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रात 11 बजे के रोमांच में गफ की जीत, बेंचिच को हराकर अंतिम आठ में बनाई जगह

लंदन महिला सिंगल्स में सातवीं वरीयता प्राप्त अमेरिका की कोको गफ ने रविवार देर रात स्विट्जरलैंड की बेलिंडा बेंचिच को 4-6, 6-3, 6-4 से हराकर पहली बार विंबलडन के क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली। कोर्ट नंबर-1 की छत बंद होने के बीच खेला गया यह मुकाबला रात 11 बजे के निर्धारित ‘कर्फ्यू’ से महज दो मिनट पहले समाप्त हुआ। विंबलडन में रात 11 बजे के बाद खेल जारी रखने की अनुमति नहीं होती लंबे इंतजार के बाद कोर्ट पर उतरी दोनों खिलाड़ी शुरुआत में अपनी सर्वश्रेष्ठ लय में नहीं दिखीं। 11वीं वरीयता प्राप्त बेंचिच ने पहला सेट अपने तीसरे सेट प्वाइंट पर जीत लिया, जब गफ ने रिटर्न नेट में मार दिया। हालांकि इसके बाद गफ ने शानदार वापसी की। दूसरे सेट में गफ ने की वापसी दूसरे सेट में उन्होंने दो बार बेंचिच की सर्विस तोड़ी और शानदार ड्रॉप शॉट तथा बेहतरीन लॉब की मदद से मुकाबले को निर्णायक सेट तक पहुंचाया। तीसरे सेट में दो बार की ग्रैंडस्लैम चैंपियन गफ ने आक्रामक खेल दिखाते हुए कोर्ट के कोनों का शानदार इस्तेमाल किया और बेंचिच पर लगातार दबाव बनाए रखा। मैच के अंतिम क्षणों में समय तेजी से बीत रहा था, लेकिन गफ ने एक दमदार स्मैश से मैच प्वाइंट बनाया और फिर तेज सर्विस के जरिए मुकाबला अपने नाम कर लिया, जिसका जवाब बेंचिच नहीं दे सकीं। 22 वर्षीय गफ ने मैच में 35 विनर्स लगाए, जबकि बेंचिच केवल 19 विनर्स ही लगा सकीं। हालांकि गफ ने 46 अनफोर्स्ड एरर और नौ डबल फॉल्ट भी किए। जीत के बाद गफ ने कहा, आखिरकार क्वार्टर फाइनल में पहुंचकर मैं बेहद खुश हूं। यह मेरे लिए लंबे इंतजार के बाद मिली सफलता है। उन्होंने कहा कि अंतिम गेम में उनकी नजर लगातार घड़ी पर थी क्योंकि विंबलडन में रात 11 बजे के बाद खेल जारी रखने की अनुमति नहीं होती। अब क्वार्टर फाइनल में गफ का सामना अपनी हमवतन और चौथी वरीयता प्राप्त जेसिका पेगुला से होगा। सिनर लगातार पांचवीं बार अंतिम आठ में पहुंचे विश्व नंबर एक और गत चैंपियन जानिक सिनर ने ऑल इंग्लैंड क्लब में शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए विंबलडन के क्वार्टर फाइनल में प्रवेश कर लिया। सोमवार रात खेले गए प्री-क्वार्टर फाइनल मुकाबले में शीर्ष वरीय सिनर ने जापान के क्वालीफायर शिंतारो मोचिजुकी को 6-3, 7-6 (7-0), 6-3 से सीधे सेटों में हराया। विश्व नंबर एक सिनर ने पूरे मुकाबले में दबदबा बनाए रखा और मोचिजुकी को वापसी का कोई मौका नहीं दिया। खास बात यह रही कि टूर्नामेंट में अब तक सिनर को किसी भी वरीयता प्राप्त खिलाड़ी का सामना नहीं करना पड़ा है और क्वार्टर फाइनल में भी उन्हें गैर वरीय जर्मनी के अनुभवी खिलाड़ी जॉन लेनार्ड स्ट्रफ से भिड़ना होगा। स्ट्रफ ने पहली बार बनाई क्वार्टरफाइनल में जगह 36 वर्षीय स्ट्रफ ने अपने करियर में पहली बार किसी ग्रैंडस्लैम के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई है। विश्व रैंकिंग में 74वें स्थान पर काबिज स्ट्रफ ने पोलैंड के हुबर्ट हुर्काज के विरुद्ध मुकाबले में दो सेट से पिछड़ने के बाद शानदार वापसी की। हालांकि तीसरे सेट के दौरान हुर्काज बाएं कूल्हे की चोट के कारण मुकाबला जारी नहीं रख सके और उन्हें रिटायर होना पड़ा। यह स्ट्रफ का 47वें ग्रैंड स्लैम प्रयास में पहला क्वार्टर फाइनल है। यदि सिनर स्ट्रफ को हराने में सफल रहते हैं तो उनका सामना सेमीफाइनल में सात बार के चैंपियन नोवाक जोकोविक और कनाडा के तीसरी वरीयता प्राप्त आगर फेलिक्स अलिसियामे के बीच होने वाले क्वार्टर फाइनल के विजेता से हो सकता है।  

सिनर और गफ की संघर्षपूर्ण जीत, एंड्रीवा विंबलडन से बाहर

रायटर  विंबलडन के आधिकारिक कार्यक्रम में हैवीवेट टक्कर बताया जा रहा सर्बिया के नोवाक जोकोविक और ग्रीस के स्टेफानोस सितसिपास के बीच का मुकाबला शुरू से ही एकतरफा हो गया। बुधवार को दूसरे दौर के मुकाबले में कही भी नहीं लगा कि 27 वर्षीय सितसिपास जल्द ही 40 वर्ष के होने जा रहे नोवाक के कौशल ही नहीं फुर्ती पर भी भारी पड़े हों। परिणाम यह रहा कि जोकोविक ने कभी भविष्य का ग्रैंड स्लैम चैंपियन माने जाने वाले सितसिपास को सीधे सेटों में 6-3, 6-4, 6-2 से हराकर तीसरे दौर में जगह बना ली और अपने 25वें ग्रैंड स्लैम खिताब की तलाश में आसानी से एक और कदम आगे बढ़ गए। मुकाबले में दूसरे सेट में 4-4 के स्कोर पर ब्रेक पाइंट का सामना करते हुए सितसिपास के पास विनर शाट मारने के दो मौके थे, लेकिन उनके दोनों ओवरहेड शाठ निशाने से चूक गए। जोकोविक ने इस लापरवाही का फायदा उठाकर ब्रेक हासिल किया और इसके साथ ही उन्होंने अपने ग्रीक प्रतिद्वंद्वी की उलटफेर करने की किसी भी उम्मीद को खत्म कर दिया। सातवीं वरीयता प्राप्त खिलाड़ी ने पिछले 10 में से आठ गेम जीते और सितसिपास को उनके आपसी मुकाबलों में लगातार 12वीं हार का सामना करना पड़ा। जीत के बाद जोकोविक ने दर्शकों से कहा कि जाहिर है जब आप इस तरह खेलते हैं तो कोर्ट पर बहुत खुशी, संतुष्टि और आनंद महसूस होता है। मैं बहुत अच्छा महसूस कर रहा हूं। जोकोविक इस जीत से विंबलडन में रोजर फेडरर के पुरुषों के 105 मैच जीतने के रिकार्ड की बराबरी करने से बस एक जीत दूर रह गए हैं। अब उनका अगला मुकाबला 25वीं वरीयता प्राप्त फ्रांसीसी खिलाड़ी आर्थर रिंडरकनेच से होगा। बिना किसी परेशानी के तीसरे दौर में पहुंचे सिनर विंबलडन के गत चैंपियन जानिक सिनर ने पुर्तगाल के नूनो बोर्जेस को दूसरे दौर के मुकाबले में आसानी से हरा दिया। पहले दौर में सर्बिया के मियोमिर केकमैनोविच के विरुद्ध पांच सेट के तनावपूर्ण मुकाबले में मुश्किलों का सामना करने के बाद शीर्ष वरीयता प्राप्त सिनर ने इस मुकाबले में 7-6(4) 7-6(2) 6-4 से जीत हासिल की और शायद ही कभी खतरे में दिखे। हालांकि दुनिया के 48वें नंबर के खिलाड़ी बोर्जेस ने उन्हें कड़ी टक्कर दी और दूसरा सेट जीतने से बस एक पाइंट दूर थे, लेकिन अहम मौकों पर सिनर चट्टान की तरह अडिग रहे और एक और लंबे मुकाबले से बच गए और इटली के लिए 95वीं ग्रैंड स्लैम मैच जीत का रिकार्ड बनाया, जिससे वे निकोला पिएत्रांगेली से आगे निकल गए। गफ को संघर्ष से मिली जीत, एंड्रीवा बाहर सातवीं वरीयता प्राप्त अमेरिका की कोको गफ विंबलडन में चार साल में तीसरी बार दूसरे दौर में हारने की कगार पर थीं। उनकी प्रतिद्वंदी अर्जेंटीना की सोलाना सिएरा तीसरे सेट में 5-4 से आगे थीं और मैच जीतने के लिए सर्व कर रही थीं, लेकिन अंतत: गफ ने यह मुकाबला 6-3, 3-6, 7(10)-6(7) से जीत लिया और इस संघर्षपूर्ण जीत के साथ तीसरे दौर में पहुंच गईं। जीत के बाद गफ ने कहा कि शायद अगर मैं चाहूं भी तो इसे दोबारा नहीं कर पाऊंगी। हालांकि पांचवीं वरीयता प्राप्त मीरा एंड्रीवा इतनी भाग्यशाली नहीं निकली और 2015 में सेरेना विलियम्स के बाद लगातार फ्रेंच ओपन और विंबलडन जीतने वाली पहली महिला खिलाड़ी बनने का उनका सपना पूर्व चैंपियन बारबोरा क्रेजिकोवा ने तोड़ दिया। क्रेजिकोवा ने इस मुकाबले में 19 वर्षीय एंड्रीवा को 4-6, 7-5, 6-4 से शिकस्त देकर दूसरे दौर से बाहर कर दिया।

विंबलडन में बड़ा उलटफेर, 20 वर्षीय माया जाइंट ने सेरेना विलियम्स को हराया

रायटर  चार साल के बाद विंबलडन टेनिस टूर्नामेंट में वाइल्ड कार्ड एंट्री के साथ जब मंगलवार रात अमेरिका की दिग्गज सेरेना विलियम्स कोर्ट पर उतरीं तो सभी को उम्मीद थी कि वह 2004 में मार्टिना नवरातिलोवा के उसी तरह के इतिहास को दोहराएंगी, जब 47 वर्षीय मार्टिना ऑल इंग्लैंड क्लब में सिंगल्स मैच जीतने वाली सबसे उम्रदराज महिला बनी थीं। लेकिन मर्टिना के बाद दूसरी सबसे उम्रदराज महिला के रूप में ऐसा करने से 44 वर्षीय सेरेना चूक गईं और ऑस्ट्रेलिया की 20 वर्षीय माया जाइंट आखिरकार 6-3, 6-7(6), 6-3 के आंकड़ों के साथ उन पर भारी पड़ीं। हालांकि यह आंकड़े यह भी बयां कर रहे हैं कि उम्र के इस पड़ाव और खेल के अभ्यास में रही निरंतरता की कमी के बावजूद सेरेना ने उम्मीद से कहीं बढ़कर शानदार खेल दिखाया और यही कारण रहा कि मुकाबले के अंत तक उन्हें दर्शकों का वही भरपूर समर्थन मिलता रहा, जिसकी वह हकदार रही हैं। 20 साल की जाइंट का जन्म तब भी नहीं हुआ था जब सेरेना ने अपने 23 ग्रैंड स्लैम सिंगल्स खिताबों में से पहले सात खिताब जीत लिए थे। हालांकि माया ने इस सब बातों का ध्यान न रखते हुए और अपनी प्रतिद्वंद्वी की वापसी को लेकर मचे शोर-शराबे को भी नजरअंदाज करते हुए अपने शुरुआती करियर की सबसे यादगार जीत हासिल की। माया पिछले 12 टूर्नामेंटों में सिर्फ एक मैच जीतकर सेंटर कोर्ट पर उतरी थीं, लेकिन जब वह बाहर निकलीं तो वह खेल की महान खिलाड़ियों में से एक को जबरदस्त शिकस्त देने की खुशी में डूबी हुई थीं और कह बैठीं कि यह बहुत अजीब और शानदार है। उन्होंने यह भी कहा कि सच कहूं तो मुझे नहीं पता कि अभी क्या हुआ पर मैं बचपन से ही इस पल का सपना देख रही थी। वहीं सेरेना ने मैच कहा कि विंबलडन में वापस आना वाकई बहुत अच्छा था। मैंने कभी यहां आने की उम्मीद नहीं की थी। माहौल शानदार था। बाहर निकलना अद्भुत था। मैंने निश्चित रूप से इसका आनंद लिया, इसे याद किया और किसी भी चीज से ज्यादा इस पल का मजा लिया। सेरेनाने अपना आखिरी आल इंग्लैंड क्लब खिताब 10 साल पहले जीता था। बहन वीनस और बेटियों ने बढ़ाया हौसला: मैच के लिए हेडफोन पहने हुए जब सेरेना कोर्ट पर पहुंचीं तो जबरदस्त शोर के साथ स्वागत कर रहे दर्शकों के बीच उनकी बड़ी बहन 46 वर्षीय दिग्गज वीनस विलियम्स भी खड़ी थीं। वह सेरेना की एंट्री पर हो रहे जश्न को रिकॉर्ड कर रही थीं। सेरेना की बेटियां ओलंपिया और अदिरा भी मंत्रमुग्ध होकर यह सब देख रही थीं। वहीं अमेरिका के ही महान खिलाड़ी जान मैकेनरो विलियम्स को फिर से खेलते हुए देखने के लिए बेताब थे। संघर्षपूर्ण हार के साथ वावरिंका ने विंबलडन को कहा अलविदा तीन बार के ग्रैंड स्लैम विजेता स्विटजरलैंड के स्टेन वावरिंका ने मंगलवार रात विंबलडन को अलविदा कह दिया। उन्हें इटली के माटेओ बेरेटिनी ने चार रोमांचक सेटों में 6-7 (7), 7-6(16), 7-6 (7), 7-6 (5) से हराया। पूर्व वर्ल्ड नंबर-3 वावरिंका इस सीजन के आखिर में रिटायर हो रहे हैं, लेकिन इससे पहले आल इंग्लैंड क्लब में उन्होंने दर्शकों का खूब मनोरंजन किया। हालांकि 4 घंटे 19 मिनट की लड़ाई के बाद बेरेटिनी उन पर एक बहुत मजबूत प्रतिद्वंद्वी साबित हुए। 41 साल और 106 दिन की उम्र में वावरिंका ड्रा में शामिल सबसे उम्रदराज़ पुरुष खिलाड़ी थे। यह उनका 19वां और आखिरी विंबलडन टूर्नामेंट था। टूर पर अपने आखिरी सीजन में वह अपनी पसंदीदा जगहों को अलविदा कह रहे हैं। भावुक वावरिंका ने कहा कि आज रात फिर से एक जबरदस्त मुकाबला हुआ। जिस चीज से आप इतना प्यार करते हैं, उसे अलविदा कहना कभी आसान नहीं होता। मैं सभी का शुक्रिया अदा करना चाहता हूं। इससे बेहतर विदाई की मैं कल्पना भी नहीं कर सकता था। पहले दौरा के अन्य प्रमुख मुकाबलों के परिणाम     पुरुष सिंगल्स में फ्रेंच ओपन के विजेता जर्मनी के अलेक्जेंडर ज्वेरेव ने बेल्जियम के अलेक्जेंडर ब्लाकक्स को 6-4, 6-7(8), 7-6(5), 7-6(0) से हराया।     पुरुष सिंगल्स में चौथी वरीयता प्राप्त अमेरिका के बेन शेल्टन ने फिनलैंड के ओटो विरतानेन को 6-4, 3-6, 6-7(8), 6-2, 7-6 (11-9) से शिकस्त दी।     महिला सिंगल्स में अमेरिका की अमांडा अनिसिमोवा ने उत्तरी मेसेडोनिया की लीना ग्योर्चेस्का को 61 मिनट में ही 6-3 6-2 से आसानी से हरा दिया।     महिला सिंगल्स में इटली की जैस्मीन पाओलिनी ने अमेरिका की राबिन मोंटगोमरी को संघर्षपूर्ण मुकाबले में 0-6, 6-4, 7-5 से शिकस्त दी।  

विंबलडन 2026 ड्रॉ: सेरेना की वापसी से बढ़ा रोमांच, जोकोविक-सिनर और स्वियातेक-रिबाकिना पर नजर

 लंदन  सात बार की विंबलडन चैंपियन अमेरिका की सेरेना विलियम्स चार साल बाद ग्रैंड स्लैम में वापसी करेंगी। टूर्नामेंट के पहले दौर में उनका मुकाबला ऑस्ट्रेलिया की 20 वर्षीय माया जाइंट से होगा। 44 वर्षीय सेरेना को आयोजकों ने वाइल्ड कार्ड दिया है और वह 2022 के बाद पहली बार विंबलडन में सिंगल्स मुकाबला खेलेंगी। सेरेना ने 2022 के अमेरिकी ओपन के बाद कहा था कि वह टेनिस से आगे बढ़ रही हैं। अब वापसी पर उनकी चुनौती आसान नहीं होगी, क्योंकि दुनिया की 53वें नंबर की खिलाड़ी माया जाइंट दो डब्ल्यूटीए खिताब जीत चुकी हैं, जिनमें पिछले साल ईस्टबार्न का ग्रास कोर्ट खिताब भी शामिल है सबालेंका के सामने कोस्तोविच महिला वर्ग में शीर्ष वरीयता प्राप्त एरिना सबालेंका अपने अभियान की शुरुआत सर्बिया की क्वालीफायर तेओदोरा कोस्तोविच के विरुद्ध करेंगी। मौजूदा चैंपियन इगा स्वियातेक का सामना अमेरिका की टेलर टाउनसेंड से होगा। तीसरी वरीय स्वियातेक और दूसरी वरीय एलेना रिबाकिना एक ही हिस्से में हैं। रिबाकिना पहले दौर में फ्रांस की लोइस बोइसों से भिड़ेंगी। वहीं, पुरुष वर्ग में मौजूदा चैंपियन और शीर्ष वरीय इटली के यानिक सिनर सोमवार को सेंटर कोर्ट पर अपने अभियान की शुरुआत सर्बिया के मियोमिर केचमानोविच के विरुद्ध करेंगे। दूसरी वरीयता प्राप्त और हाल में फ्रेंच ओपन चैंपियन बने अलेक्जेंडर ज्वेरेव का मुकाबला बेल्जियम के अलेक्जेंडर ब्लाक्स से होगा। निकला दिलचस्प ड्रॉ ड्रॉ में कई दिलचस्प मुकाबले भी सामने आए हैं। ब्रिटेन के जैक ड्रेपर का सामना छठी वरीयता प्राप्त अमेरिका के टेलर फ्रिट्ज से होगा, जबकि 41 वर्षीय स्विट्जरलैंड के दिग्गज स्टान वावरिंका अपने आखिरी विंबलडन में पूर्व उपविजेता माटेओ बेरेटिनी से भिड़ेंगे। 39 वर्षीय नोवाक जोकोविक रिकॉर्ड 25वें ग्रैंड स्लैम सिंगल्स खिताब की तलाश में पहले दौर में चीन के वू यीबिंग से खेलेंगे। यदि वह आगे बढ़ते हैं तो सेमीफाइनल में उनकी भिड़ंत सिनर से हो सकती है। सिनर के लिए पहले दौर में केचमानोविच आसान प्रतिद्वंद्वी नहीं होंगे। सिनर बिना किसी ग्रास कोर्ट अभ्यास टूर्नामेंट के विंबलडन पहुंचे हैं और उनकी फिटनेस को लेकर भी सवाल बने हुए हैं। फ्रेंच ओपन में वह दो सेट की बढ़त गंवाकर अर्जेंटीना के जुआन मैनुअल सेरुंडोलो से हार गए थे। हालांकि, कार्लोस अलकराज के चोट के कारण बाहर होने से सिनर को लगातार दूसरा विंबलडन खिताब जीतने का प्रबल दावेदार माना जा रहा है। क्वार्टर फाइनल में उनका संभावित मुकाबला आठवीं वरीयता प्राप्त दानिल मेदवेदेव से हो सकता है। हालांकि मेदवेदेव को पहले ही दौर में पूर्व उपविजेता मारिन चिलिच से कड़ी चुनौती मिलेगी।

सेरेना और वीनस विलियम्स की जोड़ी विंबलडन में वापसी करेगी, 14 ग्रैंड स्लैम विजेता फिर साथ खेलेंगी

 लंदन  टेनिस की दिग्गज बहनें सेरेना विलियम्स और वीनस विलियम्स एक बार फिर विंबलडन में डबल्स जोड़ी के रूप में उतरेंगी। ऑल इंग्लैंड क्लब ने मंगलवार को घोषणा की कि विलियम्स बहनों को घास के कोर्ट पर खेले जाने वाले इस ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट के लिए डबल्स वर्ग में वाइल्ड कार्ड दिया गया है। विंबलडन 29 जून से शुरू होगा। 44 वर्षीय सेरेना ने हाल ही में लगभग चार साल बाद पेशेवर टेनिस में वापसी की है, जबकि वीनस बुधवार को 46 वर्ष की हो जाएंगी और अभी भी बीच-बीच में प्रतिस्पर्धी टेनिस खेलती हैं। साथ में जीते 14 ग्रैंड स्लैम विलियम्स बहनों ने डबल्स में साथ मिलकर 14 ग्रैंड स्लैम खिताब जीते हैं, जिनमें विंबलडन के छह खिताब शामिल हैं। उन्होंने अपना पहला विंबलडन डबल्स खिताब 2000 में और आखिरी 2016 में जीता था। 2000 और 2002 में उनके शुरुआती दो विंबलडन डबल्स खिताब वाइल्ड कार्ड के जरिए आए थे। पिछले सप्ताह लंदन के क्वींस क्लब में सेरेना ने विक्टोरिया म्बोको के साथ अपना पहला डबल्स मैच जीता था। इसके बाद उन्हें बर्लिन ओपन में कैरोलिना मुचोवा के साथ खेलने का कार्यक्रम था। 2022 में दिखी थीं साथ विलियम्स बहनों ने आखिरी बार 2022 के यूएस ओपन में साथ डबल्स खेला था, जहां वे अपना पहला मैच हार गई थीं। उससे पहले वे साढ़े चार वर्षों तक साथ नहीं खेली थीं। वहीं, सेरेना ने सिंगल्स में वापसी की संभावना से इन्कार नहीं किया है। महिलाओं के सिंगल्स वर्ग के आठ वाइल्ड कार्ड स्थानों में से एक को अभी घोषित किया जाना बाकी रखा गया है।  

टेनिस में बड़ा बदलाव: विंबलडन का प्राइज मनी बढ़ा, खिलाड़ियों की हिस्सेदारी पर बहस तेज

लंदन  खिलाड़ियों की राजस्व में अधिक हिस्सेदारी की मांग के बीच विंबलडन ने गुरुवार को कुल इनामी राशि में 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी का ऐलान किया। अगले महीने होने वाले इस ग्रास कोर्ट ग्रैंडस्लैम टेनिस टूर्नामेंट के एकल चैंपियन को अब 48 लाख डॉलर (करीब 46 करोड़ रुपये) मिलेंगे। वर्ष के तीसरे ग्रैंडस्लैम विंबलडन 29 जून से 12 जुलाई तक खेला जाएगा। ऑल इंग्लैंड क्लब की अध्यक्ष डेबोरा जेवंस ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि खिलाड़ियों के रोजाना भत्ते सहित कुल इनामी राशि 8.58 करोड़ डॉलर (करीब 821 करोड़ रुपये) होगी, जो अब तक की सबसे बड़ी बढ़ोतरी है। जेवंस ने कहा कि मुझे आशा है कि खिलाड़ी इसका स्वागत करेंगे। दरअसल, खिलाड़ी लंबे समय से चार ग्रैंडस्लैम से होने वाली कमाई में अधिक हिस्सेदारी की मांग कर रहे हैं और हाल ही में उन्होंने सामूहिक कार्रवाई की दिशा में कदम उठाना शुरू किया है। फ्रेंच ओपन से पहले दुनिया की नंबर एक महिला खिलाड़ी एरिना सबालेंका ने कहा था कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं होती हैं तो खिलाड़ियों को किसी ना किसी स्तर पर बहिष्कार करना चाहिए। पुरुषों के नंबर एक खिलाड़ी जानिक सिनर, कोको गफ और अन्य खिलाड़ियों ने भी इस मुद्दे पर अपनी बात रखी। इसके बाद रोलां गैरो पर टूर्नामेंट से पहले हुई प्रेस कांफ्रेंस में शीर्ष 10 खिलाड़ियों ने टूर्नामेंट से होने वाली कमाई में अपने हिस्से को लेकर सांकेतिक विरोध जताते हुए पत्रकारों के साथ अपने सत्र को 15 मिनट तक ही सीमित रखा। एक साल से कुछ अधिक समय पहले 20 प्रमुख खिलाड़ियों ने चारों ग्रैंडस्लैम के प्रमुखों को एक पत्र भेजा था जिसमें अधिक इनामी राशि और फैसले लेने की प्रक्रिया में अपनी अधिक भागीदारी की मांग की गई थी। ग्रैंडस्लैम में कितनी इनामी राशि (सिंगल्स विजेता)     आस्ट्रेलियन ओपन : 25 करोड़ रुपये     फ्रेंच ओपन : 30 करोड़ रुपये     विंबलडन : 46 करोड़ रुपये     यूएस ओपन : 44 करोड़ रुपये