samacharsecretary.com

टैरिफ केस में ट्रंप फंसे, कोर्ट के एक आदेश से अमेरिका पर भारी आर्थिक मार

वाशिंगटन
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अगर सुप्रीम कोर्ट उनके प्रशासन के खिलाफ फैसला देता है, तो अमेरिका को लगाए गए टैरिफ (आयात शुल्क) की रकम वापस करनी पड़ सकती है। उन्होंने माना कि ऐसा करना आसान नहीं होगा और इससे कई लोगों को नुकसान भी हो सकता है। ट्रंप ने कहा,“मुझे नहीं पता सुप्रीम कोर्ट क्या फैसला देगा। अब तक हमने टैरिफ के जरिए सैकड़ों अरब डॉलर की कमाई की है। अगर हम केस हार गए, तो हमें पूरी कोशिश करनी पड़ेगी कि वह पैसा वापस किया जाए।” राष्ट्रपति ट्रंप ने यह भी कहा कि टैरिफ सिर्फ पैसे कमाने का जरिया नहीं हैं, बल्कि इससे अमेरिका को राष्ट्रीय सुरक्षा में भी बड़ा फायदा मिला है। उन्होंने कहा कि टैरिफ के कारण देश की अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है और अमेरिका की स्थिति दुनिया में बेहतर हुई है।

यह मामला इस समय अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। अगर अदालत यह तय करती है कि ट्रंप ने आपातकालीन शक्तियों का गलत इस्तेमाल कर टैरिफ लगाए, तो सरकार को अरबों डॉलर वापस करने पड़ सकते हैं। इसी बीच ट्रंप अपने 2026 के पहले विदेशी दौरे पर स्विट्ज़रलैंड के डावोस जा रहे हैं, जहां वे विश्व आर्थिक मंच (WEF) में वैश्विक नेताओं और बड़े उद्योगपतियों से मुलाकात करेंगे। वहां वे अमेरिका की व्यापार नीति, राष्ट्रीय सुरक्षा और वैश्विक भूमिका पर अपनी बात रखेंगे। टैरिफ, ग्रीनलैंड को लेकर बयान और वेनेजुएला के तेल से जुड़े फैसलों के कारण ट्रंप पहले ही कई देशों और सहयोगियों के निशाने पर हैं। सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला ट्रंप की आर्थिक और व्यापार नीति के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here