samacharsecretary.com

89 किलो अफीम के साथ ट्रक चालक दबोचा गया, सिरसा पुलिस और ANC को मिली बड़ी सफलता

पंचकूला.

वर्तमान में हरियाणा के 22 जिलों में से 14 जिले एनसीआर यानी राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में आते हैं। इनमें से पांच जिले जल्द ही बाहर हो सकते हैं। जी हां, हरियाणा सरकार इस बाबत 16 जून को बड़ा फैसला ले सकती है। ये पांच जिले कौन से हैं, सरकार यह फैसला क्यों ले रही है और यह NCR होता क्या है? आइए इसे पूरे मामले को विस्तार से जानते हैं।

क्या है NCR?
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) का संदर्भ दिल्ली के पड़ोसी राज्यों के जिलों से संबंधित है। दरअसल, 1951 के बाद दिल्ली में औद्योगिक विकास तेजी से हुआ। जिससे देश की राजधानी में अन्य राज्यों के लोग भी रोजगार और बेहतर सुविधाओं के लिए प्रवास करने लगे। दिल्ली पर इस बढ़ती आबादी और भीड़-भाड़ के दबाव को कम करने के लिए NCR की परिकल्पना की गई। इसी उद्देश्य के साथ साल 1985 में NCR प्लानिंग बोर्ड (NCRPB) का गठन किया गया, ताकि पूरे क्षेत्र का विकास एक व्यवस्थित योजना के तहत हो सके। अत: पड़ोसी राज्यों के कुछ शहर और जिलों में इसका विस्तार (100 KM तक) कर दिल्ली जैसी सुविधाएं और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा सके। मौजूदा समय में एनसीआर में तीन राज्यों (हरियाणा, यूपी और राजस्थान) के 24 जिले शामिल हैं। इस सूची में सबसे ज्यादा जिले (14) हरियाणा के हैं, इन्हीं 14 जिलों के पांच जिलों को बाहर करने के प्रस्ताव पर अगले सप्ताह बैठक की जाएगी। हरियाणा के इन पांच जिलों में करनाल, जींद, महेंद्रगढ़, भिवानी और चरखी दादरी शामिल है।। इस बाबत एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की 16 जून को होने वाली बैठक में इस प्रस्ताव पर चर्चा होगी।

सरकार क्यों ले रही यह फैसला?
दिल्ली से 100 किलोमीटर के दायरे से बाहर के जिलों को एनसीआर से बाहर करने के लिए हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान में केंद्रीय ऊर्जा और आवास व शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल ने प्रयास शुरू किए थे। रीजनल प्लान-2041 के तहत एनसीआर सीमा को नए सिरे से तय करने का प्रस्ताव है। हरियाणा सरकार के प्रस्ताव को स्वीकृति मिली तो राज्य का एनसीआर क्षेत्र करीब 60 फीसदी तक सिमट सकता है। बैठक के मसौदे में प्रस्ताव है कि एनसीआर की सीमा राजघाट से 100 किमी के दायरे तक सीमित की जाए। अभी हरियाणा के 14 जिले किसी न किसी रूप में एनसीआर का हिस्सा हैं, जिसका कुल क्षेत्रफल 25 हजार वर्ग किलोमीटर से अधिक है।

NCR से बाहर होने की वजह
हरियाणा सरकार का तर्क है कि एनसीआर (NCR) के सख्त नियमों के कारण इन 5 जिलों को फायदे से ज्यादा भारी आर्थिक और व्यापारिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। दिल्ली से दूर मौजूद जींद या महेंद्रगढ़ जैसे जिलों में औद्योगिक विकास ठप होने की आशंका है। NGT और GRAP के कड़े नियमों के कारण उद्योगों और फैक्ट्रियों पर लगातार सख्त कार्रवाई होती है। इसके साथ ही 10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों पर रोक से स्थानीय व्यापारियों और किसानों का परिवहन बजट बिगड़ता है।

नए फॉर्मूले में क्या होगा?
नए फॉर्मूले के लागू होने पर यह क्षेत्र घटकर करीब 10.5 हजार वर्ग किलोमीटर तक रह सकता है। उत्तर प्रदेश और राजस्थान ने उन तहसीलों को भी एनसीआर में शामिल रखने का सुझाव दिया है, जिनका कुछ हिस्सा 100 KM की सीमा में आता है, जबकि हरियाणा का तर्क है कि केवल एनसीआर की सीमा में पूरी तरह आने वाली तहसीलों को ही रखा जाए।

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here