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गंगा में डॉल्फिन की मौत से साहिबगंज में मचा हड़कंप, टीम कर रही स्थिति की समीक्षा

साहिबगंज

झारखंड के साहिबगंज जिले में गंगा के तट पर एक डॉल्फिन का शव मिला है। यह जानकारी वन अधिकारियों ने दी। साहिबगंज के प्रभागीय वन अधिकारी (डीएफओ) प्रबल गर्ग ने बताया कि स्थानीय मछुआरों से सूचना मिलने के तुरंत बाद वन अधिकारी मौके पर गए और शव को कब्जे में ले लिया।

डीएफओ ने कहा, "हमने डॉल्फिन (वैज्ञानिक रूप से प्लैटनिस्टा गैंगेटिका) के शव को पोस्टमार्टम के लिए तालझारी के निकटतम रेंज कार्यालय में भेज दिया है। यह स्तनपायी जीव वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की अनुसूची एक के तहत सूचीबद्ध है, जो इसे एक लुप्तप्राय प्रजाति बनाता है।" वन अधिकारियों ने बताया कि प्रथम दृष्टया डॉल्फिन के शव पर किसी बाहरी चोट के निशान नहीं हैं। उन्होंने जल प्रदूषण के कारण उसकी मौत की संभावना से भी इनकार किया।

गर्ग ने कहा, "डॉल्फिन के शव पर कोई बाहरी चोट के निशान नहीं हैं, जिसमें जहाजों या ट्रॉलरों की आवाजाही से हुई चोट की संभावना खारिज होती है। जल प्रदूषण की संभावना बहुत कम है, क्योंकि ऐसी स्थिति में डॉल्फिनों की कई मौतें हो सकती थीं।" साहिबगंज में प्रोजेक्ट डॉल्फिन के तहत भारतीय वन्यजीव संस्थान (डब्ल्यूआईआई) द्वारा किए गए मानसून-पूर्व सर्वेक्षण में स्तनधारियों की संख्या 250 से अधिक पाई गई।

 

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