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कटाई के बाद खलिहान में रखी फसल जली, किसान विजय कुमार मेहता को भारी नुकसान

 चतरा  झारखंड राज्य के चतरा जिले सोकी गांव में एक किसान की मेहनत पर अचानक लगी आग ने पानी फेर दिया. खेत-खलिहान में मड़ाई के लिए रखे करीब 500 से अधिक गेहूं के बोझे जलकर राख हो गए, जिससे किसान विजय कुमार मेहता को भारी आर्थिक नुकसान हुआ. किसान ने प्रशासन से मुआवजे की मांग की है. खलिहान में रखे गेहूं में अचानक लगी आग किसान विजय कुमार मेहता ने बताया कि गेहूं की कटाई के बाद थ्रेसर से मड़ाई के लिए फसल को खेत के खलिहान में रखा गया था. इसी दौरान अचानक आग लग गई, जिससे देखते ही देखते सैकड़ों बोझा गेहूं जलकर राख हो गया और उन्हें हजारों रुपये का नुकसान उठाना पड़ा. ग्रामीणों ने आग बुझाने का किया प्रयास आग लगने की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और उपलब्ध साधनों से आग बुझाने का प्रयास किया. हालांकि तब तक अधिकतर गेहूं जल चुका था, जिससे नुकसान को रोका नहीं जा सका. अंचल कार्यालय व थाना में मुआवजे की मांग घटना के बाद पीड़ित किसान ने अंचल कार्यालय और संबंधित थाना में आवेदन देकर मुआवजे की मांग की है. फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है, जिससे ग्रामीणों में भी चिंता का माहौल बना हुआ है.

पंजाब में गेहूं की फसल पर मंडराया खतरा

होशियारपुर. फरवरी 2026 के दूसरे हफ्ते में पिछले साल के मुकाबले तापमान 2 से 4 डिग्री सेल्सियस ज्यादा रिकॉर्ड किया गया। चंडीगढ़ के मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, अगले पांच दिनों तक मौसम सूखा रहेगा। इसलिए, मौसम की कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है। हालांकि, मौजूदा हालात को देखते हुए, लुधियाना की पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी में एक्सटेंशन एजुकेशन के डायरेक्टर डॉ. मक्खन सिंह भुल्लर ने किसानों को गेहूं की फसल में हल्की सिंचाई करने की सलाह दी है। सिंचाई करते समय हवा की गति पर ध्यान दें, ताकि फसल को नुकसान न हो। पंजाब में मौजूदा रबी सीजन के दौरान, लगभग 95 परसेंट गेहूं के एरिया में 25 अक्टूबर से 15 नवंबर के बीच बुवाई हुई थी, जिसे बुवाई के लिए सबसे अच्छा समय माना जाता है। गेहूं की फसल में दाने भरते समय ज्यादा तापमान का खास तौर पर असर होता है। इस दौरान बढ़े हुए तापमान से दाने के वज़न पर बुरा असर पड़ता है, जिससे पैदावार और क्वालिटी में कमी आती है। ज्यादा तापमान के कारण, हल्की से मीडियम मिट्टी में बोई गई गेहूं की शुरुआती फसलों में बालियां आ जाती हैं और वे जल्दी पक जाती हैं, जिससे दाने कमज़ोर रह जाते हैं। क्रॉप साइंस डिपार्टमेंट के डॉ. हरि राम मुखी ने बताया कि अभी फ्लैग लीफ स्टेज में गेहूं को बढ़ते तापमान से बचाने के लिए 2% पोटैशियम नाइट्रेट (13:0:45) का स्प्रे किया जा सकता है। 200 लीटर पानी में 4 किलोग्राम पोटैशियम नाइट्रेट घोलें। पहला स्प्रे तब करें जब फ्लैग लीफ निकले और दूसरा स्प्रे तब करें जब कलियां निकलें। यह घोल 200 लीटर में तैयार करें, और शाम को स्प्रे करना सबसे अच्छा है। एक्सपर्ट्स के अनुसार, हल्की सिंचाई और पोटैशियम नाइट्रेट (13:0:45) का स्प्रे करने से फसल को ज़्यादा तापमान के बुरे असर से काफी हद तक बचाया जा सकता है। डॉ. चरणजीत कौर, चीफ एक्सटेंशन साइंटिस्ट और फार्म एडवाइजरी सर्विस सेंटर, गंगियां ने किसानों से कहा कि वे अपनी गेहूं की फसलों को बढ़ते तापमान के बुरे असर से असरदार तरीके से बचाने के लिए यूनिवर्सिटी की इन सलाहों को अपनाएं। किसानों को इन सलाहों को मानना चाहिए ताकि उनकी फसलें सुरक्षित रहें और प्रोडक्शन कम न हो।