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1038.27 मेगावॉट क्षमता ने बढ़ाई ऊर्जा आत्मनिर्भरता की रफ्तार

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व और स्पष्ट नीति निर्देशन का ही परिणाम है कि राज्य में सौर ऊर्जा के तीन लाख इंस्टॉलेशन (3,00654) का लक्ष्य पार कर लिया है। उत्तर प्रदेश ने नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में जो उपलब्धि हासिल की है वह ऐतिहासिक है। यह उपलब्धि उत्तर प्रदेश को देश के अग्रणी सौर राज्यों में शामिल करती है और ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इस मामले में गुजरात और महाराष्ट्र ही उत्तर प्रदेश से आगे हैं ।  आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में कुल 983915 आवेदनों में से 300654 इंस्टॉलेशन पूरे किए जा चुके हैं। राज्य में सौर ऊर्जा की कुल इंस्टॉलेशन क्षमता 1038.27 मेगावॉट तक पहुंच चुकी है जिससे लाखों परिवारों को स्वच्छ और किफायती ऊर्जा प्राप्त हो रही है।  पिछले 8 वर्षों में योगी आदित्यनाथ सरकार ने नवीकरणीय ऊर्जा को अपनी प्राथमिकता में शामिल किया है। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में सोलर रूफटॉप की पहुंच बढ़ाने के लिए पारदर्शी प्रक्रिया डिजिटल मॉनिटरिंग और समयबद्ध इंस्टॉलेशन पर विशेष जोर दिया गया है। पीएम सूर्यघर योजना और राज्य की नई सौर नीति के जरिए बड़े पैमाने पर अवसंरचना तैयार की गई जिसने ऊर्जा क्षेत्र में विश्वास और सरलता का नया माहौल बनाया है। ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तर प्रदेश में सौर ऊर्जा की यह तेज प्रगति आने वाले वर्षों में प्रदेश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव लाएगी। मौजूदा 1038.27 मेगावॉट क्षमता न सिर्फ बिजली की मांग को संतुलित कर रही है बल्कि अतिरिक्त ऊर्जा उत्पादन का मार्ग भी प्रशस्त कर रही है। इसका लाभ उद्योगों कृषि और घरेलू उपभोक्ताओं को समान रूप से मिल रहा है जिससे प्रदेश की आर्थिक गति और तेज हो रही है। इस उपलब्धि का सबसे बड़ा लाभ ग्रामीण क्षेत्रों में दिखाई दे रहा है। सोलर इंस्टॉलेशन से गांवों में बिजली बिलों में उल्लेखनीय कमी दर्ज हुई है। कई परिवार अतिरिक्त ऊर्जा ग्रिड को बेचकर सालाना आय भी बढ़ा रहे हैं। यही वजह है कि सौर ऊर्जा के लिए आवेदन संख्या लगातार बढ़ रही है और उत्तर प्रदेश देश के सबसे बड़े रिन्यूएबल एनर्जी बाजारों में तेजी से उभर रहा है। सरकारी आंकड़ों और जमीनी स्थितियों से यह स्पष्ट होता है कि योगी आदित्यनाथ सरकार ने नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में गति और पारदर्शिता दोनों को प्राथमिकता दी है। विशेषज्ञ मानते हैं कि तीन लाख इंस्टॉलेशन का लक्ष्य पार करना केवल एक आंकड़ा नहीं बल्कि यह उस नए ऊर्जा ढांचे का प्रतीक है जिसकी ओर उत्तर प्रदेश लगातार आगे बढ़ रहा है। ऊर्जा आत्मनिर्भरता पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक सशक्तिकरण के तीनों मोर्चों पर उत्तर प्रदेश ने जो उपलब्धि दर्ज की है वह आने वाले वर्षों में देश के नवीकरणीय ऊर्जा सेक्टर को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

जनसुरक्षा के लिए अवैध शराब माफियाओं पर योगी आदित्यनाथ सरकार की कड़ी कार्रवाई

विशेष अभियानों द्वारा उत्तर प्रदेश में अंतर्राज्यीय गिरोह ध्वस्त रामपुर, बरेली, लखीमपुर खीरी में अवैध शराब की सबसे ज्यादा बरामदगी, प्रदेश में 18.5 लाख लीटर अवैध शराब बरामद लखनऊ,  उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने अवैध शराब और मादक द्रव्यों के खिलाफ अपना अब तक का सबसे सबसे व्यापक और असरदार अभियान चलाकर शराब माफियाओं को सख्त संदेश दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि अवैध शराब माफिया के लिए प्रदेश में न तो जगह है और न ही कोई ढिलाई। सख्त नीति, संयुक्त प्रवर्तन तंत्र और लगातार निगरानी ने प्रदेश में कानून व्यवस्था को और मजबूत करते हुए जनसुरक्षा को केंद्र में रखा है। सख्त कार्रवाई से गिरा अवैध शराब का ग्राफ आबकारी विभाग ने वित्तीय वर्ष 2025–26 में अक्टूबर 2025 तक शराब तस्करों के खिलाफ कुल 70,017 मामले दर्ज किए और 18.5 लाख लीटर अवैध शराब बरामद की। अवैध शराब की बिक्री से जुड़े 13,243 लोगों को पकड़ा गया और 2,464 आरोपियों को जेल भेजा गया। आबकारी विभाग का अभियान इस बात का प्रमाण है कि योगी सरकार इस पूरे नेटवर्क को उखाड़ फेंकने की दिशा में कड़ाई बरत रही है। नवंबर 2025 में भी अवैध शराब कारोबार के विरुद्ध सरकार का अभियान जारी रहा और सिर्फ एक माह में 10,002 अभियोग दर्ज करने के साथ 2.35 लाख लीटर अवैध शराब की बरामदगी की गई। त्योहार और विशेष अवसर पर विशेष अभियान   त्योहारों और विशेष अवसरों पर अवैध शराब की मांग बढ़ने की आशंका को देखते हुए सरकार ने वर्ष 2025–26 में अक्टूबर तक 5 विशेष छापेमारी अभियान चलाए। अभियान का छठा चरण 17 नवंबर से आरंभ हुआ है जो 16 दिसंबर तक जारी रहेगा। इन अभियानों के दौरान 20,590 मामले दर्ज किए गए और 5.2 लाख लीटर अवैध शराब की बरामदगी की गईं। अभियान के दौरान 3,976 गिरफ्तारियां और 657 आरोपियों को जेल भेजा गया। आबकारी विभाग की टीम ने 23 तस्करी वाहन भी जब्त किए। अवैध शराब कारोबार के खिलाफ योगी आदित्यनाथ सरकार की संगठित, रणनीतिक और सख्त कार्रवाई एक मिसाल बन गई है। अंतरराज्यीय गिरोहों पर प्रहार, बड़े स्तर पर बरामदगी आबकारी विभाग द्वारा अप्रैल से अक्टूबर 2025 के बीच अंतरराज्यीय तस्करी के विरुद्ध चलाए गए विशेष अभियानों में प्रदेश ने बड़ी सफलताएं अर्जित की है। इस अवधि में सोनभद्र में 18,491 लीटर, मथुरा में 9,913 लीटर, लखनऊ में 7,247 लीटर, बलिया में 6,152 लीटर, और आजमगढ़ में 4,958 लीटर अवैध शराब बरामद की गई। बरामदगी की मात्रा और अभियोगों की गंभीरता साफ दर्शाती है कि अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय गिरोहों पर इस बार की कार्रवाई सबसे प्रभावी रही। सबसे अधिक अवैध शराब बरामदगी वाले जिले   आबकारी विभाग द्वारा कई जिलों में एक ही अभियान में बड़ी मात्रा में शराब पकड़े जाने से यह भी स्पष्ट है कि योगी आदित्यनाथ सरकार की आक्रामक रणनीति से सीमावर्ती क्षेत्रों में तस्करी की गतिविधियों पर लगाम लगा है। अक्टूबर 2025 तक चले छापेमारी अभियानों में सबसे अधिक शराब की बरामदगी रामपुर जिले से हुई है। यहां से कुल 62,950 लीटर अवैध शराब पकड़ी गई। वहीं बरेली में 59,451 लीटर, लखीमपुर खीरी से 55,697 लीटर, झांसी में 45,080 लीटर और हरदोई में 45,053 लीटर शराब जब्त हुई। जो इन जिलों में चलाए गए सघन अभियानों की सफलता को रेखांकित करती है। इन जिलों में दर्ज अभियोगों की संख्या भी उल्लेखनीय रही। लखीमपुर खीरी में 2,480, रामपुर में 1,677, बरेली में 1,646 अभियोग दर्ज किए गए। इन अभियानों में तस्करी में उपयोग हुए वाहनों की भी बड़ी संख्या में जब्ती हुई जिससे अवैध शराब कारोबार की कमर टूट गई।

सोलर बूम : योगी आदित्यनाथ सरकार ने रचा इतिहास तीन लाख इंस्टॉलेशन का रिकॉर्ड

1038.27 मेगावॉट क्षमता ने बढ़ाई ऊर्जा आत्मनिर्भरता की रफ्तार 2074.53 करोड़ रुपये की सब्सिडी से उपभोक्ताओं को बड़ी राहत गांवों से शहरों तक सोलर रूफटॉप ने बदली उपभोक्ताओं की आर्थिक तस्वीर लखनऊ, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व और स्पष्ट नीति निर्देशन का ही परिणाम है कि राज्य में सौर ऊर्जा के तीन लाख इंस्टॉलेशन (3,00654) का लक्ष्य पार कर लिया है। उत्तर प्रदेश ने नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में जो उपलब्धि हासिल की है वह  ऐतिहासिक है। यह उपलब्धि उत्तर प्रदेश को देश के अग्रणी सौर राज्यों में शामिल करती है और ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इस मामले में गुजरात और महाराष्ट्र ही उत्तर प्रदेश से आगे हैं । आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में कुल 983915 आवेदनों में से 300654 इंस्टॉलेशन पूरे किए जा चुके हैं। राज्य में सौर ऊर्जा की कुल इंस्टॉलेशन क्षमता 1038.27 मेगावॉट तक पहुंच चुकी है जिससे लाखों परिवारों को स्वच्छ और किफायती ऊर्जा प्राप्त हो रही है। इसके साथ ही राज्य सरकार अब तक 2074.53 करोड़ रुपये की सब्सिडी जारी कर चुकी है जिसने उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ को काफी हद तक कम कर दिया है। पिछले 8 वर्षों में योगी सरकार ने नवीकरणीय ऊर्जा को अपनी प्राथमिकता में शामिल किया है। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में सोलर रूफटॉप की पहुंच बढ़ाने के लिए पारदर्शी प्रक्रिया डिजिटल मॉनिटरिंग और समयबद्ध इंस्टॉलेशन पर विशेष जोर दिया गया है। पीएम सूर्यघर योजना और राज्य की नई सौर नीति के जरिए बड़े पैमाने पर अवसंरचना तैयार की गई जिसने ऊर्जा क्षेत्र में विश्वास और सरलता का नया माहौल बनाया है। ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तर प्रदेश में सौर ऊर्जा की यह तेज प्रगति आने वाले वर्षों में प्रदेश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव लाएगी। मौजूदा 1038.27 मेगावॉट क्षमता न सिर्फ बिजली की मांग को संतुलित कर रही है बल्कि अतिरिक्त ऊर्जा उत्पादन का मार्ग भी प्रशस्त कर रही है। इसका लाभ उद्योगों कृषि और घरेलू उपभोक्ताओं को समान रूप से मिल रहा है जिससे प्रदेश की आर्थिक गति और तेज हो रही है। इस उपलब्धि का सबसे बड़ा लाभ ग्रामीण क्षेत्रों में दिखाई दे रहा है। सोलर इंस्टॉलेशन से गांवों में बिजली बिलों में उल्लेखनीय कमी दर्ज हुई है। कई परिवार अतिरिक्त ऊर्जा ग्रिड को बेचकर सालाना आय भी बढ़ा रहे हैं। यही वजह है कि सौर ऊर्जा के लिए आवेदन संख्या लगातार बढ़ रही है और उत्तर प्रदेश देश के सबसे बड़े रिन्यूएबल एनर्जी बाजारों में तेजी से उभर रहा है। सरकारी आंकड़ों और जमीनी स्थितियों से यह स्पष्ट होता है कि योगी सरकार ने नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में गति और पारदर्शिता दोनों को प्राथमिकता दी है। विशेषज्ञ मानते हैं कि तीन लाख इंस्टॉलेशन का लक्ष्य पार करना केवल एक आंकड़ा नहीं बल्कि यह उस नए ऊर्जा ढांचे का प्रतीक है जिसकी ओर उत्तर प्रदेश लगातार आगे बढ़ रहा है। ऊर्जा आत्मनिर्भरता पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक सशक्तिकरण के तीनों मोर्चों पर उत्तर प्रदेश ने जो उपलब्धि दर्ज की है वह आने वाले वर्षों में देश के नवीकरणीय ऊर्जा सेक्टर को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

योगी आदित्यनाथ सरकार जौनपुर के खिलाड़ियों को नए साल में सिंथेटिक रनिंग ट्रैक की देगी सौगात

लगभग 865.92 लाख रुपये की लागत से बने सिंथेटिक रनिंग ट्रैक को वर्ल्ड एथलेटिक्स ने दिया प्रमाण पत्र पूर्वांचल की मिट्टी अब अंतर्राष्ट्रीय खेलों में मेडल लाने के लिए हो रही तैयार जौनपुर की धरती से अब जल्दी ही राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के धावक होंगे तैयार इंदिरा गांधी स्पोर्ट्स स्टेडियम में 400 मीटर × 8 लेन की सिंथेटिक रनिंग ट्रैक का निर्माण हुआ पूर्ण लखनऊ, पूर्वांचल की मिट्टी अब और मेडल लाने के लिए तैयार हो रही है। जौनपुर की धरती से अब जल्दी ही राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के धावक तैयार होंगे। यहाँ के इंदिरा गांधी स्पोर्ट्स स्टेडियम में पहली बार सिंथेटिक रनिंग ट्रैक पर खिलाड़ी प्रैक्टिस कर सकेंगे। पूर्वांचल के धावक किसी भी मौसम में इस सिंथेटिक रनिंग ट्रैक पर दौड़ सकेंगे। 400 मीटर × 8 लेन  की सिंथेटिक ट्रैक का निर्माण लगभग 865.92 लाख रुपये की लागत से पूर्ण हो गया है।सिंथैटिक रनिंग ट्रैक को वर्ल्ड एथलेटिक्स प्रमाणन मिल चुका है ,जल्द ही इसे सम्बंधित विभाग को हस्तांतरित किया जायेगा। जौनपुर में धावकों को दौड़ने के लिए इंटरनेशनल लेवल के एथलेटिक्स  सिंथेटिक रनिंग ट्रैक की जरूरत काफी समय से महसूस की जा रही थी। योगी सरकार ने धावकों की इस जरुरत को समझते हुए ,जौनपुर में अंतर्राष्ट्रीय स्तर का सिंथेटिक रनिंग ट्रैक का निर्माण करवा दिया है। उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट्स कॉर्पोरेशन लिमिटेड के प्रोजेक्ट मैनेजर मानवेन्द्र सिंह ने बताया कि स्पोर्ट्स स्टेडियम में 400 मीटर × 8 लेन सिंथेटिक रनिंग ट्रैक का निर्माण पूरा हो चुका है। वर्ल्ड एथलेटिक्स  द्वारा सिंथेटिक रनिंग ट्रैक को प्रमाण पत्र  मिल चुका है ,जल्दी इसे सम्बंधित विभाग को हैंडओवर किया जायेगा। इंटरनेशनल लेवल का रनिंग ट्रैक खिलाड़ियों को दौड़ने के लिए  नए वर्ष में  मिल सकता है।  ओलंपिक और एशियाड समेत अन्य राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भारत के बढ़ते मेडलों की संख्या इस बात को साबित करती हुई दिख रही कि डबल इंजन की सरकार खेल व खिलाड़ियों की सुविधाओं को लेकर काफी गंभीर है। सरकार पिछले आठ सालो से देश मे खेलों के मूल भूत ढांचे को सुधारने में जुटी है। आने वाले समय में भारत के खिलाड़ियों का दबदबा दुनिया के खिलाड़ियों के बीच और देखने को मिलेगा। जिला क्रीड़ा अधिकारी चन्दन सिंह ने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय सिंथेटिक रनिंग ट्रैक बन जाने से अब खिलाड़ियों को अपने शहर से दूर नहीं जाना पड़ेगा। जो खिलाडी दूर जाकर अन्य जिलों में प्रैक्टिस कर रहे है व अपने घर वापस आकर राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर के प्रतियोगिताओं की तैयारी करना चाह रहे है। एथलेटिक्स कोच कृष्णा यादव ने बताया कि अब जौनपुर में स्पोर्ट्स कैंप लग सकता है ,यहाँ राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएं हो सकेंगी है। जिससे नए खिलाड़ियों को एथलीट की बारीकियो को देखने और सिखने का मौका मिलेगा। धावक पूजा यादव ने बताया कि पहले बारिश के मौसम में प्रैक्टिस नहीं हो कर पाते थे ,सिंथेटिक रनिंग ट्रैक के लिए योगी जी को धन्यवाद कहना चाहते है,अब सभी मौसम में प्रैक्टिस कर सकेंगे जिससे अभ्यास की निरंतरता बनी रहगी और परफॉरमेंस बेहतर होगा। एथलीट नितेश चौहान ने बताया कि सरकार ने घर में अंतरराष्ट्रीय स्तर का रनिंग ट्रैक दिया है, हम जैसे खिलाड़ियों के लिए बहुत बड़े सौभाग्य की बात है। स्टेट और नेशनल प्रतियोगिताएं सिंथेटिक रनिंग ट्रैक पर होती थी। हम लोग पहले घास व मिट्टी के ट्रैक पर प्रैक्टिस करते थे,जिससे सिंथेटिकट्रैक पर होने वाली प्रतियोगितओं में पिछड़ जाते थे।

सीएम योगी के मिशन शक्ति 5.0 के तहत एक बार फिर तेज की गई अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई

मिशन शक्ति 5.0 :योगी सरकार की पुलिस ने अब तक 256 दुर्दांत अपराधियों को किया ढेर, मेरठ जोन अव्वल  सीएम योगी के मिशन शक्ति 5.0 के तहत एक बार फिर तेज की गई अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई  पिछले बीस दिनों में अपराधियों पर लगाम लगाने के लिए एक दर्जन से अधिक एनकाउंटर की कार्रवाई हुई  – योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत जारी है एनकाउंटर की कार्रवाई – सबसे अधिक मेरठ में 85 अपराधी किए गए ढेर, अपराधियों को ढेर करने में मेरठ जोन पहले स्थान पर    – एनकाउंटर की कार्रवाई में दूसरे नंबर पर है वाराणसी जोन और तीसरे नंबर पर है आगरा जोन  लखनऊ योगी सरकार की यूपी पुलिस ने मिशन शक्ति 5.0 के तहत एक बार फिर अपराध और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए पिछले बीस दिनों में एक दर्जन से अधिक एनकाउंटर की कार्रवाई को अंजाम दिया। इस दौरान कई अपराधियों को यमलोक का रास्ता दिखाया जबकि कई को हॉफ एनकाउंटर में दबोचा। यूपी पुलिस ने बीते सोमवार को मेरठ में एक बच्ची के साथ दरिंदगी के मामले में 25 हजार के इनामी बदमाश शहजाद उर्फ निक्की को ढेर किया जबकि कुछ दिन पहले बरेली में अभिनेत्री दिशा पाटनी के घर पर फायरिंग करने वाले बदमाशों को करारा जवाब दिया।       एनकाउंटर में मेरठ जोन ने मारी बाजी, पूरे प्रदेश में एनकाउंटर में पहले स्थान पर योगी सरकार ने जीरो टॉलरेंस नीति के तहत प्रदेश में पिछले साढ़े आठ वर्षों में अपराध और अपराधियों के खिलाफ ताबड़तोड कार्रवाई करते हुए एनकाउंटर में 256 दुर्दांत अपरधियों को मुठभेड़ में ढेर कर यमलोक पहुंचाया है। इस दौरान पुलिस ने कुल 15,726 मुठभेड़ की कार्रवाइयां कीं, जिनमें 31,960 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। एनकाउंटर की कार्रवाई में 10,324 अपराधी घायल हुए। वहीं अपराधियों से लोहा लेते हुए 18 पुलिसकर्मी शहीद हो गये जबकि 1,754 पुलिसकर्मी घायल हुए। प्रदेश में सबसे अधिक मुठभेड़ मेरठ ज़ोन में दर्ज की गईं, जहां पुलिस ने 4,453 कार्रवाई की। इस कार्रवाई में 8,312 अपराधी दबोचे गये जबकि 3,131 अपराधी घायल हुए। वहीं, 85 कुख्यात अपराधियों को मौके पर ही मार गिराया गया। इस दौरान 461 पुलिसकर्मी घायल हुए जबकि अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए दो पुलिसकर्मी शहीद हो गये। एनकाउंटर कार्रवाई ने पूरे प्रदेश में मेरठ जोन पहले स्थान पर रहा है। इसी तरह, वाराणसी ज़ोन में 1,108 मुठभेड़ हुईं, जिनमें 2,128 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया जबकि 27 अपराधियों को मुठभेड़ में ढेर किया गया। इस दौरान 688 अपराधी और 99 पुलिसकर्मी घायल हुए। पूरे प्रदेश में वाराणसी जोन एनकाउंटर कार्रवाई में दूसरे स्थान पर है। वहीं, एनकाउंटर कार्रवाई में पूरे प्रदेश में आगरा जोन तीसरे स्थान पर है। यहां 2,374 एनकाउंटर की कार्रवाई की गईं, जिनमें 5,631 अपराधियों को दबोचा गया। इस दौरान 816 अपराधी घायल हुए जबकि 22 अपराधी मार गिराए गए। मुठभेड़ के दौरान 59 पुलिसकर्मी घायल हुए।  कमिश्नरेट में सबसे अधिक गाजियाबाद कमिश्नरी ने मारी बाजी, 13 अपराधी किये ढेर एनकाउंटर आंकड़ों पर नजर डालें तो लखनऊ ज़ोन में 846 मुठभेड़ के दौरान 17 दुर्दांत अपराधियों को मारा गया। वहीं प्रयागराज ज़ोन में 572 मुठभेड़ के दौरान 10 अपराधी मारे गए। बरेली ज़ोन में 2,059 मुठभेड़ में 17, कानपुर जोन में 717 मुठभेड़ में 12 और गोरखपुर जोन में 642 मुठभेड़ में 8 अपराधियों को मारा गया। इसी तरह, लखनऊ कमिश्नरी में 138 मुठभेड़ में 12, गौतमबुद्ध नगर में 1,117 मुठभेड़ में 9, वाराणसी कमिश्नरी में 131 मुठभेड़ में 7, कानपुर कमिश्नरी में 234 मुठभेड़ में 4, आगरा कमिश्नरी में 458 मुठभेड़ में 7, गाजियाबाद कमिश्नरी में 736 मुठभेड़ में 13 और प्रयागराज कमिश्नरी में 141 मुठभेड़ में 6 अपराधियों को ढेर किया गया। पुलिसिया एक्शन ने अपराधियों को प्रदेश छोड़ने पर किया मजबूर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पिछले साढ़े आठ वर्षों में यूपी पुलिस ने अपराधी या तो जेल में होगा या प्रदेश से बाहर के मंत्र को धरातल पर उतारा। इससे अपराधियों में भय और आम जनता में सुरक्षा की भावना बढ़ी है। यही वजह है कि प्रदेश की कानून-व्यवस्था की सराहना राष्ट्रीय स्तर पर हो रही है। योगी सरकार की नीति के तहत पुलिस ने संगठित अपराध, माफियागीरी और अवैध वसूली पर सख्त प्रहार किया है। मुठभेड़ के साथ ही संपत्ति कुर्की, गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई और एनएसए जैसे कानूनों के प्रावधानों को प्रभावी ढंग से लागू किया गया है। उत्तर प्रदेश में योगी सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत अपराधियों के खिलाफ चला यह साढ़े आठ वर्षीय अभियान न सिर्फ आंकड़ों में बल्कि जमीनी हकीकत में भी कानून का राज स्थापित करने में सफल रहा है। पुलिस की त्वरित, कठोर और साहसिक कार्रवाई ने अपराधियों को प्रदेश छोड़ने पर मजबूर कर दिया है और उत्तर प्रदेश अब भयमुक्त और सुरक्षित राज्य के रूप में अपनी पहचान को सशक्त कर रहा है।