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योगी सरकार ने गेहूं की MSP बढ़ाई, 6500 खरीद केंद्रों पर कब से होगी शुरुआत?

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार की सुबह 11 बजे लोकभवन में कैबिनेट बैठक हुई. इस बैठक में कुल 35 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई. इसमें सबसे अहम किसानों के लिए है. योगी सरकार ने गेहूं की फसल 160 रुपये प्रति क्विंटल एमएसपी बढ़ा दी है. गत वर्ष की तुलना में ₹160 प्रति क्विंटल की वृद्धि की गई है. 30 मार्च 2026 से 15 जून 2026 तक खरीद की जाएगी. राज्य के अंदर 8 क्रय एजेंसियों द्वारा खरीद की जाएगी. कुल 6500 क्रय केंद्र सभी 75 जनपदों में चलेंगे. बताया जा रहा है कि एफसीआई, यूपी मंडी परिषद, पीसीएफ, पीसीयू, यूपीएसएस, नैफेड, एनसीसीएफ के माध्यम से खरीद की जाएगी. लखनऊ में इंटरनेशनल एक्जीविशन सेंटर 1435 करोड़ रुपए का कन्वेंशन हाल बनेगा. इसमें दस हजार लोगों की क्षमता होगी।  संभल को मिला योगी सरकार का तोहफा इसके अलावा संभल जिले में इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक सेंटर स्थापित किये जाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है. उत्तर प्रदेश मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक पार्क 2024 नीति के तहत ग्रेटर नोएडा में लॉजिस्टिक वेयर हाउस बनाये जाने के लिए टेंडर प्रक्रिया के प्रस्ताव को मंजूरी मिली है. साथ ही कैबिनेट मीटिंग में जिला मुख्यालय के नगर पालिकाओं को स्मार्ट बनाने हेतु बजट में उल्लेखित “नवयुग पालिका योजना” के प्रस्ताव को मंत्रिपरिषद की मंजूरी दी गई है. प्रदेश के 75 जनपदों में 17 नगर निगम हैं, उनको छोड़कर, समस्त 58 जिला मुख्यालय में यह योजना लागू होगी।  सपा पर दोनों डिप्टी सीएम का हमला वहीं कैबिनेट बैठक में जाने से पहले डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने सपा पर हमला बोलते हुए कहा कि सपा का हाल वही है कि सौ सौ चूहे खाकर बिल्ली हज को चली. जो सैफई में मॉडल को नचवाते थे वह महिला सुरक्षा की बात कर रहे हैं. इसके अलावा डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि अखिलेश यादव 2047 तक सत्ता में नहीं आने वाले नहीं हैं. कोई महिला अपने सुहाग को खतरे में डाल के सपा को वोट नहीं देगी।   

सीएम योगी का सैनिकों को संदेश: ‘देशसेवा में बेफिक्र रहें, परिवार की सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी’

लखनऊ  सीएम योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को आयोजित जनता दर्शन में विभिन्न जनपदों से आए लोगों की समस्याएं सुनीं. इस दौरान बड़ी संख्या में सैनिक भी अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे. मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वस्त किया कि वे निश्चिंत होकर देशसेवा करें, उनके परिवार की सुरक्षा और देखभाल की जिम्मेदारी राज्य सरकार निभाएगी ।  सैनिकों को दिया भरोसा जनता दर्शन में पहुंचे सैनिकों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की सीमाओं और आंतरिक सुरक्षा में तैनात जवान पूरी निष्ठा के साथ अपना कर्तव्य निभा रहे हैं. ऐसे में राज्य सरकार की जिम्मेदारी है कि उनके परिवारों को किसी प्रकार की असुविधा न हो. उन्होंने कहा कि आप बेफिक्र होकर देशसेवा कीजिए, आपके परिवार समेत प्रदेश की जनता की सेवा, सहूलियत और सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार का दायित्व है ।  जमीनी विवादों पर प्राथमिकता से कार्रवाई के निर्देश सैनिकों द्वारा प्रस्तुत किए गए प्रार्थना पत्रों में कई मामले जमीन से जुड़े थे. मुख्यमंत्री ने इन मामलों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित जिलाधिकारियों और पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे स्वयं पहल कर सैनिकों और उनके परिवारों से संपर्क करें. उन्होंने स्पष्ट कहा कि ऐसे मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि पीड़ित परिवार को समय पर न्याय मिले।  विभिन्न समस्याओं पर हुई सुनवाई जनता दर्शन में पुलिस से संबंधित शिकायतें, भूमि विवाद, आर्थिक सहायता और स्थानांतरण से जुड़े मामले भी सामने आए. मुख्यमंत्री ने एक-एक कर सभी प्रार्थना पत्रों को देखा और अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक मामले में निष्पक्ष और नियमों के अनुरूप कार्रवाई की जाए. उन्होंने कहा कि किसी भी शिकायत को लंबित न रखा जाए और निर्धारित समयसीमा के भीतर उसका समाधान सुनिश्चित किया जाए।  आर्थिक सहायता के मामलों में संवेदनशील रुख कार्यक्रम के दौरान कुछ लोग गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आर्थिक सहायता की मांग लेकर पहुंचे. मुख्यमंत्री ने ऐसे मामलों में संवेदनशीलता दिखाते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए. उन्होंने परिजनों से कहा कि इलाज के लिए अस्पताल से अनुमानित खर्च का विवरण प्रस्तुत करें, ताकि शासन स्तर से आवश्यक आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा सके. मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि धन के अभाव में किसी भी मरीज का इलाज बाधित नहीं होने दिया जाएगा।  प्रशासन को दिए स्पष्ट निर्देश मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे जनता की समस्याओं को गंभीरता से लें और उनका त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करें. उन्होंने कहा कि शिकायतों के समाधान में पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखना आवश्यक है. साथ ही, उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि जिन मामलों में तत्काल कार्रवाई संभव है, उनमें देरी न की जाए और पीड़ितों को राहत दी जाए। 

सीएम योगी ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के उद्घाटन की तैयारियों का निरीक्षण किया, पीएम मोदी करेंगे 28 मार्च को उद्घाटन

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लोकार्पण की तैयारियों का सीएम योगी ने लिया जायजा, 28 मार्च को पीएम मोदी करेंगे उद्घाटन मुख्यमंत्री ने स्थलीय निरीक्षण के साथ की समीक्षा बैठक, सुरक्षा से लेकर ट्रैफिक और सुविधाओं तक दिए व्यापक दिशा निर्देश एयरपोर्ट, कार्गो टर्मिनल का लोकार्पण और एमआरओ का शिलान्यास प्रस्तावित, कार्यक्रम को विश्वस्तरीय बनाने पर जोर गौतमबुद्धनगर  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के प्रस्तावित लोकार्पण कार्यक्रम की तैयारियों का रविवार को स्थलीय निरीक्षण कर जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने जनप्रतिनिधियों एवं वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर सभी व्यवस्थाओं को समयबद्ध और मानकों के अनुरूप पूर्ण करने के निर्देश दिए। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आगामी 28 मार्च को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर एवं कार्गो टर्मिनल का लोकार्पण करेंगे। साथ ही एमआरओ (मेंटेनेंस, रिपेयर एंड ओवरहॉल) परियोजना का शिलान्यास भी करेंगे। इसी को लेकर कार्यक्रम को भव्य एवं सफल बनाने की तैयारियां जोरों पर हैं। सीएम ने किया स्थलीय निरीक्षण, हर पहलू की ली जानकारी निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के संभावित भ्रमण मार्ग और निरीक्षण स्थलों का अवलोकन किया। उन्होंने पैसेंजर टर्मिनल, कार्गो टर्मिनल, रैली स्थल, पार्किंग, विभिन्न मार्गों और हेलीपैड सहित सभी प्रमुख स्थानों पर चल रही तैयारियों की जानकारी ली और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। समीक्षा बैठक में दिए सख्त निर्देश निरीक्षण के उपरांत एयरपोर्ट परिसर स्थित सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें कार्यक्रम की संपूर्ण तैयारियों, सुरक्षा व्यवस्था और संचालन योजना पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री योगी ने निर्देश दिए कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें और प्रत्येक कार्य निर्धारित समयसीमा में पूर्ण करें। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, विशिष्ट अतिथियों, मीडिया एवं बड़ी संख्या में आमजन की उपस्थिति को देखते हुए व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित और प्रभावी होनी चाहिए। भव्यता और व्यापक प्रचार-प्रसार पर जोर मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को भव्य और विश्वस्तरीय स्वरूप देने के लिए व्यापक स्तर पर ब्रांडिंग और प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक इसकी जानकारी पहुंचे। उन्होंने कार्यक्रम स्थल से जुड़े सभी मार्गों की सुगमता, साफ-सफाई, निर्बाध विद्युत आपूर्ति, पेयजल, शौचालय, सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, परिवहन सुविधा, अग्नि सुरक्षा, चिकित्सा सेवाएं और साइनेज की व्यवस्थाएं समय से पहले सुनिश्चित करने को कहा। इसके साथ ही विभिन्न जनपदों से आने वाले लोगों के लिए पार्किंग स्थलों पर मोबाइल शौचालय, हेल्प डेस्क, पेयजल और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए। सुरक्षा के लिए चार स्तरीय व्यवस्था मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर प्रशासन, पुलिस और वालंटियर्स की पर्याप्त तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो। बैठक में प्रशासन और पुलिस द्वारा पावर प्रेजेंटेशन के माध्यम से सुरक्षा, ट्रैफिक प्रबंधन, पार्किंग और वैकल्पिक मार्गों की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की गई। कार्यक्रम की सुरक्षा व्यवस्था चार स्तरीय रखने का निर्णय लिया गया है। इस अवसर पर प्रभारी मंत्री बृजेश सिंह, क्षेत्रीय अध्यक्ष भाजपा सतेन्द्र सिसोदिया, जिलाध्यक्ष अभिषेक शर्मा, महानगर अध्यक्ष महेश चौहान, सांसद डॉ. महेश शर्मा, विधायक धीरेन्द्र सिंह, विधायक तेजपाल नागर, विधान परिषद सदस्य श्रीचंद शर्मा सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। साथ ही अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार, सचिव मुख्यमंत्री अमित सिंह, मंडलायुक्त भानु चंद्र गोस्वामी, यमुना प्राधिकरण के सीईओ राकेश कुमार सिंह, पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह, जिलाधिकारी मेधा रूपम एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी बैठक में उपस्थित रहे।

यूपी महिला सुरक्षा में बना नंबर-1, सुरक्षा और त्वरित न्याय की पहल से मिली सफलता

नव निर्माण के 9 वर्ष : सशक्त नारी  कॉपी -2 सुरक्षा, कार्रवाई और त्वरित न्याय से महिला सुरक्षा में यूपी बना नंबर-1 योगी सरकार के नौ वर्षों में महिला सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता, अपराध में बड़ी गिरावट लखनऊ उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के नौ वर्षों में महिला सुरक्षा को लेकर बहुआयामी और एकीकृत मॉडल विकसित किया गया है, जिसने कानून-व्यवस्था की तस्वीर को पूरी तरह बदल दिया है। मिशन शक्ति, एंटी रोमियो स्क्वॉड, आधुनिक तकनीक, सख्त कार्रवाई और मजबूत पुलिस ढांचे के समन्वय से प्रदेश आज महिलाओं और बेटियों के लिए अधिक सुरक्षित वातावरण प्रदान कर रहा है। यही कारण है कि महिला संबंधी मामलों के निस्तारण में उत्तर प्रदेश देश में पहले स्थान पर पहुंच गया है। प्रदेश में महिला सुरक्षा को मजबूत करने के लिए जहां एक ओर मिशन शक्ति के तहत प्रत्येक थाने में विशेष केंद्र स्थापित किए गए और उनके संचालन के लिए लगभग 40 हजार पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षित किया गया, वहीं दूसरी ओर एंटी रोमियो स्क्वॉड जैसे अभियानों ने जमीनी स्तर पर बड़ा प्रभाव डाला। अब तक 5 करोड़ से अधिक व्यक्तियों की जांच, 1.85 करोड़ को चेतावनी और 38,835 लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई इस बात का प्रमाण है कि अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति को सख्ती से लागू किया गया है। आईटीएसएसओ पोर्टल के जरिए यौन अपराधों की जांच को तकनीक से जोड़ा इसके साथ ही 1090 वूमेन पावर लाइन, महिला हेल्पलाइन 181, जीआरपी और फायर सर्विस जैसी सेवाओं के एकीकरण से महिलाओं के लिए त्वरित सहायता प्रणाली विकसित की गई है। आईटीएसएसओ पोर्टल के जरिए यौन अपराधों की जांच को तकनीक से जोड़ा गया, जिससे पारदर्शिता और तेजी दोनों सुनिश्चित हुई। मिशन शक्ति केन्द्र की स्थापना के बाद सितंबर 2025 से दिसंबर 2025 तक अपराध में और गिरावट देखने को मिली। बलात्कार की घटनाओं में 33.92% की कमी और दहेज हत्या में 12.96% की कमी दर्ज की गई है। दोषियों को सजा दिलाने में सबसे तेज सबसे अहम बात यह है कि केवल अपराध में कमी ही नहीं, बल्कि मामलों के त्वरित निस्तारण में भी प्रदेश ने रिकॉर्ड बनाया है। महिला संबंधी मामलों में 98.90 प्रतिशत निस्तारण दर के साथ उत्तर प्रदेश देश में शीर्ष स्थान पर है। प्रभावी पैरवी के चलते महिलाओं और नाबालिगों के खिलाफ अपराध के 32,575 मामलों, 14,111 पॉक्सो मामलों और 4,564 बलात्कार के मामलों में दोषियों को सजा दिलाई गई है। 3 महिला पीएसी बटालियन सक्रिय और 5 नई बटालियन प्रस्तावित महिला सुरक्षा को संस्थागत रूप देने के लिए पुलिस ढांचे का भी तेजी से विस्तार किया गया है। प्रदेश में 19,839 महिला पुलिसकर्मियों की नियुक्ति, 9,172 महिला बीटों का आवंटन, 3 महिला पीएसी बटालियन सक्रिय और 5 नई बटालियन प्रस्तावित हैं। साथ ही 134 नए थाने, 86 नई पुलिस चौकियां और 78 महिला पुलिस चौकी परामर्श केंद्र स्थापित कर जमीनी स्तर पर सुरक्षा तंत्र को मजबूत किया गया है। योगी सरकार के इस समग्र मॉडल में सख्ती और संवेदनशीलता दोनों का संतुलन देखने को मिलता है, जहां एक ओर अपराधियों पर कठोर कार्रवाई होती है, वहीं दूसरी ओर महिलाओं को त्वरित सहायता, न्याय और भरोसा मिलता है। महिला सुरक्षा के क्षेत्र में मजबूत और प्रभावी मॉडल इसी समेकित रणनीति के चलते आज उत्तर प्रदेश महिला सुरक्षा के क्षेत्र में एक मजबूत और प्रभावी मॉडल के रूप में उभरकर सामने आया है, जहां कानून का डर और व्यवस्था पर भरोसा दोनों साथ-साथ दिखाई देते हैं। महिला सुरक्षा के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश का यह मॉडल केवल आंकड़ों की कहानी नहीं, बल्कि व्यवस्था में आए भरोसे और बदलाव का प्रमाण है, जहां सुरक्षा अब सिस्टम का हिस्सा बन चुकी है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शहीद भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को किया नमन

भारत के इतिहास का स्वर्णिम अध्याय है बलिदानियों का त्याग: मुख्यमंत्री  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शहीद भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को किया नमन  सीएम ने किया पोस्ट- इनके साहस, समर्पण और राष्ट्रप्रेम की भावना सदियों तक देती रहेगी 'राष्ट्र सर्वोपरि' की प्रेरणा लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बलिदान दिवस पर महान क्रांतिकारी शहीद भगत सिंह, सुखदेव व राजगुरु को नमन किया। मुख्यमंत्री ने इनके साहस, समर्पण और राष्ट्रप्रेम को प्रेरक बताया।  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट 'एक्स' पर लिखा कि क्रांति की ज्योति प्रज्ज्वलित करने वाले अमर बलिदानी भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु का त्याग भारत के इतिहास का स्वर्णिम अध्याय है। उनके साहस, समर्पण और राष्ट्रप्रेम की भावना सदियों तक हमें 'राष्ट्र सर्वोपरि' की प्रेरणा देती रहेगी। आज बलिदान दिवस पर वीर हुतात्माओं को विनम्र श्रद्धांजलि।

स्वयं सहायता समूह से जुड़कर बदली जिंदगी की दिशा, आत्मनिर्भर बनकर समाज में पाया सम्मान

संघर्ष से समृद्धि तक : बैंक से ऋण मिला तो सुनीता के कारोबार ने भरी उड़ान  स्वयं सहायता समूह से जुड़कर बदली जिंदगी की दिशा, आत्मनिर्भर बनकर समाज में पाया सम्मान योगी सरकार की नीतियों से मिला लाभ, खड़ा किया सफल व्यवसाय, 4 अन्य लोगों को भी दिया रोजगार लखनऊ  अमेठी जनपद के संग्रामपुर विकासखण्ड की ग्राम पंचायत उत्तरगांव पुरवा डिहवा की रहने वाली 41 वर्षीय सुनीता देवी का जीवन राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ने से पहले बेहद कठिन परिस्थितियों में गुजर रहा था। पहले उनके परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत कमजोर थी। उनके पति मुरलीधर दूसरे शहर में सिलाई का काम करते थे, लेकिन रहने-खाने का खर्च निकालने के बाद परिवार के लिए बहुत कम पैसा बच पाता था। परिवार के पास न तो खेती थी और न ही स्थायी आय का कोई साधन। घर के नाम पर केवल एक छोटी-सी कच्ची कोठरी थी, जिसमें पूरे परिवार का गुजारा करना बेहद कठिन था। कभी काम मिलता तो कुछ आय हो जाती थी, और कभी-कभी वह भी नहीं। ऐसे में भविष्य अंधकारमय लगने लगा था, लेकिन सुनीता देवी ने परिस्थितियों के आगे हार मानने के बजाय संघर्ष का रास्ता चुना। स्वयं सहायता समूह के साथ मिली नई दिशा सुनीता देवी ने गांव में संचालित सहारा महिला स्वयं सहायता समूह से जुड़कर अपने जीवन की नई शुरुआत की। समूह से जुड़ने के बाद उन्हें केवल आर्थिक सहायता ही नहीं मिली बल्कि सही मार्गदर्शन भी प्राप्त हुआ। उन्होंने समूह से 10,000 रुपये का पहला ऋण लेकर अपने घर पर ही सिलाई मशीन से कपड़े बनाने का काम शुरू किया और तैयार कपड़ों को गांव-गांव फेरी लगाकर बेचना शुरू किया। धीरे-धीरे उनकी मेहनत रंग लाने लगी और आय बढ़ने के साथ आत्मविश्वास भी बढ़ा। कुछ समय बाद उन्होंने समूह से 50,000 रुपये का ऋण और लिया और अमेठी में किराये पर एक कमरा लिया। उसके बाद किराये पर “शिवम स्पोर्ट्स” के नाम से एक दुकान खोली। इसमें वह ट्रैक सूट, टी-शर्ट आदि की सिलाई कर बेचते हैं। बाद में उन्होंने अमेठी में अपनी खुद की दुकान खोल ली। योगी सरकार की मदद से बदली तकदीर, ऋण से व्यवसाय को मिली ताकत  समय के साथ सुनीता देवी ने लगातार मेहनत की और अगस्त 2025 में ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक से उन्हें सीसीएल के तहत 3 लाख का ऋण मिला। इस पूंजी का उपयोग करके उन्होंने अपने व्यवसाय का विस्तार किया। उनकी दुकान “शिवम स्पोर्ट्स” की आज अमेठी क्षेत्र में एक पहचान बन चुकी है। विशेष रूप से सर्दियों के मौसम में ट्रैक सूट और स्पोर्ट्स वियर की मांग बढ़ने से उनकी आय दोगुनी तक हो जाती है। आज उनकी मासिक आय लगभग 90,000 रुपये से अधिक हो चुकी है। इतना ही नहीं, उन्होंने खुद की दुकान और पक्का घर भी बनवा लिया है। उनके बच्चों की पढ़ाई भी इसी वजह से पूरी हो पाई है। जो ऋण उन्हें बैंक से मिला है उसे चुकाने के लिए वह हर महीने किस्त बैंक में जमा करतीं हैं। सुनीता ने 4 लोगों को भी रोजगार भी दिया है। कारखाना और दुकान चलाने में उनके पति और बेटा सहयोग करते हैं। आत्मनिर्भरता से समाज में मिला सम्मान आज सुनीता देवी अपने गांव में एक सशक्त महिला की पहचान बना चुकीं हैं। जो कभी आर्थिक तंगी से जूझ रहीं थीं, वह आज अपने परिश्रम से न केवल अपने परिवार को समृद्ध बना चुकीं हैं बल्कि दूसरों को भी रोजगार और प्रेरणा दे रहीं है। सुनीता मानतीं हैं कि स्वयं सहायता समूह और योगी सरकार ने उनके जीवन में एक सकारात्मक बदलाव किया है, जिसने उनकी पूरी जिंदगी बदल दी। आज गांव की कई महिलाएं उनसे प्रेरित होकर समूह से जुड़ रही हैं और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में कदम बढ़ा रही हैं। सुनीता की कहानी यह संदेश देती है कि जब आत्मविश्वास के साथ-साथ सरकार का सहयोग मिल जाए, तो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़ी से बड़ी कठिनाई को हल किया जा सकता है। उन्होंने अपने व्यवसाय को और बढ़ाने के लिए जमीन भी ले ली है। यदि उन्हें सरकार से और ऋण मिलेगा तो वह जल्द ही अमेठी में दूसरी दुकान शुरू करेंगी।

लाभार्थी से लीडर बनीं प्रदेश की महिलाएं, सशक्तिकरण की नई मिसाल

लाभार्थी से लीडर की भूमिका में पहुंचीं प्रदेश की महिलाएं नारी शक्ति के दम पर बदली यूपी की तस्वीर लखनऊ उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के नौ वर्षों का कार्यकाल महिला सशक्तीकरण के समग्र व प्रभावशाली रूप में सामने आया है। सुरक्षा, सम्मान, सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक आत्मनिर्भरता, इन चार स्तंभों पर खड़ी नीतियों ने नारी शक्ति को प्रदेश के विकास की मुख्यधारा में ला खड़ा किया। मिशन शक्ति, स्वयं सहायता समूहों और महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने वाली योजनाओं के जरिए आज उत्तर प्रदेश की महिलाएं ‘लाभार्थी’ से ‘लीडर’ की भूमिका में पहुंच चुकी हैं। ग्रामीण अर्थव्यवस्था में बड़े बदलाव का संकेत उत्तर प्रदेश में आर्थिक मोर्चे पर भी महिलाओं की भागीदारी अभूतपूर्व रूप से बढ़ी है। राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत 9.43 लाख स्वयं सहायता समूहों से 1.06 करोड़ से अधिक महिलाओं को जोड़ा गया है। यही महिलाएं आज गांव-गांव में आर्थिक गतिविधियों की नई धुरी बन रही हैं। इसके अलावा, लखपति दीदी योजना के तहत 35 लाख महिलाओं की पहचान की गई, जिनमें से 18.55 लाख महिलाएं लखपति श्रेणी में पहुंच चुकी हैं। यह अपने आप में ग्रामीण अर्थव्यवस्था में बड़े बदलाव का संकेत है। राशन वितरण की जिम्मेदारी संभाल रहीं महिलाएं सार्वजनिक वितरण प्रणाली में भी महिलाओं की भागीदारी बढ़ाते हुए 2,682 उचित मूल्य की दुकानों का आवंटन स्वयं सहायता समूहों को सौंपा गया है। समूहों से जुड़ी महिलाएं ड्राई राशन वितरण की जिम्मेदारी संभाल रही हैं। इससे पारदर्शिता के साथ-साथ महिलाओं की आय में भी वृद्धि हुई है। बीसी सखी मॉडल लागू होने से ग्रामीण बैंकिंग में अभूतपूर्व वृद्धि वित्तीय समावेशन के क्षेत्र में बीसी सखी मॉडल ने प्रदेश को नई पहचान दिलाई है। इन महिलाओं ने ग्रामीण क्षेत्रों में अब तक 45 हजार करोड़ रुपये से अधिक का वित्तीय लेनदेन कर 120 करोड़ रुपये का कमीशन अर्जित किया है। यह आंकड़ा जल्द ही 50 हजार करोड़ रुपये तक पहुंचने की ओर अग्रसर है, जिससे बीसी सखियों की आय में भी खासी बढ़ोतरी होगी। ग्रामीण बैंकिंग में यह तेजी पहली बार देखने को मिली है, जिसमें प्रयागराज, बरेली और शाहजहांपुर जैसे जिले अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं। महिलाओं की आय और सामाजिक स्थिति दोनों में सुधार इसके साथ ही दुग्ध व्यवसाय में भी महिलाओं ने नई ऊंचाइयां हासिल की हैं। प्रदेश की 3.5 लाख से अधिक महिलाएं स्वयं सहायता समूहों का अंग बनकर दुग्ध व्यवसाय़ से आत्मनिर्भर बनी हैं और उत्तर प्रदेश इस क्षेत्र में देश में अग्रणी राज्य बनकर उभरा है। ग्रामीण आजीविका मिशन ने इस बदलाव को मजबूत आधार प्रदान किया है, जिससे महिलाओं की आय और सामाजिक स्थिति दोनों में सुधार हुआ है। योगी सरकार के प्रयासों का असर जमीनी स्तर पर स्पष्ट दिखता है। प्रदेश में जहां एक ओर 26.81 लाख निराश्रित महिलाओं को पेंशन के माध्यम से सामाजिक सुरक्षा मिली, वहीं 26.81 लाख बेटियां मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना से लाभान्वित होकर शिक्षा व सशक्त भविष्य की ओर बढ़ रही हैं। 60 लाख से अधिक माताओं को प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का लाभ मिला है, जबकि 1.05 लाख बच्चों को मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत सहायता मिली है। मिशन वात्सल्य के जरिए एक लाख से अधिक बच्चों को उनके परिवारों से जोड़कर सामाजिक पुनर्वास सुनिश्चित किया गया है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत 5.20 लाख से अधिक बेटियों के विवाह संपन्न कराए गए, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बड़ी राहत मिली। यह पूरा तंत्र इस बात का प्रमाण है कि योगी सरकार ने महिला सशक्तीकरण को केवल आर्थिक नहीं, बल्कि सामाजिक सुरक्षा के व्यापक दायरे में रखा है। नारी शक्ति ही ‘नव निर्माण’ की सबसे बड़ी ताकत योगी सरकार के इस दिशा में तमाम प्रयासों का संयुक्त प्रभाव यह है कि उत्तर प्रदेश में महिला सशक्तीकरण अब किसी एक योजना तक सीमित नहीं, बल्कि एक व्यापक आंदोलन का रूप ले चुका है। सुरक्षा से लेकर स्वरोजगार, तक हर स्तर पर महिलाओं की सक्रिय भागीदारी ने प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा दी है। नौ वर्षों में सरकारी नीतियों/कार्यक्रमों, तकनीक और प्रभावी क्रियान्वयन ने महिलाओं के लिए ईज ऑफ लिविंग को मजबूती दी है। आज नारी शक्ति ही ‘नव निर्माण’ के इस दौर की सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरी है और यही विकसित उत्तर प्रदेश की नींव है।

खेल अनुशासन, समन्वय और जीवन में उत्कृष्टता प्राप्त करने का माध्यम है – मुख्यमंत्री

देश के प्रतिभावान खिलाड़ियों का उत्तर प्रदेश की धरती पर आगमन हम सबके लिए सम्मान का विषय – मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खेल अनुशासन, समन्वय और जीवन में उत्कृष्टता प्राप्त करने का माध्यम है – मुख्यमंत्री हमारी सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के सभी 18 मंडलों में स्पोर्ट्स कॉलेज और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना हो – मुख्यमंत्री सीएम योगी आदित्यनाथ ने लिएंडर पेस को ‘मेंटॉर ऑफ द इयर’ और मिताली राज को ‘लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड’ से किया सम्मानित उत्तर प्रदेश को मिला ‘स्टेट ऑफ द इयर’ का पुरस्कार, राज्य में विकसित हो रहे खेल ढांचे और नीतियों के लिए मिला सम्मान लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में आयोजित स्पोर्ट्स अवार्ड समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि खिलाड़ियों के इस सम्मान समारोह में शामिल होकर उन्हें अत्यंत प्रसन्नता हो रही है और इससे भी अधिक प्रसन्नता इस बात की है कि इस सम्मान समारोह का आयोजन प्रदेश की राजधानी लखनऊ में हो रहा है। उन्होंने कहा कि इस सम्मान समारोह के कारण देश के इन प्रतिभावान खिलाड़ियों का उत्तर प्रदेश की धरती पर आगमन हुआ है। यह हम सबके लिए सम्मान का विषय तो है ही, साथ ही यह प्रदेश की नई पीढ़ी को खेल के क्षेत्र में अचीवमेंट्स हासिल करने के लिए प्रेरणा प्रदान करेगा। स्पोर्ट्स अवार्ड समारोह का आयोजन एक निजी मीडिया समूह ने किया था, जिसमें देशभर के दिग्गज खिलाड़ियों और खेल हस्तियों को उनके अमूल्य योगदान के लिए सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि खेल केवल जीत-हार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अनुशासन, समन्वय और जीवन में उत्कृष्टता प्राप्त करने का माध्यम है। खेल भावना व्यक्ति को मजबूत बनाती है, विपरीत परिस्थितियों का सामना करने का साहस देती है और नई पीढ़ी को सही दिशा प्रदान करती है। इसी को ध्यान में रखते हुए हमारी सरकार ने उत्तर प्रदेश में खेलों के विकास के लिए कई सार्थक प्रयास किए हैं।  उन्होंने बताया कि 2017 के बाद से हमारी सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में शुरू किए गए खेलो इंडिया और फिट इंडिया मूवमेंट जैसी पहल को मुहिम की तरह आगे बढ़ाया। यही नहीं, वर्तमान में हमारी सरकार प्रदेश की हर ग्राम पंचायत में एक खेल मैदान, हर ब्लॉक में एक मिनी स्टेडियम और हर जिले में एक स्टेडियम विकसित कर रही है। वाराणसी में बीसीसीआई के एक इंटरनेशनल स्टेडियम का निर्माण हुआ है, गोरखपुर में भी इंटरनेशनल स्टेडियम का निर्माण हो रहा है। इसके साथ ही पिछले वर्ष मेरठ में मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय की शुरुआत की गई है। साथ ही हमारी सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के सभी 18 मंडलों में स्पोर्ट्स कॉलेज और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना की जाए, जहां हमारे खेल क्षेत्र के दिग्गज खिलाड़ियों और अनुभवी प्रशिक्षकों के माध्यम से स्थानीय युवकों को राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय खेल प्रतिस्पर्धाओं के लिए ट्रेनिंग दी जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि खिलाड़ियों को सम्मान और जॉब सिक्योरिटी देने के लिए हमारी सरकार ने खेल पॉलिसी में बदलाव लाकर खिलाड़ियों को राज्य में सरकारी नौकरियां देने की नीति लागू की है, जिससे वे निश्चिंत होकर अपने खेल पर ध्यान केंद्रित कर सकें। उन्होंने कहा कि मुझे बताते हुए प्रसन्नता हो रही है कि हमारी सरकार ने 500 से अधिक प्रतिभावान खिलाड़ियों को विभिन्न पदों पर सरकारी नौकरी प्रदान की है। इनमें से कई वरिष्ठ अधिकारी के रूप में कार्य कर रहे हैं। समारोह के अंत में मुख्यमंत्री ने देशभर से आए खिलाड़ियों का स्वागत और अभिनंदन करते हुए कार्यक्रम के आयोजन के लिए मीडिया समूह और आयोजक टीम को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन खिलाड़ियों को सम्मान देने के साथ-साथ युवाओं को प्रेरित करने का मंच प्रदान करते हैं। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, खेल मंत्री गिरीश चंद्र यादव और भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष पी. टी. उषा सहित कार्यक्रम में शामिल हुई खेल जगत की हस्तियों के स्वागत से हुई। इस अवसर पर देश के प्रतिभावान खिलाड़ियों को खेल क्षेत्र में उनके अमूल्य योगदान और उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया। इस क्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने टेनिस जगत में देश का नाम रोशन करने वाले लिएंडर पेस को ‘मेंटॉर ऑफ द इयर’ के पुरस्कार से सम्मानित किया। वहीं, भारतीय महिला क्रिकेट टीम की पूर्व कप्तान मिताली राज को ‘लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड’ से सम्मानित किया, जबकि हॉकी के दिग्गज पी. आर. श्रीजेश को भी उनके योगदान के लिए सराहा गया। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश को राज्य में विकसित हो रहे खेल ढांचे और नीतियों के लिए ‘स्टेट ऑफ द इयर’ का पुरस्कार प्रदान किया गया। समारोह में ‘टीम ऑफ द इयर’ का पुरस्कार भारत की महिला दृष्टिबाधित क्रिकेट टीम को दिया गया, जबकि ‘फेडरेशन ऑफ द इयर’ का पुरस्कार भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड को मिला। समारोह में बताया गया कि इस वर्ष मीडिया समूह की ओर से खेल की 45 श्रेणियों में 100 से अधिक प्रतिभावान खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया है, जिन्होंने अपनी प्रतिभा और लगन से देश का नाम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतिस्पर्धाओं में ऊंचा किया है। कार्यक्रम में फुटबॉल के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी बाइचुंग भूटिया, बीसीसीआई के वाइस प्रेसिडेंट राजीव शुक्ला,  क्रिकेटर कुलदीप यादव, महिला क्रिकेट खिलाड़ी हरमनप्रीत कौर, दीप्ति शर्मा, हरलीन देवल आदि प्रमुख रूप से शामिल रहे।

नदियों की निर्मलता के लिए सीएम योगी ने पूर्व सरकार से 10 गुना अधिक काम किया

नदियों की निर्मलता के लिए पूर्व की सरकार की तुलना में सीएम योगी ने किया 10 गुना काम नमामि गंगे : 2017 से पहले केवल 5 एसटीपी किए जा सके इंस्टॉल 9 साल में नमामि गंगे योजना के तहत 10 गुना बढ़े सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट 2017 के बाद योगी सरकार ने 50 एसटीपी किए इंस्टॉल प्रदेश में लगभग पांच हजार मिलियन लीटर प्रतिदिन वेस्ट वाटर किया जा रहा साफ वर्तमान में प्रदेश भर में 160 एसटीपी किए जा चुके इंस्टॉल लखनऊ उत्तर प्रदेश में नदियों की निर्मलता और गंदे पानी के शोधन के काम में योगी सरकार ने नौ वर्षों में रफ्तार कई गुना बढ़ा दी है। 2017 से पहले जहां नमामि गंगे के तहत सिर्फ 5 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) इंस्टॉल हो पाए थे, वहीं 2017 के बाद पिछले 9 साल में ऐसे 50 से अधिक एसटीपी इंस्टॉल किए गए हैं, यानी इस अवधि में क्षमता लगभग 10 गुना बढ़ी है। प्रदेश में लगभग 160 एसटीपी इंस्टॉल किए गए हैं, जिनके माध्यम से प्रतिदिन लगभग पांच हजार मिलियन लीटर (एमएलडी) वेस्ट वाटर को शुद्ध कर नदियों में जाने से रोका जा रहा है। पूर्व की सरकारों की तुलना में मौजूदा योगी सरकार में सीवर शोधन ढांचे के विस्तार की रफ्तार लगभग दस गुना तक बढ़ी है। नमामि गंगे : 9 साल में 10 गुना बढ़े एसटीपी नमामि गंगे कार्यक्रम के तहत उत्तर प्रदेश में चरणबद्ध तरीके से सीवेज ट्रीटमेंट प्लांटों की संरचना तैयार की जा रही है। 2017 से पहले जहां नमामि गंगे के अंतर्गत केवल 5 एसटीपी इंस्टॉल हो सके थे, वहीं योगी सरकार में 50 से अधिक नए एसटीपी इंस्टॉल किए गए हैं। लखनऊ में 9 संचालित एसटीपी, 624.50 एमएलडी की क्षमता राजधानी लखनऊ में इस समय कुल 09 सीवेज शोधन संयंत्र संचालित हैं, जिनकी कुल शोधन क्षमता 624.50 एमएलडी है। इन संयंत्रों के जरिए गोमती एवं उसकी सहायक नदियों में गिरने वाले पानी को पहले ही शुद्ध किया जा रहा है। संचालित एसटीपी भरवारा, दौलतगंज (शहरी), दौलतगंज (ग्रामीण), हाथी पार्क, जीएच कैनाल, वृंदावन, यूपी आवास विकास परिषद क्षेत्र और सीजी सिटी आदि स्थानों पर स्थापित हैं। इन प्लांटों से निकला ट्रीटेड वॉटर एक ओर नदियों को स्वच्छ रखने में मदद कर रहा है, वहीं चरणबद्ध तरीके से इसके पुन: उपयोग (रीयूज) की योजना भी तैयार की जा रही है। लखनऊ में 3 निर्माणाधीन और 4 प्रस्तावित एसटीपी लखनऊ में नमामि गंगे परियोजना के अंतर्गत राज्य स्वच्छ गंगा मिशन द्वारा कुल 03 एसटीपी निर्माणाधीन हैं, जिनकी संयुक्त क्षमता 153.50 एमएलडी होगी। ये प्लांट बारिकल, लोनियांपुरवा और बिजनौर क्षेत्रों में बनाए जा रहे हैं। राजधानी में सीवेज शोधन क्षमता पहुंचेगी 1000 एमएलडी के पार इसके अलावा लखनऊ में 4 नए एसटीपी बसंत कुंज, वजीरगंज, जियामऊ और मस्तेमऊ के निर्माण का प्रस्ताव है, जिनकी कुल क्षमता 342 एमएलडी होगी। इन संयंत्रों के तैयार हो जाने के बाद राजधानी में सीवेज शोधन क्षमता 1000 एमएलडी से अधिक पहुंचने का अनुमान है। 2017 से पहले नदियों की निर्मलता कागजों तक सीमित रही 2017 से पहले नदियों की निर्मलता की योजनाएं कागजों तक सीमित रहीं और एसटीपी निर्माण की रफ्तार बेहद सुस्त थी। वहीं, योगी सरकार में नए प्लांटों के साथ-साथ पुराने संयंत्रों के उन्नयन पर भी विशेष जोर दिया गया है।

खनिज एवं उपखनिज खनन से राजस्व में वृद्धि, सोनभद्र का योगदान सबसे अधिक

खनिज एवं उपखनिज खनन से हुई राजस्व प्राप्ति में वृद्धि, सोनभद्र का रहा सर्वाधिक योगदान सोनभद्र जनपद से सर्वाधिक 678.28 करोड़ रुपये की हुई राजस्व प्राप्ति, महोबा, हमीरपुर, झांसी और जालौन रहे अन्य प्रमुख जनपद राजस्व प्राप्ति के साथ अवैध खनन पर रोक और पर्यावरणीय मानकों के पालन को सुनिश्चित कर रहा है प्रदेश का भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग लखनऊ  उत्तर प्रदेश भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप खनिज संसाधनों का संतुलित और सतत उपयोग सुनिश्चित करते हुए राज्य की अर्थव्यवस्था में अधिकाधिक योगदान का सतत प्रयास कर रहा है। इस संबंध में विभाग की ओर से हाल ही में संपन्न हुई मुख्य सचिव की समीक्षा बैठक में फरवरी माह के राजस्व संग्रह के आंकड़े जारी किए गए। जिसके अनुसार प्रदेश के खनिज संपदा से संपन्न प्रमुख दस जनपदों से लगभग 2543.42 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त किया गया। जिसमें सर्वाधिक राजस्व प्राप्ति सोनभद्र जनपद से हुई है, इसी क्रम में महोबा, हमीरपुर, झांसी और जालौन जनपद खनन आधारित राजस्व प्राप्ति में प्रमुख रहे। भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग प्रदेश में अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण और पर्यावरणीय मानकों का पालन सुनिश्चित करते हुए राजस्व संग्रह में वृद्धि सुनिश्चित कर रहा है। इस क्रम में खनिज एवं उपखनिज के खनन से फरवरी माह में सर्वाधिक राजस्व प्राप्ति सोनभद्र जनपद से हुई है। सोनभद्र जनपद ने मुख्य खनिजों के खनन से 402.79 करोड़ रुपये, जबकि उपखनिजों के खनन से 275.49 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया। वहीं महोबा ने 394.9 करोड़ रुपये, हमीरपुर ने 389.61 करोड़ रुपये का राजस्व संग्रह किया। जबकि झांसी से 215.83 करोड़ रुपये, जालौन से 225.62 करोड़ तथा सहारनपुर से 227.58 करोड़ रुपये के राजस्व की प्राप्ति दर्ज की गई। इस क्रम में अन्य प्रमुख जनपदों में बांदा ने 209.98 करोड़ रुपये का राजस्व संग्रह किया, जबकि प्रयागराज से 136.9 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। फतेहपुर और कौशांबी जैसे जनपदों से क्रमशः 40.31 करोड़ रुपये और 24.41 करोड़ रुपये का राजस्व संग्रह किया गया। समीक्षा बैठक में विभाग की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार प्रदेश के दस प्रमुख खनिज संपन्न जिलों से फरवरी माह में लगभग 2543.42 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है, जो विभागीय प्रयासों और सुदृढ़ निगरानी व्यवस्था का परिणाम माना जा रहा है।  विभागीय अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री के दिशानिर्देशों का पालन करते हुए विभाग की ओर से प्रदेश में खनन गतिविधियों की सतत निगरानी एवं खनन पट्टों के आवंटन और संचालन में पारदर्शिता सुनिश्चित की गई है, जिससे राजस्व संग्रहण में सुधार हुआ है।