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परिवहन, विभाग राजस्व बढ़ाने निगरानी प्रणाली को करें और अधिक मजबूत: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

सड़क दुर्घटना पर रोक लगाने के लिए अंतरविभागीय बैठक हो नियमित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

परिवहन, विभाग राजस्व बढ़ाने निगरानी प्रणाली को करें और अधिक मजबूत: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

सड़क हादसों पर लगेगा ब्रेक, CM डॉ. यादव ने दिए नियमित अंतरविभागीय बैठक के निर्देश

बस स्टॉप पर यात्रियों को बुनियादी सुविधाएं देने पर दें ध्यान
मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा इंदौर से होगी शुरू
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने परिवहन विभाग की बैठक में दिए निर्देश

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रदेश में सड़क दुर्घटना पर रोक लगाने के लिए अंतरविभागीय बैठक नियमित रूप से हो। सड़कों पर सुरक्षा से जुड़ी कमियां पाए जाने पर उन्हें तत्काल दूर किया जाए। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि सड़क पर बने बस स्टॉप पर नागरिकों को साफ-सफाई के साथ आवश्यक सुविधाएं मिलें। परिवहन विभाग की राजस्व संग्रह निगरानी प्रणाली को और मजबूत किए जाने के निर्देश भी दिए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को मंत्रालय में हुई परिवहन विभाग की समीक्षा बैठक में ये निर्देश दिए। मुख्य सचिव अनुराग जैन भी मौजूद थे। 

मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा जल्द हो शुरू, मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने दिए निर्देश

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा इंदौर से जल्द शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परिवहन सेवा में यात्रियों की सुविधाओं और किफायती किराये पर विशेष ध्यान दिया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि परिवहन सेवा में इलेक्ट्रिकल व्हीकल और उससे जुड़े अधोसंरचना के कार्य को प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने कहा कि परिवहन सेवा के लिए बनाए गए नियमों का सख्ती से पालन हो, यह सुनिश्चित किया जाए। बैठक में जानकारी दी गई कि मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा शीघ्र प्रारंभ की जा रही है। इसकी शुरूआत बसों की आवाजाही के प्रदेश के सबसे बड़े केंद्र इंदौर नगर से होगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बसों में शहरों एवं गांवों के नाम फ्रंट ग्लास पर अनिवार्य रूप से प्रदर्शित किए जाएं। साथ ही बस स्टॉप पर भी गांव और नगरों के नाम अनिवार्य रूप से लिखवाए जाएं। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा के लिए वाहनों की गति सीमा पर नियंत्रण किया जाना बेहद जरूरी है। इसी के साथ गाड़ी चलाने वाले व्यक्ति के पास आवश्यक कागजों की वैधता की जांच भी नियमित हो। परिवहन विभाग में बेहतर प्रबंधन के लिए अधिकारी-कर्मचारियों के प्रशिक्षण पर भी जोर दिया।

परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह ने बताया कि विभाग के आधुनिकीकरण के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। परिवहन अमले को उनकी कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं। नशे की हालत मं  गाड़ी चलाने वाले ड्राइवरों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाही की जा रही है।

परिवहन से प्रदेश में बढ़ा है 6 प्रतिशत राजस्व

बैठक में बताया गया कि इस वर्ष 16 लाख 60 हजार वाहनों का पंजीयन किया गया है। इसमें 2 लाख 58 हजार से अधिक इलेक्ट्रिकल व्हीकल का पंजीयन किया गया है। प्रदेश में ऑन रोड वाहनों की संख्या एक करोड़ 80 लाख के करीब है। परिवहन से प्राप्त होने वाली राजस्व आय में लगातार वृद्धि हो रही है। वर्ष 2024-25 में 4 हजार 874 करोड़ रुपए की राजस्व आय हुई है। इसमें पिछले वर्ष के मुकाबले लगभग 6 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। बैठक में राजस्व वृद्धि के किए जाने वाले उपायों पर भी चर्चा की गई। बैठक में बताया गया कि राजस्व संग्रह में विशेष तौर पर चालान से प्राप्त की जाने वाली राशि के अधिकार प्रधान आरक्षक को सौंपे जाने की भी अधिसूचना शीघ्र जारी की जाएगी। बैठक में कैश लेस उपचार योजना, राहवीर योजना का लाभ अधिक से अधिक पात्र व्यक्तियों को मिले इसके लिए नागरिकों में जागरूकता अभियान चलाने संबंध में भी चर्चा हुई। बैठक में प्रदूषण नियंत्रण के लिए विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी गई।

परिवहन सचिव मनीष सिंह ने बताया कि उज्जैन जिले में सार्वजनिक बस संचालन का विस्तृत सर्वे पूरा कर लिया गया है। जबलपुर और इंदौर में रूट सर्वे और श्रेणीवार संचालित बसों की संख्या का अनुमान और आवश्यक सर्वे भी लगभग पूरा किया जा चुका है। बैठक में बताया गया कि 6 बिंदुओं पर प्राथमिकता पूर्वक ध्यान दिया जा रहा है। इनमें संस्थागत व्यवस्था एवं स्टॉफ, नियम एवं करों में संशोधन, रूट सर्वे एवं स्कीम की अधिसूचना, आईटी प्लेटफार्म एवं एजेंसी का चयन, परिवहन अधोसंरचना की योजना और ऑपरेटर से चर्चा एवं कैपेसिटी बिल्डिंग पर तेजी से कार्य किया जा रहा है। बैठक में परिवहन आयुक्त विवेक शर्मा एवं विभागीय अधिकारी मौजूद थे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रमुख निर्देश

    बसों के संचालन में और यात्रियों को बेहतर सेवाएं देने नई तकनीक का प्रयोग करें।

    बसों के साथ ही बस स्टैंड और बस स्टॉप पर स्वच्छता रहे। वातावरण सुविधाजनक हो।

    यात्री बसों का बीमा अनिवार्य हो। सभी कार्य नियमों के अंतर्गत हों, पारदर्शिता रहे।

    दिव्यांग यात्रियों का विशेष ध्यान रखा जाए।

    बसें फिट हों, स्टॉफ का व्यवहार अच्छा हो।

    अप-डाउनर्स को भी आवश्यक सुविधाएं दी जाएं।

    बड़े शहरों की तरह कस्बों, गांवों के नाम मार्ग के किनारे बोर्ड पर अंकित किए जाएं।

 

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