samacharsecretary.com

अभी तो शुरुआत है… CSK के साथ लंबा सफर तय करने के संकेत धोनी ने दिए

नई दिल्ली
चेन्नई सुपर किंग्स में अपने भविष्य को लेकर लंबे वक्त तक चुप्पी साधने के बाद महेंद्र सिंह धोनी ने आखिरकार इशारों में बड़ी बात कही है। उन्होंने कहा है कि वह और सीएसके साथ-साथ हैं। अगले 15-20 सालों तक भी साथ रहेंगे। उन्होंने कहा कि सीएसके और उनका साथ सिर्फ खिलाड़ी के तौर पर नहीं है। धोनी की बातों से साफ है कि अगर अगले आईपीएल सीजन में वह सीएसके के मेंटॉर या कोच की भूमिका में दिखें तो कोई हैरानी नहीं होगी।

44 साल के महेंद्र सिंह धोनी ने मुस्कुराते हुए कहा, 'मैं और सीएसके, हम साथ-साथ हैं। आप जानते हैं अगले 15-20 साल भी। यह एक या दो साल के लिए नहीं है। मैं हमेशा पीली जर्सी में बैठा मिलूंगा। मैं भले ही खेलूं या नहीं, लेकिन आप खुद जानते हैं।' अभी पिछले हफ्ते ही चेन्नई में एक अलग कार्यक्रम के दौरान जब धोनी से उनके आईपीएल में भविष्य के बारे में सीधा सवाल हुआ तो उन्होंने उसका जवाब टाल दिया था। हालांकि, इस बार वह खुलकर बोले।

आईपीएल 2024 के समय भी ऐसी अटकलें लगी थीं कि धोनी वो सीजन नहीं खेलेंगे लेकिन वह घुटने की समस्या से बहुत जल्दी उबरे। इतना ही नहीं, आईपीएल 2025 में सीएसके के कप्तान रुतुराज गायकवाड़ जब कोहनी की चोट की वजह से बाहर हुए तब धोनी ने एक बार फिर कप्तानी संभाली। हालांकि, पिछला सीजन सीएसके के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं था। आईपीएल की सबसे सफल टीमों में शुमार सीएसके 14 मैच में सिर्फ 4 ही जीत सकी थी और पॉइंट टेबल में सबसे फिसड्डी रही थी।

धोनी ने पिछले हफ्ते चेन्नई में एक निजी समारोह के दौरान इस बात का संकेत दिया कि चेन्नई की टीम गायकवाड़ को टीम में बनाए रखेगी। उन्होंने कहा, ‘हम अपने बल्लेबाजी क्रम को लेकर थोड़े चिंतित थे लेकिन मुझे लगता है कि अब हमारा बल्लेबाजी क्रम काफी व्यवस्थित है। रुतु (गायकवाड़) वापसी करेंगे। उन्हें चोट लगी थी। वह वापसी करेंगे तो अब हम काफी व्यवस्थित हो जायेंगे।’

उन्होंने कहा था, ‘मैं यह नहीं कहूंगा कि हमने (आईपीएल 2025 में) ढिलाई बरती। कुछ कमियां थीं जिन्हें हमें दूर करने की जरूरत थी। दिसंबर में एक छोटी नीलामी होने वाली है। हम उन कमियों को दूर करने की कोशिश करेंगे।’

 

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here