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आरएसएस कार्यकर्ता नवीन हत्या केस का मुख्य साज़िशकर्ता मुठभेड़ में मारा गया

चंडीगढ़
पंजाब पुलिस ने आरएसएस कार्यकर्ता नवीन अरोड़ा हत्याकांड के मुख्य आरोपी बादल उर्फ बंटी को बुधवार देर रात जलालाबाद क्षेत्र के एक श्मशान घाट के पास मुठभेड़ में मार गिराया। इस दौरान दो पुलिसकर्मी भी घायल हो गए। पुलिस ने हथियारों की बरामदगी और आरोपियों के अन्य साथियों की गिरफ्तारी के लिए इस इलाके में दबिश दी थी, लेकिन जैसे ही पुलिस ने श्मशान घाट के पास पहुंचकर घेराबंदी की, बादल और उसके दो साथी पुलिस पर गोली चलाने लगे। इसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की, जिससे बादल को गोली लगी और वह ढेर हो गया। इस दौरान मुठभेड़ में एक हेड कांस्टेबल भी गोली लगने से घायल हो गया। घायल पुलिसकर्मी को सिविल अस्पताल फाजिल्का ले जाया गया, जहां उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
डीआईजी फिरोजपुर रेंज हरमनबीर सिंह गिल ने बताया कि 15 नवंबर 2025 को फिरोजपुर सिटी में आरएसएस नेता के बेटे नवीन अरोड़ा की बाजार में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

हत्या के तुरंत बाद पुलिस ने तीन आरोपियों—काली, हर्ष और कनव—को गिरफ्तार कर लिया था। काली की गिरफ्तारी के वक्त भी मुठभेड़ हुई थी, जबकि बुधवार की रात पुलिस ने इस मामले में मुख्य शूटर बादल वासी फिरोजपुर को काबू किया था। पूछताछ में आरोपियों ने बताया था कि हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियारों को जलालाबाद के माहमूजोईया श्मशान घाट में छिपाया गया है, जहां आज मुठभेड़ हो गई।

15 नवंबर को फिरोजपुर शहर के मोची बाजार इलाके में यूको बैंक के पास दो अनजान युवकों ने दिनदहाड़े आरएसएस के वरिष्ठ कार्यकर्ता बलदेव कृष्ण अरोड़ा के बेटे नवीन अरोड़ा की गोली मारकर हत्या कर दी थी। पुलिस इस मामले में आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए छापेमारी कर रही थी। हत्या वाले दिन चार आरोपी एक्टिव थे। हत्या में कनव, हर्ष, बादल, जतन काली निवासी बस्ती भट्टियां वाली व एक शूटर शामिल थे। नवीन की हत्या करने की योजना आरोपी कनव के जन्मदिन वाले दिन 13 नवंबर को उसके घर पर बैठकर बनाई गई थी। इस काम के लिए जतन काली ने अपने साथियों को एक लाख रुपए देने की बात कही थी। 15 नवंबर की रात बादल और शूटर ने नवीन की गोली मारकर हत्या कर दी। इन दोनों को भागने में कनव और हर्ष ने भूमिका निभाई।

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