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राजस्थान में पंचायत चुनाव से पहले सरकार की तैयारी तेज, CM ने सरपंचों से योजनाओं पर की चर्चा

जयपुर
राजस्थान में पंचायत चुनाव से पहले बीजेपी ने गांवों पर अपना फोकस बढ़ा दिया है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शुक्रवार को जयपुर के माहेश्वरी पब्लिक स्कूल स्थित तक्षशिला ऑडिटोरियम में पंचायती राज जनप्रतिनिधियों से संवाद किया। प्रदेश के अलग-अलग जिला मुख्यालयों से भी जनप्रतिनिधि वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े। मुख्यमंत्री ने ग्रामीण विकास, जनसेवा और पंचायत स्तर पर सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर सरपंचों से चर्चा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की आत्मा गांवों में बसती है और गांव मजबूत होंगे तो विकसित भारत का संकल्प भी मजबूत होगा। उन्होंने पंचायती राज संस्थाओं को ग्रामीण विकास और स्थानीय नेतृत्व को मजबूत करने का महत्वपूर्ण माध्यम बताया। सीएम ने जनप्रतिनिधियों से अपील की कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ गांव के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाएं।

नवाचार करने वाले सरपंचों का सम्मान
कार्यक्रम में अपने-अपने क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य और नवाचार करने वाले पंचायती राज जनप्रतिनिधियों को सम्मानित किया गया। सरपंचों ने गांवों में किए जा रहे अलग-अलग प्रयोगों और विकास कार्यों की जानकारी मुख्यमंत्री के साथ साझा की। इनमें स्वच्छता, बालिका शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण, पौधरोपण और सामुदायिक स्तर पर पारंपरिक त्योहारों के आयोजन जैसे प्रयास शामिल रहे।

आदिवासी क्षेत्र के एक सरपंच ने बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए हॉस्टल निर्माण और आसपास के गांवों की छात्राओं को शिक्षा से जोड़ने की पहल बताई। वहीं झुंझुनूं जिले की एक सरपंच ने गांव में शुरू किए गए बर्तन बैंक के बारे में जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने ऐसे स्थानीय नवाचारों को ग्रामीण विकास में उपयोगी बताया।

'सरपंच साहब' वाली पहचान का किया जिक्र
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सरपंचों की जिम्मेदारी पर जोर देते हुए कहा कि सरपंच बनने के बाद यह पहचान लंबे समय तक लोगों के साथ जुड़ी रहती है। उन्होंने अपने अनुभव का जिक्र करते हुए कहा कि आज भी जब वे अपने गांव जाते हैं तो वहां के लोग उन्हें मुख्यमंत्री नहीं, बल्कि 'सरपंच साहब' कहकर बुलाते हैं। उन्होंने कहा कि यह पहचान बताती है कि पंचायत स्तर के जनप्रतिनिधियों की गांव के लोगों के बीच कितनी महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

कांग्रेस पर भी साधा निशाना
पंचायत चुनाव के संदर्भ में मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बार-बार चुनाव होने से विकास कार्यों की गति प्रभावित होती है और सरकारी संसाधनों पर अतिरिक्त खर्च होता है। सीएम ने कहा कि उनकी सरकार ने पंचायतों में विकास की निरंतरता बनाए रखने के लिए सरपंचों पर भरोसा किया और ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित करने का प्रयास किया, जिससे गांवों के विकास कार्य बाधित न हों।

मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि जो लोग होटल में बंद रहकर सरकार चलाते थे, वे आम लोगों की समस्याओं को कैसे समझेंगे। उन्होंने रोजगार के मुद्दे पर सरकार के काम का उल्लेख करते हुए दावा किया कि अब तक 1 लाख 94 हजार युवाओं को नियुक्तियां दी जा चुकी हैं, जबकि 1 लाख 22 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है।

योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने पर जोर
सीएम ने सरपंचों से कहा कि गांव में उनके आसपास रहने वाला कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने 'दिया तले अंधेरा नहीं होना चाहिए' का संदेश देते हुए जनप्रतिनिधियों से लोगों की समस्याएं सुनने और उनके समाधान के लिए सक्रिय रहने को कहा। उन्होंने कहा कि किसी समस्या के समाधान में सरकारी स्तर पर परेशानी आ रही हो तो उसकी जानकारी सरकार तक पहुंचाई जाए।

कार्यक्रम में पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत, पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास विभाग के राज्य मंत्री ओटाराम देवासी समेत अन्य जनप्रतिनिधि और गणमान्य लोग मौजूद रहे। पंचायत चुनाव से पहले हुए इस संवाद में सरकार ने ग्रामीण विकास और पंचायत स्तर पर जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन को प्रमुखता दी।

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