में दिनभर बदलता रहा मौसम राजधानी लखनऊ में बुधवार को सुबह से ही मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आया। दिन में तेज धूप के बीच बादलों की आवाजाही बनी रही। मौसम विभाग के अनुसार शहर का अधिकतम तापमान 33.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 21.0 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि गुरुवार को भी आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं और कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश होने की संभावना बनी हुई है। पूर्वांचल और तराई बेल्ट में येलो अलर्ट भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 7 मई के लिए उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल और तराई क्षेत्र के कई जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के कारण वातावरण में अस्थिरता बनी हुई है। इसी वजह से अचानक मौसम बदलने और तेज आंधी-बारिश की स्थिति बन सकती है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले 24 घंटों के दौरान कई इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जबकि झोंकों की गति 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। तेज हवाओं के साथ धूल भरी आंधी और बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं। इन जिलों में ज्यादा असर की संभावना मौसम विभाग के अनुसार देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती और बहराइच समेत आसपास के क्षेत्रों में तेज हवाओं और आंधी का ज्यादा असर देखने को मिल सकता है। इन जिलों में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। इसके अलावा आजमगढ़, मऊ, बलिया, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, बाराबंकी, अयोध्या और अंबेडकरनगर समेत कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई गई है। तापमान में गिरावट से मिलेगी राहत मौसम विभाग के अनुसार मौजूदा मौसमी गतिविधियों के चलते प्रदेश के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की जा सकती है। इससे लोगों को भीषण गर्मी और लू से राहत मिलेगी। हालांकि मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि तेज आंधी और संभावित ओलावृष्टि का असर फसलों पर पड़ सकता है। 8 मई के बाद तेजी से बढ़ेगा तापमान वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अतुल कुमार सिंह के मुताबिक 8 मई के बाद प्रदेश के तापमान में तेजी से बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। अनुमान है कि अधिकतम तापमान में 5 से 7 डिग्री सेल्सियस तक इजाफा हो सकता है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ का असर कमजोर पड़ने और आसमान साफ होने के बाद गर्मी का असर बढ़ेगा। हालांकि अभी प्रदेश में लू चलने की संभावना नहीं जताई गई है, जिससे लोगों को कुछ राहत मिलेगी।  

उत्तर प्रदेश में आंधी-बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, कई इलाकों में बिजली गुल

लखनऊ उत्तर प्रदेश में मौसम का मिजाज लगातार बिगड़ा हुआ है और आंधी-बारिश का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा। राजधानी लखनऊ में सोमवार सुबह करीब 8:30 बजे अचानक मौसम ने करवट ली और तेज तूफान के साथ मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। हालात ऐसे हो गए कि दिन में ही रात जैसा अंधेरा छा गया। आसमान में घने काले बादल छा गए, तेज गर्जना के साथ बिजली कड़कती रही, जिससे लोगों में डर और दहशत का माहौल बन गया। तेज हवाओं का असर शहर के कई हिस्सों में साफ दिखाई दे रहा है। सैकड़ों पेड़ उखड़ गए हैं, जिससे कई जगहों पर सड़कें अवरुद्ध हो गईं और यातायात प्रभावित हुआ। लखनऊ में अचानक बदला मौसम, सुबह होते अंधेरा इसके अलावा कई बिजली के पोल भी गिर गए, जिसके चलते शहर के कई इलाकों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई है। बिजली कटौती के कारण लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मौसम के इस अचानक बदले रुख ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। दफ्तर जाने वाले लोग रास्ते में फंस गए, वहीं स्कूल-कॉलेज जाने वाले छात्र भी प्रभावित हुए। कई जगहों पर जलभराव की स्थिति बन गई है, जिससे स्थानीय लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। मौसम जारी किया था अलर्ट मौसम विभाग ने पहले ही आंधी और बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया था। विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय मौसमीय सिस्टम के सक्रिय होने की वजह से यह स्थिति बनी हुई है। आने वाले कुछ घंटों में भी मौसम इसी तरह खराब रहने की संभावना जताई जा रही है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बिना जरूरत घरों से बाहर न निकलें और सुरक्षित स्थानों पर रहें। साथ ही बिजली के खंभों और पेड़ों से दूर रहने की सलाह दी गई है, ताकि किसी भी तरह की दुर्घटना से बचा जा सके। रविवार को भी बिगड़ा था मौसम, कई इलाकों की बिजली हुई थी गुल इससे पहले आंधी और बारिश के कारण रविवार को भी लखनऊ की बिजली व्यवस्था ध्वस्त हो गई। कहीं पेड़ गिरने से तार टूट गए, तो कहीं अंडरग्राउंड केबल में फाल्ट आ गया। इससे गोमतीनगर, चिनहट, बीकेटी और रहीमाबाद जैसे बड़े इलाकों को अंधेरे में डूब गए। आंधी इतनी तेज थी कि कई स्थानों पर पोल उखड़ गए और भारी पेड़ बिजली की लाइनों पर गिर पड़े। बिजली गुल होने का सुबह के समय घरों में पानी न आने से लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। नाराज लोगों ने उपकेंद्रों पर हंगामा किया। निगोहां में बाधित रही बिजली निगोहां के दयालपुर फीडर अंतर्गत बरवालिया टी-ऑफ के पास रविवार को एक कौए के हाईटेंशन लाइन से टकराने के कारण आपूर्ति बाधित हो गई। मौके पर ही कौए की मौत हो गई। विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और पेट्रोलिंग कर फॉल्ट का पता लगाया। कर्मचारियों ने आपस में चिपके तारों को अलग कर लाइन को दुरुस्त किया, जिसके बाद आपूर्ति बहाल की जा सकी। इस दौरान दयालपुर फीडर से जुड़े क्षेत्रों में करीब 1 घंटा 50 मिनट तक बिजली आपूर्ति ठप रही। मलिहाबाद में आम की फसल को नुकसान हुआ मलिहाबाद में रविवार तड़के आई आंधी से फलपट्टी क्षेत्र के कुछ हिस्सों में आम की फसल को नुकसान हुआ। तेज हवाओं के कारण बड़ी संख्या में कच्चे आम (कैरियां) टूटकर कर असमय गिर गए। कई बागों में तो आम जमीन पर बिछ गया। आंधी का असर रहीमाबाद और माल क्षेत्र में अधिक देखा गया। माल क्षेत्र के बागवान सर्वेश ने बताया कि आंधी से क्षेत्र में लाखों रुपये का आम टूट कर गिर गया है। बाग में बड़े आकार का आम गिर जाने से काफी नुकसान हो गया है। रहीमाबाद क्षेत्र में भी तेज हवाओं ने बागों को नुकसान पहुंचाया।