samacharsecretary.com

₹60 करोड़ पर उठा पर्दा: प्रिया सचदेव ने दिखाए सबूत, बताई हर लेन-देन की कहानी

मुंबई

दिवंगत बिजनेसमैन संजय कपूर की वसीयत को लेकर कानूनी लड़ाई जारी है। उनकी विधवा प्रिया सचजेव ने दिल्ली हाईकोर्ट को 3 दिसंबर को हुई सुनवाई में बताया कि करिश्मा कपूर की बेटी की कॉलेज फीस भरी जा चुकी है। क्योंकि पहले एक्ट्रेस की बेटी ने कहा था कि दो महीने से उनकी कॉलेज की फीस नहीं भरी गई है।

'लॉ बीट' की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रिया सचदेव की ओर से एडवोकेट श्येल त्रेहान ने जज ज्योति सिंह के सामने दलील दी। वह करिश्मा कपूर और उनके बच्चों के वकील के दावों का जवाब दे रहे थे, जिसमें कहा था कि दो महीने की 95 लाख रुपये की फीस अभी तक नहीं चुकाई गई है।

करिश्मा की बेटी की फीस पर प्रिया की दलील
श्येल त्रेहान ने आरोपों को फैक्चुअली गलत बताया है और कहा कि करिश्मा की बेटी की सेमेस्टर फीस पहले ही चुकाई जा चुकी है। उन्होंने यह भी दावा किया कि संजय कपूर की मौत के बाद से ही प्रिया, बच्चों की एजुकेशन और दूसरी चीजों का खर्चा उठा रही थीं। वकील ने 95 लाख रुपये की भुगतान रसीद भी पेश की और अदालत को बताया कि अगली किश्त दिसंबर में देनी है।

सास रानी कपूर को भी प्रिया ने दिया जवाब
बता दें कि प्रिया कपूर की तरफ से ये बयान तब आया, जब सास रानी कपूर ने उनकी आलोचना की और बेटे की प्रॉपर्टी को हड़पने का आरोप लगाया था। उनके वकील ने कोर्ट में सभी आरोपों को निराधार बताया और कहा कि प्रॉपर्टी की एक लंबी लिस्ट सबमिट की गई है और सभी लेन-देन का जिक्र लिस्ट में है। कोई भी पैसा विदेश नहीं भेजा गया है।

प्रिया सचदेव ने बताया 60 करोड़ रुपये का सच
इसके अलावा, संजय कपूर की 60 करोड़ सैलरी बताने वाले रानी कपूर के दावे पर भी प्रिया की लीगल टीम ने कहा, 'संजय 2023-24 में AIPL के डायरेक्टर थ और उन्हें 10 करोड़ रुपये साला सैलरी मिली थी। उस फाइनैंशियल ईयर के लिए उन्हें 50 करोड़ रुपये का एक बोनस भी मिला था। उसमें से 23.5 करोड़ रुपये का टीडीएस काटा गया और उन्हें 36.5 करोड़ रुपये हाथ में मिले। उसमें से 28.5 करोड़ रुपये अचल संपत्ति, लंदन में संपत्तियों की खरीद पर खर्च किए गए।'

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here