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रसूखदारों पर सख्ती: पंजाब में नेताओं की सिक्योरिटी घटाने पर मंथन तेज

चंडीगढ़.

पंजाब पुलिस ने राज्यभर में उन राजनीतिक नेताओं, लोगों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा शुरू कर दी है, जिनको सुरक्षा मुहैया है। पुलिस विभाग का मानना है कि कुछ ऐसे नेता, जो सक्रिय राजनीति नेता और लोग प्रभाव और रसूख दिखाने के लिए सुरक्षा का इस्तेमाल कर रहे हैं।

ऐसे मामलों में अब जांच की जा रही है कि सुरक्षा वास्तव में खतरे के आधार पर दी गई थी या सिफारिश और प्रभाव के जरिए हासिल की गई। हाल ही में सेंट्रल ब्यूरो आफ इंवेस्टिगेशन (सीबीआई) ने एक भाजपा नेता राघव गोयल को पंजाब विजिलेंस ब्यूरो से जुड़े रिश्वत मामले में गिरफ्तार किया था। आरोप है कि इस मामले में निजी व्यक्ति को पंजाब पुलिस के दो गनमैन उपलब्ध कराए गए थे, जो एके-47 से लैस थे। जांच एजेंसियों को संदेह है कि सुरक्षा कवर का दुरुपयोग निजी प्रभाव बढ़ाने और सरकारी अधिकारियों पर दबाव बनाने के लिए किया जा रहा था।

रिपोर्ट के लिए सीआईडी हुई सक्रिय
पंजाब पुलिस की खुफिया शाखा और सीआईडी ने ऐसे नेताओं की सूची तैयार करनी शुरू कर दी है, जिन्हें सुरक्षा तो दी गई है, लेकिन वे किसी सक्रिय भूमिका नहीं निभा रहे। कई मामलों में यह भी सामने आया है कि स्थानीय स्तर के नेता वरिष्ठ नेताओं के साथ नजदीकियां दिखाकर सुरक्षा हासिल कर लेते हैं। बाद में वे इसी सुरक्षा के सहारे सरकारी दफ्तरों और पुलिस महकमे में दबदबा बनाते हैं।अधिकारियों का कहना है कि कुछ लोग मंत्रियों और बड़े नेताओं के साथ तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा कर खुद को प्रभावशाली दिखाते हैं। इसके बाद सुरक्षा कर्मियों की मौजूदगी से लोगों और अधिकारियों में यह संदेश जाता है कि संबंधित व्यक्ति सत्ता के करीब है। इससे कई बार प्रशासनिक कामकाज प्रभावित होता है।

सुरक्षा वापस लेने पर मामले पहुंचे हाई-कोर्ट
इधर, पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में पूर्व क्रिकेटर और सांसद हरभजन सिंह को मिली सुरक्षा को लेकर उठे सवालों के बाद भी सुरक्षा आवंटन प्रक्रिया चर्चा में है। अदालत ने पूछा था कि आखिर कितने पुलिस कर्मी आधिकारिक तौर पर सुरक्षा ड्यूटी पर हैं और कितने अनौपचारिक रूप से तैनात किए गए हैं। विपक्ष ने सरकार पर आरोप लगाया है कि सुरक्षा व्यवस्था को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल किया गया। शिरोमणि अकाली दल और कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जिन लोगों पर भ्रष्टाचार या अन्य मामलों के आरोप हैं, उन्हें भी सुरक्षा मुहैया कराई गई। अब पंजाब पुलिस की समीक्षा से कई नेताओं की सुरक्षा वापस लिए जाने की संभावना जताई जा रही है।

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