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विवाहिता की गैंगरेप के बाद हत्या के दोषियों को मिली फांसी की सजा

दौसा.

दौसा जिले के लालसोट में गैंगरेप के बाद महिला की हत्या के मामले में अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश न्यायालय ने शुक्रवार को दोनों दोषियों को फांसी की सजा सुनाई। मामला करीब चार साल पुराना है। जब विवाहिता ससुराल से पीहर जा रही थी, तभी आरोपियों ने अपहरण के बाद विवाहिता से सामूहिक दुष्कर्म किया और हत्या के बाद शव को कुएं में फेंक दिया था।

इससे पहले कोर्ट ने गुरुवार को दोनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए फैसला सुर​क्षित रखा था। एडीजे ऋतु चौधरी ने शुक्रवार को बड़ा फैसला सुनाते हुए दोनों दोषियों को फांसी की सजा सुनाई। न्यायालय में राज्य पक्ष से नियुक्त विशिष्ट लोक अभियोजक महावीर सिंह ने घटना को जघन्य बताते हुए कड़ी सजा की दलील रखी। बचाव पक्ष ने आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड नहीं होने का हवाला देते हुए नरमी की अपील की।

जज ने फैसला सुनाते हुए पढ़ी ये कविता
जज ने फैसला सुनाते हुए कविता पढ़ते हुए कहा कि गूंजती है आज भी फिजा में हजारों सिसकियां, घुट-घुट कर तड़पती हैं इस समाज में बेटियां। किस्सा बलात्कार का आज फिर अखबार में छपेगा, एक बेटी के खून से आज फिर अखबार सनेगा, क्या था कसूर मेरा, क्या बेटी होना ही कसूर था मेरा। कैसे जिए इस समाज में नारी जहां दरिंदे बसते हों, भेड़ियों ने जहां इंसान के चेहरे पहने हों, आखिर कब तक नारी की इज्जत यूं तार-तार होगी, आखिर कब इस समाज की गलियां बेटियों के लिए सुरक्षित होगी।

सिर झुकाएं पुलिस के साथ पहुंचे अदालत में
अपने ससुराल से पीहर जा रही महिला के साथ एक जघन्य अपराध करने वाले दोनों आरोपियों को गुरुवार को न्यायालय में कड़ी सुरक्षा के बीच पेश किया गया था। इस दौरान दोनो आरोपी सिर झुकाए न्यायालय में पहुंचे और सिर झुकाएं ही खड़े रहे, कुछ देर बाद जब उन्हे दोषी करार दिया तो पुलिस उन्हे वहा से ले गई थी।

नाबालिग व सीसीटीवी से खुला मामला
घटना 23 अप्रैल 2022 की है। महिला जिले के एक गांव में बस से उत्तरने के बाद लापता हो गई थी। 24 अप्रेल को गुमशुदगी दर्ज हुई। जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज और एक नाबालिग छात्र की जानकारी के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंची। 25 अप्रैल को आरोपी कालूराम की गिरफ्तारी के बाद उसी रात कुएं से शव बरामद किया गया, जबकि दूसरे आरोपी संजू मीना को 26 अप्रैल को पकड़ा गया। विशेष अनुसंधान दल गठित कर जुलाई 2022 में चार्जशीट पेश की गई। 45 गवाहों के बयान और 145 दस्तावेज प्रस्तुत किए गए। दोनों आरोपी रामगढ़ पचवारा थाना क्षेत्र के सिसोदिया गांव के एक ही परिवार के चाचा ताऊ के लड़के हैं।

यूं चला घटनाक्रम

  • 23 अप्रेल 2022 को सुबह मृतक अपने ससुराल से हुई रवाना
  • 23 अप्रेल 2022 को दोपहर 1 बजे सोनड़ मोड़ पर बस से उतरी
  • 24 अप्रेल 2022 को हुआ गुमशुदगी का मामला दर्ज
  • 25 अप्रेल 2022 को एक आरोपी कालूराम मीना गिरफ्तार
  • 25 अप्रेल 2022 की आधी रात्रि को मृतका का शव कुएं से बरामद
  • 26 अप्रेल 2022 को संजू मीना की गिरफ्तारी
  • 4 मई 2022 को हुआ एसआईटी का गठन
  • जुलाई 2022 में न्यायालय में हुई चार्जशीट पेश
  • 19 फरवरी 2026 को दोनों आरोपियों को किया न्यायालय ने दोषी करार
  • 20 फरवरी 2026 को दोनों दोषियों को फांसी की सजा

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