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भीषण गर्मी में बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का संदेश, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

भीषण गर्मी में बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आंगनबाड़ी संचालन समय में बदलाव: बच्चों की उपस्थिति सुबह 7 से 9 बजे तक सीमित बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि, निर्देशों के क्रियान्वयन में कोई ढिलाई नहीं होगी: महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े रायपुर  प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी और लू के बढ़ते प्रभाव को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने बच्चों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा को सर्वोपरि मानते हुए त्वरित एवं संवेदनशील निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री श्री साय के निर्देशानुसार  30 जून 2026 तक प्रदेश के सभी आंगनबाड़ी केंद्र प्रतिदिन प्रातः 7:00 बजे से 11:00 बजे तक संचालित किए जाएंगे। इस अवधि में बच्चों की उपस्थिति केवल सुबह 7:00 बजे से 9:00 बजे तक निर्धारित की गई है, ताकि उन्हें अत्यधिक तापमान एवं लू के दुष्प्रभाव से सुरक्षित रखा जा सके। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि इस अवधि में बच्चों की प्रारंभिक बाल्यावस्था देखरेख, शाला पूर्व अनौपचारिक शिक्षा (ECCE) गतिविधियाँ निर्धारित समय-सारिणी एवं कलेण्डर के अनुसार संचालित होंगी तथा पूरक पोषण आहार का वितरण नियमित रूप से सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे बच्चों के पोषण एवं शिक्षा में किसी प्रकार की बाधा न आए। निर्देशानुसार आंगनबाड़ी केंद्र प्रातः 7:00 बजे से प्रारंभ होंगे, जिसमें बच्चों की उपस्थिति 7:00 से 9:00 बजे तक रहेगी, जबकि अन्य सेवाओं के लिए केंद्र 11:00 बजे तक संचालित रहेगा। इस दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं अपने जॉब चार्ट के अनुसार शेष कार्यों का निष्पादन करेंगी। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए हैं कि गृहभेंट के माध्यम से पोषण परामर्श सेवा को और अधिक प्रभावी बनाया जाए। इसके लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता केंद्र बंद होने के पश्चात निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार घर-घर जाकर माताओं को जागरूक करेंगी। बच्चों की सुरक्षा को लेकर सख्त निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा है कि गर्म हवाओं, अधिक तापमान एवं लू की स्थिति में बच्चों को सुरक्षित रूप से घर तक पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए। किसी भी प्रकार की लापरवाही की स्थिति में संबंधितों की जवाबदेही तय की जाएगी। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े द्वारा सभी जिला अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे इन व्यवस्थाओं की सतत निगरानी सुनिश्चित करें तथा जिला स्तरीय समीक्षा बैठकों में नियमित रूप से प्रगति की समीक्षा करें, ताकि जमीनी स्तर पर निर्देशों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि ग्रीष्मकाल समाप्ति उपरांत 01 जुलाई 2026 से आंगनबाड़ी केंद्र पुनः अपने सामान्य समय प्रातः 9:30 बजे से 3:30 बजे तक (6 घंटे) संचालित किए जाएंगे।

रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने खिलाड़ियों को हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया

रायपुर : मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने खिलाड़ियों को हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया जनदर्शन में वूमेन्स सेल्फ डिफेंस ऑर्गनाइजेशन के प्रतिनिधिमंडल ने की मुलाकात रायपुर मुख्यमंत्री निवास में आज आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम में वूमेन्स सेल्फ डिफेंस ऑर्गनाइजेशन छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय से सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन सौंपकर राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कराटे, कुश्ती और ताइक्वांडो जैसे खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रदेश का गौरव बढ़ाने वाले खिलाड़ियों के लिए स्वेच्छानुदान स्वीकृत करने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री  साय ने संगठन के पदाधिकारियों और खिलाड़ियों द्वारा रखे गए सुझावों और मांगों को ध्यानपूर्वक सुना। खिलाड़ियों ने बताया कि वे देश और विदेश में विभिन्न प्रतियोगिताओं में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं तथा आगे भी राज्य का नाम और ऊंचा करने के लिए निरंतर प्रशिक्षण और सहयोग की आवश्यकता है। खिलाड़ियों ने खेल उपकरण, प्रशिक्षण सुविधाओं और प्रोत्साहन राशि उपलब्ध कराने का अनुरोध भी किया। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने खिलाड़ियों की भावनाओं की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार खेल प्रतिभाओं के सम्मान और प्रोत्साहन के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि उनकी मांगों पर यथासंभव सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा और खिलाड़ियों को हरसंभव सहयोग प्रदान किया जाएगा ताकि वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और भी बेहतर प्रदर्शन कर सकें।

CM साय का बयान: नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता

रायपुर  बस्तर अंचल को महाराष्ट्र से जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग 130-डी के निर्माण को नई गति मिली है। छत्तीसगढ़ शासन ने कुतुल से नीलांगुर (महाराष्ट्र सीमा) तक 21.5 किलोमीटर हिस्से के निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली है। इस सड़क के निर्माण के लिए न्यूनतम टेंडर देने वाले ठेकेदार से अनुबंध की प्रक्रिया शर्तों सहित पूरी करने के निर्देश लोक निर्माण विभाग मंत्रालय द्वारा प्रमुख अभियंता, राष्ट्रीय राजमार्ग परिक्षेत्र रायपुर को दिए गए हैं। कुल तीन खंडों में निर्मित होने वाले 21.5 किलोमीटर सड़क के निर्माण लगभग 152 करोड़ रुपए न्यूनतम टेंडर दर प्राप्त हुई है, जिसे छत्तीसगढ़ शासन ने मंजूरी प्रदान कर दी है। यह उल्लेखनीय है कि कुतुल, नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ क्षेत्र में स्थित है और कुतुल से महाराष्ट्र सीमा पर स्थित नीलांगुर की दूरी 21.5 किलोमीटर है। यह नेशनल हाईवे 130-डी का हिस्सा है। इस सड़क का निर्माण टू-लेन पेव्ड शोल्डर सहित किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि एनएच-130डी राष्ट्रीय राजमार्ग है, जिसकी कुल लंबाई लगभग 195 किलोमीटर है। यह एनएच-30 का शाखा मार्ग (स्पर रूट) है। यह कोण्डागांव से शुरू होकर नारायणपुर, कुतुल होते हुए नीलांगुर (महाराष्ट्र सीमा) तक जाता है। आगे महाराष्ट्र में यह बिंगुंडा, लहरे, धोदराज, भमरगढ़, हेमा, लकासा होते हुए आलापल्ली तक पहुँचता है, जहाँ यह एनएच-353डी से जुड़ जाता है। इस मार्ग के विकसित होने से बस्तर क्षेत्र सीधे राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क से जुड़ जाएगा और व्यापार, पर्यटन एवं सुरक्षा को बड़ी मजबूती प्राप्त होगी। नेशनल हाईवे 130-डी का कोण्डागांव से नारायणपुर तक का लगभग 50 किमी हिस्सा निर्माणाधीन है। नारायणपुर से कुतुल की दूरी 50 किमी है और वहाँ से महाराष्ट्र सीमा स्थित नीलांगुर तक 21.5 किमी की दूरी है। इस राष्ट्रीय राजमार्ग की कुल लंबाई 195 किमी है, जिसमें से लगभग 122 किमी का हिस्सा कोण्डागांव-नारायणपुर से कुतुल होते हुए नीलांगुर तक छत्तीसगढ़ राज्य में आता है। इस सड़क के बन जाने से बस्तर अंचल को महाराष्ट्र से सीधा और मजबूत सड़क संपर्क मिलेगा तथा नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षित एवं सुगम यातायात सुविधा सुलभ हो सकेगी।