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राज्यपाल ने विद्यार्थियों से परिसर में पेड़ लगाने का किया आव्हान

भोपाल
राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि 'मन की बात' कार्यक्रम देश के विचार, संकल्प और सामर्थ्य का सबसे सशक्त प्रेरणादायी मंच है। कार्यक्रम को सुनना प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विचार, ज्ञान और अनुभवों से प्रेरणा लेने और सकारात्मक बदलावों के साथ राष्ट्र निर्माण के नए साझा संकल्पों को दिशा देने का अवसर है। उन्होंने कार्यक्रम को ऐतिहासिक बताते हुए प्रतिमाह वर्चुअली निरंतर देश की जनता के बीच प्रधानमंत्री के पहुंचने को अभूतपूर्व बताया है।

राज्यपाल पटेल रविवार को स्थानीय भारतीय वन प्रबंधन संस्थान में मन की बात कार्यक्रम के प्रसारण से पूर्व विद्यार्थियों से चर्चा कर रहे थे। राज्यपाल ने विद्यार्थियों का आह्वान किया है कि वे परिसर में एक पेड़ लगा कर संस्थान से जाएं, इससे संस्थान के साथ उनका जुड़ाव मजबूत होगा। राज्यपाल ने कार्यक्रम के बाद विद्यार्थियों से उनका परिचय प्राप्त किया, उन्हें शुभाशीष प्रदान किया।

राज्यपाल पटेल ने कहा कि वन, पर्यावरण संरक्षण वैश्विक चुनौती है। स्टॉकहोम में वर्ष 1972 को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पर्यावरण चर्चा की पहल शुरू हुई थी, जिसकी आशंकाएं, जलवायु परिर्वतन, ग्लोबल वार्मिंग के रूप में सामने आ गई हैं। प्रकृति के अनुसार वर्ष में 4 मौसम होते हैं , लेकिन ग्लोबल वार्मिंग और प्रदूषण के प्रभाव से कभी-कभी चारों मौसम एक ही दिन में अनुभव हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए वैद्यानिक प्रावधानों के साथ जन मानस में पर्यावरणीय चेतना का प्रसार जरूरी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी निरंतर पर्यावरण संरक्षण के प्रयास जनसहभागिता के साथ कर रहे हैं। एक पेड़ मां के नाम अभियान पौधारोपण की पहल है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के मुख्यमंत्रित्व में गुजरात के वन एवं पर्यावरण मंत्री के 14 वर्षों के अनुभवों का उल्लेख करते हुए ग्रह, राशि और नक्षत्रों के अनुसार सांस्कृतिक वनों और वन-महोत्सवों के माध्यम से पौधरोपण कराने की बात बताई।

भारतीय वन प्रबंधन संस्थान के निदेशक डॉ. के. रविचंद्रन ने स्वागत उद्बोधन में बताया कि संस्थान वन प्रबंधन के द्वारा विगत 40 वर्षों से राष्ट्र की सेवा कर रहा है। संस्थान के विद्यार्थी दुनिया के 57 देशों में सेवारत है। संस्थान द्वारा वन प्रबंधन में डॉक्टोरेट और एम.बी.ए. पाठ्यक्रमों के साथ प्रशिक्षण एवं परामर्शी सेवाएं दी जाती है।

 

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