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घर में अचानक गिरें ये 5 चीजें तो न करें नजरअंदाज, वास्तु में माना जाता है अशुभ संकेत

 घर में रोजमर्रा के काम के दौरान कई बार चीजें हाथ से छूटकर गिर जाती हैं. ज्यादातर मामलों में इसे सामान्य घटना समझकर नजरअंदाज कर दिया जाता है. हालांकि, वास्तु और ज्योतिष से जुड़ी मान्यताओं में कुछ खास चीजों का अचानक गिरना शुभ नहीं माना जाता है. खासकर पूजा-पाठ से जुड़ी वस्तुओं के गिरने को लेकर कई तरह की धार्मिक मान्यताएं प्रचलित हैं. आइए जानते हैं किन चीजों का गिरना अशुभ संकेत माना जाता है और ऐसी स्थिति में क्या सावधानी बरतनी चाहिए. पूजा का दीया गिरना पूजा के दौरान अगर हाथ से दीया छूटकर जमीन पर गिर जाए तो इसे वास्तु और धार्मिक मान्यताओं में शुभ नहीं माना जाता.  मान्यता है कि यह किसी तरह की बाधा या परेशानी का संकेत हो सकता है. ऐसी स्थिति में घबराने के बजाय भगवान से भूल-चूक के लिए क्षमा मांगकर दोबारा दीपक जलाने की परंपरा है. भगवान की मूर्ति या तस्वीर गिरना घर के मंदिर में रखी भगवान की मूर्ति या तस्वीर अचानक गिर जाए तो इसे भी सामान्य घटना से अलग धार्मिक संकेत के तौर पर देखा जाता है.  खासतौर पर अगर मूर्ति गिरने से टूट जाए तो उसे सम्मानपूर्वक अलग करना चाहिए.  धार्मिक मान्यताओं के अनुसार खंडित मूर्ति को घर के मंदिर में रखने के बजाय विधि के अनुसार विसर्जित किया जाता है. पानी से भरा कलश गिरना पूजा में कलश का विशेष महत्व माना जाता है. अगर पानी से भरा कलश अचानक गिर जाए या उसका पानी जमीन पर फैल जाए तो इसे शुभ संकेत नहीं माना जाता. मान्यता है कि ऐसा होना परिवार से जुड़ी किसी परेशानी या आने वाली बाधा की ओर संकेत कर सकता है. ऐसी स्थिति में पूजा स्थल को साफ करके दोबारा विधि-विधान से पूजा करने की परंपरा है. प्रसाद का जमीन पर गिरना प्रसाद को धार्मिक रूप से भगवान का आशीर्वाद माना जाता है. इसलिए पूजा के दौरान प्रसाद हाथ से गिर जाने को कई मान्यताओं में अच्छा संकेत नहीं माना जाता. अगर गलती से प्रसाद जमीन पर गिर जाए तो उसे पैरों से कुचलने या सामान्य कचरे में डालने से बचना चाहिए.  उसे सम्मानपूर्वक उठाकर किसी पौधे या गमले में रखने की सलाह दी जाती है. सिंदूर की डिब्बी गिरना सिंदूर को हिंदू धार्मिक परंपरा में सुहाग से जुड़ा महत्वपूर्ण प्रतीक माना जाता है.  इसलिए पूजा या घर में सिंदूर की डिब्बी गिरने को भी कुछ मान्यताओं में अशुभ माना गया है.  अगर सिंदूर जमीन पर गिर जाए तो उस पर पैर रखने या झाड़ू लगाने के बजाय साफ कपड़े की मदद से उसे उठाने की परंपरा बताई जाती है. नमक या दूध गिरना भी माना जाता है संकेत वास्तु से जुड़ी कुछ अन्य मान्यताओं में घर या रसोई में नमक, दूध, चावल, तेल और हल्दी जैसी चीजों के बार-बार गिरने को भी शुभ नहीं माना जाता. उदाहरण के तौर पर नमक के गिरने को आर्थिक परेशानी या मानसिक तनाव से जोड़कर देखा जाता है, जबकि दूध के उबलकर गिरने को परिवार की परिस्थितियों में बदलाव का संकेत मानने की मान्यता है.  हालांकि, ये धार्मिक और लोक-मान्यताएं हैं, इनका वैज्ञानिक आधार प्रमाणित नहीं है. बार-बार चीजें गिरें तो क्या करें? अगर घर में लगातार चीजें गिर रही हैं तो इसे तुरंत किसी अनहोनी का संकेत मानकर डरने की जरूरत नहीं है. पहले घर की व्यवस्था देखें.  पूजा की वस्तुएं सुरक्षित जगह पर रखें, फिसलन या असंतुलित सामान को ठीक करें और टूटे-फूटे सामान को घर से हटा दें. धार्मिक आस्था रखने वाले लोग अपनी परंपरा के अनुसार पूजा या प्रार्थना कर सकते हैं.

वास्तु मान्यताओं के अनुसार दवाइयां गलत जगह रखने से स्वास्थ्य पर असर पड़ता है, जानें सही स्थान।

 आज के दौर में लगभग हर घर की यही कहानी है—कमाई चाहे जितनी भी हो, उसका एक बड़ा हिस्सा डॉक्टर की फीस और दवाइयों के बिल में चला जाता है.  कई बार लाख कोशिशों और अच्छे इलाज के बाद भी घर से बीमारियां जाने का नाम नहीं लेतीं. अगर आपके साथ भी ऐसा हो रहा है, तो मुमकिन है कि इसका कारण आपके घर में गलत जगह पर रखा दवाइयों का डिब्बा हो. वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर में रखी हर वस्तु की अपनी एक ऊर्जा होती है. अगर हम दवाओं को गलत दिशा या जगह पर रख देते हैं, तो वे बीमारी को ठीक करने के बजाय उसे और बढ़ाने लगती हैं. आइए जानते हैं कि घर की वो कौन सी जगह है जहां भूलकर भी दवाइयां नहीं रखनी चाहिए. भूलकर भी रसोई (किचन) में ना रखें दवाइयां हम में से ज्यादातर लोग अपनी सहूलियत के लिए दवाइयों का डिब्बा रसोई घर में रख देते हैं. कई घरों में तो लोग इसे सीधे गैस चूल्हे के पास वाले शेल्फ में रख देते हैं ताकि सुबह-शाम खाना खाते ही दवा खाना याद रहे. वास्तु के अनुसार, यह सबसे घातक भूल है. अग्नि का प्रभाव: रसोई घर को मां अन्नपूर्णा और अग्नि देव का स्थान माना जाता है, जहां से पूरे परिवार को सेहत और सकारात्मक ऊर्जा मिलती है. अग्नि का स्वभाव हर चीज को तीव्र करना यानी बढ़ाना होता है. जब दवाइयां रसोई में या चूल्हे के आसपास रखी जाती हैं, तो बीमारी घटने के बजाय और ज्यादा बढ़ने लगती है. अन्नपूर्णा का दोष: रसोई में बीमारी की दवाएं रखने का सीधा मतलब है कि आप अनजाने में बीमारी को अपने भोजन का हिस्सा बना रहे हैं. इससे घर के सदस्यों का स्वास्थ्य अक्सर खराब रहने लगता है, और एक बीमारी ठीक होने से पहले ही दूसरी शुरू हो जाती है. इन 2 जगहों पर भी दवा रखना है नुकसानदेह रसोई के अलावा दो और ऐसी जगहें हैं जहाँ लोग अक्सर दवाएं रखते हैं, जो वास्तु के लिहाज से बिल्कुल गलत हैं: डाइनिंग टेबल पर: डाइनिंग टेबल के बीचों-बीच दवाइयां सजाकर रखने से भोजन करते समय पूरे परिवार का ध्यान बीमारी पर केंद्रित रहता है. इससे भोजन से मिलने वाली सकारात्मक ऊर्जा खत्म हो जाती है. बेड के सिरहाने या तकिए के नीचे: सोते समय सिर के पास दवाइयां रखने से राहु दोष बढ़ता है. इससे व्यक्ति को मानसिक तनाव, घबराहट और अनिद्रा (नींद न आने) की समस्या होने लगती है. कहाँ रखें दवाइयां ताकि जल्दी मिले बीमारी से छुटकारा? अगर आप चाहते हैं कि दवाएं शरीर पर जल्दी असर करें. आपका मेडिकल का खर्च कम हो, तो इन बातों का ध्यान रखें: उत्तर या उत्तर-पूर्व दिशा (North-East): घर के कमरे की उत्तर या उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) दिशा को आरोग्य और देवताओं के वैद्य भगवान धन्वंतरि की दिशा माना जाता है. इस कोने में साफ-सफाई के साथ दवाएं रखने से मरीज जल्दी ठीक होता है. नजरों से छुपाकर रखें: दवाओं को कभी भी खुले में टेबल या शेल्फ पर बिखेर कर ना रखें. इन्हें हमेशा किसी दराज या अलमारी के अंदर बंद करके रखें, ताकि घर में आने-जाने वाले लोगों की नजर इन पर बार-बार न पड़े.