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तनुश्री दत्ता का नाना पाटेकर पर फिर बयान, बोलीं- ‘मेरे लिए उनका निधन ईवल डेड जैसा’

मशहूर एक्टर नाना पाटेकर अब हमारे बीच नहीं रहे. लेकिन अब भी उनका और तनुश्री दत्ता का सालों पुराना विवाद थमा नहीं है. नाना के निधन के बाद भी तनुश्री उन्हें लेकर अपने बयान पर कायम हैं. एक्ट्रेस ने उनपर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे. सालों केस चला. लेकिन सबूतों के अभाव के कारण केस क्लोज हो गया था. नाना की मौत को तनुश्री ने ईवल डेड बताया है.

मुझे बहुत परेशान किया गया- बोलीं तनुश्री
बीती रात वो लखनऊ में एक इवेंट में शामिल हुई थीं. वहां मीडिया से बात करते हुए तनुश्री ने बताया क्यों वो नाना के निधन पर इस तरह की बयानबाजी कर रही हैं. एक्ट्रेस ने साफ कहा कि वो आज भी नाना के खिलाफ अपने आरोपों पर कायम हैं.

तनुश्री कहती हैं- जो सच है वो सच है. वो 10 जन्म भी ले लें तब भी मैं यही कहूंगी. कोर्ट में मेरी प्राइम विटनेस का एफिडेविट सब्मिट है. लेकिन जिस दिन उस एफिडेविट की पेशी होने वाली थी, जिस दिन हम केस जीतने वाले थे, उसी दिन उस केस को बंद करवा दिया गया था. वो बहुत अहंकारी आदमी था. ईश्वर ने ही उसके प्राण हरे हैं. क्योंकि ये रुक नहीं रहा था.

''ये शैतान रुक नहीं रहा था. मुझे परेशान किए ही जा रहा था. एक चीज बंद होती फिर कुछ और शुरू हो जाता था. उनके षडयंत्र की वजह से मैं बीमार हो गई थी. मुझे एंग्जाइटी हो गई थी. एक औरत के पीछे अगर इतने सारे लोगों को आप लगा दोगे, तो क्या होगा. वो गैंगस्टर मान्या सुर्वे की फैमिली से था.''

'5 साल देखे बुरे दिन'
तनुश्री ने बताया कि नाना की वजह से वो कई दुखों से गुजरी हैं. उनके 5 साल परेशानी में बीते थे. एक्ट्रेस कहती हैं- ये चीज मेरे लिए तो ईवल डेड ही है. मैं जिस चीज से गुजरी हूं पिछले 5 साल..मीटू मूवमेंट के बाद, मैं इतना परेशान हुई हूं, आप मेरे नजरिए से देखें, जो विक्टिम रहा है, वो परेशान है. मुझ पर केस चल रहा है. सोचिए मुझे कितना परेशान किया गया होगा. मेरे केस को वापस लेने को कहा गया. लेकिन मैंने इसे वापस नहीं लिया. मुझे लालच दिया गया तब भी मैंने केस वापस नहीं लिया.

''ऐसी परेशानी मेरे साथ शुरू हुई जहां मेरी गाड़ी के ब्रेक्स काटे गए. एक्सीडेंट हुआ मेरा. मुझे फूड पॉइजनिंग हुई. मैं जिस चीज से गुजरी हूं मुझे पता है. मेरे लिए तो ये किसी शैतान के मरने जैसा है. मेरे पक्ष से कोई देखे. जो इन चीजों से नहीं गुजरा है, उसे लगेगा कि ये ऐसे क्यों बात कर रही है. हर इंसान की अलग परिस्थिति होती है. जिनका उनके साथ अनुभव अच्छा है वो नहीं समझेंगे.''
 

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