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भोपाल मेट्रो बस से सस्ती पड़ेगी! फ्री ट्रायल के बाद कम किराया, जानें कैसे बनेगा यह सबसे किफायती विकल्प

भोपाल 

भोपाल में बनने जा रही मेट्रो सिर्फ शहर की रफ्तार ही नहीं बढ़ाने वाली, बल्कि जेब पर भी हल्की पड़ने वाली है. ऐसा पहली बार हो सकता है कि एयर-कंडीशन्ड मेट्रो, शहर की बसों से भी सस्ती साबित हो जाए वो भी सिर्फ शुरुआती ऑफर में नहीं, बल्कि आने वाले महीनों तक.

21 दिसंबर से मेट्रो की यात्री सेवा शुरू होने जा रही है, और शुरुआत होगी एक हफ्ते के फ्री ट्रायल राइड्स के साथ. उसके बाद किराया धीरे-धीरे तीन हफ्तों में 25%, 50% और 75% तक बढ़ेगा. यानी शुरुआत में बेहद कम दाम और आगे भी जेब पर ज्यादा दबाव नहीं.

अब बात बसों की
BCLL का बस नेटवर्क पिछले दो साल से लगभग आधा ही चल रहा है. 220 बसें स्वीकृत हैं, लेकिन सड़क पर सिर्फ 50 से 90 के बीच ही दौड़ पा रही हैं. नतीजा ये है कि पूरे शहर का फीडर नेटवर्क कमजोर पड़ गया है और कई रूट सीधे-सीधे मेट्रो को सपोर्ट भी नहीं कर पा रहे हैं.

सबसे बड़ी समस्या यह है कि कई रूट पर डायरेक्ट बस ही नहीं मिलती जैसे सुभाष नगर से AIIMS भोपाल तक. TR-4B रूट तो सुभाष नगर डिपो से होकर जाता था, लेकिन करोंड रूट पर मेट्रो निर्माण की वजह से अब उसे डायवर्ट कर दिया गया है. बसें अब डिपो से गुजरती ही नहीं, बल्कि सीधे RoB पार करके बोर्ड ऑफिस/ISBT की तरफ चली जाती हैं. ऐसे में यात्रियों को बीच रास्ते में बस बदलनी पड़ती है, जिसका मतलब है दूसरा टिकट.

अगर कोई यात्री AIIMS तक बस से जाना चाहे, तो लगभग 9 किमी की यात्रा में पहले 12 रुपये और फिर 9 रुपये देने पड़ते हैं यानी कुल 21 रुपये. इतना देकर भी पूरा सफर धीमा, भीड़भाड़ वाला और मौसम की मार झेलने वाला होगा. वहीं मेट्रो वही दूरी तेज़, स्मूथ और AC आराम में लगभग इतने ही या इससे कम किराये में तय करवा सकती है. यही वजह है कि मेट्रो लांच होते ही बस की तुलना में ज्यादा किफायती और प्रैक्टिकल विकल्प बनकर सामने आएगी.

मेट्रो में अभी टोकन, बाद में कॉमन मोबिलिटी कार्ड
शुरुआत में यात्रियों को फिजिकल टोकन लेने होंगे. स्टेशन में प्रवेश, कंकर्स पर टोकन लेना, सिक्योरिटी, रेल लेवल पर चढ़ना ये बेसिक प्रोसेस रहेगा. अभी स्मार्ट कार्ड या पास सिस्टम शुरू नहीं होगा. लेकिन जैसे ही मेट्रो का पूरा 16 किमी का करोंड AIIMS कॉरिडोर चालू होगा, कॉमन मोबिलिटी कार्ड लाया जाएगा. इससे मेट्रो और शहर की बस दोनों का किराया एक ही कार्ड से, कैशलेस तरीके से UPI से भी दे सकेंगे.

MPMRCL जल्द ही किराया संरचना की आधिकारिक घोषणा करेगा, लेकिन फिलहाल संकेत हैं कि इंदौर मेट्रो की तरह 10 से 20 रुपये तक का किराया रखा जा सकता है.

यात्रियों के लिए खास इंतज़ाम
हर कोच में 4 सीटें महिलाओं के लिए और 2 सीटें दिव्यांग यात्रियों के लिए आरक्षित होंगी. यानी शुरुआत भले ही साधारण टोकन सिस्टम से हो, लेकिन आने वाले महीनों में भोपाल की मेट्रो यात्रा और भी स्मार्ट, तेज़ और सस्ती होने वाली है.

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