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धर्मांतरण और चंगाई पर कड़ा रुख, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने किया बड़ा ऐलान

रायपुर मुख्यमंत्री साय की अध्यक्षता में हुई कलेक्टर्स-एसपी कॉन्फ्रेंस में धर्मांतरण और चंगाई सभा को लेकर चर्चा की गई, जिसपर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने मंगलवार को बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि धर्मांतरण के खिलाफ जल्द सख्त कानून आएगा, जो देश में सबसे सशक्त कानून होगा. चंगाई सभा बंद होना चाहिए, यह लोगों को भ्रमित करने के लिए होता है. प्रदेश में कानून व्यवस्था की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने 3-4 जिलों के पुलिस अधीक्षकों को फटकार लगाई थी. इसे लेकर उपमुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि  मुख्यमंत्री ने सभी एसपी को हिदायत दी है. जिनका परफॉर्मेंस बेहतर नहीं है, उन्हें परफॉर्मेंस सुधारने का आखिरी मौका दिया गया है. मुख्यमंत्री ने साफ कहा है कि अगर परफॉर्मेंस ठीक नहीं होने पर निर्णय लिया जाएगा. कांग्रेस के बयान पर पलटवार बिहार चुनाव में भाजपा नेताओं के जाने को लेकर कांग्रेस के बयान पर पलटवार करते हुए विजय शर्मा ने कहा कि पदयात्रा का विषय अच्छा है और भाव भी अच्छा है, लेकिन कांग्रेस नेता को यह भी बताना चाहिए कि उनके नेता ने जो पदयात्रा की थी, उसका परिणाम क्या निकला. उन्होंने कहा कि भाजपा के कार्यकर्ता कैसे जाएंगे, यह कांग्रेस छोड़ दें. हमें पूरा विश्वास है कि बिहार में एनडीए की सरकार बनेगी. सीटों का बंटवारा भी पूरी तरह से हो चुका है और हम पूरी ताकत के साथ एनडीए की जीत सुनिश्चित करने में जुटे हैं. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अब देखना यह है कि वे वहां जाकर वास्तव में लड़ाई करेंगे या टिकट बेचेंगे, उम्मीद है कि इस बार वे कुछ अच्छा करेंगे.

जिस वोट चोरी पर कांग्रेस मचा रही हंगामा, उसी को रोकने वाले SIR का कर रही विरोध- उप मुख्यमंत्री शर्मा

कांग्रेस का विरोध गलत: वोट चोरी रोकने के लिए चल रहे SIR को क्यों मान रही पार्टी गलत कदम- उप मुख्यमंत्री शर्मा  जिस वोट चोरी पर कांग्रेस मचा रही हंगामा, उसी को रोकने वाले SIR का कर रही विरोध- उप मुख्यमंत्री शर्मा  SIR पर कांग्रेस का विरोध सवालों के घेरे में, वोट चोरी रोकने की पहल पर उठाए सवाल- उप मुख्यमंत्री शर्मा  रायपुर  छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री/गृह मंत्री विजय शर्मा ने बिलासपुर में हुई कांग्रेस की रैली को दोहरे राजनीतिक मापदंड का परिचायक बताते हुए कहा है कि जिस वोट चोरी के नाम पर कांग्रेस के लोग हंगामा कर रहे हैं, उसे दुरुस्त करने के लिए चल रहे एसआईआर का विरोध कांग्रेस को नहीं करना चाहिए।  नया रायपुर स्थित सर्किट हाउस में पत्रकारों के सम्बोधित करते हुए श्री शर्मा ने ऐसे अनेक नामों का दस्तावेजों के साथ जिक्र किया जिन्होंने गलत जानकारी देकर कवर्धा और राजधानी रायपुर के ही विधानसभा क्षेत्रों के दो-दो पोलिंग बूथ पर दो-दो अलग एपिक नम्बर्स के साथ मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराया है। इन सारे मामलों को लेकर न्यायालय जाएंगे। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि यह सब पिछली भूपेश सरकार के मंत्री रहे मो. अकबर के इशारे पर हुआ। अब कांग्रेस वोट चोरी के मामले में उल्टा चोर कोतवाल को डाँटे वाली कहावत को चरितार्थ कर रही है। हैरत की बात तो यह है कि इनमें से अनेक उम्रदराज लोगों ने फर्स्ट टाइम वोटर का फॉर्म जमा किया! एसआईआर का विरोध कर रही कांग्रेस को यह स्पष्ट करना चाहिए कि आखिर वह रैली, प्रदर्शन, नारेबाजी के जरिए करना क्या चाह रही है? कांग्रेस एक तरफ वोट चोरी रोकने की बात कह रही है, वहीं दूसरी तरफ वह मतदाता सूचियों के शुद्धिकरण के लिए चल रहे एसआईआर का विरोध कर रही है। अब कांग्रेस बताए कि एसआईआर का विरोध करके वह वोट चोरी को कैसे रोक सकती है? प्रदेश की राजधानी के एक मकान में 350 मतदाताओं के नाम सूची में इरादतन दर्ज कराए जाने की बात कहते हुए श्री शर्मा ने कहा कि एसआईआर का विरोध करके कांग्रेस तो खुद कठघरे में है। खुद प्रदेश कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट भी मानते हैं कि वोट चोरी की बात कहना अपनी हार का इल्जाम खुद पर लेने से बचना है। हारे हुए लोगों को धरातल पर मेहनत करनी चाहिए। प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि गलत ढंग से मतदाता सूचियों में नाम दर्ज कराने वाले लोगों के विरुद्ध चुनाव आयोग में शिकायत की गई है और अब उनके खिलाफ एफआईआर कराई जाएगी, दण्डात्मक कार्रवाई कराई जाएगी। श्री शर्मा ने नसीहत दी कि कांग्रेस को छत्तीसगढ़ में यह रैली रोकर आत्ममंथन करना चाहिए। कांग्रेस नेता राहुल गांधी एसआईआर को लेकर देश को गुमराह करके गलत कर रहे हैं। गलत ढंग से जो लोग मतदाता बने हैं, देश में घुस आए हैं, उन्हें निकाल बाहर करना होगा।  इस दौरान मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, विधायक मोतीलाल साहू, भाजपा प्रदेश मीडिया संयोजक हेमंत पाणिग्रही मौजूद रहे।

रायपुर: उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा की अध्यक्षता में कार्यशाला, पूर्ण ग्राम सुराज और स्वावलम्बन का नया संकल्प

रायपुर गाँवों के समग्र विकास और आत्मनिर्भरता की अवधारणा को साकार करने की दिशा में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा आज नया रायपुर स्थित ग्रामीण संपर्क एवं प्रशिक्षण संस्थान, झांझ में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला की अध्यक्षता उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने की। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य ग्राम सभा को और अधिक मजबूत बनाना तथा ग्राम पंचायतों को आत्मनिर्भर, उत्तरदायी और निर्णायक बनाने की दिशा में ठोस पहल करना था। उपमुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि लोकतंत्र की असली शक्ति गाँव की चौपाल और ग्राम सभा में निहित है। ग्राम सभा के निर्णय ही गाँव के विकास का आधार बन सकते हैं और इसीलिए आवश्यक है कि पंचायतें न केवल योजनाओं को लागू करें बल्कि जनता की आकांक्षाओं को दिशा देने वाली संस्था के रूप में कार्य करें। कार्यशाला में उपस्थित प्रतिभागियों को पाँच अलग-अलग समूहों में विभाजित किया गया। जहाँ ग्राम सभा के सशक्तीकरण, वित्तीय विकेन्द्रीकरण, पंचायतों पर नियंत्रण, सामाजिक सहभागिता तथा अधिकार एवं कर्तव्यों के विभाजन जैसे विषयों पर गहन चर्चा की गई। समूह चर्चा के दौरान पंचायतों की वर्तमान व्यवस्था का मूल्यांकन करते हुए अनेक महत्वपूर्ण सुझाव सामने आए, जिनसे भविष्य में ग्राम पंचायतों को और अधिक सशक्त तथा उत्तरदायी बनाने का मार्ग प्रशस्त होगा। इस अवसर पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के त्रिस्तरीय पंचायत राज संस्थाओं के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के साथ सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी सक्रिय रूप से भाग लिया। कार्यशाला में सुनील कुमार सिंह, सेवानिवृत्त सचिव भारत सरकार, प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह, सचिव भीम सिंह, नरेगा आयुक्त तारन प्रकाश सिन्हा, पंचायत संचालक श्रीमती प्रियंका ऋषि महोबिया, स्वच्छ भारत मिशन के मिशन संचालक अश्वनी देवांगन सहित जिला एवं जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, ग्राम पंचायत सचिव और रोजगार सहायक उपस्थित रहे। कार्यक्रम में टीआरआई फाउंडेशन, यूनिसेफ, पिरामल फाउंडेशन और समर्थन जैसी प्रतिष्ठित स्वयंसेवी संस्थाओं ने भी अपनी सहभागिता दर्ज करायी। सभी विशेषज्ञों और प्रतिनिधियों ने ग्रामीण विकास की नयी राह सुझाते हुए ग्राम स्वावलम्बन को साकार करने के लिए साझा प्रयास की आवश्यकता पर बल दिया। उपमुख्यमंत्री शर्मा ने अंत में कहा कि पूर्ण ग्राम सुराज केवल शासन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि यह हर ग्रामवासी का स्वप्न है। जब ग्राम पंचायतें आत्मनिर्भर होंगी और ग्राम सभा निर्णायक बनेगी, तभी वास्तविक अर्थों में सुराज की स्थापना होगी।