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पीएम ई-बस योजना की तर्ज पर शुरू होगी नई परिवहन सेवा, कई प्रमुख रूट किए गए चिन्हित

भोपाल

 सुगम परिवहन सेवा के अंतर्गत प्रदेश में केसरिया रंग की बसें दौड़ेंगी। बीच में सफेद रंग की पट्टी होगी। पीएम ई-बस सेवा की बसों का रंग भी लगभग इसी तरह का है। सुगम परिवहन सेवा के तहत प्रदेश भर में 10 हजार से अधिक बसें चलेंगी।

पहले चरण में शहरी, उपनगरीय और दूसरे राज्यों के लिए एक साथ बसें चलाने की तैयारी है। इसकी शुरुआत जुलाई से इंदौर संभाग से करने का प्रयास है। शीघ्र ही बोर्ड की मीटिंग होने वाली है। इसके बाद कंपनी में भर्ती शुरू होगी। सरकार निजी बसों को अनुबंधित कर अपने नियंत्रण में संचालित करेगी। संचालन के लिए संभागीय स्तर पर सात कंपनियां बनाई गई हैं।

मप्र राज्य सड़क परिवहन सेवा की बसें चलती थीं

बता दें कि प्रदेश में मप्र राज्य सड़क परिवहन सेवा की बसें चलती थीं। घाटे के चलते तत्कालीन कांग्रेस सरकार में मुख्यमंत्री रहे दिग्विजय सिंह ने दिसंबर 2002 में सेवा बंद करने का निर्णय लिया था। वर्ष 2005 से यह बसें बंद हैं। वर्तमान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सत्ता संभालने के दो माह के भीतर फिर शासकीय नियंत्रण में सार्वजनिक परिवहन सेवा प्रारंभ करने के निर्देश दिए।

लगभग दो वर्ष की तैयारी के बाद अब बसों का संचालन शीघ्र प्रारंभ होने जा रहा है, जिनका किराए को लेकर निर्णय अभी होना है। बस संचालक किराया बढ़ाने की लगातार मांग कर रहे हैं। उनका तर्क है कि वर्ष 2021 से किराया नहीं बढ़ाया गया है, जबकि डीजल की कीमतें व अन्य खर्च बढ़े हैं।

पहले चरण में दो वर्ष में 5206 बसें चलेंगी

योजना के पहले चरण में प्रदेश के कुल 1,164 मार्गों पर लगभग 5,206 बसों का संचालन अगले दो वर्षों में किया जाएगा। इनमें इंदौर क्षेत्र के कुल 121 मार्गों पर कुल 608 बसें, उज्जैन क्षेत्र के 120 मार्गों पर 371 बसें, भोपाल क्षेत्र के 104 मार्गों पर 398 बसें, जबलपुर क्षेत्र के 83 मार्गों पर 309 बसें, सागर क्षेत्र के 92 मार्गों पर 344 बसें, ग्वालियर क्षेत्र के 65 मार्गों पर 298 बसें और रीवा क्षेत्र के 35 मार्गों पर 184 बसें चलाई जाएंगी। क्षेत्रीय मुख्यालयों से उपनगरीय क्षेत्रों तक विस्तारित मार्ग स्वीकृति के संबंध में अधिसूचना जारी कर दी गई है। बसों की निगरानी के लिए इंटेलीजेंट ट्रांसपोर्ट मैंनेजमेंट सिस्टम (आइटीएमएस) स्थापित किया जा रहा है।

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