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2 लाख भक्तों की ऑनलाइन भागीदारी के साथ बागेश्वर धाम में चतुर्थ हनुमान चालीसा हवन, पांचवां हवन 20 अप्रैल को

छतरपुर
बागेश्वर धाम में गुरुवार रात पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने ऑनलाइन हनुमान चालीसा हवन करवाया. इसमें देश और विदेश के 2 लाख भक्तों ने एक साथ हवन पूजन किया. इस आयोजन का उद्दश्य घरों से नकारात्मक ऊर्जा का खात्मा करना था. इसके साथ ही इस प्रकार के हवन भक्त घर में कर सकें, इसकी विधि भी बताई गई। 

हवन के साथ हनुमान चालीसा का पाठ
बागेश्वर धाम परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित हुए और हवन में हिस्सा लिया. बागेश्वर धाम में जो भक्त नहीं आ सकते, उनके लिए ऑनलाइन हवन और हनुमान चालीसा का आयोजन किया गया. धीरेंद्र शास्त्री द्वारा आयोजित यह चौथा हनुमान चालीसा हवन था. खास बात ये है कि इसमें विदेश के भी बड़ी संख्या में भक्त शामिल हुए। 

सोशल मीडिया के माध्यम से जुड़े भक्त
विदेश में रहने वाले भक्तों ने यूट्यूब, फेसबुक और अन्य सोशल प्लेटफॉर्म के माध्यम से आयोजन में हिस्सा लिया. धाम में पंडाल में बैठे 30 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने ऑनलाइन हवन पूजन में अपनी आहुति डाली. भक्तों ने दिव्य अनुष्ठान में आहुति देकर अपना कार्य सिद्ध किया. ऑनलाइन हवन व हनुमान चालीसा विधि-विधान से शुरू किया गया. यह हवन हनुमान चालीसा की 40 चौपाइयों के आधार पर विशेष विधि-विधान से संपन्न कराया गया। 

यह इस श्रृंखला का चौथा आयोजन था। इससे पहले भी धाम पर तीन हनुमान चालीसा हवन आयोजित किए जा चुके हैं। हवनों की यह श्रृंखला दिसंबर 2025 से प्रारंभ हुई थी और 12 मार्च को इसका चौथा आयोजन संपन्न हुआ। हवन हनुमान चालीसा की 40 चौपाइयों के आधार पर विशेष विधि-विधान से संपन्न कराया गया।

ऑनलाइन हनुमान चालीसा हवन से जुड़े लाखों श्रद्धालु

इस हवन का मुख्य उद्देश्य सनातन परंपरा के अनुसार घर-घर यज्ञ और हवन की संस्कृति को पुनर्जीवित करना तथा लोगों को इसकी विधि से अवगत कराना है। कार्यक्रम के दौरान भक्तों ने अपने घर-परिवार में नकारात्मक ऊर्जा को दूर कर सकारात्मक ऊर्जा के संचार की कामना की।

बागेश्वर महाराज ने बताया कि यह ऑनलाइन हनुमान चालीसा हवन भक्तों को साथ जोड़कर करवाया जाता है। इसका लक्ष्य है कि अधिक से अधिक लोग अपने घरों में भी हवन की परंपरा को अपनाएं।

 

बागेश्वर धाम में अगला आयोजन 20 अप्रैल को
हवन का उद्देश्य सनातन परंपरा के अनुसार घर-घर यज्ञ और हवन की संस्कृति को पुनर्जीवित करना तथा लोगों को इसकी विधि से अवगत कराना है. कार्यक्रम के दौरान भक्तों ने श्रद्धा और आस्था के साथ आहुति देकर अपने घर-परिवार में फैली नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने और सकारात्मक ऊर्जा के संचार की कामना की। 

इस मौके पर पं. धीरेंद्र शास्त्रीने कहा "पांचवां अगला हनुमान चालीसा हवन 20 अप्रैल को बागेश्वर धाम में आयोजित किया जाएगा, जिसमें एक बार फिर बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे. यह ऑनलाइन हनुमान चालीसा हवन भक्तों को साथ जोड़कर करवाया जाता है, ताकि अधिक से अधिक लोग अपने घरों में भी हवन की परंपरा को अपनाएं। 

20 अप्रैल को बागेश्वर धाम में पांचवां हनुमान चालीसा

अगला, पांचवां हनुमान चालीसा हवन 20 अप्रैल को बागेश्वर धाम में आयोजित किया जाएगा। इसमें भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।

हवन के लिए, ऑनलाइन जुड़े भक्तों ने रात में तिल, जौ, चावल, धूप, घी, दीपक, चंदन, लकड़ियां, कपूर, नारियल, सुपारी, कलावा, रुई की बाती, माचिस, पुष्प और जल जैसी आवश्यक सामग्री एकत्र कर निःशुल्क हवन किया।

 

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