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धान की अतिरिक्त पैदावार बेचने में नहीं होगी परेशानी, हरियाणा सरकार ने बदले नियम

 चंडीगढ़
 हरियाणा में अब निर्धारित सीमा से अधिक धान की पैदावार होने पर भी किसान अपनी अतिरिक्त उपज न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर सरकार को बेच सकेंगे।

वास्तविक उपज तय सीमा से अधिक होने पर किसानों को अतिरिक्त धान की खरीद के लिए हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड (एचएसएएमबी) के सचिव के समक्ष आवेदन करना होगा। 48 घंटे में उपज के दावे का सत्यापन किया जाएगा। राजस्व या कृषि विभाग के अधिकारी दावे की पुष्टि करते हैं तो अतिरिक्त मात्रा खरीद ली जाएगी।

कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने सभी उपायुक्तों को इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है। मौजूदा खरीफ विपणन सीजन के लिए केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के तहत जिलेवार धान की पैदावार की सीमा तय की गई थी। यह सीमा पिछले तीन वर्षों की औसत पैदावार के आधार पर निर्धारित की गई थी। इस संबंध में कृषि विभाग ने 25 सितंबर को ज्ञापन जारी किया था।

इसके बाद से विभाग को लगातार किसानों के साथ-साथ खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग, हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड और कृषि विभाग के माध्यम से शिकायतें व अनुरोध प्राप्त हुए थे। इनमें बताया गया कि कुछ मामलों में धान की वास्तविक पैदावार निर्धारित सीमा से काफी अधिक है।

ऐसे में किसानों को अपनी पूरी उपज मंडियों में बेचने में परेशानी आ सकती है। किसानों और संबंधित विभागों की चिंताओं पर विचार करने के बाद सरकार ने अतिरिक्त पैदावार के सत्यापन और उसकी खरीद के लिए प्रक्रिया स्पष्ट की है।

निर्धारित सीमा से अधिक धान की पैदावार होने पर किसान के पिछले उत्पादन और बिक्री रिकॉर्ड के आधार पर दावे की जांच की जाएगी। अतिरिक्त उपज की खरीद के लिए राजस्व और कृषि विभाग, दोनों की पुष्टि जरूरी नहीं है। इनमें से किसी एक विभाग के अधिकारी द्वारा दावे की पुष्टि होने पर अतिरिक्त धान की खरीद की जाएगी। यदि संबंधित प्राधिकारी अधिक पैदावार के दावे को सही पाता है, तो अतिरिक्त धान की खरीद की जाएगी।

कृषि विभाग ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि आदेशों को पूरी तरह लागू किया जाए, ताकि किसानों को मंडियों में अपनी धान की उपज बेचने के दौरान अनावश्यक परेशानी या कठिनाई का सामना न करना पड़े।

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