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गंडक नदी उफान पर, गोपालगंज-सारण में तटबंध टूटे; कई गांवों में पानी घुसने का खतरा

पटना
बिहार में गंडक नदी का कहर जारी है। अब गंडक ने राज्य के दो अन्य जिलों में तटबंधों को तोड़ दिया है। जल संसाधन विभाग के अनुसार गंडक नदी में अत्यधिक जलस्राव तथा गंगा नदी के भी ख़तरे के निशान से ऊपर रहने के कारण गंडक नदी के तटबंधों पर भारी दबाव है। इसके अलावा अनेक जगहों पर सीपेज और पाइपिंग हो रहे हैं, जिन्हें दिन रात फ्लड फाइटिंग करके नियंत्रित किया जा रहा है। इस क्रम में आज दो जिलों में तटबंध ब्रीच हो गया है।

गोपालगंज जिला के बैकुण्ठपुर प्रखंड, ग्राम-शीतलपुर, में गंडक नदी के दायें मुख्य तटबंध के अंदर नदी साइड में बंधौली-शीतलपुर-फैजुल्लाहपुर (बी0एस0एफ0) जमींदारी बाँध लगभग लगभग 06 मीटर में तटबंध टूट गया है और इस धंसान के कारण बैकुण्ठपुर प्रखंड के परसौनी, शीतलपुर एवं पकहाँ ग्रामों के निचले इलाकों में पानी का फैलाव और संपर्कता भंग होने की संभावना है। सारण मुख्य तटबंध सुरक्षित है।

सारण जिला के मकेर प्रखण्ड के ग्राम-हैजलपुर में गंडक नदी के दायां सारण तटबंध 46.50 कि.मी. पर अचानक लगभग 08 मीटर में धंस जाने एवं कि0मी0 45 पर निर्मित बाढ़ निरोधक फाटक (ए0एफ0एस) क्षतिग्रस्त होने से पानी का फैलाव कन्ट्री साईड में में हो रहा है। इस धसान के कारण मकेर प्रखंड के हैजलपुर, परमानंद छपरा एवं नौकरहा गांवों के निचले इलाकों में पानी का फैलाव होने तथा संपर्कता भंग होने की संभावना है। संबंधित क्षेत्रों में लोगों को अलर्ट कर दिया गया है। जल संसाधन विभाग, आपदा प्रबंधन विभाग की टीम एवं जिला प्रशासन गोपालगंज और सारण द्वारा आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

बताया जा रहा है कि मकेर के बाघाकोल गांव के पास बुधवार की सुबह गंडक नदी पर स्थित मुख्य सारण तटबंध करीब 10 फीट की दूरी तक टूटा। प्रशासन बांध की मरम्मत करा स्थिति को नियंत्रित करने में जुटा है। बाघाकोल गांव के निचले इलाके और आसपास के गांवों की ओर अब पानी बढ़ भी रहा है। सारण के तरैया, पानापुर, परसा और मकेर में बाढ़ की स्थिति फिर से बनने लगी है। छपरा के करीब सरयू (घाघरा) नदी के आसपास बसे गांवों की ओर भी तेजी से पानी बढ़ रहा है।

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